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जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम(जेएसएसवाई)

भूमिका

नवजात शिशुओं को स्‍वास्‍थ्‍य की सुविधाएं न मिलने के कारण मृत्‍यु कीसमस्या का निवारण करने के लिए स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय ने (जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम) एक जून 2011 को गर्भवती महिलाओं तथा रूग्‍ण नवजात शिशुओं को बेहतर स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं प्रदान करने के लिए शुरू किया था। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों योजना के कार्यान्वयन शुरू कर दी है।  इस योजना के अंतर्गत मुफ्त सेवा प्रदान करने पर बल दिया गया है। इसमें गर्भवती महिलाओं तथा रूग्‍ण नवजात शिशुओं को खर्चों से मुक्‍त रखा गया है।

इस योजना के तहत, गर्भवती महिलाएं को मुफ्त दवाएं एवं खाद्य, मुफ्त इलाज, जरूरत पड़ने पर मुफ्त खून दिया जाना, सामान्‍य प्रजनन के मामले में तीन दिनों एवं सी-सेक्‍शन के मामले में सात दिनों तक मुफ्त पोषाहार दिया जाता है। इसमें घर से केंद्र जाने एवं वापसी के लिए मुफ्त यातायात सुविधा प्रदान की जाती है। इसी प्रकार की सुविधा सभी बीमार नवजात शिशुओं के लिए दी जाती है। इस कार्यक्रम के तहत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में हर साल लगभग एक करोड़ से अधिक गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं को योजना का लाभ मिला है।

इस कार्यक्रम में प्रसुताओं को मिलने वाली सुविधाएँ

1.  निःशुल्क संस्थागत प्रसव - जननी सुरक्षा कार्यक्रम की शुरूआत यह सुनिश्चित करने के लिए की गई है कि प्रत्‍येक गर्भवती महिला तथा एक माह तक रूग्‍ण नवजात शिशुओं को बिना किसी लागत तथा खर्चे के स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं प्रदान की जाती है ।

2.  आवश्यकता पड़ने पर निःशुल्क सीजेरियन ऑपरेशन - जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत सरकारी स्‍वास्‍थ्‍य केंद्रों में मुफ्त प्रजनन सुविधाएं (सीजेरियन ऑपरेशन समेत) उपलब्ध करायी जाती हैं।

3.  निःशुल्क दवाईयां एवं आवश्यक सामग्री- गर्भवती महिलाओं को मुफ्त में दवाएं दी जाती हैं इनमें आयरन फॉलिक अम्‍ल जैसे सप्‍लीमेंट भी शामिल हैं।

4.  निःशुल्क जाँच सुविधाएँ - इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं को खून, पेशाब की जांच, अल्‍ट्रा-सोनोग्राफी आदि अनिवार्य और वांछित जांच भी मुफ्त कराई जाती है।

5.  निःशुल्क भोजन - सेवा केंद्रों में सामान्‍य डिलीवरी होने पर तीन दिन तथा सीजेरियन डिलीवरी के मामले में सात दिनों तक मुफ्त पोषाहार दिया जाता है । जन्‍म से 30 दिनों तक रूग्‍ण नवजात शिशु हेतु सभी दवाएं और अपेक्षित खाद्य मुफ्त में मुहैया कराया जाता है ।

6.  निःशुल्क रक्त सुविधा- आवश्‍यकता पड़ने पर मुफ्त खून भी दिया जाता है। जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत ओपीडी फीस एवं प्रवेश प्रभारों के अलावा अन्‍य प्रकार के खर्चे करने से मुक्‍त रखा गया है।

7.  निःशुल्क वाहन सुविधा- घर से केंद्र जाने और आने के लिए भी मुफ्त में वाहन सुविधा दी जाती है ।

जन्म के 30 दिन तक नवजात शिशु को मिलने वाली सुविधाएँ

इस कार्यक्रम के अंतर्गत केंद्र में प्रजनन कराने से माता के साथ-साथ शिशु की भी सुरक्षा रहती है । जो इस प्रकार से हैं-

1.  निःशुल्क ईलाज

2.  निःशुल्क दवाईयां एवं आवश्यक सामग्री

3.  निःशुल्क जाँच सुविधाएँ

4.  निःशुल्क रक्त सुविधा- माता के साथ-साथ नवजात शिशु की भी मुफ्त जांच की जाती है और आवश्‍यकता पड़ने पर मुफ्त में खून भी दिया जाता है ।

5.  निःशुल्क रेफरल सुविधाएँ/आवश्यक ट्रांसपोर्ट सेवाएँ

6.  व्यय में छूट(यूजर चार्जेज), रूग्‍ण नवजात शिशुओं पर खर्चा कम करना पड़ता है ।

जननी शिशु सुरक्षा योजना की विशेषताएं

योजना के तहत गर्भवती महिला, जननी व नवजात शिशु लाभान्वित होंगे। सभी को सरकारी चिकित्सा संस्थानों में स्वास्थ्य सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध करवाई जाएंगी। जिसमें संस्थागत प्र्रसव, सिजेरियन ऑपरेशन, दवाईयां व अन्य सामग्री, लैब जांच, भोजन, ब्लड एवं रैफरल ट्रांसपोर्ट पूर्णतः निःशुल्क रहेंगे। कार्यक्रम शुरू करने का मुख्य उद्देश्य मातृ मृत्यु दर तथा शिशु मृत्यु दर में भी कमी लाना है। योजना के तहत सभी गर्भवती महिलाओं को राजकीय चिकित्सा संस्थानों में प्रसव कराने पर प्रसव संबंधी पूर्ण व्यय का वहन, प्रसवपूर्व, प्रसव के दौरान व प्रसव पश्चात दवाईयां व अन्य कंज्युमेबल्स निःशुल्क उपलब्ध करवाए जाएंगे। जांच भी निःशुल्क होगी। संस्थागत प्रसव होने पर तीन दिन तथा सिजेरियन ऑपरेशन होने पर सात दिन निःशुल्क भोजन दिया जाएगा।

इस कार्यक्रम के अंतर्गत मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाएँ इस प्रकार हैं-

1.  गर्भवती महिलाओं तथा रूग्‍ण नवजात शिशुओं को बेहतर स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं प्रदान की जाएगी ।

2.  इस योजना के अंतर्गत बिना व्यय की सेवा प्रदान करने पर जोर दिया गया है । इससे गर्भवती महिलाओं को प्रजनन व्यय की चिंता से वे मुक्त होगी ।

3.  गर्भवती महिलाएं को मुफ्त दवाएं एवं खाद्य, मुफ्त इलाज, जरूरत पड़ने पर मुफ्त खून दिया जायेगा ।

4.  सामान्‍य प्रजनन के मामले में तीन दिनों एवं सी-सेक्‍शन के मामले में सात दिनों तक मुफ्त पोषणहार दिया जायेगा ।

5.  इस योजना के अंतर्गत घर से केंद्र जाने एवं वापसी के लिए मुफ्त यातायात सुविधा प्रदान की जाएगी । इसी प्रकार की सुविधा सभी बीमार नवजात शिशुओं के लिए दी जाती है।

6.  इस कार्यक्रम से मातृ मृत्‍यु दर (एमएमआर) एवं शिशु मृत्‍यु दर काफी हद तक कम हुई है, इसमें और सुधार किए जाने की आवश्यकता है ।

7.  वर्ष 2005 में शुरू की गई जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के बाद संस्‍थागत शिशु जन्‍म में उल्‍लेखनीय वृद्धि हुई है ।

स्रोत: जननी शिशु स्वास्थ्य योजना



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