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साझा सेवा केन्द्र कार्यक्रम

परिचय

साझा सेवा केन्द्र, भारत सरकार की एक राष्ट्रीय योजना है जिसके अंतर्गत देशभर के 6 लाख गाँवों में 1 लाख साझा सेवा केन्द्र की स्थापना की जानी थी और नवीनतम जानकारी के अनुसार यह संख्या (३१ मार्चा 2014, लगभग 1,33,847-सीएससी न्यूज़लेटर) । इस योजना की शुरुआत वर्ष 2004 में इस लक्ष्य के साथ की गई कि इसे सरकारी, निजी व सामाजिक क्षेत्रों के द्वारा प्रदान की जाने वाली नागरिक सेवाओं को समेकित रूप से उपलब्ध कराने के केन्द्र के रूप में विकसित किया जाए। इन सभी को आपस में जोड़ने और बेहतर संयोजन के लिए आवश्यक स्टेट डाटा सेंटर योजना को लागू किया जा रहा है।

साझा सेवा केंद्र

इसका लक्ष्य साझा सेवा केन्द्र को एक प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित करना है जो सरकारी अभिकरण, निजी व सामाजिक क्षेत्र के प्रतिभागियों को सूचना प्रौद्योगिकी आधारित व गैर सूचना प्रौद्योगिकी आधारित सेवाओं के माध्यम से देश के सुदूर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के विकास के माध्यम से उनके सामाजिक व व्यावसायिक लक्ष्य की प्राप्ति के बीच समन्वय स्थापित किया जाए।
यह योजना सार्वजनिक-निजी भागीदारी प्रारूप के आधार पर विकसित किया जा रहा है। साझा सेवा केन्द्र सरकारी व गैर सरकारी संस्थाओं द्वारा नागरिकों को उपलब्ध करायी जाने वाली सेवाओं का अंतिम वितरण केन्द्र है।

इस योजना को लागू करने के लिए निजी क्षेत्र और सरकारी संगठनों के लिए एक अनुकूल माहौल बनाना  है जिससे ग्रामीण भारत के विकास में सरकार के एक भागीदार बने। सीएससी ऑपरेटर के लिए एक 3 स्तरीय कार्यान्वयन ढांचे के प्रारुप के तहत सीएससी योजना का पीपीपी मॉडल को सामने लाया गया है। 
भारत सरकार ने राष्ट्रीय ई-शासन योजना के क्रियान्वयन के लिए तीन अलग दृष्टिकोण विकसित किये हैं जिसके माध्यम से आम नागरिकों को सरकारी सेवाएं, किसी भी समय और कहीं भी उपलब्ध कराने की योजना बनाई है।

  • राष्ट्रीय ई-शासन योजना के तीन प्रमुख आधारों में एक साझा सेवा केन्द्र एक है जो इसके संरचना जरूरतों को सहायता पहुँचाती है।
  • स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (स्वान)कनेक्टीविटी या नेटवर्क को आवश्यक सहायता पहुँचाती है। सरकार ने इसे पहले ही 3334 करोड़ की लागत से आधारिक संरचना तैयार की गई है।
  • राज्य आँकड़ा केन्द्र (स्टेट डाटा सेन्टर) योजना आँकड़ों एवं अनुप्रयोग के सुरक्षित स्थापना के लिए उपयोगी है।

साझा सेवा केन्द्र को संचार व सूचना प्रौद्योगिकी समर्थित कियोस्क या केन्द्र के रूप में विकसित किया जा रहा है जहाँ कंप्यूटर के साथ प्रिंटर, स्कैनर, यू.पी.एस, बेतार कनेक्टीविटी की सुविधा के साथ शिक्षा, मनोरंजन, टेलीमेडिसीन, प्रोजेक्शन प्रणाली आदि सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।

त्रिस्तरीय क्रियान्वयन

साझा सेवा केन्द्र का त्रिस्तरीय क्रियान्वयन ढाँचा

  • प्रथम स्तर पर ग्राम स्तरीय उद्यमी होंगे जो 5-6 गाँव के ग्रामीण उपभोक्ताओं को एक स्थान पर (लेकिन तमिलनाडु सरकार ने प्रत्येक 3 गाँव के लिए 1 साझा सेवा केन्द्र स्थापना की योजना बनायी है) सेवाएँ उपलब्ध करायेगी।
  • द्वितीय या मध्य स्तर सेवा केन्द्र अभिकरण (सर्विस सेन्टर एजेन्सी) का होगा जो ग्राम स्तरीय उद्यमी के नेटवर्क व व्यवसाय के संचालन,प्रबंधन व निर्माण का कार्य करेगी। सेवा केन्द्र अभिकरण (सर्विस सेन्टर एजेन्सी) की पहचान एक या अधिक जिलों (एक जिले में 100-200 के बीच साझा केन्द्र होंगे) के लिए किया जायेगा।
  • तृतीय स्तर राज्य सरकार द्वारा चयनित अभिकरण (स्टेट डेजिनेटेड एजेन्सी) का होगा जो सेवा केन्द्र अभिकरण (सर्विस सेन्टर एजेन्सी) को राज्य के भीतर योजना के क्रियान्वयन में मदद करेगी और जरूरी नीतिगत सहायता, सूचना व अन्य सहायता प्रदान करेगी।

स्त्रोत : इलेक्ट्रोनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी विभागसाझा सेवा कार्यक्रम



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