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बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना

बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना

प्रस्तावना

वर्तमान में राज्य का उच्च शिक्षा में ग्रोस एनरोलमेंट रेसियो (जी.ई.आर.) 14.3 प्रतिशत है जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यहबिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजनाअनुपात लगभग 24 प्रतिशत है। राज्य सरकार का ध्येय है कि बिहार का जी.ई.आर. राष्ट्रीय औसत के बराबर करते हुए 30% तक की वृद्धि करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाये जायें एवं राज्य को विकसित राज्यों की अग्रणी पंक्ति में खड़ा किया जाए। अतः आर्थिक कारणों से उच्च शिक्षा प्राप्त करने से वंचित विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता पहुँचाने के उद्देश्य से राज्य सरकार के सुशासन के कार्यक्रम 2015-20 के अन्तर्गत विकसित बिहार के 7 निश्चय के तहत बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना लागू करने का निर्णय लिया गया था। किन्तु इस योजना के क्रियान्वयन में उत्पन्न अनुभवों के कारण बैंकों की भूमिका को सीमित करते हुए संशोधित ‘बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना प्रारंभ की जा रही है। इस योजना के द्वारा उच्च शिक्षा में जी.ई.आर. की वृद्धि के साथ-साथ युवाओं के रोजगार की प्राप्ति में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका होगी।

योजना का लक्ष्य

इस योजना का लक्ष्य आवश्यकता के अनुसार लचीला होगा। जितने पात्र विद्यार्थी इस योजना के लाभ हेतु इच्छुक होंगे, उतने विद्यार्थियों को इसका लाभ दिया जाएगा। आगामी वित्तीय वर्ष 2018-19 में 50,000, वित्तीय वर्ष 2019-20 में 75,000 एवं वित्तीय वर्ष 2020-21 में 1,00,000 अनुमानित विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ उपलब्ध कराने का प्रारंभिक अनुमान है।

योजना की पात्रता

इस योजना के तहत बिहार राज्य के निवासी वैसे विद्यार्थी जिन्होंने बिहार राज्य एवं सीमावर्ती राज्यों से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की हो तथा उच्च शिक्षा प्राप्ति हेतु ऋण के लिए इच्छुक हों, उन्हें बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए अनिवार्य है कि

  • विद्यार्थी द्वारा बिहार एवं अन्य राज्य या केन्द्र सरकार के संबंधित नियामक एजेन्सी द्वारा मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान में उच्च शिक्षा हेतु नामांकन लिया गया हो या नामांकन के लिए चयनित हो।
  • यह ऋण उच्च शिक्षा के सामान्य पाठ्यक्रमों, विभिन्न व्यवसायिक एवं तकनीकी पाठ्यक्रमों के लिए दी जा सकेगी। पाठ्यक्रम की सूची अनुलग्नक-3 में अंकित है, जिसमें समय-समय पर शिक्षा विभाग के द्वारा आवश्यकतानुसार संशोधन कर नए पाठ्यक्रमों को शामिल या विलोपित किया जा सकेगा।
  • इस योजना के अन्तर्गत बिहार राज्य से मान्यता प्राप्त संस्थानों से 12वीं अथवा समतुल्य (पोलिटेक्निक पाठ्यक्रम के लिए 10वीं) परीक्षा उत्तीर्ण विद्यार्थी तथा बिहार राज्य के सीमावर्ती जिलों के सीमावर्ती प्रखंडों के सीमावर्ती राज्य यथा झारखंड, उत्तर प्रदेश एवं प० बंगाल के विद्यालय या बोर्ड से 10वीं/ 12वीं/+2 (पोलिटेक्निक पाठ्यक्रम के लिए 10वीं) उत्तीर्ण बिहार राज्य के मूल निवासी विद्यार्थियों को भी इस योजना का लाभ दिया जा सकेगा।
  • आवेदक विद्यार्थियों के हॉस्टल में रहने की स्थिति में आवेदक के शैक्षणिक संस्थान को राशि उपलब्ध करायी जाएगी। शिक्षण संस्थान के हॉस्टल में नहीं रहने की स्थिति में विद्यार्थियों के लिए फीस के अतिरिक्त अन्य रहने के खर्च के लिए। अनुलग्नक-1 के अनुसार वर्गीकृत शहरों के लिए निर्धारित किये गए मानक का विवरण अनुलग्नक-2 की निर्धारित दर पर आवेदक को उपलब्ध कराई जाएगी। महँगाई के आधार पर रहने एवं जीवन-यापन के दर में आवश्यकतानुसार शिक्षा विभाग द्वारा वृद्धि की जा सकेगी।
  • इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदन करने की तिथि को आवेदक की आयु 25 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। स्नातकोत्तर स्तर के वैसे निर्धारित पाठ्यक्रम जिनमें नामांकन हेतु न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक उत्तीर्ण है, के लिए अधिकतम उम्र सीमा 30 वर्ष होगी।
  • यदि आवेदक के पास एक स्तर की उपाधि परिलब्ध है, तो उसी स्तर की उपाधि के लिए इस योजनान्तर्गत आच्छादन नहीं किया जाएगा। यह प्रावधान तकनीकी अथवा प्रबंधकीय पाठ्यक्रमों पर लागू नहीं होगा। उदाहरणस्वरूप विज्ञान में स्नातक की उपाधि प्राप्त व्यक्ति को । पुनः कला, विज्ञान के किसी अन्य संकाय में अथवा वाणिज्य में स्नातक स्तर की शिक्षा हेतु इस योजना का लाभ नहीं दिया जा सकेगा। परंतु विज्ञान, कला अथवा वाणिज्य में स्नातक योग्यताधारी आवेदक को एम०बी०ए०, एम०सी०ए० इत्यादि करने के लिए योजनान्तर्गत आच्छादन की पात्रता रहेगी।
  • लाभार्थियों के द्वारा पढ़ाई को किसी भी कारण से बीच में छोड़ने पर ऋण की शेष राशि संस्थान या विद्यार्थी को उपलब्ध नहीं करायी जाएगी अर्थात इस योजना के तहत विद्यार्थी को शिक्षा ऋण की अगली किस्त उनके संबंधित संस्थान/पाठ्यक्रम में अध्ययनरत रहने की स्थिति में ही उपलब्ध कराई जा सकेगी।

आवेदन की प्रक्रिया

  • इस योजना का लाभ लेने हेतु ऑनलाइन  आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। कोई भी इच्छुक विद्यार्थी जो 12वीं कक्षा (पॉलिटेक्निक पाठ्यक्रम के लिए 10वीं) उत्तीर्ण हो तथा इस योजना के लिए पात्रता रखता हो, वह ऑनलाइन पोर्टल अथवा मोबाइल एप्प के माध्यम से अपना आवेदन ऑनलाइन  समर्पित कर सकता है।
  • सर्वप्रथम आवेदक द्वारा पोर्टल/मोबाइल एप्प में सामान्य वांछित सूचनाएँ दर्ज की जाएगी, जिसे जमा  करने पर वन टाइम पासवर्ड (ओ.टी.पी.) उनके मोबाईल नंबर एवं ई-मेल पर प्राप्त होगा।
  • इस वन टाइम पासवर्ड (ओ.टी.पी.) को पोर्टल में डालने पर आवेदक को व्यक्तिगत विवरणी संबंधी प्रपत्र उपलब्ध होगा। इसमें आवश्यक सूचना दर्ज कर जमा  करने पर एक वेब पेज खुलेगा, जिसमें उपलब्ध बिहार स्टूडेन्ट क्रेडिट कार्ड योजना का ऑनलाईन प्रपत्र चयन कर उसमें वांछित सूचनाएँ दर्ज करनी होगी।
  • ऑनलाइन आवेदन समर्पित करने के उपरांत आवेदक को इसकी प्राप्ति यूनिक पंजीकरण संख्या के साथ उनके द्वारा उपलब्ध कराए गए मोबाईल नं० एवं ई-मेल पर क्रमशः मैसेज एवं मेल द्वारा भेज दी जाएगी।
  • आवेदन के साथ किसी भी प्रकार का कागजात ऑनलाइन संलग्न नहीं किया जाना है। ऑनलाइन आवेदन समर्पित करने के साथ ही आवेदन प्रपत्र की एक पीडीएफ प्रति सृजित होगी, जिसमें काउण्टर पर आने के समय वांछित आवश्यक कागजातों का भी उल्लेख होगा।
  • जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र द्वारा आवेदक को केन्द्र पर आने हेतु तिथि एवं समय की सूचना email एवं एसएमएस  द्वारा भेजी जाएगी। यद्यपि आवेदक अपनी सुविधानुसार भी जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र पर आवेदन-पत्र की हार्ड प्रति समर्पित कर सकते है।
  • निर्धारित तिथि को अर्हता प्राप्त आवेदक अपने जिले के जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र पर आवेदन-पत्र के अनुरूप वांछित सूचना एवं शिक्षा ऋण के लिए वांछित कागजात के साथ अपना आवेदन जमा करेंगे।
  • आवेदन की पीडीएफ प्रति पर स्व-हस्ताक्षर के उपरान्त अपना एवं सह-आवेदक का पासपोर्ट साईज का फोटो लगाकर एवं वांछित स्व-अभिप्रमाणित छायाप्रति सहित संसूचित तिथि/ऐच्छिक तिथि को केन्द्र पर आयेंगे। उन्हें वांछित सभी कागजातों की मूल प्रति भी साथ में रखनी होगी।
  • आवेदक को जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र के प्रवेश द्वार पर एक टोकन नम्बर दिया जाएगा, जिसके आधार पर केन्द्र के हॉल में आवेदक की प्रविष्टि होगी। आवेदक केन्द्र में प्रवेश कर प्रतीक्षा हॉल में अपने नम्बर आने की प्रतीक्षा करेंगे। आवेदक को उपलब्ध कराये गए टोकन नं० का प्रदर्शन इलेक्ट्रॉनिक प्रदर्शन बोर्ड पर किया जाएगा।
  • आवेदक अपना क्रमांक आने पर सारे मूल प्रमाण-पत्र, सभी प्रमाण पत्रों की स्वभिप्रमाणित प्रति एवं आवेदन-पत्र के पीडीएफ की हस्ताक्षरित हो प्रति के साथ निर्धारित काउंटर पर जायेंगे, जहाँ आवेदक के आधार का प्रमाणीकरण किया जाएगा।
  • मूल प्रमाण पत्र स्कैनिंग के पश्चात् आवेदक को वापस कर दिए जायेंगे तथा स्व-हस्ताक्षरित आवेदन एवं अन्य कागजातों की छायाप्रति को काउंटर पर जमा कर लिया जाएगा।
  • कागजातों के सत्यापन के उपरांत उन्हें काउंटर से एक प्राप्ति रसीद भी दी जाएगी।
  • आवेदन में किसी भी प्रकार के गलत प्रविष्टि का संशोधन उसी समय मल्टी पर्पस असिस्टेंट (एमपीए) द्वारा किया जा सकेगा।

योजना के लिए आवश्यक कागजात

  • आवेदक एवं सह-आवेदक का आधार कार्ड।
  • मैट्रिक, +2(पॉलिटेक्निक पाठ्यक्रम के लिए 10वीं)एवं अंतिम सफल परीक्षा का अंक-पत्र एवं प्रमाण-पत्र।
  • प्राप्त छात्रवृत्ति, निःशुल्क शिक्षा संबंधी प्रमाण-पत्र इत्यादि (यदि लागू हो) ।
  • आवेदक के बैंक पासबुक की छाया प्रति, जिसमें शाखा का नाम, खाता सं० एवं IFSC कोड अंकित हो।
  • संस्थान में नामांकन का प्रमाण-पत्र जिसमें पाठ्यक्रम अवधि अंकित हो (अथवा बिहार राज्य से बाहर के संस्थान के लिए पाठ्यक्रम विवरणिका) ।
  • संस्थान से प्राप्त पाठ्यक्रम शुल्क की विवरणी।
  • आवेदक एवं सह–आवेदक यथा - माता पिता/ पति/ अभिभावक (रक्त संबंधी) का दो पासपोर्ट साईज फोटोग्राफ।
  • आवासीय प्रमाण पत्र अथवा बैंक पासबुक के प्रथम पृष्ठ की छाया प्रति जिसमें आवास का पता स्पष्ट रूप से अंकित हो अथवा बिजली बिल अथवा टेलिफोन बिल अथवा पासपोर्ट अथवा ड्राईविंग लाईसेंस अथवा वोटर आई०डी० कार्ड अथवा मतदान हेतु प्रयुक्त प्रमाण पत्रों में से कोई एक।

सामान्य पृच्छा का समाधान

सभी जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र के प्रवेश द्वार के समीप स्थापित मे आई हेल्प यू  काउंटर पर आवेदक को आवश्यकतानुसार सहयोग प्रदान किया जायेगा तथा उनकी सामान्य पृच्छा का समाधान किया जाएगा। आवेदक अपनी पृच्छा का समाधान मुख्यालय स्तर पर स्थापित कॉल सेंटर  से भी कर सकते हैं।

आवेदन स्वीकृति की प्रक्रिया

  • आवेदक द्वारा ऑन-लाईन आवेदन समर्पित करने के उपरांत आवेदन की पीडीएफ प्रति एवं वांछित कागजातों/प्रमाण पत्र जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र पर मल्टी पर्पस असिस्टेंट (एमपीए) को उपलब्ध कराई जाएगी।
  • काउन्टर पर एमपीए द्वारा जाँचोपरांत प्राप्त आवेदन पत्र की हार्ड एवं सॉफ्ट प्रति सहायक प्रबंधक को उपलब्ध कराई जाएगी। सहायक प्रबंधक के द्वारा आवेदक के सम्पूर्ण अर्हत्ता एवं कागजातों के उपलब्धता की सुनिश्चितता के बाद शिक्षा विभाग के द्वारा नामित नोडल पदाधिकारी की स्वीकृति प्राप्त कर आवेदन जाँच/सत्यापन हेतु थर्ड पार्टी वेरिफिकेशन एजेंसी (टीपीवीए) को ऑन-लाईन अंतरित की जाएगी।
  • टीपीवीए से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन एवं अन्य संबंधित बिन्दुओं के आधार पर नोडल पदाधिकारी द्वारा दो दिनों में ऋण की स्वीकृति की अनुशंसा करते हुए बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम को ऑन-लाईन प्रेषित की जाएगी। सॉफ्ट कॉपी बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम को ऑन-लाईन हस्तांतरित करने के उपरांत आवेदन की हार्ड कॉपी निगम के जिला स्तरीय कोषांग को हस्तांतरित की जाएगी जहाँ निगम के प्राधिकृत पदाधिकारी उसे भविष्य के संदर्भ हेतु संधारित करेंगे। आवेदन की सॉफ्ट कॉपी के विधिवत् संधारण के संदर्भ में विस्तृत निदेश बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम द्वारा निर्गत किया जाएगा।
  • जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र दिनांक-01-04-2018 से आवेदन निगम को भेजना प्रारंभ कर देगा। दिनांक 31.03.2018 तक जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र में लंबित मामलों को भी निगम को प्रेषित किया जाएगा, जिसका निष्पादन निगम के द्वारा किया जाएगा। दिनांक-01.07.2018 से आवेदनों का निष्पादन निगम के द्वारा 15 कार्य दिवस की समय-सीमा में किया जाएगा।
  • निगम द्वारा आवेदन को स्वीकृत करने में किसी प्रकार की आपत्ति होने पर उन आपत्तियों को सूचीबद्ध करते हुए आवेदन नोडल पदाधिकारी को वापस किया जाएगा। ऐसे आवेदनों को जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र द्वारा अधिकतम 15 कार्य दिवस में यथा स्थिति निराकरण कर निगम को वापस उपलब्ध कराया जाएगा। आपत्तियों का निराकरण संभव नहीं होने की स्थिति में नोडल पदाधिकारी द्वारा आवेदन अस्वीकृत कर दिया जाएगा। स्वीकृति की प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम द्वारा निर्गत किया जाएगा।
  • ऋण स्वीकृति के उपरांत आवेदक को जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र पर बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा।
  • बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम द्वारा आवेदन की स्वीकृति किए जाने के उपरांत जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र पर उपस्थित होने हेतु आवेदक को सूचना निगम के जिला स्तरीय कार्यालय द्वारा एसएमएस  तथा ई-मेल से दी जाएगी। सूचना में उपस्थित होने की निर्धारित तिथि का स्पष्ट रूप से उल्लेख होगा। निर्धारित तिथि को आवेदक के उपस्थित होने पर ऋण के डॉक्यूमेंटेशन  से संबंधित कार्य का निष्पादन किया जाएगा। डॉक्यूमेंटेशन  के उपरांत निगम के जिला स्तरीय कार्यालय द्वारा इसकी सूचना निगम के मुख्यालय को दी जाएगी, जहाँ से राशि आवेदक द्वारा याचित शैक्षणिक संस्थान और/अथवा आवेदक के खाते में हस्तांतरित की जाएगी।
  • सेवाओं के निष्पादन हेतु अधिकतम समयावधि

  • इस योजना के सभी स्तर पर सेवाओं के निष्पादन हेतु अधिकतम समयावधि निम्न प्रकार होगी –

क्रम.स.

गतिविधि

अधिकतम समय

1.

आवेदक के काउण्टर पर उपस्थित होने के उपरांत उसके आवेदन-पत्र की एमपीएम द्वारा प्रारंभिक जाँच, वांछित कागजातों की अपलोडिंग तथा प्राप्त आवेदन को ऑनलाइन एवं ऑफलाइन उपलब्ध कराना।

15 मिनट

 

2.

चिन्हित सहायक प्रबंधक द्वारा प्राप्त आवेदन की जॉच कर उसे अपनी अनुशंसा के साथ विभागीय नामित पदाधिकारी से सहमति प्राप्त कर सत्यापन हेतु TPVA को ऑनलाईन अंतरित करना एवं हार्ड कॉपी को अपने पास संधारित रखना।

15 मिनट

 

3.

शिक्षा विभाग द्वारा चयनित सत्यापन एजेंसी (TPVA)के द्वारा आवेदन पत्र का सत्यापन कर प्रतिवदेन उपलब्ध कराना।

आवेदन प्राप्ति के 15 कार्य दिवस के अंदर ।

 

4.

TPVA से प्राप्त प्रतिवेदन के उपरांत नोडल प्रतिवेदन पदाधिकारी द्वारा ऋण की स्वीकृति की ऑनलाइन अनुशंसा निगम को प्रेषित करना।

प्रतिवेदन प्राप्ति के दो दिनों के अंदर

 

5.

बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम लिमिटेड द्वारा आवेदन का निष्पादन (स्वीकृत/आपत्ति) किया जाना तथा स्वीकृति की स्थिति में स्वीकृति पत्र आवेदक को तथा DRCC को एकरारनामा के लिए प्रेषित करना।

 

आवेदन प्राप्ति के 15 कार्य दिवस के अंदर ।

 

6.

आपत्ति प्राप्त आवेदन का आपत्ति निराकरण कर निगम को वापस उपलब्ध कराना।

 

15 कार्य दिवस

 

7.

एकरारनामा हस्ताक्षरित होने के उपरांत राज्य स्तर पर गठित बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम लिमिटेड को इसकी ऑनलाईन प्रति उपलब्ध कराना।

एकरारनामा की तिथि को

 

8.

बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम लिमिटेड द्वारा ऋण की राशि निर्गत कराना।

 

आवेदक द्वारा मांग किए जाने के अधिकतम 10 कार्य दिवस के अंदर

 

  • आवेदन से संबंधित प्रत्येक स्तर पर की गयी कार्रवाई की सूचना आवेदक को एसएमएस / ई-मेल / वेब पोर्टल द्वारा दी जाएगी।

ऋण हेतु अधिकतम राशि

इस योजना के अंतर्गत शिक्षा ऋण अधिकतम चार लाख रूपये तक स्वीकृत की जाएगी। इस ऋण राशि पर अधिस्थगन अवधि जो कि पाठ्यक्रम समाप्ति से एक वर्ष तक अथवा आवेदक के नियोजित होने के अधिकतम 6 माह (जो सबसे पहले हो) तक ब्याज की राशि देय नहीं होगी। इस ऋण राशि पर सरल ब्याज की दर 4 प्रतिशत होगी। इसके अंतर्गत महिला, दिव्यांग एवं ट्रांसजेन्डर आवेदकों को मात्र 1 प्रतिशत सरल ब्याज की दर से ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।

राशि का हस्तानांतरण

शिक्षण शुल्क एवं संस्थान में जमा किये जाने वाले अन्य शुल्क RTGS/NEFT(अथवा विशेष स्थिति में Bank Draft द्वारा) के माध्यम से संस्थान को उपलब्ध कराई जाएगी। छात्रावास के बाहर रहने की स्थिति में आवेदक को वर्गीकृत शहरों के लिए तय मानक के अनुरूप निर्धारित राशि तथा पाठ्य-पुस्तक एवं पठन-लेखन सामग्री हेतु निर्धारित राशि अनुलग्नक 01 एवं 02 के अनुसार आवेदक के खाते में उपलब्ध कराई जाएगी।

ऋण राशि की अगली किस्तों का भुगतान

आवेदक/सह-आवेदक द्वारा वार्षिक/सेमेस्टर परीक्षा उत्तीर्णता या अग्रणित होने का प्रमाण-पत्र, जो अंक-पत्र अथवा संस्थान द्वारा निर्गत इस आशय का प्रमाण-पत्र होगा, को ऑनलाईन संलग्न करते हुए अगली किस्त के भुगतान हेतु DRCC पर आवेदन उपलब्ध कराया जाएगा। नोडल पदाधिकारी के द्वारा संतुष्टि के उपरांत अधिकतम तीन दिनों के अंदर अनुशंसा पत्र उपर्युक्त अंकित अभिलेखों के साथ निगम को उपलब्ध कराया जाएगा। तदनुसार, निर्धारित दस कार्य दिवस के अंदर निगम के द्वारा राशि विमुक्त की जाएगी। आवेदक से प्राप्त अंक पत्रक/प्रमाण पत्रों में से आवश्यकतानुसार अथवा न्यूनतम एक प्रतिशत आवेदन का सत्यापन/ जाँच TPVA द्वारा कराया जा सकेगा।

ऋण वापसी की प्रक्रिया

अधिस्थगन अवधि की समाप्ति के पश्चात् 2 लाख रु० तक के ऋण को अधिकतम 60 मासिक किस्तों में तथा 2 लाख से उपर के ऋण को अधिकतम 84 मासिक किस्तों में वापस किया जा सकेगा। उपरोक्त निर्धारित अधिकतम अवधि से पूर्व ऋण वापसी की स्थिति में 0.25 प्रतिशत ब्याज दर की छूट दी जाएगी।

उपरोक्त निर्धारित अवधि में नियोजन नहीं होने या स्वरोजगार एवं अन्य साधनों से आय नहीं होने की स्थिति में ऋण वसूली स्थगित रखी जाएगी, किन्तु इसके लिए प्रत्येक जून एवं दिसम्बर के अंतिम पखवारे में आवेदक को इस आशय का शपथ पत्र DRCC पर उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा कि आवेदक नियोजित/स्वरोजगार अथवा अन्य किसी साधनों से आय प्राप्त नहीं कर रहा है।

उपरोक्त वर्णित स्थितियों के अलावा सम्पूर्ण निर्धारित अवधि के पश्चात यदि आवेदक/सह–आवेदक ऋण की वापसी नहीं करते है, तो उनके विरूद्ध PDR Act (Public Demand Recovery Act) के प्रावधानों के अंतर्गत अथवा विधिसम्मत् कार्रवाई की जाएगी।

राज्य स्तर पर कॉल सेंटर की स्थापना

इस योजना के तहत आवेदकों की समस्या के त्वरित समाधान हेतु राज्य स्तर पर कॉल सेंटर स्थापित है। इसके टॉल फ्री नं० पर विद्यार्थी योजना प्रावधान एवं आवेदन करने की प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इसके साथ-साथ आवेदक अपने आवेदन की अद्यतन स्थिति से भी अवगत हो सकेंगे। इस योजना के राज्य स्तरीय पदाधिकारी कॉल सेंटर का नियमित रूप से भ्रमण करेंगे और कॉल सेंटर में चल रही गतिविधियों की समीक्षा करेंगे।

योजना का प्रचार-प्रसार

राज्य सरकार की इस योजना का विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार–प्रसार किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इस योजना की जानकारी हो और वे इस योजना का लाभ प्राप्त कर सके।

संशोधन

  • इस योजना के कार्यान्वयन तथा जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र के संचालन के संबंध में कालान्तर में राज्य सरकार द्वारा कुछ संशोधन किए। जाते हैं अथवा कोई निर्णय लिए जाते है तो उससे ससमय अवगत कराया जाएगा।
  • योजना के कार्यान्वयन के दौरान उत्पन्न होने वाले समस्याओं का समाधान शिक्षा विभाग एवं निगम अपने-अपने स्तर से करने में सक्षम होगा।
  • शिक्षा विभाग द्वारा इस योजना के क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण के संबंध में वांछित संशोधन तथा समय-समय पर अनुदेश निर्गत किए जा सकेंगे ।

योजना के अनुश्रवण की व्यवस्था

  • राज्य स्तर पर शिक्षा विभाग के अधीन स्थापित राज्य परियोजना प्रबंधन इकाई (State Project Management Unit) एवं वित्त विभाग के अधीन गठित बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम इस योजना के कार्यान्वयन एवं प्रभावी अनुश्रवण के लिए पूर्ण रूप से उत्तरदायी होगा।
  • निगम जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र (DRCC) से प्राप्त आवेदन के निष्पादन की स्थिति के संबंध में शिक्षा विभाग को MIS का एक्सेस उपलब्ध कराएगा।
  • जिला स्तर पर जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र जिला पदाधिकारी के नियंत्रण में कार्य करेगा।
  • जिला स्तर पर इस कार्यक्रम का अनुश्रवण प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में जिला सुशासन के कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के द्वारा किया। जाएगा। जिला पदाधिकारी अपने जिले के इस योजना के प्रगति की मासिक समीक्षा करेंगे एवं प्रगति प्रतिवेदन प्रभारी मंत्री-सह-अध्यक्ष जिला सुशासन के कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक में रखेंगे। जिला पदाधिकारी प्रत्येक माह कार्यक्रमों के क्रियान्वयन एवं प्रगति से संबंधित प्रतिवेदन बिहार विकास मिशन की कार्यकारी समिति, शिक्षा विभाग तथा वित्त विभाग को भी प्रेषित करेंगे।

पूर्व में प्राप्त आवेदन-पत्रों का निष्पादन

  • संशोधित बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना दिनांक 1 अप्रैल, 2018 से प्रभावी होगी। इससे पूर्व के बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के वैसे आवेदन जो बैंक शाखाओं में ऋण स्वीकृति हेतु प्रेषित नहीं किये गए है, उनका भी निष्पादन बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से होगा। ऐसे आवेदन-पत्रों की प्राप्ति की तिथि निगम को आवेदन सम्प्रेषण की तिथि मानी जाएगी।
  • इसके अलावा पूर्व के वैसे आवेदन जो बैंक शाखाओं में स्वीकृति हेतु लम्बित अथवा स्वीकृति के बाद वितरण हेतु लम्बित होगें उन आवेदकों को बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से ऋण प्राप्ति की सुविधा का विकल्प उपलब्ध कराया जाएगा।
  • वैसे आवेदक जिनके ऋण बैंकों के द्वारा वितरित किए जा चुके है, उन्हें शेष अवधि के लिए निगम के माध्यम से शिक्षा ऋण प्राप्त करने का विकल्प उपलब्ध कराया जाएगा, किन्तु उन आवेदकों को ऋण राशि की वापसी के उपरांत बैंक शाखा द्वारा निर्गत no dues certificate उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।

अनुलग्नक-1

रहने के खर्च के लिए वर्गीकृत शहरों/ग्रामीण क्षेत्रों की सूची

क्रoसo

 

राज्य/केद्र शासित प्रदेश

वर्ग क के शहर

वर्ग ख के शहर

 

वर्ग ग के शहर/ग्रामीण क्षेत्र

 

1.

अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह

-

-

 

वर्ग क एवं ख में अंकित शहरों के  अतिरिक्त अन्य सभी शहर/ ग्रामीण क्षेत्र

 

2.

आंध्र प्रदेश/तेलंगाना

 

हैदराबाद

 

विजयवाड़ा, वारंगल,ग्रेटर विशाखापट्टनम, गुंटुर, नेलौर

3.

अरूणाचल प्रदेश

-

-

4.

असम

 

-

गुवाहाटी

5.

बिहार

 

 

-

पटना

 

6.

चंडीगढ़

 

-

चंडीगढ़

 

7.

छत्तीसगढ़

 

दुर्ग-भिलाईनगर, रायपुर

8.

दादर एवं नगर हवेली

-

-

9.

दमन एवं द्वीप

 

 

10.

दिल्ली

दिल्ली

-

11.

गोवा

-

-

12.

गुजरात

अहमदाबाद

 

राजकोट, जामनगर, भावनगर, बड़ोदरा, सूरत

13.

हरियाणा

 

-

फरीदाबाद, गुड़गाँव

14.

हिमाचल प्रदेश

-

-

15.

जम्मू एवं कश्मीर

-

श्रीनगर, जम्मू

16.

झारखण्ड

 

जमशेदपुर, धनबाद, राँची, बोकारो स्टील सिटी

17.

कर्नाटक

 

बंगलोर/ बंगलुरू

 

18.

केरल

 

-

कोझीकोड, कोच्चि, तिरूवंतपुरूम, तिरूपुर, मल्लपुरम, कनौर, कोलम

 

 

19.

लक्ष्यद्वीप

-

-

 

20.

मध्य प्रदेश

 

ग्वालियर, इंदौर, भोपाल, जबलपुर, उज्जैन,

 

21.

महाराष्ट्र

ग्रेटर मुम्बई, पुणे,

अमरावती, नागपुर, औरंगाबाद, नासिक, भिलवंडी, सोलापुर,

कोल्हापुर, वसई-वीररसिटी, मेलेगाँव, नांडेड-वाघला, संघली

 

22.

मणिपुर

-

-

 

23.

मेघालय

 

 

 

24.

मिजोरम

-

 

 

25.

नागालैंड

-

-

 

26.

उड़ीसा

-

कटक, भुवनेश्वर, राउरकेला

 

 

27.

पुडुचेरी

 

-

पुडुचेरी

 

 

28.

पंजाब

-

अमृतसर, जालंधर, लुधियाना

 

 

29.

राजस्थान

 

बीकानेर, जयपुर, जोधपुर, कोटा, अजमेर

 

30.

सिक्किम

-

-

 

31.

तमिलनाडु

चेन्नई

 

सलेम, त्रिपुर, कोयमबटुर, तिरूचिरापल्ली, मदुरई, ईरोडे

 

32.

त्रिपुरा

-

-

 

33.

उत्तर प्रदेश

 

 

मुरादाबाद, मेरठ, गाजियाबाद, अलीगढ़, आगरा, बरेली, लखनऊ, कानपुर, इलाहाबाद, गोरखपुर, वाराणसी, सहारनपुर, नोएडा, फिरोजाबाद, झांसी,

 

34.

उत्तराखण्ड

-

देहरादून

 

35.

पश्चिम बंगाल

कोलकाता

 

आसनसोल, सिल्लीगुड़ी, दुर्गापुर

 

 

 

अनुलग्नक-2

रहने, जीवन यापन एवं पाठ्य सामग्री के लिए निर्धारित मानक व्यय

क्रमo सo

मद का नाम

निर्धारित दर

वर्ग क शहरों के लिए

वर्ग ख  शहरों के लिए

वर्ग ग  शहरों /ग्रामीण क्षेत्रों के लिए

1

मात्र छात्रवास से बाहर किराये पर रहने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रतिवर्ष

12 x 5000pm = 60,000/- वार्षिक

 

12 x 4000pm = 48,000/- वार्षिक

12 x 3000pm = 36,000/- वार्षिक

2

पाठ्य पुस्तक एवं अन्य पठन लेखन सामग्री

 

रुपये 10,000 /- प्रतिवर्ष

 

अनुलग्नक-3

योजनान्तर्गत आच्छादित पाठ्यक्रमों की सूची

क्र० स०

 

पाठ्यक्रम

1

B.A./B.Sc./B. Com. (All subject)

2

M.A., M.Sc., M.Com (All subject)

3

Aalim

 

4

Shashtri

 

5

B.C.A.

6

M.C.A

7.

B.Sc. (Information Technology/Computer Application/Computer Science)

8

B.Sc. (Agriculture)

9

B.Sc. (Library Science)

10

Bachelor of Hotel Management & Catering Technology (B.H.M.C.T.)

11

B.Tech/B.E. for laterally admitted candidates having degree of three years diploma courses approved by the State Technical Education Council

12

Hotel Management and Catering Technology

13

Hospital and Hotel Management

14

Diploma in Hotel Management (Three Year) (I.H.M. Course)

15

Bachelor in Yoga (Entry Level+2Pass)

16

B.Tech/B.E./B.Sc. (Engineering-all branches)

17

M.B.B.S.

18

B.Sc. (Nursing)

19

Bachelor of Pharmacy

20

Bachelor of Veterinary Medicine and Surgery (B.V.M.S.)

21

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (B.A.M.S

22

) Bachelor of Unani Medicine & Surgery (B.U.M.S)

23

Bachelor of Homeopathic Medicine & Surgery (B.H.M.S.)

24

Bachelor of Dental Surgery (B.D.S.)

25

General Nursing Midwifery (G.N.M)

26

Bachelor of Physiotherapy

27

Bachelor of Occupational Therapy

28

Diploma in Food, Nutrition/ Dietetics

29

Bachelor of Mass Communication/Mass Media/Journalism

30

B.Sc. in Fashion Technology/Designing/Apparel Designing/Footwear Designing

31

Bachelor of Architecture

32

Bachelor of Physical Education (B. P. Ed.)

33

M.Sc/M.Tech Integrated course

34

Diploma in Food Processing/ Food Production

35

Diploma in Food & Beverage Services

36

B.A./B.Sc.-B.Ed. (Integrated Courses)

37

Bachelor of Business Administration (B.B.A.)

38

Master of Business Administration (M.B.A.)

39

Bachelor of Fine Arts (B.F.A.)

40

BL/LLB (5 Year integrated Course)

41

Degree/Diploma in Aeronautical, Pilot Training, Shipping

42

Polytechnic

योजना से संबंधित आवेदन और आवेदन प्रारूप के लिए नीचे दी गयी लिंक में देखें-

योजना से संबंधित आवेदन और आवेदन प्रारूप के लिए लिंक में देखें

 

स्रोत: बिहार सरकार, शिक्षा विभाग



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