অসমীয়া   বাংলা   बोड़ो   डोगरी   ગુજરાતી   ಕನ್ನಡ   كأشُر   कोंकणी   संथाली   মনিপুরি   नेपाली   ଓରିୟା   ਪੰਜਾਬੀ   संस्कृत   தமிழ்  తెలుగు   ردو

राजीव गांधी राष्ट्रीय अध्येतावृत्ति योजना

योजना का सार और उद्देश्य

विकलांग व्यक्तियों हेतु राजीव गांधी राष्ट्रीय अध्येतावृत्ति योजना वित्तीय वर्ष 2012-13 में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा मान्यता प्रदत्त किसी विश्वविद्यालय में एम फिल/पी एच डी कोर्स कर रहे विकलांग छात्रों को अवसरों में बढ़ोत्तरी प्रदान करने के लिए शुरू की गई थी।

  • इस स्कीम के अंतर्गत, प्रत्येक वर्ष विकलांग छात्रों को 200 फेलोशिप (कनिष्ठ अनुसंधान अध्येयता) प्रदान की जाती है। पर्याप्त संखया में विकलांग छात्रों की उपलब्धता न होने के मामले में उस वर्ष के दौरान प्रदान नहीं की गई फैलोशिप की संखया अगले शैक्षिक सत्र में शामिल कर ली जाती है।
  • उपलब्ध फैलोशिप की संखया से उम्मीवारों की संख्या अधिक होने के मामले में यूजीसी द्वारा पोस्ट ग्रेजुएट परीक्षा में उम्मीदवार द्वारा प्राप्त अंकों के प्रतिशत के आधार पर उम्मीदवार का चयन किया जाता है।

फैलोशिप की मात्रा

(i) जेआरएफ और एसआरएफ हेतु फैलोशिप की दरें यूजीसी फैलोशिप के समान ही होंगी।
वर्तमान में ये दरें निम्नानुसार हैं-

1

इंजीनियरिंग और टैक्नोलॉजी, विज्ञान मानविकी और समाज विज्ञान में फैलोशिप (कला/ललित कला सहित)

शुरू में दो व र्षों के लिए 25000/-रूपए मासिक की दर से (जेआरएफ) शेष अवधि के लिए 2 8000/-रूपए मासिक की दर से (एसआरएफ)

2

सामाज विज्ञान और मानवीयता हेतु आकस्मिकता (कला/ललित कला सहित)

शुरू में दो वर्षों के लिए 10000/-रूपए वार्षिक शेष अवधि के लिए 20500/-रूपए वार्षिक

3

विज्ञान, इंजीनियरिंग और टैक्नोलॉजी हेतु आकस्मिकता

शुरू में दो वर्षों के लिए 12000/-रूपए वार्षिक शेष अवधि के लिए 25000/-रूपए वार्षिक

4

विभागीय सहायता (सभी विषय)

आधारभूत सुविधाएं प्रदान करने के लिए मेजबान संस्थान को प्रति छात्र 3000/-रूपए वार्षिक

5

एस्कॉर्ट/रीडर सहायता (सभी विषय)

शारीरिक और दृष्टि विकलांग उम्मीदवारों के मामले में 2000/-रूपए प्रति माह

(ii) ऐसे विद्यार्थी जिनको छात्रावास आवास मुहैया नहीं कराये जाते हैं उन्हें यूजीसी प्रतिरूप के अनुसार मकान किराया भत्ता (एचआरए) का भुगतान किया जाएगा। यदि विश्वविद्यालय/संस्थान द्वारा दिए गए छात्रावास आवास का विद्यार्थी मना करते हैं तो वे एचआरए दावे को खो देंगे। यदि उनके फैलोशिप कार्यक्रम में है तो अन्य सुविधाएं जैसे कि चिकित्सा सुविधाएं, मातृत्व छुट्‌टी सहित छुट्‌टी यूजीसी के निर्देशन के अनुसार दी जायेंगी।

फैलोशिप हेतु पात्रता

  • कोई भी विकलांग छात्र जो विश्वविद्यालय अथवा द्रौक्षिक संस्थान से एम.फिल/पीएचडी कर रहा है
  • दो वर्ष के पश्चात यदि अनुसंधान कार्य में अध्येयता प्राप्त करने वाले छात्र की प्रगति संतोषजनक पाई जाती है,उसकी अवधि वरिष्ठ अनुसंधान अध्येयता वृत्ति के रूप में तीन वर्ष के लिए और आगे बढ़ा दी जाएगी। अनुसंधानकार्य का मून्यांकन विश्वविद्यालय द्वारा स्थापित 3 सदस्य समिति द्वारा किया जाएगा। जे.आर.एफ और एस.आर.एफ प्रदान करने की कुल अवधि 5 वर्ष से अधिक नहीं होगी।

आवेदन कैसे करें

आवेदन मंगवाने के लिए समाचार पत्रों और वैब-सादट में विज्ञापन जारी किया जाता है। अभ्यर्थी विश्व
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की वेबसाइट  www.ugc.ac.in ds के माध्यम ले ऑन-लाइन आवेदन करें। आवश्यक दस्तावेजः विकलांगता प्रमाण-पत्र, आयु प्रमाण-पत्र, शैक्षणिक योग्यता प्रमाण-पत्र और योजना में आवश्यक कोई अन्यप्रमाणपत्र

निधियां मंजूर करने की प्रक्रिया

यूजीसी से प्राप्त चयनित अभ्यार्थियों की सूची के आधार पर, कैनरा बैंक में अंतरण कर दी जाती है। चयनितअभ्यार्थियों को उनके संस्थान के मुखिया द्वारा सव्यापित आवश्यक दस्तावेज किसी भी नामोदिष्ट कैनरा बैंक की द्रााखा में भेजने होंगे। कैनरा बैंक (सरकारी कार्यशाखा) आवश्यक सव्यापन करने के अबाद स्वीकार्य देय राशि को लाभार्थियों के बैंक खाते में जारी करेगा

विकलांग जन सशक्तिकरण विभाग------------कैनरा बैंक-----------------लाभार्थी

स्त्रोत : सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय,भारत सरकार



© 2006–2019 C–DAC.All content appearing on the vikaspedia portal is through collaborative effort of vikaspedia and its partners.We encourage you to use and share the content in a respectful and fair manner. Please leave all source links intact and adhere to applicable copyright and intellectual property guidelines and laws.
English to Hindi Transliterate