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पिछड़ा वर्ग के लिए मैट्रिक-पूर्व छात्रवृति

उददेश्य

स्वतंत्रता के 51 वर्षों के बाद भी तथा शिक्षा के स्तर को बेहतर करने के लिए किए गए विभिन्न उपायों के बावजूद, पिछड़े वर्गों, खासकर महिलाओं में साक्षरता का स्तर अत्यंत निम्न बना हुआ है। सरकार दवारा अनेक उपाय पहले ही किए गए हैं और पिछले 51 वर्षों के दौरान साक्षरता एवं शिक्षा के स्तर को बेहतर करने में पर्याप्त प्रगति हुई है लेकिन साक्षरता के सम्मानजनक स्तर को प्राप्त करने के लिए अभी भी बहुत कुछ करना शेष है।

महिलाओं की स्थिति अन्य पिछड़े वर्गों की जनसंख्या में साक्षरता की दृष्टि से चिंता का विषय है। मैट्रिक-पूर्व छात्रवृति की योजना कमजोर वर्गों के ऐसे बच्चों, विशेष रूप से लड़कियों के बीच शिक्षा का प्रसार करने में सहायक होगी। अन्य पिछड़े वर्गों में से कमजोर वर्गों से संबंधित बच्चों के लाभार्थ मैट्रिक-पूर्व छात्रवृति की योजना इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है।

कार्यक्षेत्र

गरीबी रेखा के दुगुने से नीचे जीवन यापन करने वाले अन्य पिछड़े वर्गों की जनसंख्या अधिक है और स्वयं अन्य पिछड़े वर्गों में भी इस संबंध में विषमताएं हैं, अतः शुरूआत में, ऐसे निर्धन अन्य पिछड़े वर्गों के माता-पिता के स्कूल जाने वाले बच्चों को छात्रवृति देने का प्रस्ताव है जिनकी आय गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले व्यक्तियों की निर्दिष्ट आय के दुगुना से कम है।

पात्रता

छात्रवृति ऐसे छात्रों के मामले में स्वीकृत की जाएगी जिनके माता-पिता/अभिभावकों की आय सभी स्रोतों से प्रतिवर्ष रुपए 44,500/- से अधिक नहीं है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  1. जहां तक माता-पिता दोनों में से एक (या विवाहित बेरोजगार लड़की के पति के मामले में) जीवित हैं तो केवल माता-पिता/पति, जैसी भी स्थिति हो, की सभी स्रोतों से आय की गणना की जाएगी तथा यहां तक की किसी और सदस्यों के उपार्जन की गणना नहीं की जाएगी। आयकर घोषणा प्रपत्र में इसी आधार पर घोषणा की जानी है। केवल उसी मामले में जहां माता-पिता दोनों (या विवाहित लेकिन बेरोजगार छात्रा के मामलें में उसके पति) की मृत्यु हो गई है तो उसके/उसकी अध्ययन में मदद करने वाले छात्र के अभिभावक की आय पर विचार किया जाएगा। ऐसे छात्र जिनके माता-पिता की आय, उपार्जन करने वाले माता पिता में से किसी एक के असामयिक निधन से प्रभावित हुई हों, और जिसके परिणामस्वरूप वे इस योजना के अंतर्गत निर्धारित आय की अधिकतम सीमा के अंतर्गत आते हीं तो वे ऐसी दुखद घटना के महीने से पात्रता की अन्य शर्तों को पूरा करने पर, पात्र होंगे। ऐसे छात्रों से छात्रवृति के लिए आवेदन पत्रों पर अंतिम तारीख के समाप्त होने के बाद भी प्राप्त होने पर अनुकम्पा के आधार पर विचार किया जा सकता है।
  2. छात्र के माता-पिता दवारा प्राप्त मकान किराये भते को आय की संगणना से छूट प्रदान की जाएगी यदि उसे आयकर के उददेश्य से छूट देने की अनुमति हो गई हो।
  3. आय के प्रमाण-पत्र को प्राप्त करना केवल एक बार अपेक्षित है, अर्थात् उन पाठयक्रमों में प्रवेश के समय पर जो एक वर्ष से अधिक समय तक जारी रहते हैं।

अध्ययन की अवधि और पाठयक्रम

दिवा छात्रों के मामले में पहली कक्षा या उसके बाद की मैट्रिक पूर्व स्तर की किसी कक्षा में तथा छात्रावासों में रहने वालों के मामले में तीसरी कक्षा या उसके बाद की मैट्रिक पूर्व स्तर की किसी कक्षा में प्रवेश प्राप्त छात्रों को छात्रवृतियां दी जा सकती है। छात्रवृति कक्षा 10 के अन्त पर समाप्त होगी। छात्रवृति की अवधि शैक्षिक वर्ष में 10 माह होगी।

अध्ययन की संस्था

छात्रवृति केवल ऐसी संस्थाओं में और ऐसे मैट्रिक-पूर्व पाठयक्रमों के लिए युक्ति संगत होगी जो संबंधित राज्य सरकारों तथा संघ राज्य क्षेत्र प्रशासनों दवारा विधिवत रूप से मान्यता प्राप्त हो।

छात्रवृति का कवरेज मूल्य तथा तदर्थ अनुदान

छात्रावास में रहने वाले

कक्षा III से कक्षा X तक के छात्रों को छात्रावासों में रहने वालों के रूप में शामिल किया जाएगा। छात्रवृतियों की दरें इस प्रकार हैं:
कक्षा III से कक्षा VIII तक 10 माह के लिए 200 रुपए प्रति माह

कक्षा IX से कक्षा X तक 10 माह के लिए 250 रुपए प्रति माह
दिवा छात्र

दिवा छात्रों के रूप में कक्षा । से कक्षा X तक के छात्रों को शामिल किया जाएगा। छात्रवृति की दरें इस प्रकार हैं:
कक्षा | से कक्षा V तक 10 माह के लिए 25 रुपए प्रति माह

कक्षा VI से कक्षा VIII तक 10 माह के लिए 40 रुपए प्रति माह

कक्षा IX से कक्षा X तक 10 माह के लिए 50 रुपए प्रति माह

तदर्थ अनुदान

सभी छात्रों अर्थात् होस्टलवासियों तथा दिवा छात्रों को प्रति वर्ष प्रति छात्र 500 रुपए का तदर्थ अनुदान भी दिया जाएगा।

केवल ऐसे मामलों के सिवाय जहां विदयार्थी देर से प्रवेश करते हैं और शैक्षिक वर्ष के बीच में जल्दी स्कूल छोड़ देते हैं, छात्रवृति की राशि छुट्टयों की अवधि को छोड़कर प्रवेश पाने की तारीख से स्कूल छोड़ने की तारीख तक जोकि वर्ष में करीब 10 माह होगी देय होगी।

चयन

संबंधित राज्य सरकारें और संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन छात्रों के चयन के लिए विस्तृत प्रक्रिया निर्धारित करेंगे।

छात्रवृति के लिए अन्य शर्तें

  • छात्रों को अध्ययन अवधि के दौरान रोजगार प्राप्त करने या माता-पिता की उनके कार्य में मदद करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
  • इस योजना के सक्षम प्राधिकारी दवारा प्रमाणित किए जाने वाले अपरिहार्य कारणों के मामले के सिवाय यदि कोई छात्र वार्षिक प्रोन्नति प्राप्त करने में असफल रहता है तो छात्रवृति रोक दी जाएगी।
  • यदि कोई छात्र स्कूल के अनुशासन का या छात्रवृति की किसी शर्त का उल्लंघन करता है तो छात्रवृति रोक दी जाएगी और यहां तक कि रदद कर दी जाएगी बशर्ते कि सक्षम स्कूल प्राधिकारी इससे संतुष्ट हो। यदि इस योजना को नियंत्रित करने वाले इन विनियमों के उल्लंघन के कारणों से विधिवत रूप से संतुष्ट हों तो राज्य सरकार/संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन भी छात्रवृति को सीधे रद्द कर सकते हैं।
  • शैक्षिक वर्ष के दौरान असाधारण परिस्थितियों के सिवाय तथा छात्र के शैक्षिक जीवन के हित में, एक संस्था से दूसरी संस्था को छात्रों के प्रवास (माइग्रेशन) की अनुमति सामान्य तौर पर नहीं दी जाएगी।
  • इस योजना के अंतर्गत लाभों को प्राप्त कर रहे छात्र को किसी अन्य मैट्रिक पूर्व छात्रवृति की योजना के अंतर्गत लाभों को प्राप्त करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
  • छात्रों को उपस्थिति में नियमित होना चाहिए जिसके लिए स्कूल के सक्षम प्राधिकारी दवारा मानदंड निर्धारित किए जाएंगे।

छात्रवृति का नवीकरण

जब तक स्कूल का सक्षम प्राधिकारी इस योजना को नियंत्रित करने वाले इन विनियमों की संबंधित शर्त के संदर्भ में राज्य सरकार/संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन को छात्रवृति रोक देने की सिफारिश नहीं करें, एक बार प्रदान की गई छात्रवृति को संबंधित राज्य सरकार/संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन दवारा अगले शैक्षिक वर्ष के दौरान नवीकृत किया जाएगा।

योजना की घोषणा

संबंधित राज्य सरकार/संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन दवारा इस योजना की घोषणा समय पर प्रमुख भाषाओं के अग्रणी समाचार पत्रों, स्थानीय दैनिक पत्रों में विज्ञापन देकर तथा अन्य उपयुक्त प्रचार मीडिया का प्रयोग करके की जाएगी।

आवेदन करने का तरीका

राज्य सरकार/संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन का संबंधित विभाग आवेदन फार्मी को आपूर्ति करेगा जिन्हें निर्धारित प्रमाण-पत्र के साथ अंतिम तारीख तक संबंधित विभाग दवारा प्राप्त किया जाना चाहिए।

स्त्रोत: सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय,भारत सरकार ।



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