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कक्षा IX और X में अध्ययन कर रहे अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए मैट्रिक-पूर्व छात्रवृत्ति की केन्द्र द्वारा प्रायोजित योजना

कक्षा IX और X में अध्ययन कर रहे अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए मैट्रिक-पूर्व छात्रवृत्ति की केन्द्र द्वारा प्रायोजित योजना

इस अवार्ड के लिए कौन आवेदन कर सकता है?

अनुसूचित जाति के वे विद्यार्थी जिनके माता-पिता की वार्षिक आय 2.00 लाख रुपए से अधिक नहीं है। वह कक्षा IX या X में मान्यताप्राप्त स्कूल में पढ़ रहा हो।

आवेदन कहां किया जाना है?

पात्र विद्यार्थियों से यह अपेक्षा की जाति है कि वे उस शैक्षिक संस्थान के प्रमुख के पास आवेदन करें जहां उनका नामांकन हो रखा है। इस योजना के अंतर्गत सभी पात्र विद्यार्थियों को कवर होते हैं।

कब आवेदन करें?

विद्यार्थी को शैक्षिक संस्थान में प्रवेश लेने के तत्काल बाद छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करना चाहिए।

कैसे आवेदन करें?

विद्यार्थी को इस प्रयोजनार्थ संबंधित राज्य सरकार/संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन द्वारा निर्धारित प्रपत्र में छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करना चाहिए। अलग-अलग राज्यों के अलग-अलग आवेदन-प्रपत्र हो सकते हैं और वे संबंधित स्वीकृति एवं वितरण प्राधिकारी/शैक्षिक संस्थानों में उपलब्ध होते हैं।

कितनी सहायता मिलती है?

योजना के अंतर्गत छात्रवृत्ति का मूल्य निम्नलिखित है :-

छात्रवृत्ति का मूल्य और तदर्थ अनुदान

छात्रावासी छात्रावासी के रूप में कक्षा IX से कक्षा X के विद्यार्थी कवर होंगे। छात्रवृत्ति की दरें निम्नलिखित हैं : कक्षा IX से X – 350/- रुपए प्रति माह, 10 माह के लिए।

दिवा छात्र

दिवा छात्रों के रूप में कक्षा IX से कक्षा X के विद्यार्थी कवर होंगे।  छात्रवृत्ति की दरें निम्नलिखित हैं : कक्षा IX से कक्षा X – 150/- रुपए प्रति माह, 10 माह के लिए।

तदर्थ अनुदान सभी दिवा छात्रों को प्रति वर्ष प्रति छात्र 750/- रुपए का तदर्थ अनुदान और छात्रावासी को प्रति वर्ष प्रति छात्र 1000/- रुपए अनुमत्य होंगे।

विकलांगता सहित लक्ष्य समूहों के विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त प्रावधान

- कक्षा IX तथा X के नेत्रहीन विद्यार्थियों के लिए प्रति माह 160/- रुपए का पाठक भत्ता।

- शैक्षिक संस्थान के परिसर के भीतर अवस्थित छात्रावास में न रहने वाले विकलांग विद्यार्थियों के लिए प्रति माह 160/- रुपए का परिवहन भत्ता।

- छात्रावास के किसी भी उस कर्मचारी को प्रति माह 160/- रुपए का विशेष वेतन अनुमत्य होगा जो शैक्षिक संस्थान अथवा राज्य सरकार/संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन द्वारा संचालित छात्रावास में रह रहे गंभीर रूप से विकलांग और सहायक की आवश्यकता वाले विद्यार्थी की सहायता करने का इच्छुक हो।

- गंभीर रूप से विकलांग दिवा छात्र (यानी जो शारीर के निचले हिस्से (टांगों) से अशक्त हो) को 160/- रुपए प्रति माह का एस्कार्ट भत्ता।

- कक्षा IX एवं X के मानसिक रूप से कमजोर या बीमार विद्यार्थियों को अतिरिक्त कोचिंग के लिए प्रति माह 240/- रुपए का भत्ता।

- उपर्युक्त (ख) से (घ) में प्रस्तावित प्रावधान कुष्ठ रोगमुक्त विद्यार्थियों पर भी लागू होंगे।

टिप्पणी 1 :  तथापि, इस योजना के अंतर्गत शामिल विकलांगता सहित लक्ष्य समूह के विद्यार्थी, उन अन्य योजनाओं के अतिरिक्त लाभ भी ले सकते हैं, जो उपर्युक्त प्रावधान में कवर नहीं होती हैं।

टिप्पणी 2 :  विकलांगता (समान अवसर), अधिकार संरक्षण और पूर्ण भागीदारी अधिनियम, 1955 के अनुसार विकलांगता को दृष्टिहीनता, अल्प-दृष्टि, कुष्ठरोग युक्त, बहरापन, अस्थि विकलांगता, मानसिक कमजोरी और मानसिक रुग्णता संबंधी नि:शक्तता के रूप में परिभाषित किया गया है, जिसके संबंध में राज्य सरकार/संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन के चिकित्सा प्राधिकारी का प्रमाण-पत्र होना चाहिए।

छात्रवृत्ति राशि, छुट्टियों की अवधि को छोड़कर, स्कूल ज्वाइन करने की तारीख से स्कूल छोड़ने की तारीख तक देय होगी, जो एक वर्ष में लगभग 10 महीने तक मिलेगी, लेकिन इस व्यवस्था में वे मामले शामिल नहीं हैं यदि विद्यार्थी शैक्षिक वर्ष के मध्य में स्कूल में प्रवेश करता है या स्कूल छोड़ता है।

कठिनाई होने पर किससे संपर्क करें?

कठिनाई होने पर विद्यार्थी/माता-पिता को शैक्षिक संस्थान के प्रमुख/संबंधित राज्य के जिला समाज कल्याण अधिकारी/समाज कल्याण निदेशक से संपर्क करना चाहिए।

अतिरिक्त ब्यौरों के लिए कृपया संपर्क करें :

निदेशक (एससीडी), सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय,

शास्त्री भवन, नई दिल्ली (भारत)।

स्त्रोत: सामाजिक न्याय और आधिकारिता मंत्रालय



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