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आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति

उददेश्य

इस योजना का उददेश्य मैट्रिकोतर या माध्यमिकोतर कक्षाओं में पढ़ने वाले आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग के छात्रों को वितीय सहायता प्रदान करना है, जिससे वे अपनी शिक्षा पूरी करने में समर्थ हो।

कार्यक्षेत्र

ये छात्रवृतियाँ केवल भारत में अध्ययन करने के लिए उपलब्ध हैं और ये उस राज्य सरकार/संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन दवारा दी जाती हैं, जिससे आवेदक वास्तविक रूप से संबंधित हो अर्थात् जहां का वह स्थायी रूप से रहने वाला हो।

पात्रता की शर्तें

  1. ये छात्रवृतियां अन्य पिछड़े वर्गों से संबद्ध भारत के नागरिकों के लिए खुली होंगी, जैसा कि केन्द्र सरकार/राज्य सरकार/संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन दवारा अधिसूचित हों।
  2. ये छात्रवृतियां निम्नलिखित अपवादों को छोड़कर मान्यता प्राप्त संस्थाओं में पढ़ाए जाने वाले सभी मान्यता प्राप्त मैट्रिकोतर या माध्यमिकोतर पाठ्यक्रमों के अध्ययन के लिए दी जाएंगी।
  3. विमान अनुरक्षण इंजीनियर पाठ्यक्रमों तथा निजी विमानचालक लाइसेन्स पाठ्यक्रमों, ट्रेनिंगशिप डफरिन (अब राजेन्द्रा) के पाठ्यक्रमों, मिलिटेरी कॉलेज, देहरादून के प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों, अखिल भारतीय तथा राज्य स्तरीय पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केन्द्रों के पाठ्यक्रमों जैसे प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों के लिए छात्रवृतियां नहीं दी जाती हैं।

  4. केवल वे ही उम्मीदवार, जो उस राज्य/संघ राज्य क्षेत्र के संबंध में विनिर्दिष्ट अनन्य पिछड़ें वर्गों से संबंधित हो जहां का आवेदक वास्तविक रूप से संबंधित है अर्थात् स्थायी रूप से बस गया हो और जिन्होंने किसी मान्यता प्राप्त विश्वविदयालय या माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की मैट्रिकुलेशन या कोई उच्चतर माध्यमिक परीक्षा या कोई उच्चतर परीक्षा पास कर ली हो, इसके पात्र होंगे ।
  5. ऐसे उम्मीदवार जो शिक्षा का एक चरण उतीर्ण करने के पश्चात् शिक्षा के उसी चरण में किसी दूसरे विषय में अध्ययन करने लगें, उदाहरणार्थ-इन्टर आर्टस करने के बाद इन्टर साइन्स करने लगे या बी.ए. के बाद बी कॉम करने लगे या एक विषय में एम.ए. करने के बाद किसी दूसरे विषय में एम.ए. करने लगे, इसके पात्र नहीं होंगे ।
  6. ऐसे छात्र जो किसी एक व्यवसाय में शैक्षिक योग्यता प्राप्त कर लिए हैं, जैसे बी.टी./बी.एड के बाद एल.एल.बी. करने लगे, इसके लिए पात्र नहीं होंगे ।
  7. निरन्तर स्कूल पाठ्यक्रम होने के कारण उच्चतर माध्यमिक स्कूल पाठ्यक्रम की ग्यारहवीं कक्षा में या बहुउद्देश्यीय उच्च विद्यालय की ही बारहवीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र इसके पात्र नहीं होंगे । तथापि, उन मामलों में, जिनमें ऐसे पाठ्यक्रमों को दसवीं कक्षा की परीक्षा मैट्रिक के समकक्ष मानी जाती हो और दसवीं कक्षा उतीर्ण करने के बाद छात्रों ने अन्य पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले लिया हो, ऐसे छात्रों को मैट्रिकोतर छात्र समझा जाएगा और वे छात्रवृति पाने के पात्र होंगे ।
  8. चिकित्सा में स्नाकोत्तर पाठ्यक्रम में पढ़ने वाले छात्र इसके पात्र होंगे, बशर्त उनके अध्ययनकाल में उन्हें प्रेक्टिस करने की अनुमति न दी गई हो ।
  9. ऐसे छात्रों को जिन्होंने कला/विज्ञान/वाणिज्य में स्नातक पूर्व/स्नातकोतर परीक्षा अनुतीर्ण या उत्तीर्ण करने के बाद किसी मान्यता प्राप्त व्यावसायिक या तकनीकी प्रमाण पत्र डिप्लोमा/डिग्री पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया हो, छात्रवृतियां दी जाएंगी, बशर्ते ये अन्यथा रूप से इसके पात्र हों । उसके बाद ग्रुप "क" के पाठ्यक्रमों को छोड़कर अनुतीर्ण होने की छूट नहीं दी जाएगी और आगे पाठ्यक्रम में परिवर्तन करने की भी अनुमति नहीं दी जाएगी।
  10. ऐसे छात्र जो पत्राचार पाठ्यक्रमों के माध्यम से अध्ययन करते हैं वे अप्रतिदेय प्रशुल्क की प्रतिपूर्ति हेतु पात्र होंगे।पत्राचार में दूरवर्ती सुदूर और अनुवर्ती शिक्षा शामिल है । ऐसे छात्र अप्रतिदेय शुल्क की प्रतिपूर्ति के अतिरिक्त आवश्यक विहित पुस्तकों के लिए 900 रुपए के वार्षिक भत्ते, जो देय हो, के लिए भी पात्र होंगे ।
  11. एक ही माता-पिता/अभिभावक के सिर्फ दो लड़के छात्रवृति प्राप्त करने के हकदार होंगे । तथापि, यह प्रतिबंध लड़कियों के मामले में लागू नहीं होता है। तदनुसार, एक ही मातापिता/अभिभावक की लड़कियों दवारा प्राप्त छात्रवृति एक ही माता-पिता/अभिभावक के दो लड़कों तक छात्रवृति प्रदान करने की स्वीकार्यता पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा ।
  12. इस योजना के अधीन छात्रवृति पाने वाला कोई भी छात्र अन्य छात्रवृति/वजीफा नहीं लेगा। यदि कोई अन्य छात्रवृति/वजीफा प्रदान की गई है तो छात्र दोनों छात्रवृति/वजीफा में से किसी एक को, जो भी उसके लिये अधिक लाभप्रद हो, अपना विकल्प दे सकता है और किए गए विकल्प के बारे में संस्था के प्रधान के माध्यम से प्रदान कर्ता प्राधिकारी को सूचित करेगा । छात्र-छात्रा को उस तारीख से जिससे वह दूसरी छात्रवृति/छात्रवृति स्वीकार करता/करती है, इस योजना के अधीन किसी भी छात्रवृति का भुगतान नहीं किया जाएगा । तथापि, छात्र राज्य सरकार से या किसी अन्य स्त्रा-त से पुस्तकें, उपकरण खरीदने या आवास तथा भोजन व्यवस्था पर होने वाले व्यय को पूरा करने के लिए इस योजना के अधीन भुगतान की गई छात्रवृति की रकम के अतिरिक्त नःशुल्क भोजन या अनुदान या तदर्थ आर्थिक सहायता स्वीकार कर सकता है ।
  13. छात्रवृति प्राप्त करने वाले छात्र, जो केन्द्र सरकार/राज्य सरकार से वितीय सहायता प्राप्त करने वाले किसी परीक्षा-पूर्व प्रशिक्षण केन्द्रों में कोचिंग ले रहे हों, कोचिंग कार्यक्रम की अवधि के दौरान कोचिंग स्कीमों के तहत वजीफा के लिए पात्र नहीं होंगे ।
  14. रोजगार प्राप्त छात्र, जिनकी आय उनके माता-पिता/अभिभावक की आय सहित वार्षिक रूप से 1.00 लाख रुपए अधिक नहीं हो, सभी अनिवार्य भुगतान अप्रतिदेय शुल्कों की प्रतिपूर्ति की सीमा तक मैट्रिकोतर छात्रवृति के लिए पात्र होंगे ।
  15. बेरोजगार छात्रों, जिनके माता-पिता/अभिभावक की सभी स्रोतों से वार्षिक आय 1.00 लाख रुपए से अधिक नहीं हो, इस स्कीम के तहत छात्रवृति के लिए पात्र होंगे ।

महत्वपूर्ण बिंदु

  1. जब तक माता-पिता में से कोई एक (अथवा विवाहित बेरोजगार छात्रा के मामलें में पति) जीवित है, केवल माता-पिता/पति (जैसी भी स्थिति हो) की सभी स्त्रा--तों से प्राप्त आय को ही लिया जाएगा न कि अन्य सदस्यों की आय को चाहे वे कमाने वाले क्यों न हों । आय घोषणा प्रपत्र में इसी आधार पर आय की घोषणा करना अपेक्षित है । केवल उस परिस्थिति में जबकि माता-पिता दोनों (अथवा विवाहित किन्तु बेरोजगार छात्रा की स्थिति में पति) की मृत्यु हो जाती है तो उस अभिभावक की आय को लेना होगा जो विदयार्थी के अध्ययन में सहायता कर रहा है । ऐसे छात्र जिनके माता-पिता की आय दुर्भाग्यवश किसी एक की मृत्यु के कारण प्रभावित होती है और इस प्रकार इस योजना के अंतर्गत निर्धारित आय सीमा में आ जाती है तो ऐसी दुखद घटना होने वाले महीने से वह छात्रवृति के पात्र बन जाएंगे बशर्ते कि वे पात्रता की अन्य शर्ते पूरी करते हैं । ऐसे छात्रों से छात्रवृतियों हेतु आवेदन पर अनुकम्पा के आधार पर, आवेदन प्राप्ति की अंतिम तारीख को समाप्त होने के बाद भी विचार किए जा सकते हैं ।
  2. विदयार्थी के माता-पिता दवारा प्राप्त किए जाने वाले मकान किराए भते को "आय" में शामिल नहीं किया जाएगा यदि इसे आयकर के प्रयोजनार्थ छूट की अनुमति दी गई हो ।
  3. आय प्रमाण पत्र केवल एक बार लिए जाने की आवश्यकता है अर्थात् एक वर्ष से अधिक अवधि वाले पाठ्यक्रम में दाखिला के समय ।

छात्रवृति की धनराशि

छात्रवृति की धनराशि में भरण-पोषण भता, दृष्टिहीन छात्रों के लिए पाठक प्रभार, अनिवार्य व नहीं लौटाई जाने वाले फीस की प्रतिपूर्ति, अध्ययन दौरा प्रभार/शोधकार्य का टंकण/मुद्रण प्रभार तथा पाठ्यक्रम की पूरी अवधि के लिए पत्राचार पाठ्यक्रम दवारा अध्ययन कर रहे छात्रों के लिए पुस्तक भता शामिल है। ब्यौरा नीचे दिया गया है:-

भरण-पोषणभत्ता

 

भरण-पोषणभत्तेकीदर(प्रतिमाह रुपए में)

पाठ्यक्रम(1)

 

छात्रावास में रहने

वाले

 

दिवा

छात्र

 

(i) चिकित्सा (एलोपैथी, भारतीय तथा अन्य मान्यताप्राप्त चिकित्सा पद्धतियां), इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी, योजना, वास्तुकला, डिजाइन, फैशन टेक्नालोजी, कृषि, पशुपालन एवं संबद्ध विज्ञान, प्रबंधन, व्यावसायिक विता प्रशासन, कंप्यूटर विज्ञान/अप्लीकेशन्स में एम.फिल, पी.एचडी. और पोस्ट डॉक्टोरल अनुसंधान सहित डिग्री व स्नातकोतर स्तर के पाठ्यक्रम ।

(i) व्यावसायिक पायलेट लाइसेंस (हेलीकाप्टर पायलेट और बहु-इंजन रेटिंग सहित) पाठ्यक्रम। (iii) प्रबंधन एवं चिकित्सा की विभिन्न शाखाओं में स्नातकोतर डिप्लोमा पाठ्यक्रम। (iv) सीए/आईसीडब्ल्यूए/सीएस/आईसीएफए आदि।(v) एम.फिल, पी.एचडी. और पोस्ट डॉक्टोरल कार्यक्रम (डी.लिट, डी.एससी. आदि)। (vi) एलएलएम

750

350

समूह ख () फार्मेसी (बी.फार्मा), नर्सिग (बी. नर्सिग), एलएलबी, बीएफएस, अन्य पैरामेडिकल शाखाओं जैसे पुनर्वास, निदान आदि, जन संचार, होटल प्रबंधन एवं केटरिंग, ट्रेवलटूरिज्माहास्पिटलिटी प्रबंधन, आंतरिक सज्जा, न्यूट्रिशन एवं डाइटेटिक्स, कमर्शियल आर्ट, वित सेवाएं (यथा बैंकिंग, बीमा, कराधान आदि) जैसे डिग्री, डिप्लोमा, प्रमाणपत्र वाले स्नातकास्नातकोतर पाठ्यक्रम जिनके लिए न्यूनतम प्रवेश पात्रता वारिष्ठ माध्यमिक (10+2) है।(ii) एमए/एम.एससी./एम.कॉम/एम.एड./एम.फार्मा आदि समूह 'क' के अंतर्गत कवर न किए गए स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम ।

 

510

335

समूह ग समूह 'क' और 'ख' के अंतर्गत कवर न किए स्नातक डिग्री वाले सभी अन्य पाठ्यक्रम यथा बी.ए./बी.एससी./बी.कॉम आदि ।

400

210

समूह घ सभी मैट्रिकोतर स्तर के गैर-डिग्री पाठ्यक्रम जिनके लिए प्रवेश पात्रता हाई-स्कूल (कक्षा X) है यथा वरिष्ठ माध्यमिक प्रमाणपत्र (कक्षा XI और XII), सामान्य तथा व्यावसायिक दोनों स्ट्रीम, आई.टी.आई. पाठ्यक्रम, पालीटेकनिक में तीन वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम आदि ।

260

160

व्यावसायिक पाइलट लाइसेंस पाठ्यक्रम

सीपीएल पाठ्यक्रम समूह ‘क’ के अंतर्गत शामिल किया जाएगा। सीपीएल के लिए छात्रवृतियों की वार्षिक संख्या 20 होगी। संबंधित छात्रों से आवेदन प्राप्त होने के बाद, संबंधित राज्य सरकार/संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन को इस स्कीम के तहत उनकी पात्रता निर्धारित करने के लिए उनकी जांच करनी चाहिए तथा तदनुपरांत, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय को प्रत्येक वितीय वर्ष के लिए सीपीएल प्रशिक्षण हेतु (उनके नामों सहित) पात्र आवेदनों की संख्या के बारे में सूचित करना चाहिए। ऐसी सूचना की प्राप्ति होने पर, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय संबंधित राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को पूरे देश में 20 छात्रवृति तक पहले आओ पहले पाओ आधार पर मंजूरी प्रदान करेगा। चयनित आवेदकों को समूह 'क' पाठ्यक्रम के लिए प्रयोज्य दरों पर भरण-पोषण भता अर्थात छात्रावास में रहने वाले छात्रों के लिए 750 रुपए प्रतिमाह तथा दिवा छात्रों के लिए 350 रुपए प्रतिमाह प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा, 200 घंटों की अवधि के दौरान एकल/बहुइंजिन वाले एयरक्राफ्ट में प्रति उड़ान घंटा 5000 रुपए की राशि का भुगतान किया जाएगा। इस स्कीम के तहत सीपीएल पाठ्यक्रमों के लिए व्यय को कोई अन्य घटक अनुमत नहीं होगा। चयनित उम्मीदवारों के व्यय का भुगतान संबंधित राज्य सरकार/संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन दवारा केन्द्र दवारा आवंटित निधियों में से किया जाएगा/वहन किया जाएगा ।

नोट: उन छात्रों जो निशुल्क भोजन और/या नःशुल्क आवास के पात्र हैं, को छात्रावास में रहने वालों की दरों का 1/3 भरण-पोषण प्रभार दिया जाएगा।

उम्मीदवारों का चयन

इस स्कीम के भाग III में निर्धारित पात्रता की शर्त के अध्यधीन, अन्य पिछड़े वर्गों के सभी पात्र उम्मीदवारों की छात्रवृतियां प्रदान की जाएंगी । उन उम्मीदवारों को जो एक राज्य से संबंधित है किंतु दूसरे राज्य में अध्ययन कर रहे हैं, उस राज्य दवारा छात्रवृतियां दी जाएंगी जिस राज्य के वे हैं तथा वे अपना आवेदन पत्र उसी राज्य के सक्षम प्राधिकारियों को प्रस्तुत करेंगे । शुल्कों में छूट तथा अन्य रियायतों के मामले में भी यही समझा जाएगा कि वे अपने ही राज्य में अध्ययन कर रहे हैं ।

छात्रवृति की अवधि तथा छात्रवृतियों का नवीकरण

  • एक बार दी गई छात्रवृति उसको दिए जाने की अवस्था से लेकर पाठ्यक्रम की समाप्ति तक व्यवहार्य होगी बशर्त कि छात्र का आचरण अच्छा रहे तथा उपस्थिति में नियमितता रहे । यह छात्रवृति वर्षानुवर्ष नवीकृत होगी परन्तु शर्त यह है कि एक ऐसे पाठ्यक्रम के संबंध में जो कि अनेक वर्षों तक सतत् चलता रहता है, छात्र हर वर्ष उतीर्ण होकर उच्चतर कक्षा में पहुंचता रहें, परीक्षाएं भले ही विश्व विदयालय दवारा ली जाएं अथवा संस्था दवारा।
  • समूह "क" पाठ्यक्रम करने वाले अन्य पिछड़े वर्ग का छात्र यदि पहली बार परीक्षा में असफल रहता है तो छात्रवृति का नवीकरण किया जा सकता है । किसी भी कक्षा में दूसरी बार अथवा तत्पश्चात असफल होने पर विदयार्थी को अपना खर्च तब तक तक स्वयं वहन करना होगा जब तक वह अगली उच्चतर कक्षा में प्रोन्नत नहीं हो जाता।
  • यदि छात्र अस्वस्थता तथा/अथवा/अन्य किसी अप्रत्याशित घटना के कारण परीक्षा में बैठने में असमर्थ रहता है तो चिकित्सा प्रमाणपत्र तथा/अथवा/संस्था के प्रमुख की संतुष्टि के लिए पर्याप्त प्रमाण प्रस्तुत करने पर तथा उसके दवारा (संस्था के प्रमुख) यह करने पर कि यदि छात्र परीक्षा में बैठता तो वह उतीर्ण हो जाता, छात्रवृति अगले शैक्षणिक वर्ष के लिए नवीकृत की जाएगी ।
  • यदि विश्वविद्यालय/संस्था के विनियमों के अनुसार एक छात्र को अगली उच्चतर कक्षा में प्रोन्नत कर दिया जाता है, चाहे वह निचली कक्षा में वास्तविक रूप में उतीर्ण न हुआहुई हो, तथा उसके दवारा निचली कक्षा में कुछ समय पश्चात् दुबारा परीक्षा देना अपेक्षित हो, वह उस कक्षा में छात्रवृति पाने का हकदार होगा, जिस कक्षा में उसे प्रोन्नत किया गया है यदि वह विद्यार्थी अन्यथा छात्रवृति के लिए पात्र हो ।

छात्रवृति के लिए अन्य शर्ते

  • छात्रवृति विद्यार्थी की संतोषजनक प्रगति और आचरण पर निर्भर है । यदि किसी समय संस्थान प्रमुख दवारा सूचित किया जाता है कि कोई विद्यार्थी स्वयं अपने आचरण अथवा चूक के कारण संतोषप्रद प्रगति करने में असफल रहा है अथवा और दुर्व्यवहार जैसे हड़ताल करने या उसमें भाग लेने, संबंधित प्राधिकारियों की अनुमति बगैर उपस्थिति में अनियमितता आदि का दोषी पाया गया है तो छात्रवृति संस्वीकृत करने वाला प्राधिकारी या तो छात्रवृति रदद अथवा रोक या ऐसी अवधि, जो वे उचित समझे, तक के लिए आगे का भुगतान रोक सकता है ।
  • यदि यह पाया जाता है कि प्रतयाशी ने झूठी घोषणा से छात्रवृति प्राप्त की है तो उसका/उसकी छात्रवृति तुरंत रदद कर दी जाएगी और संबंधित राजय सरकार अपने विवेक के भुगतान की गई छात्रवृति की राशि वसूल कर सकेगी । संबंधित छात्र को काली सूची में सूचीबद्ध किया जाएगा और किसी भी योजना में छात्रवृति से हमेशा के लिए वंचित कर दिया जाएगा ।
  • प्रदत छात्रवृति रदद की जा सकती है यदि विद्यार्थी उस पाठ्यक्रम का विषय बदल देता है जिसके लिए वह छात्रवृति मूलतः दी गई थी अथवा छात्र राज्य सरकार के पूर्वानुमोदन बगैर अध्ययन संस्था को बदल लेता है । संस्था प्रमुख ऐसे मामलों के बारे में उन्हें सूचित करेगा और ऐसी छत्रवृति राशि का भुगतान रोक देगा तथा राज्य सरकार के विवेक के अनुसार छत्रवृति की राशि भी वसूल की जा सकती है ।
  • उसके दवारा यदि अध्ययन वर्ष के दौरान वह अध्ययन जिसके लिए छात्रवृति दी गई है, छोड़ दिया जाता है तो राज्य सरकार के विवेक पर विद्यार्थी को छात्रवृति की राशि वापस करनी होगी।
  • स्कीम के प्रावधान भारत सरकार के विवेक से किसी भी समय परिवर्तित किए जा सकते हैं।

स्कीम को घोषणा

सभी राज्य सरकारें/संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन मई-जून में योजना के ब्यौरों की घोषणा करेंगे तथा राज्य के प्रमुख समाचार पत्रों तथा अन्य प्रचार तंत्र में विज्ञापन देकर माध्यम से आवेदन पत्र आमत्रित करेगी । आवेदन फार्मों और अन्य विवरण के लिए सभी अनुरोध विद्यार्थी से संबंधित राज्य सरकार/संघ राज्य क्षेत्र को ही किए जाने चाहिए। आवेदन फार्म तथा अन्य विवरणों के लिए आवेदन पत्र विहित अधिकारी को आवेदन पत्र प्राप्ति के लिए निर्धारित अन्तिम तिथि से पहले भेजेगा ।

आवेदन की प्रक्रिया

  1. छात्रवृति के लिए विहित प्राधिकारी के नाम आवेदन पत्र में निम्नलिखित सम्मिलित होना चाहिए:
  2. निर्धारित फार्म में छात्रवृति के लिए आवेदन पत्र की एक प्रति संबंधित राज्य सरकार/संघ राज्य क्षेत्र दवारा ("नई" तथा नवीकृत छात्रवृति के लिए अलग-अलग आवेदन प्रपत्र निर्धारित किए जा सकते हैं)। विद्यार्थी के हस्ताक्षर सहित पासपोर्ट आकार का एक फोटो (नई छात्रवृति के लिए)
  3. सभी उतीर्ण परीक्षाओं से संबंधित प्रमाण-पत्रों, डिप्लोमा, डिग्री इत्यादि की एक अनुप्रमाणित प्रति।
  4. प्राधिकृत राजस्व अधिकारी, जो तहसीलदार के स्तर से नीचे न हो, द्वारा यथाविधि हस्ताक्षर किया हुआ जाति प्रमाणपत्र (मूलरूप में) ।
  5. गैर-न्यायिक स्टांप पेपर पर शपथ पत्र सहित नियोक्ता से आय प्रमाण पत्र दवारा सभी स्रोतों से एक निश्चित आय का वर्णन करते हुए माता-पिता/संरक्षकों के द्वारा आय घोषणापत्र ।
  6. आवेदन पत्र में संलग्न फार्म में संबंधित संस्थान के प्रधान दवारा यथाविधि प्रति हस्ताक्षर की गई पूर्व वर्ष की छात्रवृति की प्राप्ति की रसीद, यदि आवेदक ने इस योजना के अंतर्गत पूर्ववर्ती वर्ष में छात्रवृति प्राप्त ही हुई है ।
    अभ्यर्थी जिस संस्थान में अध्ययन कर रहा है या अध्ययन कर चुका है, वह उसके प्रधान को सभी प्रकार से पूर्ण आवेदन पत्र प्रस्तुत करें जो संबंधित राज्य सरकार/संघ राज्य क्षेत्र दवारा समय-समय सम्बोधित किए जाएं ।

स्त्रोत: सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय,भारत सरकार ।



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