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उद्दीपित खिलौनें बनाने की विधि एवं उनका उद्देश्य

लटकन

उद्देश्य

  1. पांचों ज्ञानेद्रियों का समुचित प्रयोग I
  2. छोटी व बड़ी मांसपेशियों का विकास I
  3. लय व ध्वनि को सुनकर आनंद महसूस करना I
  4. आँख और अंगुलियों में तालमेल I

आवश्यक सामग्री
आसानी से मुड़ने वाली 60 सेंटीमीटर की एल्युमीनियम की तार,एक मीटररंगीन कपड़ा,मोटा व पतला धागा,घुंघरु,सुई,एक चूड़ी, मलका आदि I
विधि

  1. पहले एलुमिनियम की तार को बड़े गोल आकार में मोड़ लें।
  2. तार के बने गोल आकार को रुई से लपेटें I
  3. रुई से लपेटने के बार उसे कपड़े से कसकर लपेट दें और आखरी सिरे को धागे से सील दें I
  4. झुनझुने की चिड़िआ बनाने के लिए कपड़े को चौकोर आकार में काटें I
  5. चौकोर आकार के कपड़े को तिकोने आकार में बनाने के बाद उसे सुई धागे से सिलते हुए आखिरी सिरे को बिना सिले छोड़ दें।
  6. तिकोने आकार के चोंच वाले कोने पर छोटा सा कपड़ा चोच के आकार का बनाये और पिछले भाग पर कपड़े से पुंछ बनाएंI
  7. इस प्रकार हमारी चिड़ियाँ तैयारI
  8. चिड़ियाँ के बचे वाले भाग पर धागा बांध कर उसे गोल आकार वाले फ्रेम से बांध देंI
  9. इसी प्रकार ३ चिड़ियाँ बनाकर उस आकार से बांध दें।
  10. एक लम्बा धागा ले कर उसमें घुंघरु डालकर फ्रेम से बांधें I
  11. फ्रेम को ऊपर से तीन धागों से बांध कर उसे ऊपर से चूड़ी बांध दें I
  12. फिर इसे बच्चे के झूले के ऊपर लटकायें ताकि बच्चा घुंगरुओं की आवाज और चिड़ियों को देख कर आकार्षित हो I

छलनी या पुराने हेंगर का झुनझुना

उद्देश्य

  1. ज्ञानइन्द्रियों का उद्दीपन तथा उनमें अंतर समझने में मदद करना I
  2. मानसिक विकास।
  3. लय व ध्वनि को सुनकर आनंद महसूस करना।
  4. छोटी व बड़ी मांसपेशियों का विकासI
  5. आँखों और उंगलियों में तालमेल होना I

आवश्यक  सामग्री : छलनी,पतली तार,पुराने बोतल के ढक्कन I
आवश्यक सामग्री : घर पड़ा में पुराना हेंगर और 8-10 मोटे घुंघरु I
विधि

  1. सबसे पहले टूटी हुई छलनी के फ्रेम में आमने सामने एक जैसी पूरे चार छेद करें I
  2. पतली तार लेकर उसमे पांच या चार पुराने बोतल के ढक्कन पिरोकर छलनी के सभी छेदों में बांध दें  और यह छलनी का झुनझुना तैयार I
  3. इसी प्रकार हेंगर वाले झुनझुना बनाने के लिए घुंघरुओं को हेंगर में पिरोयें और बच्चे के झूले पर लटकाएं I

कपड़े की गुड़िया

  1. बच्चों में स्पर्श उद्दीपन l
  2. बच्चों में भावनात्मक विकास l
  3. बच्चों में भाषा का विकास जैसे गुड़िया से बात करना,अपने विचारों को व्यक्त करना ,
  4. अभिनय भूमिका निर्वाह करने में l

आवश्यक सामग्री : एक मीटर , कपड़ा ,रुई।,रंगीन धागे ,कैंची।,रुई आदिl
विधि

  1. सबसे पहले कपड़े को दो चौकोर टुकड़ों भागों में अलग अलग लपेटेंl
  2. एक लपेटे हुए हिस्से को दोहरा कर लें l
  3. दूसरा लिपटा हुआ कपड़ा दोहरे किये हुए हिस्से में डालकर या धड़ और बाजू बना लेंl
  4. रंगीन धागे से नाक,आँख और मुंह बनाएं l बच्चे के लिए गुड़ियां तैयारl

रस्सी की गुड़िया

उद्देश्य

  1. बच्चों में स्पर्श उद्दीपन l
  2. बच्चों में भावनात्मक विकास l
  3. बच्चों में भाषा का विकास जैसे गुड़िया से बात करना,अपने विचारों को व्यक्त करना ,
  4. अभिनय भूमिका निर्वाह करने में l

आवश्यक समग्री :
ऊन,धागा,सुतली रस्सी (बाजरा या खजूर के रेशो से गुड़िया तैयार की जा सकती हे )
विधि :

  1. आप जो भी रस्सी या धागे लें उसके दो टुकड़े कर लें और उन दोनों में आड़ी गांठ लगा लें l
  2. रस्सी के छोटे भाग से सर बनाया जा सकता है और लम्बे से धड़l यदि आप गुड़िया की टांगें भी बनाना चाहें तो राशि के लम्बे भाग को दो हिस्सों में बाँट लें l
  3. छोटे भाग के निकट की सीधी रस्सी के दोनों सिरे बाँहों के लिए हैं l
  4. सब भागों की रस्सियों को अच्छी तरह से बांध कर उन पर रंग जैसे कि आकृति में दर्शाया गया है l
  5. जब गुड़ियाँ तैयार हो जाएं तो उसके चेहरे को पूरा करें अर्थात उसकी आंखें आदि बनायें और कपड़े पहना दें l

चित्र से बनी किताब

  1. चित्रों द्वारा भाषा का विकास l
  2. चित्रों की मदद से मानसिक विकास l
  3. वातावरण के बारे में समझना l

आवश्यक सामग्री :
एक हल्के रंग का चार्ट,फेविकोल, कैंची,रंग,या छ:ह जानवर(हाथी,शेर,लोमड़ी,कुत्ता,भालू,बकरी)पांच या छःह पक्षी (कौवा,चिड़ियाँ,तोता,कबूतर व बत्तख आदि)मोटा धागा,सुई l
विधि :
1 हल्के रंग के चार्ट को पहले चार भागों में मोड़ें l
2 मुड़े हुए भाग को कैंची से काटें और बाद में धागे से कटे हुए भाग को सिलें l इस प्रकार किताब का ढांचा बनाएं l
3 किताब के पहले पृष्ठ और आखिरी पृष्ठ को छोड़कर,प्रत्येक पेज पर एक जानवर और उसके अगले पेज पर पक्षी का चित्र लगाकर किताब को पूरा करें l
4 चित्रों को चिपकाने के बाद किताब को रंग से सजाएं और फिर बच्चों को दिखाते हुए पक्षी और जानवरों का नाम बताएं या उनसे जुड़ी कहानी सुनाएँ l

हिलता-डुलता आदमी

उद्देश्य

  1. शरीर के विभिन अंगों के बारे में जानकारी मिलना l
  2. रंगों का ज्ञान होना l
  3. आँख और अंगुलियों में तालमेल होना l
  4. सरल कठपुतली संचालन की क्षमता l

आवश्यक सामग्री : पतला गता, सुई,धागा,सफेद चार्ट, कैंची, फेविकोल, रंग आदि l
विधि :

  1. सबसे पहले गत्ते को काटकर आदमी के शरीर के भिन्न-भिन्न भाग बनाएँ l
  2. फिर उन कटे हुए अंगों को सफेद चार्ट से सजाएँताकि गत्ता छुप जाए l
  3. सभी भागों को चार्ट से सजाने के बाद आपस में धागे से परस्पर जोड़ दें और धागे में गाँठ सदा उल्टी तरफ लगाएँ जिससे कि धागा टिका रहे l
  4. अंत में हिलते-डुलते आदमी में रंग भरते हुएआँख,नाक,मुँह और कान बनाए और बच्चे को खेलने के लिए दें l

गेंद की कठपुतली

उद्देश्य

  1. बच्चों की सूक्ष्म माँसपेशियों में संतुलन और विकास  l
  2. आँखों और अंगुलियों में तालमेल होना l
  3. अपने स्तर के अनुसार विभिन्न संबोधों को प्रकट करना l
  4. अपनी भावनाओं को प्रकट करना l

आवश्यक सामग्री : पुरानी रबड़ की गेंद, एक पतली लम्बी डंडी,पुराना साफ सुथरा1 मीटर रंगीन कपड़ा,रंग या कलर पेन,बटन आदि l
विधि :

  1. पुराने रबड़ की गेंद पर एक चेहरे की रूपरेखा बनाकर उसमें रंग भरें और आँखों के लिए बटनों का उपयोग करें l
  2. फिर गेंद में छेद करें और उसमें डंडी डाल दें l
  3. कठपुतली को वस्त्र पहनाने के लिए कपड़े को दोहरा मोड़ देंl उसे किसी थैले पर चढ़ा कर सीदें,परन्तु बीच में सेथोड़ा खुला छोड़ देंl अब इस थैले को डंडी पर चढ़ा कर ऊपर चेहरे तक ले जाएं l
  4. वहाँ इसे डंडी के साथ कसकर बाँध दें l

रबड़ की गेंद के स्थान पर कई अन्य चीजें भी प्रयोग की जा सकती है:जैसे रद्दी कपड़ों या कागज भरा हुआ कपड़े का थैला रद्दी चीजें, नारियल का खोल,लम्बी डंडी वाली करछी,प्लास्टिक की बोतल आदि l

पानी का खेल

उद्देश्य

  1. बच्चों को ख़ुशी का अनुभव होना l
  2. बच्चों को पानी के साथ विभिन प्रकार के अनुभव करने का मौका मिले l
  3. पर्यावरण में उपलब्ध तथा अन्य प्रकार की सुंदर वस्तुओं के प्रति संवेदनशील होना l

आवश्यक सामग्री : एक बड़ी पानी की बाल्टी या टब,गिलास, बच्चों के प्लास्टिक के खिलौने,पुरानी बोतल,साबुन,बॉल आदि l

विधि :

  1. सबसे पहले बाल्टी या टब को साफ पानी से भरें l
  2. ऊपर दी गई वस्तुओं को भरी हुई बाल्टी और टब में डालें l
  3. अपनी निगरानी में बच्चे को पानी में खेलने दें और बच्चे को विभिन्न प्रकार की गतिविधियां करने का मौका दें l
  4. जहाँ तक संभव हो पानी में थोड़ा सा साबुन या सर्फ डाल दें ताकि बच्चा बुलबुले और झाग का भी  अनुभव करे l

ध्यान देने योग्य  बातें : ध्यान रहे बच्चा वस्तुओं को मुहं में न निगलें l

छापे लगाना

उद्देश्य

  1. बच्चों में स्पर्श उद्दीपन l
  2. बच्चों में सामाजिक विकास के लिए।
  3. पर्यावरण में उपलब्ध तथा अन्य प्रकार की सुंदर वस्तुओं के प्रति संवेदनशील होना l
  4. आँख और अंगुलियों में तालमेल l

आवश्यक सामग्री : हल्दी,गेरुआ, मिटटी, फूल-पत्तियों से बनाये जा सकने वाले रंग,आलू-प्याज छापे लगाने  के  लिए l  
विधि :

  1. शिशुओं को आसानी से आसानी से तैयार किए जा सकने वाले विभिन्न प्रकार के रंग देंl जैसे हल्दी,गेरुआ,मिटटी,फूल-पत्तियों से बनाये जा सकने वाले रंग l
  2. उनसे पहले फर्श पर आलू प्याज के छापे लगवाएँ l
  3. फिर फर्श पर इन रंगों से अँगुलियों के छापे लगवाएँ l
  4. इसी प्रकार दीवार पर भी ये छापे लगाने का अभ्यास दिया जाएl
  5. तत्पश्चात् इन विभिन्न रंगों के आलू,प्याज एवं अंगुलियों के छापे का अभ्यास सफेद कागज पर प्रदान करें l

चिकनी मिट्टी से विभिन्न आकृतियाँ बनाना

उद्देश्य

  1. बच्चों में स्पर्श उद्दीपनl
  2. बच्चों में सामाजिक विकास के लिए l
  3. छोटी मांसपेशियों का विकासl
  4. संज्ञात्मक विकास के लिएl

आवश्यक  सामग्री :
विभिन वस्तुए बनाने के लिए गीली मिटटी,पानी l
विधि :

  1. सर्वप्रथम आप शिशुओं के लिए विभिन वस्तुएं बनाने हेतु गीली मिटटी तैयार करें l
  2. फिर उस गीली मिटटी को सभी शिशुओं में बाँट दें l
  3. गीली मिटटी से वस्तुएं बनाने से पहले उन्हें आप गोल व लम्बी चपातियाँ बनाने के लिए कहें l
  4. फिर उन्हें फल, बर्तन,थाली कटोरी आदि विभिन्न वस्तुएं बनवाएं l

स्त्रोत: केयर इंडिया और सी.ई.सी.ई.डी.अंबेडकर विश्वविद्यालय,दिल्ली



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