परिचय पंचायती राज संस्थाओं द्वारा विद्युत बिलों के भुगतान की राशि से बचने एवं प्राकृतिक संसाधनों के समुचित उपयोग हेतु सोलर लाईट क्रय की अनुमति की अनुशंषा की जा रही है। एमपीलैंड में भी सोलर लाईट क्रय अनुमत की गई एवं पत्र दिनांक 17.06.2014 के द्वारा सोलर लाईट खरीद पर रोक लगाई गई एवं पत्र दिनांक 31.08.2015 के द्वारा प्रधानमंत्री सांसद लाईट ग्राम योजना एवं मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम योजना में सोलर लाईट क्रय करने बाबत शिथिलन प्रदान की गई। प्रावधान निम्न शर्तों / प्रावधानों की पालना के अधीन ग्राम पंचायत क्षेत्रों में सोलर लाईट स्थपाना की अनुमति दी जाती है – एम्एनआरई, भारत सरकार द्वारा निर्धारित मॉडल – 1 के परिशिष्ट 1 पर, संलग्न मापदंडों के अनुसार एवं मॉडल – 1 में अंकित 7 वॉट (मैक्स) डब्ल्यू एलईडीलुमिनैरे के स्थान पर प्रस्तावित 12 वॉट (मैक्स) डब्ल्यू एलईडीलुमिनैरे तकनीकी मापदंडों/ निर्देशों अनुसार पर पंचायती राज संस्थाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर लाईट की स्थापना की जावे। सोलर स्ट्रीट लाईट हेतु पोल की स्थानीय धरातल / सड़क से ऊंचाई 5 मीटर रखी जावे एवं इसका (पोल) फाउन्डेशन कम से कम 75 सेमी. या मौके की स्थिति (मिट्टी के प्रकृति अनुसार) अनुसार अधिक गहराई तक की जावे। संबंधित आपूर्तिकर्ता संस्था से सोलर लाईट की सुरक्षा की दृष्टि से जीपीएस ट्रेकिंग हेतु आवश्यक चिप के प्रावधान सहित ही सोलर स्ट्रीट लाईट का क्रय किया जावे। एक ग्राम पंचायत द्वारा एक वित्तीय वर्स में जितनी सोलर लगाईं जानी है, उनको एक कार्य मानते हुए नियमानुसार स्वीकृति जारी करनी होगी परंतु एक वित्तीय वर्ष में 5 लाख से अधिक लागत की सोलर लाईट स्थापित करना अनुमति नहीं होगा। सोलर स्ट्रीट लाईट का कम से कम 5 वर्ष की अवधि तक के लिए नियमित रख - रखाव संबंधित आपूर्ति संस्था से अनुबंध करार दिया जाये। उक्तानुसार 5 वर्ष की अवधि तक के लिए नियमित रख – रखा के साथ – साथ सोलर स्ट्रीट लाईट की चोरी की दृष्टि से संबंधित आपूर्तिकर्ता संस्था से 5 वर्ष की अवधि तक का बीमा करवाया जावे। इस हेतु नियमानुसार संबंधित आपूर्ति संस्था से 5 वर्ष की अवधि तक का बीमा करवाया जावे। इस हेतु नियमानुसार संबंधित आपूर्ति संस्था से अनुबंध करार किया जावे। उक्तानुसार सोलर लाईट का 5 वर्ष तक रख – रखाव सुनिश्चित करने एवं बीमा का दायित्व संबंधित आपूर्तिकर्ता का होगा। निर्धारति मापदंडों अनुसार सोलर लाईटों की आपूर्ति हेतु राजस्थान लोक उपापन में पारदर्शिता अधिनियम, 2012 एवं राजस्थान लोक उपापन में पारदर्शिता नियम, 2013 में निहित निर्देशों एवं प्रावधानों अनुसार ही क्रय की कार्यवाही सुनिश्चित की जावे। लाईट क्रय करते समय जैम पोर्टल की दरों का भी ध्यान रखा जावे। एम. एन. आर. ई. की अधिकृत संस्था NISE से सोलर लाईट यूनिट की गुणवत्ता नविनतम मापदंडों के अनुसार होने का प्रमाण पत्र आपूर्तिकर्ता द्वारा दिया जायेगा। पंचायती राज संस्थाओं में इलेक्ट्रिकल संवर्ग के अभियंता नहीं है जो सोलर लाईट के तकनीकी फीचर्स की जाँच कर सकें और ग्राम पंचायतों के सरपंच/सचिव (सामग्री कार्यकर्ता) भी इतनी दक्षता नहीं रखते कि वे निर्धारित स्पेसिफिकेशन के अनुसार सामग्री प्राप्त हुई है, अथवा नहीं बता सके। सामग्री आपूर्तिकर्ता द्वेआरा दज जाने वाली सामग्री यदि स्पेसिफिकेशन से भिन्न पाई जाती है तो इसका संपूर्ण उत्तरदायित्व संबंधित आपूर्तिकर्ता संस्था/फर्म का होगा। अत: स्पेसिफिकेशन के अनुसार सामग्री आपूर्ति हुई है, के संबंध में संबंधित आपूर्तिकर्ता से ही 100 रू. के स्टाम्प पेपर पर यह शपथ – पत्र लिया जावे कि किसी भी जाँच/निरिक्षण के दौरान स्पेसिफिकेशन से भिन्न सोलर लाईट पाए जाने पर संबंधित आपूर्तिकर्ता से इसकी राशि की वसूली की जा सकेगी। दिनांक 31.3.2019 तक ही सोलर लाईट की स्थापना अनुमत की जा रही है। इस अवधि तक क्रय की गई सोलर लाईटों की संपूर्ण जानकारी प्राप्त होने इनकी समीक्षा पश्चात् सोलर लाईट स्थापना कार्य को जारी रखने के बारे में दिशा निर्देश दिए जायेंगे। ग्राम पंचायतों द्वारा आपूर्तिकर्ता के साथ 100 रू. के स्टाम्प पेपर अनुबंध निष्पादित किया जावे जिसमें उपरोक्त सभी शर्तों का समावेश हो। जिला परिषद् स्तर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी, अधिशाषी अभियंता एवं लेखाधिकारी के दल द्वारा मासिक रूप से सोलर लाईट/एलईडी लाईट कार्य की स्थिति की पूर्ण समीक्षा की जावे एवं किसी भी प्रकार की अनियमित/क्रियाशीलता में कमी की जानकारी प्राप्त होने पर तत्परता से नियमानुसार कार्यवाही की जावे। उपरोक्त निर्देशों की अवहेलना होने पर सम्पूर्ण उत्तरदायित्व ग्राम पंचायतों के सरपंच, ग्राम विकास अधिकारी एवं जिला परिषद् स्तरीय अधिकारीयों का होगा। यह निर्देश विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाओं से सोलर लाईट क्रय पर लागू होंगे। स्त्रोत: मीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज), राजस्थान सरकार