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वार्षिक योजना 2012-13 योजना / कार्यक्रमवार प्रस्तावित परिणाम

वार्षिक योजना 2012-13 योजना / कार्यक्रमवार प्रस्तावित परिणाम

खेलकूद तथा युवा कार्य

क्र०

योजना

वित्तीय वर्ष 12-13 के लिए प्रस्तावित उपबंध

(राशि लाख रूपए में)

प्रस्तावित परिणाम

 

खेलकूद तथा युवा कार्य

१.

राष्ट्रीय सेवा योजना

42

इस योजना अंतर्गत नियमित गतिविधि के लिए प्रत्येक स्वं सेवक को 160/-रु०एवं विशेष शिविर के लिए 300/रु. प्रदान किये जायेंगे। झारखण्ड राज्य में तत्काल 33 हजार स्वयं सेवक भारत सरकार द्वारा आवंटित है। 50% आवंटन विशेष कैप के लिए किया जायेगा।

२.

पाईका (पंचायत युवा खेलकूद अभियान )

176

इस योजना के तहत खेल के विकास हेतु खेल मैदान, खेल सुविधाएँ विभिन्न स्तर पर ग्राम से लेकर राज्य स्तर तक कराया जायेगा। पाईका योजना अंतर्गत 400 पंचायत में आधारभूत खेल संरचनाओं तहत खेल उपस्कर मुहैया कराया जा रहा है तथा लगभग 1000 पंचायतों का भारत सरकार को स्वीकृति हेतु भेजा जायेगा।

३.

खिलाड़ी कल्याण कोष/खेल छात्रवृत्ति/खिलाड़ियों को सम्मानित करना

100

पदक प्राप्त कने वाले खिलाड़ियों को निर्धारित दर पर नगद सम्मान राशि दी जाएगी। तथा खिलाड़ियों को दुर्घटना बीमा एवं चिकित्सा बीमा कराया जायगा। राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में प्रथम/दिवतीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त खिलाड़ियों को 6,000/-प्रतिमाह, चतुर्थ से अष्टम स्थान प्राप्त खिलाड़ियों को प्रतिमाह 4,000/- एवं राज्य स्तर पर प्रतियोगिता में प्रथम से तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को 3,000/-रूपये प्रतिमाह चयन कर भुगतान किया जायेगा।

४.

खिलाड़ी प्रशिक्षण केन्द्र/प्रतिभाखोज/खिलाड़ी किट/खेल सामग्र/ कार्यशाला

600

झारखण्ड में 104 डे-वोर्डिंग तथा 28 आवासीय खेल प्रशिक्षण केन्द्र कार्यरत है। इन केन्द्रों में चयनित प्रशिक्षु खिलाड़ियों को मानदेय के रूप में नगद राशि उपलब्द्ध कराया जाता है एवं आवासीय प्रशिक्षण केन्द्र में आवासन, भोजन एवं खेल सामग्री उपलब्ध कराया जाता है।

५.

युवा गतिविधि

420

किशोर-किशोरी योजना अंतर्गत 200 चयनित ग्रामों में पुरुष एवं महिला युवा संस्थानों को 50,000/रूपये प्रत्येक वर्ष ग्रामिंग क्षेत्र में युवा गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अनुदानित किये जायेगे।

६.

अंतर्राष्ट्रीय/राष्ट्रीय/राज्य/जिला/प्रखंड स्तरीय एवं अन्य खेल प्रतियोगिताओ का आयोजन/खेल संघों को अनुदान

700

प्रत्येक प्रखंड एवं जिला तथा राज्य पर विद्यालय खेलकूद ग्रामीण एवं महिला खेलकूद प्रतियोगिता तथा मुख्यमंत्री फुटबॉल कप, उप-मुख्यमंत्री फुटबॉल कप, शिक्षा मंत्री फुटबॉल कप, जयपाल सिंह हॉकी प्रतियोगिता, स्वतंत्रता सेनानी के नाम पर खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा। खेल संघों के लिए राष्ट्रीय एंव अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भागीदारी हेतु खेल संघों को सहायता दी जाएगी।

७.

झारखण्ड खेल प्राधिकरण

100

इस योजना अंतर्गत स्थापना एवं पुस्तकालय के लिए खेल सम्बन्धित पुस्तकों का क्रय पर किया जायेगा।

८.

साहसिक खेल

10

इस योजना अंतर्गत पर्वतारोहण, पारा ग्लाइडिंग, जल क्रीड़ा, केनोइंग आदि क्रीड़ा सम्मिलित है।

९.

खेल विश्वविद्यालय (नई योजना)

100

खेल विश्वविद्यालय योजना अंतर्गत मेगा स्पोर्टस कम्प्लेक्स की आधारभूत संरचनाओं के उपयोग एवं रख-रखाव को दृष्टि में रखते हुए एक राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय के स्थापना प्रक्रियाधीन है, जो पी.पी.पी. के आधार पर विकसित किया जायेगा। इसमें झारखण्ड राज्य के छात्र –छात्रओं के लिए 40% प्रतिशत सीट आरक्षित रहेगा।

१०.

सेंटर ऑफ एक्सलेंस

(नई योजना)

315

सेंटर ऑफ एक्सलेंस  योजना अंतर्गत जिला मुख्यालयों में खेल के विभिन्न विधाओं के लुए उत्कृष्टता के केन्द्रों की स्थापन की जाएगी। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से चयनित प्रतिभावान खिलाड़ियों की इन केन्द्रों में विशेष प्रशिक्षण एवं सुविधाएं प्रदान की जाएगी।

११.

जिला एवं प्रखंड स्तर पर स्टेडियम/खेल संरचनाओं का निर्माण

1572

खेल प्रतिभाओं को यथेष्ट आधारभूत संसाधन उपलब्ध कराने हेतु निर्माणाधीन स्टेडियमों  पूर्ण कराया जायेगा तथा झारखण्ड राज्य के सभी प्रखंडों में भूमि उपलब्धता के आधार पर प्रखंड स्तरीय स्टेडियम का निर्माण कराया जायेगा।

१२.

खेल छात्रावास एंव प्रशिक्षण केन्द्र निर्माण

100

वर्तमान में खेल विद्यालयों में स्थापित आवासीय खेल प्रशिक्षण स्थल के अतिरिक्त खेल छात्रावास भी आवश्यकता के मद्देनजर उनके निर्माण की योजना है जिसमें मुख्य रूप से लातेहार में खेल छात्रावास का निर्माण कराया जायेगा।

१३.

एन.सी.सी. हेतु प्रशासनिक भवन का निर्माण

20

इस योजना अंतर्गत होटवार, राँची में एन.सी.सी. प्रशासनिक भवन का  निर्माण कराया जायेगा।

 

 

कला और संस्कृति

क्र०

योजना

वित्तीय वर्ष 12-13 के लिए प्रस्तावित उपबंध

(राशि लाख रूपए में)

प्रस्तावित परिणाम

 

कला और संस्कृति

१.

राज्य के सांस्कृतिक संस्थाओं की अनुदान

75

सरायकेला छऊ नृत्य कला केन्द्र, मानभूम छऊ नृत्य कला केंद्र, झारखण्ड कला मंदिर को अनुदान दिया जायेगा।

२.

सांस्कृतिक कल्याण योजना

125

कलाकारों के कल्याण हेतु अनुग्रह राशि,सांस्कृतिक सम्मान, वाद्ययंत्र, आभुषण इत्यादि प्रदान की जाएगी।

३.

सांस्कृतिक कार्यकम का आयोजन

100

जनजातीय एवं क्षेत्रीय महोत्सव, अंतराज्य सांस्कृतिक आदान प्रदान कार्यक्रम, संगीत कार्यक्रम, साहित्य प्रोत्साहन, सांस्कृतिक शोध कार्यक्रम आयोजित किये जायेगे।

४.

सांस्कृतिक सहायता अनुदान/प्रशिक्षण/परामर्श

15

एन.जी.ओ. को वित्तीय सहायता अनुदान दी जायगी जिससे सुदूरवर्ती क्षेत्रों में सांस्कृतिक गतिविधियों को कार्यान्वित करायेंगे। सास्कृतिक योजनाओं को क्रियान्वित करने के लिए प्रशिक्षण एवं परामर्शी, सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएगी।

५.

संग्राहलय का विकास एंव सांस्कृतिक जागरूकता

10

संग्राहलय भवन होटवार, रांची में निर्माण हो चुका  है। इसमें झारखण्ड में विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक धरोहर वाली वस्तुएं एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी।

६.

पुरातात्विक गतिविधियाँ एंव योजनाएँ

10

पुरातात्विक धरोहरों के प्रति जनचेतना जागृत करने के कर्यक्रम किये जाते हैं। सर्वेक्षण के उपरांत पुरास्थलों से सम्बन्धित आलेखों से संकलित कर प्रकाशित किये जायेंगे। पुरातात्विक एंव संस्कृति विशिष्टिताओं पर केन्द्रित एक संगोष्ठी का आयोजन किया।

७.

सांस्कृतिक भवन का निर्माण

300

इस योजना अंतर्गत चाईबासा एवं दुमका में सांस्कृतिक भवन का निर्मंर कार्य कराये जायेगे।

८.

संग्राहलय भवन का निर्माण

20

दुमका में संग्रहालय भवन का निर्माण कराया जायेगा।

९.

बहुद्देशीय सांस्कृतिक केन्द्रों की सुरक्षा एवं रख -रखाव

10

इसके रख-रखाव में व्यय किया जायेगा।

१०.

राज्य संग्राहलय की सुरक्षा एवं रख –रखाव तथा विद्युत व्यय

50

राज्य के संग्राहलय की सुरक्षा, रख –रखाव तथा विद्युत विपत्रों को भुगतान किया जायेगा।

११.

मिट्टी कला बोर्ड का गठन

10

कारीगरों को विशेष आर्थिक लाभ देने एवं मिट्टी कला को प्रोत्साहित करने एवं कारीगरों की दक्षता एंव कुशलता में वृद्धि तथा बाजार के मांग के अनुरूप कलाकृतियों का निर्माण सुनिश्चित किया जायेगा।

१२.

धोरोहर स्थलों के विकास के लिए भूमि अधिग्रहण (नई योजना)

20

13वें वित्त आयोग द्वारा प्रदत्त अनुदान से 28 धोरोहर स्थलों के संरक्षण एंव स्थल विकास के कार्य किये जाने है। इसके अतिरिक्त हैरिटेज गैलरी भी निर्मित किये जायेगे।

१३.

13वें वित्त आयोग

2500

झारखण्ड राज्य  के पुरातात्विक धरोहरों का संरक्षण एंव विकास का कार्य किया जायेगा। इस योजना के अंतर्गत पुरातात्विक संरक्षण एवं विकास का कार्य महादानी शिव मंदिर, बेड़ो, राँची, मेगालिथिक स्थल, बडकागांव, हजारीबाग, श्यामसुंदरपुर मंदिर, चकुलिया, ईचका के मंदिर समूह, ईचाक, संकरीगली अवशेष, साहेबगंज तथा नवरतनगढ़ धरोहर, सिसई, गुमला में किया जायेगा। इसके अलावा हेरिटेज गैलरी का कार्य गुमला, पु० सिंहभूम, एवं राँची में किया जायेगा।

 

स्रोत:- जेवियर समाज सेवा संस्थान, राँची।



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