अनुसूची 1 [पैरा संख्या 6 (12) और 7 (15) देखें] बालक को दत्तक-ग्रहण के लिए वैध रूप से स्वतंत्र घोषित करने वाला बाल कल्याण समिति का प्रमाणपत्र किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2000 की धारा 41 (4) के अधीन ................. बाल कल्याण समिति में निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए, इस समिति के तारीख .................... के आदेश सं...................... द्वारा ................ (नाम और पता) नामक विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण/ बाल देखरेख संस्था की देखरेख में रखे गए ....................... बालक जन्म तारीख ............... को निम्नलिखित के आधार पर दत्तक-ग्रहण के लिए वैध रूप से स्वतंत्र घोषित किया जता है: परिवीक्षा अधिकारी/जिला समाज कल्याण अधिकारी/जिला सामाजिक सुरक्षा अधिकारी/ जिला सामाजिक रक्षा अधिकारी/ जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी/ बालक कल्याण अधिकारी/ जिला बालक संरक्षण अधिकारी/ सामाजिक कार्यकर्ता/ मामले से संबंधित कार्यकर्ता (यथास्थिति) की जाँच रिपोर्ट; बालक के जैव माता या पिता या विधिक संरक्षक द्वारा इस समिति के समक्ष .................... (तारीख) को निष्पादित किया गया अभ्यर्पण विलेख; जिला बालक संरक्षण एकक और विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण द्वारा प्रस्तुत की गई इस आशय की घोषणा कि उन्होंने इन मार्गदर्शक सिद्धांतों और सुसंगत नियमों के अधीन अपेक्षित बालक के प्रत्यावर्तन प्रयास कर लिए हैं लेकिन उक्त घोषणा की तारीख तक किसी ने भी बालक के जैव माता या पिता या विधिक संरक्षक होने का दावा करने के लिए अभिकरण से पहुंच नहीं की है । यह प्रमाणित किया जाता है कि जैव माता या पिता/ विधिक संरक्षक से परामर्श किया गया है और उन्हें उनकी सहमति के प्रभावों की सम्यक जानकारी दी गई है और दत्तक-ग्रहण के परिणामस्वरूप बालक/ बालिका के मूल परिवार से उसका विधिक संबंध समाप्त हो जाएगा जैव माता या पिता/विधिक संरक्षक ने अपेक्षित वैध प्रपत्र में स्वतंत्र रूप से अपनी सम्मति दी है और यह सम्मति संदाय करके या किसी प्रकार की कोई क्षतिपूर्ति देकर प्राप्त नहीं की गई है माता ने अपनी सम्मति (जहाँ कहीं लागू हो) बालक के जन्म के बाद ही दी है; [नोट: उन बॉक्स (सों) को काट दें, इस मामले में सुसंगत नहीं हैं] [नोट: बालक के सर्वोत्तम हित में दत्तक-ग्रहण को सुकर बनाने के लिए, विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण को केयरिंग्स में बालक का फोटो डालने की अनुमति है] बाल कल्याण समिति तारीख और स्थान किन्हीं दो सदस्यों के हस्ताक्षर प्रेषित: विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण/बाल देखरेख संस्था को यह प्रमाणपत्र बालक दत्तक-ग्रहण संसाधन सूचना और मार्गदर्शक प्रणाली (केयरिंग्स) पर पोस्ट करने के लिए प्रति प्रेषित: जिला बालक संरक्षण अधिकारी । अनुसूची 2 [पैरा संख्या 2 (11), 6 (14) और 7 (6) देखें] बालक अध्ययन रिपोर्ट (सीएसआर) केयरिंग्स रजिस्ट्रीकरण सं. आधार कार्ड सं. बालक से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट में दस्तावेजों पर आधारित उसकी पहचान संबंधी जानकारी शामिल होगी । बाल कल्याण समिति द्वारा बालक को दत्तक-ग्रहण के लिए वैध रूप से स्वतंत्र घोषित किए जाने के बाद यथाशीघ्र सीएसआर तैयार की जानी चाहिए । संस्था का नाम और पता साधारण जानकारी बालक का नाम: ................... (जो नाम जैव माता या पिता या स्वयं विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण/ बाल देखरेख संस्था या बाल कल्याण समिति ने दिया हो) केयरिंग्स रजिस्ट्रीकरण सं.: वर्तमान आयु और जन्म की तारीख: लिंग: जन्म-स्थान: धर्म (यदि पता हो): II. सामाजिक आंकड़े कृपया बालक के जैव माता या पिता की पहचान संबंधी जानकारी न दें । आपकी संस्था में बालक के प्रवेश की तारीख: आपकी संस्था में बालक कैसे आया? क) सीधे माता या पिता या किसी अन्य संरक्षक ने उसे संस्था में प्रवेश दिलाया: ख) सीधे बाल कल्याण समिति ने रखा: ग) किसी अन्य संस्था से स्थानांतरित होकर आया, यदि हाँ तो उस संस्था का नाम: घ) कोई अन्य स्रोत: ङ) बालक की सामाजिक पृष्ठभूमि का संक्षिप्त विवरण: संस्था से संरक्षण मांगने के कारण: अन्य बालकों के प्रति बालक का रुख: कर्मचारीवृन्द और अपरिचितों सहित अन्य वयस्कों के प्रति बालक का व्यवहार और संबंध: बुद्धिमता (यदि संभव हो तो आई.क्यू. रिपोर्ट संलग्न की जानी चाहिए): यदि बालक की आयु विद्यालय जाने की हो तो उसकी कक्षा, उपस्थिति, अध्ययन में उसकी साधारण हित रूचि, प्रगति, यदि कोई हो, की विस्तृत रिपोर्ट दें: बालक का साधारण व्यक्तित्व और रूप-रंग का वर्णन: खेलकूद क्रियाकलाप और कोई विनिर्दिष्ट प्रतिभा बालक की उपलब्धियों (18 मास के कम आयु के बालकों के संबंध में) कृपया हाँ या ना में बताएं कि क्या बालक (क) मुस्कराता है (ख) अपने दोनों तरफ घूमता है (ग) अपना शीर्ष उठाता है (घ) वस्तुओं को अपने हाथों से पकड़ता है (ङ) अपने-आप से सरकता है (च) सहारा लेकर या बिना सहारा लिए बैठता है (छ) सहारा लेकर या बिना सहारा लिए खड़ा हो जाता है (ज) सहारा लेकर या बिना सहारा लिए चलता है 10. भाषा संबंधी विकास कूजना या अस्पष्ट तरीके से तुतलाना कुछ शब्द अस्पष्ट तरीके से बोलता है कुछ शब्द स्पष्ट बोलता है बालक से बोली जाने वाली भाषा 11. आहार संबंधी आदतें तरल खाद्य लेता है अर्ध-ठोस खाद्य लेता है ठोस खाद्य लेता है 12. सामाजिक पृष्ठभूमि: (इसमें बालक का सामाजिक इतिवृत्त अर्थात उसके जैव माता-पिता की पृष्ठभूमि और जिन परिस्थितियों के कारण उस बालक का अभ्यर्पण या त्याग करना आवश्यक हो गया, उनकी संक्षिप्त पृष्ठभूमि शामिल होनी चाहिए । कृपया जैव माता-पिता या उनके रिश्तेदारों की पहचान दर्शाने वाली नाम व पते जैसी सूचना न दें ।) मैं .................सामाजिक कार्यकर्ता प्रमाणित करता/करती हूँ कि.............. बालक के विषय में इस प्रारूप में दी गई जानकारी सही है । हस्ताक्षर: नाम: पदनाम: स्थान: तारीख: हमने बालक अध्ययन रिपोर्ट की विषयवस्तु पढ़ और समझ ली है और हम ............. को अपने दत्तक बालक के रूप में स्वीकार करने को इच्छुक हैं । (पुरुष आवेदक के हस्ताक्षर) (स्त्री आवेदक के हस्ताक्षर) (पुरुष आवेदक का नाम) (स्त्री आवेदक का नाम) स्थान: तारीख: अनुसूची 3 [पैरा संख्या 2 (19), 6 (14) और 7 (16) देखें] बालक की चिकित्सा परीक्षा रिपोर्ट (एमईआर) सम्यक रूप से अनुज्ञप्ति-प्राप्त चिकित्सक को यह रिपोर्ट भरनी चाहिए । यदि कोई जानकारी उपलब्ध न हो तो कृपया “अज्ञात” लिखें । क. साधारण जानकारी बालक का नाम: जन्म की तारीख और वर्ष: लिंग: जन्म-स्थान: राष्ट्रीयता: वर्तमान संस्था का नाम: कब से इस संस्था में है: जन्म के समय भार (प्रवेश के समय वजन कि. ग्रा. में): कि. ग्रा. जन्म के समय लंबाई (प्रवेश के समय लंबाई सेंटीमीटर में): सेंटीमीटर क्या गर्भावस्था और प्रसव सामान्य थे? हाँ या नही या अज्ञात 10. बालक कहां रहा है? अपनी माँ के पास: से तक नातेदारों के पास: से तक निजी देखरेख में: से तक संस्था या अस्पताल से तक (कृपया संबंधित संस्था या संस्थाओं के नाम आगे दर्शाएं) ख. चिकित्सा ब्यौरा क्या अतीत में बालक को कोई रोग हुआ है? (यदि हाँ तो कृपया प्रत्येक रोग और स्वास्थ्य संबंधी समस्या के समय बालक की आयु के साथ जटिलताएं दर्शाएं) हाँ या नहीं या अज्ञात 2. यदि हाँ तो: बालक को होने वाले साधारण रोग (खों-खों कर खांसना, खसरा, चेचक, रूबेला, मम्प्स)? तपेदिक? कन्वल्जन (फेब्राइल कन्वल्जन सहित)? अन्य कोई रोग? संक्रामक रोग से सम्पर्क? 3. क्या बालक को निम्नलिखित रोग से बचाव के टीके लगाए गए है: हाँ या नहीं या अज्ञात 4. यदि हाँ तो: तपेदिक (बी.सी.जी.)? टीका लगने की तारीख: डिफ्थीरिया टीका लगने की तारीख: टिटनस? टीका लगने की तारीख: खों-खों कर खांसना? टीका लगने की तारीख: पोलियो? दवा पिलाने की तारीख: हैपेटाइटिस ए? टीका लगने की तारीख: हैपेटाइटिस बी? टीका लगने की तारीख: अन्य रोगों से बचाव? टीका लगने की तारीख: क्या अस्पताल में बालक का इलाज कराया गया है? हाँ या नही या अज्ञात यदि हाँ तो अस्पताल का नाम, इलाज के समय बालक की आयु, रोग के निदान एवं उपचार का ब्यौरा दें । 7. यदि संभव हो तो बालक के मानसिक विकास, व्यवहार और कौशलों का विवरण दें । दृष्टि संबंधी- बालक कब निश्चित करने में समर्थ हुआ? श्रवण संबंधी - बालक कब आवाज सुनकर अपना सिर घुमाने में समर्थ हुआ? शारीरिक - बालक कब अपने-आप बैठने में समर्थ हुआ? बालक कब सहारा लेकर खड़ा होने में समर्थ हुआ? बिना सहारा लिए कब चला? भाषा - बालक ने अस्पष्ट तरीके से बोलना कब शुरू किया? बालक ने अलग-अलग शब्द बोलने कब शुरू किए? बालक ने वाक्य बोलने कब शुरू किया? संपर्क - बालक ने मुस्कराना कब शुरू किया? बालक वयस्कों और अन्य बालकों से अपनी बात कैसे कहता है? बालक अजनबियों को देखकर किस प्रकार व्यवहार करता है? भावात्मक बालक अपनी भावनाएं (क्रोध, बेचैनी, निराशा, प्रसन्नता)किस प्रकार दर्शाता है? ग. चिकित्सा परीक्षा का ब्यौरा: चिकित्सा परीक्षा की तारीख भार: कि. ग्रा. तारीख: लंबाई: सेंटीमीटर तारीख: शीर्ष की चौड़ाई सेंटीमीटर तारीख: बालों का रंग: आँखों का रंग त्वचा का रंग: मैंने बालक की पूर्ण नैदानिक परीक्षा में रोग, क्षति या अप्रसामान्यताओं के आगे दर्शाए गए साक्ष्य पाए हैं: सिर (खोपड़ी, हाइड्रोसेफलस, क्रैनियोटेब्स का आकर) मुँह और ग्रसनी (हेअरलिप या क्र्लैफ्ट पेलेट, दांत) आँखे (दृष्टि, भैगापन, संक्रमण) 10. कान (संक्रमण, बहना, कम श्रवण-शक्ति, विकृति) 11. छाती के अंग (ह्रदय, फेफड़े) 12. लिम्फेटिक ग्लैड (ऐडेनाइटिस) 13. पेट (हर्निया, जिगर, स्प्लीन) 14. जननांग (हाइपोस्पैडिया, अंडकोष, रिटेंशन) 15. रीढ़ (काइफोसिस, स्कोलियोसिस) 16. एक्सट्रीमिटी(पेस एक्किंनस, वैल्गस, वेरस, पेस कैल्केनियोवेरस, फ्लेक्सेशन आँफ हिप, स्पैसिटसिटी, पेरेसिस) 17. त्वचा (एक्जिमा, संक्रमण, परजीवी) 18. अन्य रोग? 19. क्या बालक में सिफिलिस के कोई लक्षण हैं? सिफिलिस के रिएक्शन के परिणाम (तारीख और वर्ष): सकारात्मक या नकारात्मक या रिएक्शन नहीं किया गया 20. तपेदिक के कोई लक्षण? तपेदिक के परीक्षण के परिणाम (तारीख और वर्ष): सकारात्मक या नकारात्मक या परीक्षण नही किया गया 21. हेपेटाइटिस ए के कोई लक्षण? हेपेटाइटिस ए परीक्षण के परिणाम (तारीख और वर्ष): सकारात्मक या नकारात्मक या परीक्षण नही किया गया 22. हेपेटाइटिस बी के कोई लक्षण? एचबीएस एजी के परीक्षणों के परिमाण (तारीख और वर्ष): सकारात्मक या नकारात्मक या परीक्षण नही किया गया एंटी-एचबीएस के परीक्षण का परिमाण (तारीख और वर्ष): सकारात्मक या नकारात्मक या परीक्षण नही किया गया एचबीई एजी के परीक्षणों के परिणाम (तारीख और वर्ष): सकारात्मक या नकारात्मक या परीक्षण नही किया गया एंटी-एचबीई के परीक्षणों के परिणाम (तारीख और वर्ष): सकारात्मक या नकारात्मक या परीक्षण नही किया गया 23. एड्स के कोई लक्षण? एचआईवी के परीक्षणों के परिणाम (तारीख और वर्ष): सकारात्मक या नकारात्मक या परीक्षण नही किया गया 24. क्या मूत्र में: शर्करा? एल्ब्यूमेन? फेनिल्कीटोन है? 25. मल (अतिसार, कब्ज): परजीवियों का परीक्षण: सकारात्मक या नकारात्मक या परीक्षण नहीं किया गया 26. क्या बालक को कोई मानसिक रोग है या वह मंदबुद्धि है? 27. बालक के मानसिक विकास, व्यवहार और कौशलों का विवरण दें । संभावित माता या पिता के संबंध में सलाह देने के लिए इस विवरण का विशेष महत्व है । 28. कोई और टिप्पणियाँ? घ. बालक की मनोवैज्ञानिक और सामाजिक परिस्थितियों संबंधी रिपोर्ट (जहाँ कहीं अपेक्षित हो, वहाँ विशेष शिक्षक, मनोचिकित्सक, स्पीच थेरपिस्ट और सामाजिक कार्यकर्ता की सहायता ली जाए) कृपया प्रत्येक शीर्ष पर निर्णय दें । (i) खिलौनों से कार्यकलाप: बालक की नजर अपने सामने चलते फिरते रैटल या खिलौनों का पीछा करती है । बालक किसी रैटल को पकड़ता है । बालक रैटलों से खेलता है: उसे अपने मुँह में डालता है, हिलता है, एक से दूसरे हाथ में लेता है आदि । बालक क्यूबों को प्रत्येक अन्य के ऊपर रखता है । बालक प्रयोजन के ढंग से खिलौनों से खेलता है: कारों को धकेलता है, गुड़ियाओं को बिस्तर पर रखता है, गुड़ियाओं को खिलाता-पिलाता है आदि । बालक खिलौनों और अन्य बालकों के साथ अनेक प्रकार की भूमिकाएं निभाता है। बालक मानवों और पशुओं के चेहरों की स्पष्ट आकृतियाँ बनाता है । बालक अन्य बालकों के साथ व्यवस्थित खेल (गेंद वाले खेल, कार्ड वाले खेल आदि) खेलता है । (ii) उच्चारण भाषा विकास: बालक देखरेखकर्ता के साथ बातें करता है बालक विभिन्न स्वर-व्यंजनों को दोहराता है (बा-बा, दा-दा, मा-मा आदि) बालक अपनी आवश्यकताओं के संचार के लिए एक-एक शब्द का उपयोग करता है बालक वाक्य बोलता है बालक परसर्ग समझता है, जैसे: के ऊपर, नीचे, पीछे आदि बालक परसर्गो का प्रयोग करता है, जैसे: के ऊपर, नीचे, पीछे आदि बालक भूतकाल में बात करता है बालक अपना नाम लिख लेता है बालक सरल शब्द पढ़ लेता है 10. कोई प्रेक्षण उपलब्ध नहीं (iii) शारीरिक विकास: किस आयु से बालक अपनी पीठ से घूमकर अपने पेट के बल लेट पाता है:........ 2. किस आयु से बालक बिना सहारा के बैठ पाता है: .............................. किस आयु से बालक आगे की ओर सरक या हिल पाता है: ................... किस आयु से बालक फर्नीचर के सहारा चल पाता है: ........................... किस आयु से बालक बिना सहारा के स्वयं चल पाता है: ........................ किस आयु से बालक सहारा लेकर सीढ़ियों से ऊपर-नीचे जा पाता है:.......... किस आयु से बालक बिना सहारा के सीढ़ियों से ऊपर-नीचे जा पाता है:....... (iv) वयस्कों से संपर्क: बालक अपने जाने पहचाने देखरेखकर्ता के संपर्क में मुस्कराता है बालक को जब उसका जाना-पहचाना देखरेखकर्ता थाम लेता है तो वह आसानी से शांत हो जाता है बालक को जब उसका जाना-पहचाना देखरेखकर्ता कमरे से जाता है तब वह बालक रोता है या उसके पीछे-पीछे जाता है बालक जब परेशान हो जता है या उसे चोट लग जाती है तब वह अपने जाने-पहचाने देखरेखकर्ता को ढूंढता है बालक वार्ड में आने वाले सभी वयस्कों को संपर्क करना चाहता है बालक देखरेखकर्ता को अपनी भावनाएं शब्दों में संचारित करता है (v) अन्य बालकों से संपर्क: बालक अन्य बालकों के कार्यकलाप देखकर या उन पर मुस्कराकर उनमें अपनी रूचि दर्शाता है बालक अन्य बालकों के साथ खेलकर प्रसन्न होता है बालक अन्य बालकों के साथ क्रियाकलापों में सक्रिय भागीदारी करता है (vi) कार्यकलापों का साधारण स्तर: सकारात्मक सक्रिय अति सक्रिय (vii) साधारण मनोदशा: शांत, गंभीर भावात्मक रूप से उदासीन उत्पाती, शांत करना कठिन है प्रसन्न, संतुष्ट बालक के सभी संप्रेक्षण पर परीक्षा करने वाले चिकित्सक के हस्ताक्षर और मुहर तारीख ङ. भावी दत्तक माता या पिता द्वारा एमईआर की स्वीकृति हमने चिकित्सा परीक्षा की विषयवस्तु पढ़ और समझ ली है और हम ................. को अपने दत्तक बालक के रूप में स्वीकार करने को इच्छुक हैं । (पुरुष आवेदक का हस्ताक्षर) (स्त्री आवेदक का हस्ताक्षर) (पुरुष आवेदक का नाम) (स्त्री आवेदक का नाम) तारीख: तारीख: स्थान: स्थान: अनुसूची 4 [पैरा संख्या 7 (6) देखें] अभ्यर्पण विलेख 1. बालक या बालकों का अभ्यर्पण करने वाले व्यक्ति की घोषणा मैं/हम ......................, आगे दर्शाए गए कथनों को ध्यानपूर्वक पढ़कर समझ चुके हैं । मुझे/हमें मेरी/ हमारी सम्मति के प्रभावों के विषय में परामर्श और जानकारी प्रदान की गई है और मैं/हम किसी प्रपीडन या धमकी के बिना और कोई संदाय या किसी प्रकार का प्रतिकर प्राप्त किए बिना यह घोषणा कर रहा/रही हूँ/रहे हैं । मैं/हम, अधोहस्ताक्षरी: कुटुम्ब नाम: ....................... मुख्य नाम: ........................ जन्म-तारीख: तारीख ........... मास .......... वर्ष ............... स्थायी पता: ........................ बालक के माता [] पिता [] वैध संरक्षक []: कुटुम्ब नाम: ....................... मुख्य नाम: ........................ जन्म-तारीख: तारीख ........... मास .......... वर्ष ............... स्थायी पता: ........................ बालक के माता ....................... पिता.......................वैध संरक्षक ....................... यह घोषणा करते हैं कि: (i) मेरे/हमारे .............. नामक बालक या बालकों को अभ्यर्पित करने के लिए अपनी स्वतंत्र सम्मति प्रदान करते हैं। (ii) उक्त बालक या बालकों और अपने बीच माता या पिता और बालक के विधिक संबंध को समाप्त करते हैं । (iii) यह समझते हैं कि मेरे/हमारे बालक का दत्तक-ग्रहण भारत या विदेश में रहने वाला/वाले व्यक्ति कर सकता/सकते हैं और मैं/हम इस प्रयोजनार्थ अपनी सम्मति देता/देती हूँ/देते हैं । (iv) यह समझते हैं कि इस बालक के दत्तक-ग्रहण से इसका अपने दत्तक माता या पिता से माता या पिता और बालक का स्थायी संबंध बन जाएगा । (v) यह सूचित किया गया है कि मैं/हम इस अभ्यर्पण विलेख पर हस्ताक्षर होने के बाद 60वें दिन तक अपनी सम्मति वापस ले सकता/सकती हूँ, जिसके बाद मेरी/हमारी सम्मति वापस नहीं ली जा सकेगी और मेरा/हमारा इस बालक/इन बालकों पर कोई दावा निहं होगा । मैं/हम ................ कारण से इस बालक/इन बालकों का त्याग करता/करती हूँ/करते हैं। मैं/हम यह चाहता/चाहती हूँ/चाहते हैं/नहीं चाहता/चाहती हूँ/चाहते हैं (जो भी लागू हो कृपया उस पर सही का निशान लगाएं) कि जब मेरा/हमारा बालक अपने जैव माता या पिता की खोज में आए तो उसे मेरी/हमारी पहचान और पता बताया जाए । मैं/हम यह घोषणा करते है कि मैंने/हमने उपर्युक्त कथनों को पूरी तरह समझ लिया है । ..............स्थान पर ....................तारीख को हस्ताक्षरित । (अभ्यर्पण करने वाले व्यक्ति (यों) के हस्ताक्षर या अंगूठे के निशान) ___________________________________________________ 2. साक्षियों की घोषणा हम अधोहस्ताक्षरी अभ्यर्पण की उपर्युक्त प्रक्रिया के साक्षी है । (क) पहले साक्षी के हस्ताक्षर, नाम और पता ---------------------------------------- ---------------------------------------- (ख) दूसरे साक्षी के हस्ताक्षर, नाम और पता ----------------------------------------- ----------------------------------------- 3. बाल कल्याण समिति का प्रमाणपत्र हम यह प्रमाणित करते है कि उपर्युक्त नाम और पहचान के व्यक्ति और साक्षियों ने आज हमारे समक्ष उपस्थित होकर उपस्थिति में इस दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए है । .................स्थान पर ................. तारीख को हस्ताक्षरित । सदस्य/अध्यक्ष के हस्ताक्षर और मुहरबंद टिप्पण: यदि विवाहित दंपत्ति से जन्मे किसी बालक को अभ्यर्पित किया जाना हो तो माता-पिता दोनों को अभ्यर्पण दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने चाहिए । यदि उनमें से किसी एक की मृत्यु हो गई हो तो मृत्यु का प्रमाण प्रस्तुत किया जाना अपेक्षित है । विवाह से भिन्न अन्य किसी संबंध से जन्मे बालक के मामले में केवल माता बालक को अभ्यर्पित कर सकती है । यदि माता अवयस्क हो तो उसके साथ आने वाला व्यस्क अभ्यर्पण विलेख पर साक्षी के रूप में हस्ताक्षर करेगा । यदि उपर्युक्त प्रवर्गों से भिन्न कोई अन्य व्यक्ति बालक को अभ्यर्पित करता/करती है तो परित्यक्त बालक से संबंधित प्रक्रिया का अनुपालन किया जाएगा । अनुसूची 5 [पैरा संख्या 9 (1), 16 (3), 21 (1), 41 (5) देखें] ऑनलाइन रजिस्ट्रीकरण प्ररूप और अपलोड किए जाने वाले दस्तावेजों की सूची रजिस्ट्रीकरण की तारीख: आवेदन प्रवर्ग: भारत में रह रहे भारतीय भावी दत्तक माता या पिता को स्वयं ही अपना रजिस्ट्रीकरण कराना होगा भारत में रह रहे प्रवासी भारतीय नागरिक/विदेशी राष्ट्रिक भावी दत्तक माता या पिता को स्वयं ही अपना रजिस्ट्रीकरण कराना होगा । नियमित रूप से विदेश में रह रहे अनिवासी भारतीयों, विदेशी भारतीय नागरिकों अथवा भारतीय मूल के व्यक्तियों अथवा भावी दत्तक माता या पिता के मामलों में प्राधिकृत विदेशी दत्तक-ग्रहण अभिकरण (एएफएए) या केन्द्रीय प्राधिकारी (सीए) या जिस देश में वे रह रहे हैं, उस देश का सरकारी विभाग रजिस्ट्रीकरण कराएंगे । हेग अभिसमय पर हस्ताक्षर न करने वाले देशों उन देशों में विद्यमान भारतीय मिशन अनिवासी भारतीय भावी दत्तक माता या पिता के आवेदनों पर कार्रवाई कर सकता है । आवेदन की प्रास्थिति एकल (अविवाहित/विधवा/विधुर/विच्छन्न विवाह व्यक्ति/ पति या पत्नी से पृथक हो चुके विवाहित दंपत्ति (विवाह की तारीख, विवाह का स्थान) वैयक्तिक सूचना पुरुष स्त्री नाम जन्म की तारीख और आयु जन्म से राष्ट्रिकता वर्तमान राष्ट्रिकता वर्तमान आवासीय पता नगर/जिला राज्य देश जिप/पिन कोड फोन नं. मोबाइल नं. ईमेल उपजीविका का ब्यौरा उपजीविका का स्वरूप सरकारी कार्य/ प्राइवेट कार्य की नौकरी/ पब्लिक सेक्टर की नौकरी/ कारोबार/ अलाभकारी व्यवसाय/ परामर्श/ गैर नियोजित कार्यस्थल वार्षिक आय जैव/दत्तक बालकों की सं. कुल () पहचान का ब्यौरा पैन नंबर (यदि कोई हो) ओसीआई कार्ड नंबर (यदि कोई हो) पासपोर्ट नंबर दत्तक-ग्रहण के लिए वरीयता: लिंग बालक/बालिका/ कोई वरीयता नहीं बालक का प्रवर्ग सहोदर भाई या बहन/ एकल स्वास्थ्य की प्रास्थिति साधारण/शारीरिक रूप से निशक्त/ मानसिक रूप से निशक्त आयु 0-2 वर्ष/2 -4 वर्ष/4 -6 वर्ष, इत्यादि राज्य संबंधी वरीयता: एच एस आर के लिए अभिकरण का नाम अभिकरण का पता दत्तक-ग्रहण का प्रयोजन (अधिकतम 200 अक्षरों में) 1. देशी दत्तक-ग्रहण (भारत में रह रहे भारतीय) (1) पैन कार्ड/पासपोर्ट (2) निवास का प्रमाण (आधार कार्ड/ निर्वाचक पहचान पत्र/ पासपोर्ट/ परिचालन अनुज्ञप्ति/ बिजली का वर्तमान बिल/ टेलीफोन का बिल) (3) पिछले वर्ष की आय का प्रमाण (उदाहरण अर्थात सरकारी विभाग द्वारा जारी वेतन पर्ची/ आय प्रमाणपत्र/ आयकर रिटर्न)। (4) विवाह प्रमाणपत्र की प्रति और फोटो । (5) विवाह-विच्छेद डिक्री/पति या पत्नी के मृत्यु प्रमाणपत्र (यदि लागू हो)। (6) भावी दत्तक माता या पिता के जन्म प्रमाणपत्र की प्रति (7) किसी चिकित्सा व्यवसायी से प्राप्त इस आशय का प्रमाणपत्र कि भावी दत्तक माता या पिता किसी चिरकालिक, संक्रामक या घातक रोग से ग्रस्त नहीं है और वे दत्तक-ग्रहण करने के लिए स्वस्थ हैं। (8) अकेले माता या पिता के मामले में उनके किसी संबंधी से इस आशय का वचनबंध कि कोई दुर्घटना हो जाने पर वह बालक की देखरेख करेगा/करेगी । 2. अनिवासी भारतीय/ओसीआई/पीआईओ और विदेशी भावी दत्तक माता या पिता के मामलों में अपेक्षित दस्तावेज इस प्रकार होंगे: (1) पासपोर्ट । (2) निवास का सबूत (आधार कार्ड/मतदाता पहचान पत्र/ पासपोर्ट/ चालन अनुज्ञप्ति/ बिजली का वर्तमान बिल/टेलीफोन का बिल) (3) पिछले वर्ष की आय का सबूत (उदाहरण अर्थात सरकारी विभाग द्वारा जारी वेतन पर्ची/आय प्रमाणपत्र/ आयकर रिटर्न) (4) विवाह प्रमाणपत्र की प्रति और फोटो । (5) विवाह-विच्छेद डिक्री/पति या पत्नी के मृत्यु प्रमाणपत्र (यदि लागू हो) की प्रति । (6) भावी दत्तक माता या पिता के जन्म प्रमाणपत्र की प्रति (7) किसी चिकित्सा व्यवसायी से प्राप्त इस आशय का प्रमाणपत्र कि भावी दत्तक माता या पिता किसी चिरकालिक, संक्रामक या घातक रोग से ग्रस्त नहीं है और वे दत्तक-ग्रहण करने के लिए स्वस्थ हैं। (8) हेग दत्तक-ग्रहण अभिसमय के अनुच्छेद 5 और अनुच्छेद 17 के अनुसार प्राप्तकर्ता देश की अनुज्ञा (केवल हेग अनुसमर्थित देशों की दशा में) (9) भावी दत्तक माता या पिता के पासपोर्ट की प्रति और ओसीआई की प्रति, यदि लागू हो । (10) पुलिस अनापत्ति प्रमाणपत्र । (11) भारत में रह रहे ओसीआई/विदेशी भावी दत्तक माता या पिता के मामले में दत्तक-ग्रहण और यदि वे दत्तक-ग्रहण के बाद भारत छोड़कर जाते हैं के मामले में उस परिस्थिति में आश्र्वासन के लिए उनके दूतावास/उच्चायोग से अनापत्ति प्रमाणपत्र की प्रति । (12) अकेले माता या पिता के मामले में, उनके किसी संबंधी से इस आशय का वचनबंध कि कोई दुर्घटना हो जाने पर वह बालक की देखरेख करेगा/करेगी । (13) मार्गदर्शक सिद्धांतों के पैरा 20 (6) में यथाअपेक्षित भावी दत्तक माता या पिता से प्राधिकृत विदेशी दत्तक-ग्रहण अभिकरण, विदेशी केन्द्रीय प्राधिकरण अथवा संबंधित सरकारी विभाग, जैसा भी मामला हो, के प्रतिनिधि को बालक की प्रगति के अनुवर्तन के लिए वैयक्तिगत मुलाकत की अनुमति के लिए वचनबद्धता । विदेशी अथवा विदेशी भावी दत्तक माता या पिता के भारत में निवास करने के मामले में, उन्हें इस बारे में वचनबद्धता देनी होगी कि वे दत्तक-ग्रहण की तारीख से कम से कम दो वर्ष की अवधि तक विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण या जिला बाल संरक्षण एकक या राज्य दत्तक-ग्रहण संसाधन अभिकरण के प्रतिनिधि को, जैसा भी मामला हो, वैयक्तिक मुलाकात की अनुमति देंगे। अनुसूची 6 [पैरा संख्या 9 (5) देखें] भारत में भावी दत्तक माता या पिता (पीएपी) के संबंध में गृह अध्ययन रिपोर्ट (एचएसआर) का रूपविधान (अंतर्देशीय दत्तक-ग्रहण के यथाउपबंधित प्राप्तकर्ता देशों में यथाउपबंधित रूपविधान का उपयोग किया जा सकता है) केयरिंग्स रजिस्ट्रीकरण सं. - रजिस्ट्रीकरण की तारीख - आधार कार्ड नं. - सामाजिक कार्यकर्ता का नाम - गृह दौरे की तारीख - इस रूपविधान के भाग-I को भावी दत्तक माता या पिता (पीएपी) भरेंगे और दत्तक-ग्रहण के लिए भावी दत्तक माता या पिता की उपयुक्तता के विषय में अपनी टिप्पणी के साथ निर्धारण रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए रुपद के भाग-II को व्यावसायिक सामाजिक कार्यकर्ता भरेगा/भरेगी । भावी दत्तक माता या पिता ध्यान दें: इस भाग – I को भावी दत्तक माता या पिता स्वयं भर सकते है इस रूपद को भरने में आने वाली किसी कठिनाई के विषय में स्पष्टीकरण सामाजिक कार्यकर्ता घर के अपने दौरे के समय डे सकता/सकती है । गृह अध्ययन के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता आपके पति या पत्नी/साथी के साथ आपके संबंधों और आपके समर्थन के स्रोतों; आपकी वित्तीय और नियोजन संबधी स्थिति, स्वास्थ्य की स्थिति, जीवनशैली, घर और अड़ोस-पड़ोस के माहौल; पालन पोषण की आपकी शैली और इस विषय में आपके रुझान; दत्तक-ग्रहण के आपके प्रयोजन; दत्तक-ग्रहण की आपकी इच्छा और प्रतिबद्धता की जानकारी प्राप्त करना चाहेगा/चाहेगी और भावी माता या पिता के रूप में आपका मूल्यांकन करेगा/करेगी । इस रूपद में दी जाने वाली जानकारी की प्रामाणिकता की पूरी जिम्मेदारी भावी दत्तक माता या पिता की है । भावी दत्तक माता या पिता को उनके द्वारा भरे जाने वाले इस प्रारूप के प्रत्येक पृष्ट के नीचे हस्ताक्षर करने की सलाह दी जाती है । भाग – I: स्व-निर्धारण क. भावी दत्तक माता या पिता की पहचान और उनकी कौटुम्बिक पृष्ठभूमि की सूचना: सूचना का विवरण पुरुष आवेदक स्त्री आवेदक पूरा नाम जन्म की तारीख और आयु जन्म का स्थान पूरा पता और ईमेल आईडी (वर्तमान और स्थायी पता) मूल देश किस देश के नागरिक हैं पासपोर्ट नंबर धर्म भाषा (एं) विवाह की तारीख पूर्ववर्ती विवाह की तारीख (यदि कोई हो) विवाह-विच्छेद की तारीख (यदि कोई हो) वर्तमान शैक्षिक अर्हता नियोजन/उपजीविका वर्तमान नियोक्ता/कारोबारी प्रतिष्ठान का नाम और पता वार्षिक आय स्वास्थ्य की स्थिति ख. कौटुम्बिक पृष्ठभूमि की जानकारी: (1) आगे दर्शाई गई जानकारी के साथ-साथ भावी दत्तक माता या पिता की सामाजिक प्रास्थिति और पृष्ठभूमि का संक्षिप्त विवरण दें आवेदकों के माता या पिता का ब्यौरा पुरुष आवेदक स्त्री आवेदक पिता माता पिता माता पूरा नाम आयु राष्ट्रिकता/नागरिकता उपजीविका पूर्ववर्ती उपजीविका वर्तमान में किसके साथ रह रहे हैं (2) कृपया इस सारणी में अपने प्रत्येक बालक (दत्तक और जैविक) का नाम, उसके लिंग, शैक्षिक प्रास्थिति (किंडरगार्टन, प्रारंभिक आदि) और जन्म की तारीख का ब्यौरा भरें । बालक का नाम लिंग जन्म की तारीख शैक्षिक प्रास्थिति (3) कृपया यह बताएं कि आपके अनुसार बालक अ भावी दत्तक-ग्रहण करने से आपके विद्यमान बालकों का जीवन कैसे प्रभावित होगा । (4) कृपया यह उपदर्शित करें कि क्या आपके कुटुम्ब में कोई अन्य सदस्य रहते है: (क) हाँ (ख) नहीं (5) यदि हाँ तो कृपया परिवार में रह रहे अन्य सदस्य/यों की आयु, लिंग, उपजीविका और परिवारिक नातेदारी के स्वरूप का ब्यौरा आगे दी गई सारणी में दर्शाया जाए । नाम नातेदारी की प्रकृति आयु लिंग उपजीविका (6) कृपया यह वर्णन करें कि आपके अनुसार भावी दत्तक-ग्रहण से कुटुम्ब के इन सदस्यों पर क्या प्रभाव पड़ेंगा । (7) कृपया यह उपदर्शित करें कि क्या घर में ऐसे वयस्क/बालक रह रहे हैं, जो कुटुम्ब से संबंधित नहीं हैं: (क) हाँ (ख) नहीं (8) कृपया यह वर्णन करें कि आपके अनुसार घर में रह रहे जो वयस्क/बालक कुटुम्ब से संबंधित नहीं हैं, उन पर भावी दत्तक-ग्रहण का क्या प्रभाव पड़ेगा । ग. वृत्तिक/नियोजन संबंधी ब्यौरा (पिछले 5 वर्षो के वृत्तिक कैरियर का ब्यौरा): कृपया आगे दी गई सारणी में अपने वृत्तिक कैरियर का ब्यौरा भरें । पुरुष आवेदक संगठन नियोक्ता का ब्यौरा (नाम और पता) कार्य उपाधि से तक स्त्री आवेदक संगठन नियोक्ता का ब्यौरा (नाम और पता) कार्य उपाधि से तक घ. वित्तीय स्थिति: (सभी स्रोतों से अपनी आय, बचतों, विनिधनों, व्यय और दायित्वों का संक्षिप्त वर्णन दें) (1) कृपया अपने व अपने भागीदार के अद्यतन कर बीजकों, बैंक विवरणों इत्यादि और कर-योग्य आय का ब्यौरा दें । (2)क्या आप पर कोई ऋण बकाया है, आपने कुछ गिरवी आदि रखा हुआ है । (क)यदि हाँ तो कृपया अपने कथन के समर्थन में दस्तावेज प्रस्तुत करें; (ख)नहीं ङ. घर और अड़ोस-पड़ोस का विवरण: (आवास और पड़ोसियों से संबंधों का वर्णन दें) (1) आपके घर में कितने कमरे हैं और बालक के खेलने के लिए उपलब्ध स्थान का वर्णन (2)कृपया अपने पड़ोसियों का विवरण दें और साथ ही किसी ऐसे पहलू का भी उल्लेख करें, जो आपके अनुसार बालक के अनुकूल हो । वर्तमान वैवाहिक संबंध और वैवाहिक संबंध की क्वालिटी (यदि लागू हो): (विवाह, वैध पृथक्करण, यदि कोई हुआ हो, ऐसे पृथक्करण के कारणों, वर्तमान वैवाहिक जीवन और निर्णय लेने की प्रक्रियाओं का ब्यौरा दें) (1) कृपया अपनी वैवाहिक प्रास्थिति का सर्वोत्तम वर्णन करने वाले शब्द के ऊपर गोला बनाएं: (क) विवाहित; (ख) एकल; (ग) लिव-इन; (घ) विधवा/विधुर; (ङ) अन्य, कृपया विनिर्दिष्ट करें ______________________ (2) कृपया यह वर्णन करें कि आप और आपके भागीदार किसी निर्णय तक पहुँचने के लिए क्या प्रक्रिया अपनाते हैं । छ. दत्तक-ग्रहण के लिए भावी दत्तक माता-पिता (पीएपी) का दृष्टिकोण और प्रेरणा: कृपया दत्तक-ग्रहण करने के अपने कारण का सर्वोत्तम वर्णन करने वाले शब्द के ऊपर गोला बनाएं, यदि लागू हों तो आप एक से अधिक विकल्पों पर गोला बना सकते हैं: (क) अपने अन्य बालकों को साथी देना; (ख) संतानोत्पत्ति; (ग) किसी अभाग्य बालक को खुशहाल घर देना; (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं; (ङ) अन्य, कृपया विनिर्दिष्ट करें _________________________ कृपया उस कथन के ऊपर गोला बनाएं, जो यह बताता हो कि आपके अनुसार यह दत्तक-ग्रहण कैसे आपके अन्य बालकों के जीवन में सुधार लाएगा, यदि लागू हों तो आप एक से अधिक विकल्पों पर गोला बना सकते हैं: (क) उनका अकेलापन कम होगा; (ख) वे अधिक उदार होना सीखेंगे; (ग) वे अधिक समानुभूतिक बनेंगे; (घ) लागू नहीं क्योंकि मेरे कोई अन्य बालक नहीं हैं; (ङ) अन्य, कृपया विनिर्दिष्ट करें ________________________________ ज. दादा-दादी या नाना-नानी/विस्तृत परिवार के अन्य सदस्यों, अन्य नातेदारों और अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तियों का वर्तमान दत्तक-ग्रहण के विषय में दृष्टिकोण: (बालक के प्राप्तकर्ता देश में पहुँचने पर उसके पालन-पोषण की प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तियों के दत्तक-ग्रहण के विषय में विचारों का संक्षिप्त विवरण दें ।) झ. दत्तक बालक और कुटुम्ब में उसके पालन-पोषण के विषय में भावी दत्तक माता या पिता की प्रत्याशित योजनाएँ: (1)कृपया यह वर्णित करें कि आप दत्तक बालक के पालन-पोषण और कार्य जैसी जीवन के अन्य प्रतिबद्धताओं को कैसे संभालेंगे? (2)जब आप कामकाज के लिए जाएँगे या घर से अनुपस्थित होंगे तब बालक की देखरेख की जिम्मेदारी कौन संभालेगा/संभालेगी (घरेलू नौकर/नौकरानी, दादा-दादी/नाना-नानी, पति/पत्नी) । (3)कृपया पालन-पोषण के विषय में अनुशासन संबंधी अपना दृष्टिकोण वर्णित करें । (4)कृपया आप बताएं कि यदि दत्तक बालक को परिवार में समायोजन में कठिनाईयां आईं तो परिवार में उसके समायोजन को आसान बनाने के लिए क्या उपाय करने की योजना बनाई है? (5)यदि कुटुम्ब में समायोजन की दत्तक बालक की कठिनाईयां जारी रहीं तो क्या आप अतिरिक्त कुटुम्ब परामर्श प्राप्त करने के लिए तैयार होंगे? (क) हाँ (ख) नहीं ञ.दत्तक-ग्रहण की तैयारी और प्रशिक्षण: (भावी दत्तक माता या पिता ने दत्तकग्रहण, बालकों की देखरेख, बालकों की जरूरतों के प्रबंधन इत्यादि के विषय में जिन परामर्श सत्रों में भाग लिया है, उन परामर्श सत्रों और उनकी क्षमता, विशेष आवश्यकताओं वाले बालकों (यदि कोई हों) के पालन-पोषण के संबंध में भावी दत्तक माता या पिता के प्रशिक्षण और/ या अनुभव का ब्यौरा दें) ट.भावी दत्तक माता या पिता के साथ कोई अनहोनी घटना हो जाने पर बालक के लिए संभावित पुनर्वास योजना: (यदि आपके साथ कोई अल्पकालिक या दीर्घकालिक घटना हो जाए तो बालक की सुरक्षा की अपनी योजना का संक्षिप्त ब्यौरा दें । यदि आप अकेले संभावित दत्तक माता या पिता है तो कृपया अपने उस निकट संबंधी का संक्षिप्त ब्यौरा दें, जो बालक की सुरक्षा के लिए वचनबंध देगा ।) (1) क्या आपको कामकाज के लिए यात्रा करनी पड़ती है? (2) आपकी अनुपस्थिति में बालक की देखरेख कौन करेगा/करेगी? कृपया उस व्यक्ति की आयु, लिंग, व्यवसाय और आपसे उसके नातेदारी का संक्षिप्त ब्यौरा दें । (3) यदि आपके साथ कोई अनहोनी घटना हो जाए तो क्या कोई ऐसा व्यक्ति है, जो बालक का विधिक संरक्षक बन सके? यदि हाँ तो उसका ब्यौरा दें: (4) यदि यह संबंध नहीं चल पाया तो क्या आप इस बालक/इन बालकों की अभिरक्षा किसी और को सौंप देंगे, उसे/उन्हें गृह/गृहों में वापस भेज देंगे, परामर्शदाता से परामर्श लेंगे । ठ. बालक के दत्तक-ग्रहण के तथ्यों के प्रकटीकरण की योजनाएं: (1) (2) ड.स्वास्थ्य (भावात्मक और शारीरिक) की प्रस्थिति: (आवेदन/आवेदकों के भावात्मक और शारीरिक स्वास्थ्य की स्थिति का ब्यौरा दें यदि कोई है । यदि उनके कुटुम्ब का कोई सदस्य किसी विशेष रोग, दशा या सिंड्रोम से पीड़ित है तो यह बताएं कि परिवार इन परिस्थितियों से कौन निपटता है और इससे किसी प्रस्तावित दत्तक-ग्रहण पर क्या पड़ सकता है।) (1) क्या आप या आपके पति/पत्नी किसी रोग से पीड़ित हैं? यदि हाँ तो क्या आप उसका ब्यौरा देने की कृपा करेंगे? (2) क्या वर्तमान में आप या आपके पति/पत्नी का उपचार कोई मनोवैज्ञानिक या मनश्चिकित्सक कर रहे हैं? (3) क्या वर्तमान में आप कोई निर्धारित औषधि ले रहे हैं? (4) क्या वर्तमान में आपके कुटुम्ब में किसी/किन्हीं बालक/बालकों के किसी रोग का इलाज चल रहा है? (5) क्या आपके कुटुम्ब के सभी सदस्यों के लिए स्वास्थ्य और अस्पताल में उपचार संबंधी बीमा सुरक्षा है? भावी दत्तक माता-पिता के हस्ताक्षर और तारीख भाव -II: सामाजिक कार्यकर्ता की निर्धारण रिपोर्ट (सामाजिक कार्यकर्ता निर्धारण रिपोर्ट तैयार करने के लिए इसका उपयोग करेंगे) जहाँ तक संभव हो सके, गृह अध्ययन रिपोर्ट रजिस्ट्रीकरण की तारीख से एक मास में पूरी कर ली जानी चाहिए । सामाजिक कार्यकर्ता को पहले भावी दत्तक माता या पिता से तैयारी संबंधी प्रश्न पूछकर उन्हें सहज महसूस कराने का प्रयास करना चाहिए । सामाजिक कार्यकर्ता को सिर झुकाने और हिलाने जैसे मौन संकेत यह दर्शाने के लिए देने चाहिए कि भावी दत्तक माता या पिता ध्यानपूर्वक सुन रहे हैं । सामाजिक कार्यकर्ता प्रत्येक प्रश्न के बाद भावी दत्तक माता या पिता को उत्तर देने के लिए पर्याप्त समय दे । भावी दत्तक माता या पिता के किसी भी उत्तर पर सामाजिक कार्यकर्ता की मौखिक प्रतिक्रिया निष्पक्ष और अनिर्णायक होनी चाहिए । सामाजिक कार्यकर्ता को प्रश्न पढ़ने और भावी दत्तक माता या पिता के उत्तर दर्ज करने के बीच के समय में समानुभूति दर्शाने के लिए यथासंभव भावी दत्तक माता या पिता से आँखे मिलानी चाहिए । सामाजिक कार्यकर्ता को तभी भावी दत्तक माता या पिता को बीच में रोकना चाहिए जब वे किसी प्रतिक्रिया को समझ नहीं पाते हैं । (रूपद में दर्ज जानकारियों/तथ्यों को अभिकरण/प्राधिकरण द्वारा गोपनीय रखा जाएगा ।) 1. तथ्यात्मक निर्धारण (i) क्या आपने इस रूपद के भाग-I में उल्लिखित तथ्यों का सत्यापन किया है? हाँ/नहीं (ii) क्या आप दस्तावेजों में उल्लिखित तथ्यों और साक्षात्कारों एवं दौरों के समय पाई गई वास्तविक स्थिति से संतुष्ट हैं? हाँ/नहीं 2. मनोवैज्ञानिक निर्धारण: 2.1. भावी दत्तक माता या पिता से बातचीत (i) क्या आपने भावी दत्तक माता या पिता से अलग-अलग और/या एक साथ बातचीत की है? हाँ/नहीं (ii) क्या भावी दत्तक माता या पिता दत्तक-ग्रहण के लिए पूरी तरह तैयार है? अकेले भावी दत्तक माता या पिता के मामले में कृपया कौटुम्बिक सहायता व्यवस्था का उल्लेख करें । (iii) क्या आपका यह मानना है कि भावी दत्तक माता या पिता ने पालन-पोषण के लिए अपनी वास्तविक भावनाएं व्यक्त की हैं? हाँ/नहीं घर के दौरे से प्राप्त निष्कर्ष (i)आपने भावी दत्तक माता या पिता के घर का दौरा कब किया? आपके दौरे के समय कुटुम्ब के कौन से सदस्य उपस्थित थे? (ii)घर के दौरे के समय आपने किससे बातचीत की? (iii)क्या आप किसी पड़ोसी/संबंधी से मिले है? उस बातचीत का विस्तृत ब्यौरा दें? (iv)क्या घरेलू वातावरण बालक के लिए अनुकूल है? यदि नहीं तो स्थिति में सुधार के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं? क्या आपने भावी दत्तक माता या पिता को सलाह दी है? (v)क्या भावी दत्तक माता या पिता दत्तक-ग्रहण के लिए पूरी तरह तैयार हैं? (vi)क्या आपका यह मानना है कि भावी दत्तक माता या पिता ने बातचीत के दौरान अपनी वास्तविक भावनाएं व्यक्त की हैं? (vii)क्या भावी दत्तक माता या पिता को पालन-पोषण संबंधी मुद्दों और अन्य मुद्दों के विषय में कोई शंका थी? क्या आपने उनकी शंकाओं का समाधान कर दिया है? कुटुम्ब के सदस्यों से बातचीत (i)क्या आपने भावी दत्तक माता या पिता के कुटुम्ब के अन्य सदस्यों से बातचीत की है? प्रस्तावित दत्तक-ग्रहण के विषय में उनके क्या विचार हैं? क्या दत्तक-ग्रहण के विषय में उनकी सोच सकारात्मक है? (ii)क्या कुटुम्ब के ऐसे कोई अन्य सदस्य भी है, जिनसे आपकी बातचीत नहीं हो पाई लेकिन प्रस्तावित दत्तक-ग्रहण में उनकी अपेक्षाकृत बड़ी भूमिका हो सकती है? यदि हाँ तो आपने बातचीत कैसे की? क्या आप उनके विचार जानने की कोई योजना बनाएंगे? (iii)क्या आपने भावी दत्तक माता या पिता के घर में विद्यमान अपेक्षाकृत बड़े बालक/ बालकों से बातचीत की है? यदि हाँ तो कृपया बातचीत का ब्यौरा दें । (iv)क्या आपने कुटुम्ब के सदस्यों की कोई प्रतिकूल टिप्पणी दर्ज की है? यदि हाँ तो दत्तक-ग्रहण प्रक्रिया पर उन टिप्पणियों का कितना प्रभाव पड़ सकता है? वित्तीय क्षमता (i)भावी दत्तक माता या पिता की वित्तीय स्थिति के विषय में आपके क्या विचार हैं? क्या उनकी वित्तीय स्थिति इतनी सुदृढ़ है कि वे अपने कुटुम्ब में एक और सदस्य का स्वागत कर सकते हैं? (ii)क्या आपने ऐसी वित्तीय स्थिति देखी है, जिसका उल्लेख रूपद में नहीं किया गया है? शारीरिक एवं भावात्मक क्षमता (i)क्या भावी दत्तक माता या पिता की शारीरिक एवं भावात्मक दशा इतनी अच्छी है कि बालक की देखरेख कर सकें? (ii)क्या आपने भावी दत्तक माता या पिता या उनके कुटुम्ब के किसी अन्य सदस्य में कोई ऐसी शारीरिक या मनोवैज्ञानिक समस्या पाई है, जिससे आने वाले बालक का जीवन प्रभावित होगा? यदि हाँ तो ब्यौरा दें । (iii)क्या भावी दत्तक माता या पिता बालक की देखरेख के लिए भावात्मक रूप से पूरी तरह तैयार हैं? दत्तक-ग्रहण की सिफारिश 3.1. क्या आप दत्तक-ग्रहण के लिए भावी दत्तक माता या पिता की सिफारिश करते हैं? माता या पिता की उपयुक्तता सहित दत्तक-ग्रहण के लिए भावी दत्तक माता या पिता की सिफारिश करने के लिए अपने विचार और औचित्य दर्शाएं । 3.2. यदि आप दत्तक-ग्रहण के लिए भावी दत्तक माता या पिता की सिफारिश नहीं करते हैं तो ऐसे निर्णय के लिए उपयुक्त कारण बताएं । निर्धारक के हस्ताक्षर, नाम, पदनाम और आधिकारिक मुहरबंद अनुसूची 7 [पैरा संख्या 11 और 17 (2) देखें] दत्तकग्रहण-पूर्व पालन-पोषण देखरेख संबंधी वचनबंध (शपथपत्र के रूप में) वर्तमान में............. (विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण का नाम और पता) की देखरेख में रह रहे ................ को जन्मे ............... (बालक का पूरा नया नाम) उर्फ़ ......... (बालक का पुराना नाम) नामक बालक के प्रस्तावित दत्तक माता या पिता हम, श्री ..................., आयु ............ वर्ष, ................ के नागरिक और श्रीमती .............., आयु ............ वर्ष, ............. की नागरिक, स्थायी रूप से ............... के रहने वाले, वर्तमान पता ................. हैं, एतदद्वारा सत्यनिष्ठा से यह घोषणा करते हैं कि: (1)हम उपर्युक्त बालक को संबंधित न्यायालय के दत्तक-ग्रहण आदेश के लंबित रहने तक के लिए दत्तकग्रहण-पूर्व पालन-पोषण देखरेख में ले रहे हैं । (2)हम यह जानते है कि दत्तक-ग्रहण के संबंध में न्यायालय का अंतिम आदेश प्राप्त होने तक उक्त बालक (विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण का नाम) xxxx के प्राधिकार और संरक्षण में रहेगा और हम उक्त बालक के केवल पालक माता या पिता रहेंगे । (3)हमारी देखरेख में रखे गए बालक को समस्त आवश्यक चिकित्सीय देखरेख, ध्यान, पोषण और अपेक्षित उपचार उपलब्ध कराया जाएगा । (4)बालक के साथ कोई अप्रिय घटना हो जाने पर हम उस घटना की जानकारी तत्काल विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण को देंगे । (5)न्यायालय का अंतिम आदेश पारित होने तक बालक के विकास संबंधी जानकारी महीने में एक बार संस्था को दी जाएगी । (6)दत्तकग्रहण-पूर्व पालन-पोषण देखरेख की अवधि में और मार्गदर्शक सिद्धांतों के अधीन अपेक्षा के अनुसार सामाजिक कार्यकर्ता बालक से मिलने जाएगा/जाएगी । (7)जब सभी हमें बुलाया जाएगा, हम वैध औपचारिकताओं और न्यायालय की सुनवाई में उपस्थित होंगे। श्री. ------------------- श्रीमती. ---------------------- प्रस्तावित दत्तक पिता प्रस्तावित दत्तक माता तारीख: --------------- साक्षी: नाम: नाम: हस्ताक्षर: हस्ताक्षर: पता: पता: अनुसूची 8 [पैरा संख्या 12 (3), 16 (4), 18 (1) देखें] न्यायालय में दत्तक-ग्रहण याचिका के साथ फाइल किए जाने वाले दस्तावेजों की सूची1. देशी दत्तकग्रहण (1) बालक के अद्यतन फोटो के साथ बालक अध्ययन रिपोर्ट (सीएसआर), जिस पर भावी दत्तक माता या पिता ने हस्ताक्षर किए हों । (2)बालक की चिकित्सा परीक्षा रिपोर्ट (एमईआर), जिस पर भावी दत्तक माता या पिता ने हस्ताक्षर किए हों । (3)बालक को ‘दत्तक-ग्रहण के लिए वैध रूप से स्वतंत्र’ घोषित करने वाला बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) का प्रमाणपत्र । (4)भावी दत्तक माता या पिता (पीएपी) के कुटुम्ब के अद्यतन फोटो के साथ उनकी गृह अध्ययन रिपोर्ट (एचएसआर) । (5)दत्तक-ग्रहण के समर्थन में परिचितों या संबंधियों के दो संदर्भ । (6) चिकित्सा व्यवसायी का इस आशय का प्रमाणपत्र कि भावी दत्तक माता या पिता किसी चिरकालिक, संक्रामक या घातक रोग से ग्रस्त नहीं हैं और वे दत्तक-ग्रहण के लिए स्वस्थ हैं । (7)भावी दत्तक माता या पिता का पैन कार्ड । (8)निवास का सबूत (आधार कार्ड/मतदाता पहचान पत्र/पासपोर्ट/चालन अनुज्ञप्ति/बिजली का वर्तमान बिल/टेलीफोन बिल) (9) पिछले वर्ष की आय का सबूत (उदाहरणार्थ सरकारी द्वारा जारी वेतन पर्ची/आय प्रमाणपत्र/ आयकर रिटर्न) (10)विवाह प्रमाणपत्र की प्रति या शपथपत्र और फोटो । (11)विवाह-विच्छेद डिक्री/पति या पत्नी के मृत्यु प्रमाणपत्र (यदि लागू हो) की प्रति । (12)भावी दत्तक माता या पिता के जन्म प्रमाणपत्र की प्रति या शपथपत्र । (13)विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण के रूप में अभिकरण के मान्यता प्रमाणपत्र की प्रति । (14) अपेक्षाकृत बड़े बालक/बालकों की सम्मति की प्रति । 2. एनआरआई/ओसीआई/विदेशी भावी दत्तक माता या पिता द्वारा दत्तक-ग्रहण (उपर्युक्त दस्तावेजों के अतिरिक्त निम्नलिखित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे) (15)एनआरआई/ओसीआई/विदेशी भावी दत्तक माता या पिता द्वारा बालक के दत्तक-ग्रहण के पक्ष में कारा द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाणपत्र । (16)हेग दत्तक-ग्रहण अभिसमय के अनुच्छेद 5/17 के अनुसार प्राप्तकर्ता देश की अनुज्ञा । (17)भावी दत्तक माता पिता की ओर से न्यायालय में दत्तक-ग्रहण याचिका फाइल करने के लिए विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण के प्राधिकृत कार्यकर्ता के नाम उनका मुख्तारनामा । (18)दत्तक-ग्रहण के बाद अनुवर्ती रिपोर्ट प्रस्तुत करने और व्यवधान की स्थिति में आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित एएफएए/सीए/संबंधित विदेशी सरकारी विभाग से वचनबंध । (19)भावी दत्तक माता पिता के पासपोर्ट की प्रति और ओसीआई कार्ड की प्रति, यदि लागू हो। (20)पुलिस अनापत्ति प्रमाणपत्र । (21)भारत में रह रहे ओसीआई/विदेशी भावी दत्तक माता या पिता में मामले में दत्तकग्रहण और यदि वे दत्तक-ग्रहण के बाद भारत छोड़कर जाते हैं तो उस परिस्थिति में आश्वासन के लिए उनके दूतावास/उच्चायोग से अनापत्ति प्रमाणपत्र की प्रति । टिप्पण: संतानोत्पत्ति में असमर्थता का प्रमाणपत्र दत्तक-ग्रहण के लिए अपेक्षित नहीं है । अनुसूची 9 [पैरा संख्या 17 (1) देखें] केन्द्रीय दत्तक-ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (महिला और बाल विकास मंत्रालय का स्वायत्त निकाय) प्रमाण्पत्र संख्या: तारीख: निरापेक्ष प्रमाणपत्र प्रमाणित किया जाता है कि भारत सरकार के महिला और बाल विकास मंत्रालय के अधीन केन्द्रीय दत्तक-ग्रहण संसाधन प्राधिकरण नामक दत्तक-ग्रहण के मामलों से संबंधित केन्द्रीय प्राधिकरण को आगे दर्शाए गए ब्यौरे के अनुसार भावी दत्तक माता या पिता द्वारा बालक/बालकों के दत्तक-ग्रहण पर कोई आपत्ति नहीं है: क्र.सं. बालक का नाम बालक का लिंग जन्म की तारीख भावी दत्तक माता या पिता के नाम और पता 1. 2. यह निरापेक्ष प्रमाणपत्र ‘बालकों के दत्तक-ग्रहण को शासित करने वाले मार्गदर्शक सिद्धांतों, 2015’ और बालक संरक्षण और अंतर-देशीय दत्तक-ग्रहण की बाबत सहयोग पर हेग अभिसमय, 1993 के अनुच्छेद 17 (ग) के अनुसार जारी किया जाता है । 3. दत्तक-ग्रहण के इस मामले में कार्रवाई करने के लिए विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण (एसएए) और विदेशी दत्तक-ग्रहण अभिकरण/केन्द्रीय प्राधिकरण/संबंधित विदेशी सरकारी विभाग/भारतीय राजनयिक मिशन को प्राधिकृत किया गया है । 4. किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2000 की धारा 41 के अनुसार विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण सक्षम न्यायालय में दत्तक-ग्रहण याचिका फाइल करेगा । प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के हस्ताक्षर और मुहरबंद प्रेषित: (1)विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण का नाम और पता । (2)राज्य दत्तक-ग्रहण संसाधन अभिकरण/राज्य सरकार के संबंधित विभाग का नाम और पता । (3)प्राधिकृत विदेशी दत्तक-ग्रहण अभिकरण/संबंधित विदेशी सरकारी विभाग/ भारतीय राजनयिक मिशन का नाम और पता । (4)भारत में प्राप्तकर्ता देश का राजनयिक मिशन । (5)प्राप्तकर्ता देश का केन्द्रीय प्राधिकरण । (6)विदेशी क्षेत्रीय रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एफआरआरओ) अनुसूची 10 [पैरा संख्या 19 (1) देखें] केन्द्रीय दत्तक-ग्रहण संसाधन प्राधिकरण प्रमाणपत्र संख्या: तारीख: पुष्टिकरण प्रमाणपत्र (बालक संरक्षण और अंतर-देशीय दत्तक-ग्रहण की बाबत सहयोग पर हेग अभिसमय, 1993 के अनुच्छेद 23 के अधीन) अधोहस्ताक्षरी प्राधिकारी: (राज्य के सक्षम दत्तक-ग्रहण प्राधिकारी का नाम और पता) .............................................. .............................................. ............................................. प्रमाणित करता है कि बालक: कौटुम्बिक नाम: ....................... प्रथम नाम: .............................. लिंग: पुरुष [ ] स्त्री [ ] जन्म की तारीख: तारीख ............ मास ........... वर्ष जन्मस्थान: ................................. आभ्यासिक निवास: ...................... क्या दत्तक-ग्रहण निम्नलिखित प्राधिकारी के विनिश्चय अनुसार था: ........................................... विनिश्चय की तारीख: ................................... विनिश्चय के अंतिम होने की तारीख: ............................ (यदि दत्तक-ग्रहण किसी प्राधिकारी के विनिश्चय के अनुसार न होकर अन्यथा किया गया तो कृपया समतुल्य का ब्यौरा दें) निम्नलिखित व्यक्ति (यों) द्वारा किया गया: क. दत्तक पिता का कौटुम्बिक नाम: .................................... प्रथम नाम: ................................................................ जन्म की तारीख: तारीख .............. मास .............. वर्ष .............. जन्मस्थान: ............................................................................ दत्तक-ग्रहण के समय आभ्यासिक निवास:....................................... ख. दत्तक माता का कौटुम्बिक नाम: ................................................. प्रथम नाम: ................................................................ जन्म की तारीख: तारीख .............. मास .............. वर्ष .............. जन्मस्थान: ............................................................................ दत्तक-ग्रहण के समय आभ्यासिक निवास:....................................... अधोहस्ताक्षरी प्राधिकारी प्रमाणित करता है कि दत्तक-ग्रहण अभिसमय के अनुसार किया गया और करार अनुच्छेद 17, उप-पैरा ग के अनुसार निम्नलिखित द्वार दी गई: क. मूल राज्य के केन्द्रीय प्राधिकरण का नाम और पता: ................................................... ................................................... .................................................... करार की तारीख:.............................. ख. प्राप्तकर्ता राज्य के केन्द्रीय प्राधिकरण का नाम और पता: .......................................................... ........................................................... ............................................................ करार की तारीख: ..................................... दत्तक-ग्रहण के परिणामस्वरूप माता या पिता और बालक का पूर्ववर्ती विधिक संबंध समाप्त हो गया । दत्तक-ग्रहण के परिणामस्वरूप माता या पिता और बालक का पूर्ववर्ती विधिक संबंध समाप्त नहीं हुआ । .................. स्थान पर ..................... तारीख को हस्ताक्षर किए गए । प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के हस्ताक्षर और मुहरबंद प्रेषित: (1) विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण का नाम और पता । (2) राज्य दत्तक-ग्रहण संसाधन अभिकरण/संबंधित राज्य सरकार के विभाग का नाम और पता । (3) प्राधिकृत विदेशी दत्तक-ग्रहण अभिकरण/संबंधित विदेशी सरकारी विभाग/भारतीय राजनयिक मिशन का नाम और पता । (4) भारत में प्राप्तकर्ता देश का राजनयिक मिशन । (5) प्राप्तकर्ता देश का केन्द्रीय प्राधिकरण । (6) विदेशी क्षेत्रीय रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एफआरआरओ) अनुसूची 11 [पैरा संख्या 13 (1), 20 (1) और 21 (4) देखें] बालक की स्थानन रिपोर्ट रिपोर्ट सं.: तारीख: 1. पहचान संबंधी जानकारी: (क) बालक का नाम (आंरभिक और बाद में दिया गया, यदि कोई हो): (ख) उपनाम/कौटुम्बिक नाम: (ग) बालक के जन्म की तारीख: 2. कुटुम्ब से किए गए उन संपर्को का ब्यौरा, जिनसे रिपोर्ट तैयार हुई 3. बालक का समायोजन: (क) वर्तमान लंबाई और भार (ख) शारीरिक परीक्षणों और चिकित्सक के दौरों से प्राप्त निष्कर्ष (ग) खानपान और सोने संबंधी आदतें (घ) भावात्मक, शारीरिक और सामाजिक विकास (ङ) कुटुम्ब के सदस्यों से लगाव (च) स्कूल में बालक का नामांकन (यदि लागू हो) (छ) बोली जाने वाली भाषा/भाषाएँ (यदि लागू हो) बालक के साथ दत्तक कुटुम्ब के सदस्यों का समायोजन: कुटुम्ब की संरचना या आचरण में महत्त्वपूर्ण बदलाव, यदि कोई परवर्तन आए हों: (निवास, रोजगार, कार्य संबंधी दायित्वों, रोग इत्यादि में परिवर्तन) सामाजिक कार्यकर्ता का संप्रेक्षण और सिफारिशें (हस्ताक्षर) सामाजिक कार्यकर्ता का नाम: अभिकरण का नाम और तारीख टिप्पण: दत्तक-ग्रहण के उपरांत बालक की रिपोर्ट का ऑनलाइन अद्यतनीकरण आज्ञापक है । अनुसूची 12 [पैरा 25 (1) (च), 27 (4) (i) देखें] विशिष्ट दत्तकग्रहण में बालकों की देखरेख के न्यूनतम मानक सभी दत्तक-ग्रहण अभिकरण किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) नियमों में यथा विहित बाल देखरेख के न्यूनतम मानकों का पालन करेंगे । बालकों की देखरेख प्रदान करते समय, निम्नलिखित विवाधक महत्वपूर्ण होते हैं: (क) बालक का तंत्रिक संबंधी विकास उसकी प्रारंभिक बाल्यावस्था के पहले कुछ वर्षो में ही पूरा हो जाता है और उसकी शेष जिंदगी भर मस्तिष्क की क्षमता को निर्धारित करता है। तथापित, बालक को ज्ञानात्मक, शारीरिक, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक विकास के उद्देश्य से तीन वर्ष की आयु तक सकारात्मक लगाव अनुभव करने की जरूरत होती है । इसलिए, विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण द्वारा ऐसे बच्चों के लिए अनुकल्पिक कुटुम्ब शीघ्र तलाशने के लिए सभी प्रयास करने होंगे ताकि वे शैशव काल के दौरान ही लगाव और समुचित जुड़ाव अनुभव विकसित कर लें । (ख) उत्कृष्ट बाल देखरेख (प्रारंभिक बाल्यावस्था देखरेख) का तात्पर्य पर्याप्त स्वास्थ्य देखरेख, प्रतिरक्षण, आहार और पोषण, सुरक्षित वातावरण तैयार करने से होता है ताकि शिशु और छोटे बालक अपने अभिजातों के साथ खेल सकें और सामाजिक बन सकें, विद्यालय की तैयारी को बढ़ावा दिया जा सके और प्राथमिक विद्यालय के लिए बालकों को तैयार किया जा सके और बाल्यावस्था के प्रारंभिक वर्षो में पूर्ण विकास पर ध्यान केंद्रित किया जा सके । (ग) यह सुनिश्चित किया जाए कि बाल दुरूपयोग एवं उपेक्षा की कोई घटना न हो जब बालक संस्था में हो । अभिकरणों से यह सुनिश्चित करना अपेक्षित होता है कि बच्चों को संस्था में निम्नलिखित सुविधाएँ प्रदान कराई जाएं: (क) भौतिक सुविधाएँ: भौतिक परिवेश, जिसमें बालक की देखरेख की जाती है, स्वच्छ होना चाहिए । अभिकरण में स्वच्छता और सफाई का अनुरक्षण पर्याप्त होना चाहिए क्योंकि संस्था में अधिकांश बच्चे होते हैं और अनेक प्रकार की बीमारियों से पीड़ित होते हैं। एक वर्ष से कम आयु के बालकों को ऐसे एक कमरे में रखा जाना चाहिए जिससे स्नानघर और दूध पिलाने का कमरा लगा हुआ हो । 1-3 वर्ष की आयु के बालकों को स्नानघर से जुड़े हुए कमरे में रखा जाना चाहिए । बड़े बालकों को लड़के और लड़कियों के दो अलग-अलग कमरों में रखा जाना चाहिए । प्रत्येक कमरे के साथ स्नानघर और शौचालय जुड़े होने चाहिए । इसमें धोने का स्थान और बड़ा रसोईघर और बड़े बालकों के लिए भोजन कक्ष होना चाहिए । इसमें अच्छी रोशनी, हवा के आने-जाने की जगह और पर्याप्त स्थान आवश्यक होना चाहिए । गृह को, विशेषकर स्नानघर, शौचालय और रसोईघर को स्वच्छ, साफ़ होना चाहिए। दीवारों और आस-पास का परिवेश चमकदार और प्रेरणादेयी होना चाहिए। प्रेरणादेयी दृश्यों के लिए कक्षों में अच्छा रोगन होना चाहिए और खिलौने, जानवरों की तस्वीरें आदि लगी होनी चाहिए । (ख) चिकित्सा सुविधाएँ: नियमित चिकित्सीय निरीक्षण किया जाना चाहिए । अधिमानत: हर दूसरे दिन रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी द्वारा निरीक्षण किया जाना चाहिए । बाल रोग विशेषज्ञ जोखिमपूर्ण और अत्यधिक सुभेद्य बालकों का निदान और उपचार करने में सर्वोत्तम रूप से प्रशिक्षित होते हैं । शिशुओं और बच्चों को संस्था में प्रवेश के समय अलग रखा जाए और कम के कम एक सप्ताह तक पर्यवेक्षण में रखा जाए । बच्चे के प्रवेश के समय उपलब्ध अन्य विवरणों के साथ उसका भार, लंबाई और सिर के गहरे को दर्ज किया जाना चाहिए । चिकित्सा अभिलेख का अनुसरण किया जाना चाहिए और चिकित्सक को यथाशीघ्र, अधिमानत: बालक के प्रवेश के 24 घंटों के भीतर, उसका आकलन करना चाहिए। छह मास से कम आयु के प्रत्येक बालक की फोटो प्रत्येक मास, छह मास से तीन वर्ष तक हर तीन मास पर और उसके बाद हर छह मास पर ली जानी चाहिए । नियमित प्रतिरक्षण दिया जाना चाहिए और इसकी निगरानी की जानी चाहिए । गृह में हर समय आपातकालीन किट उपलब्ध होनी चाहिए और बुलाने पर चिकित्सक के आने की व्यवस्था होनी चाहिए । कर्मचारीवृन्द का भी प्रतिरक्षण किया जाना चाहिए । स्वास्थ्य के साधारण उपाय अर्थात स्वच्छता, दांत और त्वचा की देखरेख और आहार का पर्यवेक्षण किया जाए । बालक के समुचित विकास के लिए प्रेरणा बहुत महत्वपूर्ण है । इसे दिनचर्या में साधारण प्रेरणा तकनीकों को शुरू करके नर्सो, सहायकों में जागरूकता वृद्धि करके हासिल किया जा सकता है । यह भी सलाह दी जाती है कि फिजियोथैरेपिस्ट नियमित आधार पर बालकों की जाँच करे । (ग) कर्मचारीवृन्द: अभिकरण क पास बालकों की देखरेख के लिए पर्याप्त कर्मचारीवृन्द होने चाहिए, अधिमानत: एक वर्ष से कम आयु के बालकों के लिए 4:1, एक से तीन वर्ष के आयु वर्ग के बालकों के लिए 5:1 और बड़े बालकों के लिए 8:1 के अनुपात में कर्मचारीवृन्द होने चाहिए । दत्तक-ग्रहण गृहों में ऐसे कार्मिकों की आवश्यकता होती है जो बालकों के मुद्दों के प्रति संवेदनशील हैं । उन्हें बालकों की देखभाल में “शिक्षित” किए जाने की जरूरत है । यह सिफारिश की जाती है कि नर्सो, सहायकों, देखरेख कर्ताओं और अन्य कर्मचारीवृन्द के लिए कार्यशालाओं का आयोजन किया जाए ताकि वे उन बालकों की, जो उनकी देखरेख में है, विशेष स्थिति को पहचानने में सक्षम बन सकें । क्योंकि प्रतिबद्धित कर्मचारीवृन्द अच्छी बाल देखरेख का अभिन्न अंग होता है, अत: कर्मचारीवृन्द की प्रेरणा का स्तर ऊँचा रखा जाए । (घ) कपड़े: यह महत्वपूर्ण है कि गृह में रहने वाले बालक हर समय साफ़, आरामदायक और अच्छी तरह रखे गए कपड़े पहनें, न कि केवल दत्तक माता या पिता से मुलाक़ात के दौरान । (ङ) भोजन: संस्था का भोजन स्वच्छतापूर्वक पकाया हुआ पोषक और स्वादिष्ट होना चाहिए । व्यंजन सूची में भिन्नता होनी चाहिए । विशिष्ट भोजन लेने वाले बालकों की आवश्यकताओं पर भी ध्यान दिया जाए । इससे गृहों में आने वाले बालकों के सामने आ रही कुपोषण की समस्या से निपटने में सहायता मिलेगी । सूत्रों के संकेत वाला आहार चार्ट प्रदर्शित किया जाए और उसका अनुपालन किया जाए । (च) शिक्षा: विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण को अर्हित शिक्षक और विशेष शिक्षक के माध्यम से अथवा किसी ऐसे विद्यालय से जुड़ कर जो बालक अथवा बालकों को अस्थायी आधार पर लेगा, अनौपचारिक शिक्षा प्रदान करने में सक्षम होना चाहिए । (छ) स्वयंसेवी: बालक को सुरक्षा की भावना देने के लिए उसके साथ बात करना, उसे गले लगाना, गोद लेना, उसके साथ खेलना, उसे कहानियाँ और गीत सुनाना बहुत आवश्यक है । यद्यपि कर्मचारीवृन्दों द्वारा ऐसा नियमित रूप से किया जाना चाहिए, यह भी सलाह दी जाती है कि इस कार्य के लिए स्वयंसेवियों को प्रोत्साहित किया जाए । अनुसूची 13 [पैरा 29 (1) और 47 (1) देखें] दत्तक-ग्रहण व्यय भारत में रह रहे भारतीय भावी दत्तक माता या पिता या जिन मामलों में दंपत्ति में से किसी एक के पास भारतीय नागरिकता है और दूसरा विदेशी नागरिक है और दोनों भारत में रह रहे हैं, उन मामलों में ऐसे दंपत्ति दत्तक-ग्रहण व्यय करेंगे । क्र.सं. मद भुगतान की रकम भुगतान का समय और ढंग 1 सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा भारत में रह रहे भावी दत्तक माता या पिता की गृह अध्ययन रिपोर्ट (एचएसआर) 6,000 रूपये (यात्रा व्यय सहित) गृह अध्ययन से पहले भावी दत्तक माता या पिता द्वारा विशिष्ट दत्तक - ग्रहण अभिकरण अथवा प्राधिकृत सामाजिक कार्यकर्ता को डिमांड ड्राफ्ट अथवा बैंक अंतरण के माध्यम से संदत्त किया जाएगा । 2 बाल देखरेख कॉरपस (सीसीसी), बालक अध्ययन रिपोर्ट (सीएसआर) और चिकित्सा परीक्षण रिपोर्ट (एमईआर) को तैयार करने, बाल देखरेख और अनुरक्षण, विधिक व्यय और अन्य प्रशासनिक लागतें 40,000 रूपये दत्तक ग्रहण-पूर्व पोषण देखरेख में बालकों को प्राप्त करते समय भावी दत्तक माता या पिता द्वारा विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण को डिमांड ड्राफ्ट अथवा बैंक अंतरण के माध्यम से संदत्त किया जाएगा । 3 दत्तकग्रहण-पश्चात अनुवर्तन दौरे और परामर्श (दो वर्षों की अवधि में 4 बार) 2,000 रूपये प्रति दौरा/रिपोर्ट (यात्रा व्यय सहित) दत्तकग्रहण-पश्चात रिपोर्ट पूरी होने पर भावी दत्तक माता या पिता द्वारा विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण अथवा प्राधिकृत सामाजिक कार्यकर्ता को डिमांड ड्राफ्ट अथवा बैंक अंतरण के माध्यम से संदत्त किया जाएगा । 2. अनिवासी भारतीय/विदेशी भारतीय नागरिक/विदेशी भावी दत्तक माता या पिता द्वारा वहन किए जाने वाला दत्तक-ग्रहण व्यय क्र.सं. मद भुगतान की रकम भुगतान का समय और ढंग 1 प्राधिकृत सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा भावी दत्तक माता या पिता की गृह अध्ययन रिपोर्ट (एचएसआर) प्राप्तकर्ता देश के सन्ननियमों के अनुसार प्राप्तकर्ता देश के सन्ननियमों के अनुसार भावी दत्तक माता या पिता एएफएए/सीए को संदत्त करेंगे । 2 बाल देखरेख कॉरपस (सीसीसी), बालक अध्ययन रिपोर्ट (सीएसआर) और चिकित्सा परीक्षण रिपोर्ट (एमईआर) को तैयार करने, बाल देखरेख और अनुरक्षण, विधिक व्यय और अन्य प्रशासनिक लागतें 5,000 अमरीकी डालर सामान्यत: विदेशी में निवास कर रहे भावी दत्तक माता या पिता द्वारा प्राधिकृत विदेशी दत्तक-ग्रहण अभिकरण/केन्द्रीय प्राधिकरण के माध्यम से विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण को दो समान किस्तों में – पहली क़िस्त बच्चे को स्वीकार करते समय और दूसरी क़िस्त न्यायालय में दत्तक-ग्रहण याचिका फाइल करने के बाद भुगतान किया जाएगा । एक ही कुटुम्ब द्वारा भाई-बहन के दत्तक-ग्रहण के मामले में, पहले बालक हेतु प्रभार 5000 अमरीकी डालर और दूसरे बालक के लिए 1000 अमरीकी डालर होगा । 3 दत्तकग्रहण-पश्चात अनुवर्तन दौरे और परामर्श (दो वर्षों की अवधि में 4 बार) प्राप्तकर्ता देश के सन्नियम के अनुसार प्राप्तकर्ता देश के सन्नियम के अनुसार भावी दत्तक माता या पिता एएफएए/सीए को संदत्त करेंगे । 3. भारत में रह रहे ओसीआई/विदेशी भावी दत्तक माता या पिता द्वारा वहन किए जाने वाला दत्तक-ग्रहण व्यय क्र.सं. मद भुगतान की रकम भुगतान का समय और ढंग 1 प्राधिकृत सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा भावी दत्तक माता या पिता की गृह अध्ययन रिपोर्ट (एचएसआर) 300 अमरीकी डॉलर (जिसके अंतर्गत यात्रा व्यय भी है) गृह अध्ययन पूरा होने पर भावी दत्तक माता या पिता द्वारा विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण अथवा प्राधिकृत सामाजिक कार्यकर्ता को डिमांड ड्राफ्ट अथवा बैंक अंतरण के माध्यम से संदत्त किया जाएगा । 2 बाल देखरेख कॉरपस (सीसीसी), बालक अध्ययन रिपोर्ट (सीएसआर) और चिकित्सा परीक्षण रिपोर्ट (एमईआर) को तैयार करने, बाल देखरेख और अनुरक्षण, विधिक व्यय और अन्य प्रशासनिक लागतें। दत्तकग्रहण-पश्चात अनुवर्तन दौरे और परामर्श (दो वर्षो की अवधि में 4 बार) 4700 अमरीकी डॉलर भावी दत्तक माता या पिता स्तंभ संख्या 2 में उल्लिखित मदों के लिए विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण को संदत्त करेंगे। टिप्पण: जहाँ विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण ने किसी अन्य बाल देखरेख संस्था (सीसीआई) के बालक के दत्तक-ग्रहण के मामले में कार्रवाई की हो, वहाँ विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण संबंधित सीसीआई को सीसीसी रकम के 50 प्रतिशत का भुगतान डिमांड ड्राफ्ट या बैंक से अंतरण के माध्यम से करेगा । यह भुगतान ड्राफ्ट या बैंक से अंतरण के रूप में किया जाएगा। 4. विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण द्वारा सीसीसी का उपयोग (क) दत्तक-ग्रहण अभिकरण बाल देखरेख कॉर्पस में उपलब्ध राशि का उपयोग केवल गृह में रह रहे बालकों के कल्याण और गृह के रखरखाव के लिए करेंगे । इस रकम में दत्तक-ग्रहण को अंतिम रूप देने में उपगत सारे व्यय भी शामिल होंगे । (ख) यदि किसी अभिकरण की मान्यता समाप्त हो जाती है और राज्य सरकार उस अभिकरण के बालकों का पुनर्वास करने तथा उन्हें किसी अन्य अभिकरण या अभिकरणों में स्थानांतरित करने का निर्णय लेती है तो सीसीसी में उपलब्ध शेष रकम ऐसे अभिकरण या अभिकरणों को उन्हें प्राप्त बालकों की संख्या के अनुपात में हस्तांतरित की जाएगी । (ग) विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण सीसीसी के लिए अलग बैंक खाता और प्राप्तियों/भुगतानों/व्ययों/खातों का अलग अभिलेख/रजिस्टर रखेगा । (घ) वित्तीय वर्ष के अंत में सीसीसी खाते की लेखा परीक्षा चार्टड अकाउंटेंट से कराई जानी चाहिए, जो यह प्रमाणित करेगा कि कॉर्पस का उपयोग उपर्युक्त उप पैरा (क) में नियत तरीके से किया गया है । अनुसूची 14 [पैरा संख्या 44 देखें] संबंधित प्राधिकरणों और अभिकरणों के लिए समय सीमाएं क बालकों से संबंधित प्रक्रियाओं के लिए समयसीमा क्र.सं. पैरा सं. कार्रवाई समय 1 6 (2) विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण किसी परित्यक्त बालक को उसके फोटो और विवरण के साथ बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत करेगा। 24 घंटे के भीतर (यात्रा में लगने वाले समय को छोड़कर) 2 6 (4) और 7 (2) विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण बालक के फोटो के साथ उसका ब्यौरा केयरिंग्स में ऑनलाइन दर्ज करेगा । बालक प्राप्त होने के समय से 72 घंटे के भीतर । 3 6 (5) डीसीपीयू परित्यक्त बालक का विवरण और फोटो दर्शाने वाला विज्ञापन ऐसे राज्य स्तरीय समाचार-पत्र में प्रकाशित करेगा, जिसे व्यापक जनसमुदाय पढ़ता हो और जहाँ कहीं स्थानीय केबल नेटवर्क मौजूद हो, वहाँ उस नेटवर्क पर भी यह विज्ञापन दर्शाएगा । बालक प्राप्त होने के समय से 72 घंटे के भीतर। 4 6 (9) डीसीपीयू परित्यक्त बालक के जैविक माता या पिता/ विधिक संरक्षक को खोजने के लिए किए गए अपने प्रयासों की रिपोर्ट बाल कल्याण समिति को प्रस्तुत करेगा, जिसमें समाचार-पत्र में बालक की विशिष्टताओं एवं फोटो के प्रकाशन के परिमाणों का भी उल्लेख हो । बाल कल्याण समिति इस आशय के आदेश की तारीख से 30 दिनों के भीतर । 5 6 (10) विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण परित्यक्त बालक के जैविक माता या पिता या विधिक संरक्षक को खोजने के लिए किए गए अपने प्रयासों की रिपोर्ट बाल कल्याण समिति को प्रस्तुत करेगा । बाल कल्याण समिति के आदेश से अंतरिम देखरेख के लिए बालक प्राप्त होने की तारीख से 10 दिनों के भीतर । 6 7 (13) जैविक माता या पिता/विधिक संरक्षक द्वारा पुनर्विचार की अवधि/अभ्यर्पित बालक पर पुन: दावा किया जाना और इस विषय में विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण द्वारा बाल कल्याण समिति को सूचित किया जाना । अभ्यर्पण की तारीख से 60 दिनों के भीतर । 7 6 (14) और 7(16) विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण बालक अध्ययन रिपोर्ट (सीएसआर) और चिकित्सा परीक्षण रिपोर्ट (एमईआर) को बालक के अद्यतन फोटो के साथ अपलोड करेगा । बाल कल्याण समिति द्वारा बालक को दत्तक-ग्रहण के लिए वैध रूप से स्वतंत्र घोषित किए जाने की तारीख से दस दिनों के भीतर । 8 8 (1) (क) 05 वर्ष तक की आयु का सामान्य बालक दत्तक-ग्रहण के लिए निवासी भारतीय (आरआई) और अनिवासी भारतीय (एनआरआई) भावी दत्तक माता या पिता को उपलब्ध होगा । बालक कल्याण समिति द्वारा बालक को दत्तक-ग्रहण के लिए वैध रूप से स्वतंत्र घोषित किए जाने की तारीख से 60 दिनों तक । 9 8 (1) (ख) 05 वर्ष से अधिक आयु का अपेक्षाकृत बड़ा बालक और सहोदर भाई या बहन अंतर्देशीय दत्तक-ग्रहण के लिए उपलब्ध होगा/होंगे । बाल कल्याण समिति द्वारा बालक को दत्तक-ग्रहण के लिए वैध रूप से स्वतंत्र घोषित किए जाने की तारीख से 30 दिन । 10 8 (1) (ग) मानसिक और शारीरिक रूप से विकलांग बालक अंतर्देशीय दत्तक-ग्रहण के लिए उपलब्ध होगा । बाल कल्याण समिति द्वारा बालक को दत्तक-ग्रहण के लिए वैध रूप से स्वतंत्र घोषित किए जाने की तारीख से 15 दिन । ख. निवासी भारतीयों और भारत में रह रहे ओसीआई/विदेशियों द्वारा दत्तक-ग्रहण की समयसीमा: क्र.सं. पैरा सं. कार्रवाई समय 1 9 (4 और 5) विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण या एसएआरए द्वारा प्राधिकृत सामाजिक कार्यकर्ता, भावी दत्तक माता या पिता की गृह अध्ययन रिपोर्ट (एचएसआर) पूरी करेगा । केयरिंग्स में अपेक्षित दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने की तारीख से 30 दिनों के भीतर । 2 10 (3) भावी दत्तक माता या पिता केयरिंग्स पर उनकी वरीयता के अनुसार दर्शाए गए 1 बालक को आरक्षित करेंगे । रैफर किए जाने की तारीख और समय से 48 घंटों के भीतर । 3 10 (6) भावी दत्तक माता या पिता द्वारा बालक का चयन बालक/बालकों को आरक्षित किए जाने की तारीख से 15 दिनों के भीतर । 4 12 (1) विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण न्यायालय में दत्तक-ग्रहण याचिका फाइल करेगा । भावी दत्तक माता या पिता द्वारा बालक को स्वीकार किए जाने की तारीख से सात दिनों के भीतर । 5 12 (4) न्यायालय द्वारा दत्तक-ग्रहण याचिका का निपटान याचिका फाइल किए जाने की तारीख से दो महीनों के भीतर । 6 12 (5) विशेषज्ञ दत्तक-ग्रहण अभिकरण न्यायालय से दत्तक-ग्रहण आदेश की प्रमाणित प्रति प्राप्त करके उसे भावी दत्तक माता या पिता को भेजेगा और केयरिंग्स में भी पोस्ट करेगा । दत्तक-ग्रहण आदेश की तारीख से दस दिनों के भीतर । 7 12 (7) विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण जन्म प्रमाणपत्र जारी करने वाले प्राधिकरण से बालक का जन्म प्रमाणपत्र प्राप्त करके उसे केयरिंग्स में पोस्ट करेगा/ भावी दत्तक माता या पिता को भेजेगा । दत्तक-ग्रहण आदेश की अनुप्रमाणित प्रति प्राप्त होने की तारीख से दस दिनों के भीतर । ग. एनआरआई/ओसीआई/विदेशी भावी दत्तक माता या पिता द्वारा भारत से दत्तक-ग्रहण की समयसीमा: क्र.सं. पैरा सं. कार्रवाई समय 1 16 (7) एएफएए/सीए/सरकारी विभाग/भारतीय मिशन के माध्यम से केयरिंग्स से रैफर किए गए दो बालकों में से एक बालक को भावी दत्तक माता या पिता द्वारा आरक्षित किया जाना 96 घंटों के भीतर 2 16 (10) भावी दत्तक माता या पिता द्वारा बालक को स्वीकार किया जाना 30 दिनों के भीतर 3 17 (1) सीएआरए द्वारा निरापेक्ष प्रमाणपत्र भावी दत्तक माता या पिता द्वारा बालक को स्वीकार किए जाने और केन्द्रीय प्राधिकरण (सीए) के अनुमोदन की तारीख से दस दिनों के भीतर 4 18 (1) विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण न्यायालय में दत्तक-ग्रहण याचिका फाइल करेगा भावी दत्तक माता या पिता द्वारा बालक को स्वीकार किए जाने की तारीख से सात दिनों के भीतर 5 18 (3) न्यायालय द्वारा दत्तक-ग्रहण याचिका का निपटान याचिका फाइल किए जाने की तारीख से दो मासों के भीतर 6 18 (4) विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण न्यायालय से दत्तक-ग्रहण आदेश की प्रमाणित प्रति प्राप्त करके उसे केयरिंग्स में पोस्ट करेगा और एएफएए/सीए को भेजेगा दत्तक-ग्रहण आदेश की तारीख से दस दिनों के भीतर 7 19 (1) और (2) सीएआरए दत्तक-ग्रहण की पुष्टि के विषय में संबंधित आप्रवास प्राधिकारियों और विदेशी क्षेत्रीय रजिस्ट्रीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) को सूचित करेगा दत्तक-ग्रहण आदेश उपलब्ध होने की तारीख से तीन कार्यदिवसों के भीतर 8 19 (3) विशेषज्ञ दत्तक-ग्रहण अभिकरण बालक के पासपोर्ट के लिए क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी (आरपीओ) को आवेदन प्रस्तुत करेगा दत्तक-ग्रहण आदेश उपलब्ध होने की तारीख से तीन कार्यदिवसों के भीतर 9 19 (4) आरपीओ बालक का पासपोर्ट जारी करेगा पासपोर्ट का आदेश प्राप्त होने की तारीख से दस दिनों के भीतर 10 19 (5) जहाँ कहीं आवश्यक हो, वहाँ विदेशी प्रादेशिक रजिस्ट्रीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) दत्तक बालक को निकासी वीजा जारी करेगा सभी समर्थक दस्तावेजों के साथ आवेदन ऑनलाइन प्रस्तुत किए की तारीख से तीन कार्यदिवसों के भीतर 11 19 (6) विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण जन्म प्रमाणपत्र जारी करने वाले प्राधिकरण से बालक का जन्म प्रमाणपत्र प्राप्त करके उसे केयरिंग्स में पोस्ट करेगा और संबंधित एएफएए/सीए को भेजेगा दत्तक-ग्रहण आदेश की प्रमाणित प्रति प्राप्त होने की तारीख से दस दिनों के भीतर अनुसूची 15 [पैरा 48 देखें] विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरणों के तिमाही दत्तक-ग्रहण आंकड़ो के लिए प्रपत्र वित्तीय वर्ष ...............के आंकड़े विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण का नाम : ..................................................... ..................................................... पता : ...................................................... ...................................................... लैंडलाइन : ....................................................... मोबाइल : ....................................................... फैक्स : ........................................................ ईमेल : ......................................................... भाग I देश के भीतर दत्तक-ग्रहण के मामले में दत्तकग्रहण-पूर्व देश के भीतर दत्तक-ग्रहण (दत्तक-ग्रहण पूर्व #) बालक बालिका कुल बालक बालिका कुल पहली तिमाही (अप्रैल से जून) दूसरी तिमाही (जुलाई से सितम्बर) तीसरी तिमाही (अक्टूबर से दिसंबर) चौथी तिमाही (जनवरी से मार्च) भाग II अंतर्देशीय दत्तक-ग्रहण के मामले में दत्तकग्रहण-पूर्व पोषण देखरेख* अंतर्देशीय दत्तक-ग्रहण (दत्तक-ग्रहण पूर्व #) बालक बालिका कुल बालक बालिका कुल पहली तिमाही (अप्रैल से जून) दूसरी तिमाही (जुलाई से सितम्बर) तीसरी तिमाही (अक्टूबर से दिसंबर) चौथी तिमाही (जनवरी से मार्च) स्त्रोत: महिला और बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार