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अंडा संरक्षण

अंडा संरक्षण हेतु कम कीमत वाली तकनीकी

नमक का प्रयोग कर अंडा संरक्षित करने की यह सरल तकनीकी कम खर्चीली है और इसके लिए आवश्यक सामग्री सस्ती व आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं।

आवश्यक सामग्री

ईंट, हथौड़ा, चलनी, साधारण नमक, पैन (वर्तन) और पानी

अंडा संरक्षण

प्रक्रिया

हाथ के बल से ईंटों का चूर्ण (पाउडर) बना लें और उसे चलनी में छान लें। इसी प्रकार साधारण नमक का पाउडर बनाकर ईंट के पाउडर और साधारण नमक को आयतन की दृष्टि से क्रमशः 2:1 के अनुपात में मिलाएं। इसके बाद इसमें पानी मिलाएं और उसे आटे की तरह गूंथें।

दूसरी अवस्था में अंडों की जांच की जानी है कि क्या अंडे संरक्षण के लिए फिट है या फिर पहले से ही निषेचित है। यह जांच बहुत ही आसान है क्योंकि आपको बस इन्हें पानी से भरे बर्तन में डालना है। यदि अंडे तैरने लगते हैं तो ये खराब हो गए हैं और यदि ये डूब जाते हैं तो इसका मतलब है कि ये अच्छे हैं। अब इन चुने हुए अंडों को एक पैन (बर्तन) में रखें और उसे ईंट-नमक के गूंथे हुए माल से ढ़क दें।

इन पैन को छाया वाले जगह पर 10 दिनों तक रखें और गूंथे हुए माल की नमी बनाए रखने के लिए पानी छिड़कते रहें। इस दौरान नमक अंडों में प्रवेश कर जाता है और उसे संरक्षित रखता है। 10 दिनों के बाद अंडों को धो दें और उसे संभाल कर रखें।

लाभ

नमकीन अंडे स्वादिष्ट होते हैं और इन्हें डेढ़ महीने तक भंडार कर रखे जा सकते हैं।

 

स्रोत : केंद्रीय फूड टेक्नोलोजी रिसर्च संस्थान, मैसूर, कर्नाटक



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