অসমীয়া   বাংলা   बोड़ो   डोगरी   ગુજરાતી   ಕನ್ನಡ   كأشُر   कोंकणी   संथाली   মনিপুরি   नेपाली   ଓରିୟା   ਪੰਜਾਬੀ   संस्कृत   தமிழ்  తెలుగు   ردو

स्तनपान और छह महीने बाद का भोजन

स्तनपान और छह महीने बाद का भोजन

स्तनपान और छह महीने बाद का भोजन

स्तनपान का महत्व

जन्म के एक घण्टे के भीतर माँ का पहला गाढ़ा पीला दूध (कोलोस्ट्रम) बच्चे को देना चाहिए। यह बेहद ज़रूरी है। माँ का पहला दूध बच्चे के लिए सर्वश्रेष्ठ है, सुनिश्चित करें कि इसे फेंकने के बजाए यह बच्चे को प्राप्त हो।

कोलोस्ट्रम ज़रूरी है क्योंकि यह बच्चे के पांचन तंत्र को परिपक्व दूध के लिए तैयार करता है, जो बच्चे को अगले कुछ दिनों में मिलने वाला है। कोलोस्ट्रम विभिन्न प्रकार के पोषक तत्वों जैसे जिंक, कैल्शियम और विटामिनों से युक्त होता है।

जन्म के बाद पहले छह महीनों के लिए बच्चे को केवल माँ का दूध ही देना चाहिए, इसके अलावा और कुछ नहीं, यहां तक कि पानी भी नहीं। विशेष रूप से पहले छह महीने के लिए केवल स्तनपान के द्वारा कई तरह की बीमारियों जैसे डायरिया, न्युमोनिया आदि के कारण होने वाले नवजात शिशुओं की मौतों को रोका जा सकता है और बीमारियों के दौरान जल्द ठीक होने में मदद मिलती है।

सातवें महीने से, केवल माँ का दूध बच्चे की पोषण सम्बन्धी सभी आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम नहीं होता। माँ के दूध के साथ पोषक आहार देना भी ज़रूरी हो जाता है। इस समय बच्चे को दिन में कई बार, उचित पूरक आहार देना शुरू कर देना चाहिए। छह महीने के बाद आप दिन में 3-4 बार बच्चे को आहार दें। और साथ ही याद रखें कि स्तनपान को जारी रखना भी ज़रूरी है।

लक्ष्य

कुपोषण के लक्षणों और इसके दुष्परिणामों के बारे में जागरुकता पैदा करना इस वीडियो का लक्ष्य है, ताकि समुदाय को इस पर उचित कार्रवाई करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। यह व्यापक स्तर पर समुदाय को जानकारी देने के लिए है।

स्त्रोत: यूनिसेफ एवं अन्य विकास साझेदारों के सहयोग से महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्मित।



© 2006–2019 C–DAC.All content appearing on the vikaspedia portal is through collaborative effort of vikaspedia and its partners.We encourage you to use and share the content in a respectful and fair manner. Please leave all source links intact and adhere to applicable copyright and intellectual property guidelines and laws.
English to Hindi Transliterate