<div id="MiddleColumn_internal"> <h3 style="text-align: justify; ">भूमिका</h3> <p style="text-align: justify; ">राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन राज्य सरकारों को लचीला वित्त पोषण उपलब्ध कराकर ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य क्षेत्र को पुर्नजीवित करने का सरकार का स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में चार घटक शामिल हैं। जिनके नाम हैं- राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन, राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन, तृतीयक देखभाल कार्यक्रम और स्वास्थ्य तथा चिकित्सा शिक्षा के लिए मानव संसाधन।</p> <p style="text-align: justify; ">राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन प्रजनन और बच्चों के स्वास्थ्य से परे ध्यान केंद्रित कर स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करने के सरकार के प्रयास को दर्शाता है। इसलिए इसके तहत संक्रामक और गैर-संक्रामक बीमारियों के दोहरे बोझ से निपटने के साथ ही जिला और उप जिला स्तर पर बुनियादी ढांचा सुविधाओं में सुधार किया गया है। राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के बेहतर कार्यान्वयन के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की सीख को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में समन्वित किया गया है। वर्ष 2017-18 के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के वास्ते 26,690 करोड़ रूपये आवंटित किए गए हैं, जो भारत सरकार की केंद्र प्रायोजित सबसे बड़ी योजनाओं में से एक है।</p> <h3 style="text-align: justify; ">एकीकरण</h3> <p style="text-align: justify; ">राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण के दो विभागों को राष्ट्रीय स्तर पर एकीकृत किया गया है। इस एकीकरण के परिणाम से देश के ग्रामीण स्वास्थ्य प्रणाली को पुर्नजीवित करने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में आवंटन बढ़ाने और कार्यक्रम कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण समन्वय देखा गया है। इसी प्रकार का एकीकरण राज्य स्तर पर भी किया गया था। इसके अलावा एनएचएम से राज्य वित्त विभागों के अधिकार क्षेत्र से बाहर राज्य स्वास्थ्य समितियों को केंद्रीय वित्तीय सहायताओं के हस्तांतरण में क्रांतिकारी बदलाव आया है। दूसरा प्रमुख बदलाव रोग नियंत्रण कार्यक्रमों को एनएचएम ढांचे में शामिल करना है।</p> <p style="text-align: justify; ">एनएचएम से देश के स्वास्थ्य क्षेत्र के कार्यक्रमों के कार्यान्वयन में नवीनता आई है। इनमें लचीला वित्त पोषण, भारतीय सार्वजनिक स्वास्थ्य मानकों का पालन करने के लिए संस्थानों की निगरानी, कार्यक्रम प्रबंधन इकाइयों में प्रबंधन विशेषज्ञों को शामिल कर राज्य, जिला और पंचायत समिति स्तर पर क्षमता निर्माण तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के राज्य संस्थानों के जरिए समय पर भर्ती के लिए सरल मानव संसाधन तरीके शामिल है। अन्य महत्वपूर्ण नवाचार राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र (एनएचएसआरसी) की स्थापना है। इससे विभिन्न पहलों का खाका तैयार कर उसे पूर्ण योजना बनाने में मदद मिलेगी। कुछ राज्यों में भी राज्य स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र की स्थापना की गई है।</p> <p style="text-align: justify; ">स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय वार्षिक आधार पर राज्य स्वास्थ्य समितियों के कार्यक्रम कार्यान्वयन योजनाओं को मंजूरी देता है। इसके लिए आरसीएच फ्लेक्सी पूल, एनआरएचएम फ्लेक्सी पूल, संक्रामक रोगों और गैर संक्रामक रोगों के लिए फ्लेक्सी पूल के अंतर्गत विशेष संसाधन का आवंटन किया गया है। इसके साथ ही बुनियादी ढांचा सुदृढ़ करने के लिए भी वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई है। प्रशिक्षण कार्यक्रमों और क्षमता निर्माण के लिए महत्वपूर्ण संसाधन आवंटित किए गए है। राज्य स्वास्थ्य समितियों को विभिन्न प्रमुख कार्यक्रमों के लिए दोबारा उचित संसाधन और जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को वित्तीय सहायता के हस्तांतरण करने में काफी स्वायतत्ता है।</p> <h3 style="text-align: justify; ">प्राथमिकता</h3> <p style="text-align: justify; ">एनएचएम का प्राथमिकता प्रजनन और बच्चों के स्वास्थ्य पर केंद्रित है। जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) और मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता (आशा) कार्यक्रमों के सफल कार्यान्वयन के महत्वपूर्ण प्रभाव से लोगों के व्यवहार में बदलाव आया है और बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाओं को सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में लाया गया है। बड़ी संख्या में आने वाली गर्भवती महिलाओं की समस्याओं को दूर करने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में उचित बुनियादी ढांचा तैयार करने के वास्ते एनआरएचएम फ्लेक्सी पूल संसाधनों का उपयोग किया गया है। गर्भवती महिलाओं को सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में लाने और आपातकालीन सेवाओं के लिए एंबुलेंस सेवा शुरू की गई है। देश के कई राज्यों में 108 एंबुलेंस सेवा की सफलता की दास्तां दर्ज है।</p> <p style="text-align: justify; ">एनएचएम द्वारा स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसव करवाने को उच्च प्राथमिकता देने का महत्वपूर्ण प्रभाव मातृत्व मृत्यु दर (एमएमआर) और पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर (अंडर 5 एमआर) पर पड़ा है। देश में सहस्राब्दी विकास लक्ष्यों (एमडीजी) 4 और 5 को हासिल करने में पर्याप्त प्रगति हुई है। देश ने एमडीजी 6 लक्ष्य को पहले ही हासिल कर लिया है और तपेदिक, मलेरिया तथा एचआईवी के प्रसार को कम कर दिया है। देखभाल या जीवन चक्र दृष्टिकोण अपनाकर एनएचएम ने बढिया प्रदर्शन किया है, जैसा कि महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार से प्रदर्शित होता है।</p> <h3 style="text-align: justify; ">नए कार्यक्रम</h3> <p style="text-align: justify; ">स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत अपनी गतिविधियों में दो नए कार्यक्रम शामिल किए हैं। पहला मिशन है, इंद्रधनुष जिसके तहत केवल एक वर्ष के अंदर ही 5 प्रतिशत से अधिक टीकाकरण कवरेज कर अच्छी प्रगति दर्ज की गई है। दूसरा है एनएचएम के अंतर्गत 2016 में शुरू की गई पहल कायाकल्प है। इसका उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में साफ सफाई की आदत डालने, स्वच्छता, प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन और संक्रमण नियंत्रण है। कायाकल्प के तहत प्रतिस्पर्धा के लिए पुरस्कार देना शुरू किया गया है, जिसे सभी राज्यों ने बेहतर तरीके से लिया है और स्वच्छता मानकों में महत्वपूर्ण सुधार देखे जा रहे हैं।</p> <h3 style="text-align: justify; ">सामाजिक स्वास्थ्य सेवा</h3> <p style="text-align: justify; ">एनएचम ने स्वास्थ्य देखभाल के लिए जनआंदोलन शुरू किया है। सरकार ने लगभग दस लाख मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य सेवा (आशा) कार्यकर्ता तैनात किए हैं, जो परिवर्तन एजेंट के रूप में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। आशा कार्यकर्ता संस्थागत प्रसव कराने, नवजात शिशु और बच्चों की बीमारियों के एकीकृत प्रबंधन पर ध्यान देने और घर में नवजात शिशु की देखभाल करने के बारे में परामर्श देते हैं। एनएचएम ने ग्रामीण स्वास्थ्य योजनाएं तैयार करने और आशा कार्यकर्ताओं के पर्यवेक्षण का निरीक्षण करने के लिए ग्रामीण स्वास्थ्य और स्वच्छता समितियों के जरिए लोगों को भी सशक्त बनाया है। रोगी अनुकूल संस्थान बनाने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की प्रणाली गठित करने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) स्तर पर रोगी कल्याण समितियों को सक्रिय किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के शुभांरभ के साथ ही शहरी झुग्गी बस्तियों पर भी ध्यान दिया जा रहा है।</p> <p style="text-align: justify; ">सरकार का महत्वपूर्ण स्वास्थ्य क्षेत्र का कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सभी के लिए स्वास्थ्य परिकल्पना को साकार कर रहा है। इसकी सहज सफलता में भविष्य का स्वस्थ भारत निहित है।</p> <p style="text-align: justify; "> </p> <p style="text-align: justify; "><strong>लेखन: श्री वी श्रीनिवास</strong></p> स्रोत: <a class="external_link ext-link-icon external-link" href="http://pib.nic.in/newsite/hindifeature.aspx?relid=59677" target="_blank" title=" पत्र सूचना कार्यालय, भारत सरकार (नए विंडोज में खुलने वाली अन्य वेबसाइट लिंक)"> पत्र सूचना कार्यालय, भारत सरकार </a></div>