इस योजना के अंतर्गत लाभ पाने का पात्र कौन है? कक्षा IX से XII में अध्ययनरत अनुसूचित जाति के विद्यार्थी लाभ उठाने के पात्र हैं। इस योजना के अंतर्गत किस किस्म की कोचिंग प्रदान की जाति है? - उपचारी कोचिंग : स्कूल-विषयों में कमियों को दूर करना। - विशेष कोचिंग : इंजीनियरिंग और मेडिकल जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश पाने के लिए प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं के लिए विद्यार्थियों को तैयार करना। वित्तपोषण की स्थिति क्या है? इस योजना के अंतर्गत राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को 100% केन्द्रीय सहायता दी जाति है। स्कूलों और विद्यार्थियों का चयन कौन करता है? प्रवेश और चयन राज्य सरकारों के विवेकाधीन होता है। कोचिंग संस्थानों और लाभार्थियों का चयन राज्य सरकारों द्वारा किया जाता है। इस योजना के अंतर्गत किन स्कूलों का चयन किया जाता है? चुने गए स्कूलों में बच्चों के चहुंमुखी विकास की आवश्यक सुविधा, छात्रावास सुविधाएं और पिछले कुछ वर्षों का अच्छा शैक्षिक परिणाम होना चाहिए। इस योजना के अंतर्गत अधिकतम कवरेज क्या है? इस योजना के तहत वार्षिक रूप से अधिकतम 2050 नए विद्यार्थियों को कवर किया जाएगा। कोचिंग कब प्रारंभ की जाति है? कोचिंग कक्षा IX के स्तर पर शुरू होती है और विद्यार्थी के कक्षा XII पूरी करने तक जारी रहती है। क्या किसी विद्यार्थी को कक्षा IX के बाद पंजीकृत किया जा सकता है? जी, हां। विद्यार्थी को कक्षा X/XI में नामांकित किया जा सकता है, यदि पिछली परीक्षाओं में उसका उत्कृष्ट निष्पादन रहा हो और कक्षा IX स्तर में दाखिला न लेने का कोई कारण हो। इस योजना के अंतर्गत कितने राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को शामिल किया गया है? इस समय, 19 राज्य/संघ राज्य क्षेत्र कवर किए गए हैं। सभी राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को शामिल न किए जाने का क्या कारण हैं? इस योजना में संशोधन करने से पूर्व, सभी राज्य/संघ राज्य क्षेत्र कवर किए गए थे। तथापि, मंत्रालय ने यह पाया है कि उनमें कुछेक राज्य अपने प्रस्ताव बिल्कुल नहीं भेज रहे हैं। उन राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को इस योजना से निकाल दिया है। अध्यापकों का चयन किस तरह किया जाता है? उपचारात्मक कोचिंग के लिए : चुने गए स्कूल की फैकल्टी को तरजीह दी जाएगी। यदि उपयुक्त अध्यापक उपलब्ध नहीं हो, तो पड़ोसी स्कूल के अध्यापकों की सेवाएं ली जा सकती हैं। विशेष कोचिंग के लिए : स्कूल अध्यापकों के अलावा, व्यावसायिक संस्थानों के फैकल्टी सदस्यों को भी आमंत्रित किया जाता है। अवार्ड आवंटित करने का अनुपात क्या है? आवंटित पुरस्कारों का उपयोग राज्यों द्वारा लड़कों और लड़कियों के लिए 50:50 के अनुपात में किया जाता है। लड़कियों के अप्रयुक्त पुरस्कारों का उपयोग लड़कों द्वारा किया जाता है, इसी प्रकार, लड़कों के अप्रयुक्त पुरस्कारों का उपयोग लड़कियों द्वारा किया जाता है। क्या विकलांग विद्यार्थियों को प्राथमिकता दी जाति है? जहां भी संभव हो, कम से कम 3% विकलांग अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को शामिल कने का लक्ष्य निर्धारित है। क्या विकलांग विद्यार्थियों को कोई अतिरिक्त अनुदान दिया जाता है? जी, हां। छात्रवृत्ति की राशि के अलावा, उन्हें निम्नलिखित अतिरिक्त अनुदान प्रदान किया जाता है :- पाठक भत्ता : प्रतिमाह 200/- रुपए (नेत्रहीन विद्यार्थियों के लिए)। परिवहन भत्ता : उन विकलांग विद्यार्थियों के लिए प्रति माह 100/- रुपए, जो संस्थान के परिसर में स्थित छात्रावास में नहीं रहते हैं। 'सहायक' को विशेष वेतन : प्रति माह 200/- रुपए (गंभीर रूप से अस्थि विकलांग होस्टल विद्यार्थियों के लिए)। एस्कॉर्ट भत्ता : प्रति माह 100/- रुपए (शरीर के निचले भाग (टांगों) से अत्यधिक विकलांगता युक्त दिवा छात्रा के लिए)। अतिरिक्त कोचिंग भत्ता : प्रति माह 200/- रुपए (मानसिक रूप से कमजोर और मानसिक रूप से बीमार विद्यार्थियों के लिए)। इस योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को कितना पैकेज अनुदान दिया जाता है? प्रत्येक विद्यार्थी को प्रति वर्ष 25,000/- रुपए का पैकेज अनुदान दिया जाता है। ब्यौरा निम्नलिखित है :- भोजन-व्यवस्था और ठहरने का प्रभार : 9,000/- रुपए @900/- रुपए प्रति माह (10 माह के लिए)। जेब खर्च : 300/- रुपए @300/- रुपए प्रति माह (10 माह के लिए)। पुस्तकें एवं लेखन-सामग्री : 3,000/- रुपए। प्रधानाचार्य/विशेषज्ञ को मानदेय : 10,000/- रुपए प्रति वर्ष प्रति विद्यार्थी। क्या पैकेज को संशोधित करने का कोई प्रावधान है? प्रत्येक दो वर्ष में एक बार पैकेज में संशोधन करने की व्यवस्था है। यदि कोई राज्य इस योजना के अंतर्गत प्रस्ताव नहीं भेजता है, तो उस स्थिति में क्या होता है? ऐसे मामलों में, चूककर्ता राज्य के लिए धनराशि निर्धारित कर दी जाति हैं। क्या इस योजना के अंतर्गत निधियों का राज्य-वार आवंटन किया जाता है? जी, नहीं। कार्यान्वयनकारी राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को नए स्लॉटों के नंबर आवंटित किए गए हैं। पिछले तीन वर्षों के दौरान आवंटित की गई निधियों, जारी की गई निधियों और लाभार्थियों की संख्या का ब्यौरा दें? वर्ष आवंटित बजट जारी की गई निधि (करोड़ रुपए में) लाभार्थियों की संख्या 2012-13 5.00 1.97 1527 2013-14 5.00 4.37 1968 2014-15 5.00 2.86 1554 2015-16 5.00 2.74 1283 स्त्रोत: सामाजिक न्याय और आधिकारिता मंत्रालय