অসমীয়া   বাংলা   बोड़ो   डोगरी   ગુજરાતી   ಕನ್ನಡ   كأشُر   कोंकणी   संथाली   মনিপুরি   नेपाली   ଓରିୟା   ਪੰਜਾਬੀ   संस्कृत   தமிழ்  తెలుగు   ردو

राज्य स्तरीय योजनाएं

झारखण्ड सरकार की योजनाएं

आधारभूत संरचना का निर्माण

  • इस अवधी में राज्य में ३७० अस्पताल के निर्माण के लिए ३७४.४२ करोड़ की राशि स्वीकृत तथा कार्यारम्भ
  • रांची सदर अस्पताल परिसर में १६७ करोड़ लागत से ५०० शय्या वाले अस्पताल का निर्माण कार्यारम्भ
  • १०० शय्या वाले सदर अस्पताल जो ३०० शय्या में उत्क्रमित होगा का भवन निर्माण का कार्य साहेबगंज, गुमला, लातेहार में पूर्ण एवं जामताड़ा, कोडरमा, पाकुड़, देओघर, लोहरदगा, बोकारो, चतरा, जमशेदपुर, दुमका एवं गढ़वा में कार्यारम्भ कुल लागत राशि २० करोड़
  • ३० शय्या वाले १०२ सामुदायिक स्वस्थ्य केंद्र का भवन निर्माण के लिए ३.१८ करोड़ रुपये प्रत्येक की लागत पर स्वीकृति एवं कार्यारम्भ
  • ४० प्राथमिक स्वस्थ्य केंद्र का भवन निर्माण के लिए १.४२ करोड़ रुपये प्रत्येक की लागत पर स्वीकृति एवं कार्यारम्भ
  • २१२ स्वस्थ्य उपकेन्द्र का भवन निर्माण के लिए १४.८७ लाख रुपये प्रत्येक कि लगत पर स्वीकृति एवं कार्यारम्भ
  • राज्य के २ जिलों में ए.एन.एम. ट्रैनिंग स्कूल का निर्माण
  • आर.सी.एच. नामकुम परिसर में आधुनिक केंद्रीय दवा भंडार गृह की स्थापना
  • निजी छेत्र के सहयोग से गढ़वा हजारीबाग एवं जमशेदपुर में दन्त चिकित्सा महाविधालय की स्थापना
  • वनांचल ट्रस्ट गढ़वा द्वारा परा मेडिकल के विभिन्न कोर्सों का सत्र प्रारम्भ
  • सिंघभूम होमियोपैथिक कॉलेज जमशेदपुर आधारभूत संरचना के विकास के लिए २० लाख रुपये का अनुदान
  • राष्ट्रीय यक्ष्मा नियंत्रण कार्यकर्म के अंतर्गत ६२ यक्ष्मा इकाई, २९९ बलगम जाँच केंद्र की स्थापना
  • ईटकी यक्ष्मा आरोग्यशाला परिसर में राज्य यक्ष्मा प्रदर्शन एवं प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना की गयी
  • प्रमण्डलीय मुख्यालय दुमका, पलामू तथा चाईबासा के जिला अस्पताल में आधुनिक डायग्नेस्टिक केंद्र की स्थापना की प्रक्रिया प्रारम्भ

मानव संशाधन

  • एम.जी.एम. जमशेदपुर एवं पी.एम.सी.एच. धनबाद मेडिकल कॉलेज में ६२ ट्युटर कीनियुक्ति
  • ३००० एन.एम. की अनुबंध पर नियुक्ति
  • २६३ देशी चिकित्सा पदाधिकारी एवं ६०० आयुष परा मेडिकल कर्मियों की नियुक्ति की प्रक्रिया जारी
  • ५५०० एन.एम. को IEC साइकिल का वितरण
  • २७०२२ ग्राम स्वस्थ्य समितिओं का गठन तथा ३६६६९ सहिया का चयन

कार्यक्रम

  • झारखण्ड राज्य  वर्ष पोलिओ मुक्त
  • २००८ बेटी बचाओ घोषित
  • नियमित टीकाकरण का प्रतिशत ३४.६ से बढ़कर ५१.९ प्रतिशत करना
  • मुख्यमंत्री जननी शिशु स्वस्थ्य अभियान के तहत १६८९३८ गर्भवती महिलाऐं लाभान्वित
  • डिस्पोसेबल सीरींज के उपयोग ९०.५०% (राष्ट्रीय औसत ७०.१०%)
  • बिना चीरा टांका एन.एम. भी पुरुष नसबंदी के अंतर्गत ११०१८ लाभान्वित. पुरे भारत में झारखण्ड का पांचवा स्थान
  • ६५ प्रखंडों में नेत्र जाँच हेतु विज़न सेन्टर की स्थापना
  • अंधापन नियंत्रण कार्यक्रम के तहत २१३३८ मोतियाबिंद के ओप्रशन संपन्न, १३ लाख स्कूली बच्चों का नेत्र जाँच एवं ९४७० बच्चों को निःशुल्क चस्मा उपलब्ध कराया जाय
  • राज्य के दो नेत्र अधिकोषों द्वारा ३० दृस्टिविहीनों में कोर्निआ प्रत्यारोपण कर दृस्टि पुनर्स्थापित किया गया
  • १२२ सामुदायिक स्वस्थ्य केन्द्रों पर २४x७ सुविधा उपलब्ध
  • २२ जिला अस्पताल, ४ अनुमंडलीय अस्पताल ३३ मातृ एवं शहरी कल्याण केंद्र १८२ प्राथमिक स्वस्थ्य केंद्र ३११ अतिरिक्त स्वस्थ्य केंद्र ३२ रेफेरल अस्पताल प्रबंधन समितियों को कुल ५.६४ करोड़ रुपये आवंटित
  • गरीबी रेखा से नीचे बसर करनेवाले १२१९ व्यक्तियों को असाध्य रोगों के उपचार हेतु वर्ष २००७ में कुल रुपये १२.३३ करोड़ का चिकित्सीय अनुदान का वितरण
  • पुरे राज्य में नेत्रदान का सघन अभियान चलाया गया जिसमे २५०० लोगों द्वारा स्वेछा में मरणोपरांत नेत्रदान करने की घोषणा की गई।

प्रशिक्षण

  • मेडिकल मोबाइल यूनिट (अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, ईसीजी तथा ऑटो एलना ईजर के साथ) का प्रमंडलीय मुख्यालय हेतु कय, शेष जिलों हेतु मार्च, ०८ तक कय
  • स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मियों की दक्षता के विकाश हेतु रांची जिलों के नामकुम में लोक स्वस्थ्य संसथान (IPH) की स्थापना जायं अब तक २१८ चिकित्सा पदाधिकारिओं एवं पैरामेडिक्स का प्रशिक्षण

दुर्गम एवं दूरगामी क्षेत्रों के लिए सुविधा

  • ५ प्रमंडल मुख्याल के लिए ५ मोबाइल मेडिकल हेल्थ यूनिट का क्रय किया जा चुका है शेष जिलों के लिए मार्च २००८ तक क्रय कर लिया जायेगा जिससे दुर्गम जगहों में सेवाएं उप्ताब्ध करायी जा सकेगी
  • ग्रामीण जगहों में ससमय रेफेरल सुविधा की उपतब्ध्ता के लिए १४६ एम्बुलेंस एन.जी.ओ. को वितरित
  • इन छेत्रों में राज्य में २१५ स्वस्थ्य मेला का आयोजन जिसमे २२४६० लोग लाभान्वित

आयुष

  • आयुष के अंतर्गत साहेबगंज, गोड्डा, गिरिडीह, चाईबासा में क्रमश आयुर्वेदिक, होमिओपैथिक, तथा यूनानी महाविधालय के भवन निर्माण का कार्य प्रारम्भ
  • सिंघभूम होमिओपैथिक कॉलेज जमशेदपुर आधारभूत संरचना के विकास के लिए २० लाख रुपये का अनुदान
  • हजारीबाग आयुर्वेदिक कॉलेज एन.ओ.सी. निर्गत
  • आयोर्वेदिक कॉलेज साहेबगंज में २००७०८ में नामांकन प्रारम्भ
  • फार्मेसी कॉलेज हटिया रांची को आधारभूत संरचना के लिए ५० लाख का अनुदान
  • यूनानी महाविधालय गिरिडीह के भवन निर्माण हेतु स्वीकृत, कार्य प्रारम्भ
  • १० जिला संयुक्त औधशाला की स्वीकृति, कार्य प्रारम्भ
  • २६३ देशी चिकित्सा प्राधिकारी एवं ६०० आयुष परा मेडिकल कर्मियों की नियुक्ति की प्रक्रिया प्रारम्भ
  • आयुष के २ प्रभाग योग और सिद्धा को केंद्र सहयोग से स्थापित करने की स्वीकृति

राजेंद्र चिकित्सा विज्ञान संसथान

  • रिम्स में ८,00,00,000 की लगत से दन्त चिकित्सा महाविधालय एवं छात्रावास के भवन निर्माण एवं कार्यारम्भ
  • अनुबंध पर कार्यरत परिचारिकारों के लिए परिचारिका हॉस्टल निर्माण के लिए ५,१७,००,००० की स्वीकृति
  • रिम्स के कार्डिओलॉजी एवं कार्डिओथेरेपिक विभाग में ६.०२ करोड़ लगत पर कैथलैब अधिस्थापन कार्य की स्वीकृति
  • रिम्स में मरीजों के लिए ५.०९ करोड़ लगत पर लिक्विड ऑक्सीजन एवं मेडिकल गैस पाइप लाइन अधिस्थापन कार्य की स्वीकृति
  • रिम्स में छेत्रिय नेत्र संसथान (आर.आई.ओ.) के अंतर्गत ५० लाख लगत पर यन्त्र/उपकरणो का अधिस्थापन
  • कैंसर पीड़ित मरीजों के उपचार हेतु १४ करोड़ लगत पर लीनियर एस्सेलेटर नामक नमकर को अधिस्थापित करने की स्वीकृति
  • रिम्स के रसोई घर के लिए ६० लाख लगत पर १००० रोटी प्रतिघंटा छमता मशीन क्रय की स्वीकृति
  • रिम्स में कार्यरत चिकिस्ता शिक्षकों के उम्र सीमा ६० वर्ष से ६२ वर्ष करने की अधिसुचना 
  • चिकित्सा महाविधालय में सीटों की बढ़ोतरी रांची में १५०, धनबाद में १०० एवं जमशेदपुर १०० सीटें
  • ऑडिटोरियम के निर्माण कार्य प्रारम्भ, स्वीकृति राशि ६.२७ करोड़
  • ट्रामा सेण्टर का नव निर्माण कार्य सम्पूर्ण (१८,१३,००० रुपये) रिम्स में ६० नर्सेज आवास (२६,१५,५५,०० रुपये) का निर्माण पूर्ण
  • ऒकोलोजी (कैंसर इकाई) आधुनिक यन्त्र उपकरण (१,००,००,००० रुपये) नेवरोलॉजी एवं नूरो साइंसेज के आदुनिक यन्त्र उपकरण (१,७२,९५,८०० रुपये) का क्रय
  • यूरोलॉजी के आधुनिक यन्त्र उपकरण (१,६५,००,००० रुपये) का क्रय
  • एम.आर.आई., सी.टी. स्कैन एवं रेडियोलॉजिकल उपकरण (८,०४,७०,४४५ रुपये) का क्रय
  • आधुनिक मेकेनाइज्ड लौंडरी (५३,४१,३८४ रुपये), आधुनिक डायथर्मि मशीन (३१,१४,८०० रु.) का क्रय
  • एडवांस अनेस्थेसिया मशीन (९३,०१,७६० रु.), विभिन्न इकाई के लिए आधुनिक यन्त्र उपकरण (९,७३,६०८ रु.) के क्रय
  • पेय जल हेतु वाटर कूलर (२,३६,९१,९१९ रु.), विभिन्न इकाई के लिए आधुनिक वेंटिलेटर मशीन (९२,५२,८७२ रु.)
  • हाई प्रेसर स्टीम स्ट्रलाइज़र (४५,१७,२४० रु.), अत्याधुनिक ऑपरेशन टेबल (१४,१४,४०० रु.) का क्रय 

नई योजनाओं को स्वीकृति

  • स्कूल हेल्थ प्रोग्राम के अंतर्गत सभी प्राथमिक विधालयों में फर्स्ट ऐड किट देने की प्रक्रिया प्रारम्भ
  • शहरी छेत्रों के लिए स्वस्थ्य योजना परियोजना (P.P.P. के तहत)
  • किशोरे स्वस्थ्य योजना (ARSH)
  • अन्टीग्रेटेड डिजीज सर्वेलेंस प्रोजेक्ट
  • प्रत्येक जिला हेतु मदर एन.जी.ओ. एवं फील्ड एन.जी.ओ.
  • तीन मेडिकल कॉलेज में बी.एस.सी. नर्सिंग कॉलेज
  • तीन मेडिकल कॉलेज में नेत्र अधिकोष आई.बैंक एवं नेत्र प्रत्यारोपण
  • स्वस्थ्य बीमा योजना
  • प्रत्येक व्यक्ति के लिए हेल्थ कार्ड
  • टाटीसिलवे रांची में दन्त चिकित्सा महाविधालय हेतु एन.ओ.सी.
  • बोकारो, दुमका तथा देओघर में चिकित्सा महाविधालय हेतु एन.ओ.सी.

नई योजना की शुरुआत

  • राज्य सरकार ने खादय सुरक्षा अधिनियम के तहत 57 लाख परिवारों के अलावा ए.पी.एल परिवारों को सरकारी कर्मियों को छोड़कर इन परिवारों को भी आयुष्मान भारत योजना का लाभ देने का निर्णय लिया है। इसके तहत संबंधित परिवारो को इस योजना का लाभ सशर्त मिलेगा।
  • इसके तहत संबंधित परिवार के किसी सदस्य के इलाज पर अधिकतम पांच लाख रूपये खर्च किए जाएंगे। इसमें से बीमा कंपनी अधिकतम एक लाख रूपये तक का ही भुगतान करेगी।
  • इलाज पर खर्च एक से पांच लाख के बीच की शेषराशि में से आधा खर्च लाभुक परिवार को उठाना होगा। शेष 50 फीसदी खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। लाभुक परिवार को यह राशि मरीज के अस्पताल से डिस्चार्ज होने से पूर्व देनी होगी।
  • सरकार का अनुमान है कि इस योजना के लागू होने के बाद राज्य की 92 प्रतिशत आबादी स्वास्थ्य बीमा के दायरे में आ जाएगी।
  • ऐसे परिवार जिनकी सालाना आमदनी आठ लाख रुपये तक की है उन्हें देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में कैंसर किडनी एवं लीवर से जुडी गंभीर बीमारियों के मुफ्त उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

क्लिक कर समेकित बाल विकास सेवा कार्यक्रम, बिहार के बार में ज्यादा जानें।



© 2006–2019 C–DAC.All content appearing on the vikaspedia portal is through collaborative effort of vikaspedia and its partners.We encourage you to use and share the content in a respectful and fair manner. Please leave all source links intact and adhere to applicable copyright and intellectual property guidelines and laws.
English to Hindi Transliterate