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बिजली के झटके, दम घुटना या डूबने की घटना के समय क्या करें

बिजली के झटके, दम घुटना या डूबने की घटना के समय क्या करें

बिजली का झटका

जब पीड़ित किसी बिजली के उपकरण या तार के पास बेहोश लेटा हो, तो इसे पहचानना सामान्यत: आसान होता है।

इलाज

  • पीड़ित का स्पर्श करने से पहले बिजली की आपूर्ति को बंद करना याद रखें,
  • यदि पीड़ित सांस ले रहा हो, तो उसे रिकवरी पोजिशन में लिटाएं,
  • यदि पीड़ित ने सांस लेना बंद कर दिया हा, तो उसे मुंह से सांस देना तुरंत शुरू करें और दिल पर बार-बार दबाव दें,
  • डॉक्टरी सहायता के लिए एम्बुलेंस बुलाएं।

डूबना

इलाज
  • हवा का रास्ता साफ करें और जांचें कि पीड़ित सांस ले रहा है या नहीं और दिल धड़क रहा है या नहीं,
  • यदि पीड़ित ने सांस लेना बंद कर दिया हो, तो उसे मुंह से सांस देना तुरंत शुरू करें और दिल पर बार-बार दबाव दें,
  • यदि पीड़ित केवल बेहोश हुआ हो, तो पानी निकालने के बाद उसे रिकवरी पॉजिशन में लिटा देना चाहिए,
  • तुरंत एक डॉक्टर या एक एम्बुलेंस को बुलाएं।

गला अवरुद्ध होना/दम घुटना

जब किसी व्यक्ति का गला अवरुद्ध हो गया हो तो तब तक हस्तक्षेप न करें, जब तक वह खांस रहा हो। यदि खांसने के बावजूद श्वास नली का अवरोध दूर नहीं हो रहा हो और मरीज को सांस लेने में बहुत कठिनाई हो रही हो और उसके चेहरे का रंग नीला पड़ रहा हो तथा वह बोलने में अक्षम हो तो उससे पूछें कि क्या उसका दम घुट रहा है। मरीज अपना सिर हिला कर कहेगा हां, लेकिन वह बोल नहीं सकेगा। यह सवाल पूछना जरूरी है क्योंकि दिल के दौरे के मरीज में भी यही लक्षण दिखाई देते हैं लेकिन वह बोल सकता है।

केवल वास्तविक आपात-स्थिति में ही पेट पर दबाव डालें -

  1. मरीज के पीछे खड़े हों और उसकी कमर के चारों तरफ हाथ रखें।
  2. सबसे पहले हथेली को पेट पर रखें और अंगूठे से पेट के बीच में नाभि से ऊपर लेकिन छाती की हड्डियों के नीचे दबायें।
  3. अपनी हथेली को जमाये रखें और ऊपर-नीचे करते हुए तेजी से अपने दोनों हाथों को अपनी ओर खींचें।
  4. यह प्रक्रिया उस समय तक जारी रखी जाये, जब तक मरीज के गले में फंसी चीज बाहर न निकल जाये या मरीज बेहोश न हो जाये।

यदि आप खुद इस आपात स्थिति का मुकाबला करने में सक्षम न हो रहे हों, तो मरीज को तत्काल किसी चिकित्सक के पास ले जायें।

मधुमेह

मधुमेह एक चिकित्सीय अवस्था है जिसमें रक्त में शक्कर की मात्रा निश्चित अवस्था से ऊपर पहुंच जाती है। इस अवस्था में एक व्यक्ति बेहोश हो सकता है और यह तब भी होता है जब रक्त में शक्कर की मात्रा कम हो जाती है।

सभी मनुष्यों में जो चेतना होती है वह रक्त में शक्कर की मात्रा पर निर्भर करती है। लाइलाज मधुमेह में रक्त में शक्कर की मात्रा समय के साथ बढ़ती जाती है और यह जब उच्च स्तर तक पहुंच जाती है तो व्यक्ति बेहोश हो जाता है।

मधुमेह के मरीज के इलाज में इंसुलिन के इंजेक्शन लेना दूसरे तरह की बेहोशी होती है या वह कौमा में भी जा सकता है। इंसुलिन शरीर में रक्त को शक्कर पहुंचाने की मात्रा को कम करती है। यदि यह शक्कर को तेजी से कम करता है या अधिक कम करता है, तो पीड़ित अचानक बेहोश हो सकता है, सामान्यतौर पर यह कुछ मिनटों या सेकेंड के लिए भी हो सकता है। इस अवधि के दौरान पीड़ित समझ न आने वाली आवाज, चिड़चिड़ी और कर्कश आवज में बोल सकता है। पीड़ित व्यक्ति का ध्यान से परीक्षण करने पर कार्ड या मेडिक-एलर्ट ब्रेसलेट पाया जा सकता है जो मधुमेह की पुष्टि करता है। एक बार अचेत होने पर वह कौमा में चला जाता है जब तक कि डॉक्टर द्वारा उपचार नहीं किया जाता है।

सावधानी

  • समझ न आने वाली भाषा या चिड़चिड़ी भाषा बोलने के दौरान शक्कर मुंह से दी जा सकती है, लेकिन जब पीड़ित एक बार बेहोश हो जाता है, तो मुंह से कुछ भी नहीं दिया जाना चाहिए और डॉक्टर को बुलाकर उसे अस्पताल पहुंचाना चाहिए,
  • एक बार जब पीड़ित बेहोश हो जाता है, तो उसे होश में आने वाली स्थिति में लिटा देना चाहिए और उन्हें शुद्ध हवा दें।
  • जब पीड़ित अचेत हों, तो उसे अकेला न छोड़ें।

मधुमेह के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें।

स्त्रोत: पोर्टल विषयसामग्री टीम



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