उद्देश्य समाज के अनुसूचित जाति वर्ग के लिये स्वयं का उद्योग (विनिर्माण)/सेवा उद्यम स्थापित करने हेतु बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराना है। योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को मार्जिन मनी सहायता, ब्याज अनुदान, ऋण गारंटी एवं प्रशिक्षण का लाभ शासन द्वारा दिया जाएगा। योजना के क्रियान्वयन आयुक्त अनुसूचित जाति कल्याण विभाग अंतर्गत म.प्र. राज्य सहकारी अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम मर्या. भोपाल द्वारा अपनी जिला अन्त्यावसायी सहकारी विकास समितियों के माध्यम से योजना को क्रियान्वित किया जाएगा। प्राथमिकता वाले क्षेत्र इस योजना में कृषि आधारित उद्योगो के लिए प्राथमिकता है जैसे कि एग्रो प्रोसेसिंग, फूड प्रोसेसिंग, कोल्ड स्टोरेज, मिल्क प्रोसेसिंग, केटल फीड, पोल्ट्री फीड, कस्टम हायरिंग सेंटर, वेजीटेबल डीहाइड्रेशन, टिश्यू कल्चर, दाल मिल, राइस मिल, आइल मिल, फ्लोर मिल, बेकरी, मसाला निर्माण, सीड ग्रेडिंग/शार्टिंग एवं अन्य कृषि आधारित / अनुषांगिक परियोजनाओं में प्राथमिकता दी जाती है। पात्रता योजना का कार्यक्षेत्र संपूर्ण मध्यप्रदेश होगा (अर्थात् योजना का लाभ उन्हीं उद्यमों को देय होगा जो मध्यप्रदेश सीमा के अन्दर स्थापित हों) आवेदक मध्यप्रदेश का मूल निवासी हो। न्यूनतम 10 वीं कक्षा उत्तीर्ण हो। आवेदन दिनांक को आयु 18 से 40 वर्ष के मध्य हो। किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक(Defaulter) नहीं होना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति किसी शासकीय उद्यमी/स्वरोजगार योजना के अन्तर्गत सहायता प्राप्त कर रहा हो, तो इस योजना के अन्तर्गत पात्र नहीं होगा। सहायता इस योजना के अंतर्गत परियोजना लागत न्यूनतम रूपये 10 लाख से अधिकतम रूपये एक करोड़ होगी।इस योजना के अंतर्गत परियोजना लागत पर मार्जिनमनी सहायता 15 प्रतिशत(अधिकतम रूपये 12 लाख) देय होगी। इस योजना के अंतर्गत परियोजना लागत पर 5 प्रतिशत की दर से अधिकतम 7 वर्ष तक ब्याज अनुदान देय होगा।इ इस योजना के अंतर्गत गारंटी शुल्क प्रचलित दर पर अधिकतम 7 वर्ष तक देय होगी। इस योजनांतर्गत व्यापारिक गतिविधियां पात्र नहीं होगी। ऑनलाइन आवेदन फॉर्म आवेदनकर्ता को लोन लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। फार्म भरने के लिए या अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें। आवेदन प्रक्रिया आवेदक द्वारा निर्धारित प्रपत्र पर आवेदन जिला अन्त्यावसायी सहकारी विकास समिति मर्या द्वारा आवश्यक सहपत्रों सहित प्रस्तुत किया जायेगा। आवेदन पत्र निःशुल्क रहेगा।सभी प्राप्त आवेदन पंजीबद्ध किये जावेंगे। अपूर्ण आवेदन पूर्ण करने हेतु यथा संभव आवेदक को सूचित किया जायेगा। आवेदक द्वारा प्रस्तावित गतिविधि की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन) चार्टर्ड एकाउंटेन्ट द्वारा प्रमाणित कर आवेदन के साथ संलग्न किय जाना होगा। सहायता एवं ऋण अदायगी परियोजना लागत पर 15 प्रतिशत (अधिकतम रू. 12 लाख) मार्जिनमनी सहायता हितग्राही को शासन/निगम की ओर से देय होगी तथा शेष आवश्यक होने पर मार्जिनमनी हितग्राही को स्वयं जमा करनी होगी। आरंभिक स्थगन (moratorium) की न्यूनतम अवधि 6 माह होगी। आरंभिक स्थगन(moratorium)के बाद,ऋण अदायगी 5 से 7 वर्ष के बीच होगी। प्रशिक्षण योजना अन्तर्गत ऋण स्वीकृति के पश्चात् उद्यमी के विकल्प पर उद्यमिता विकास प्रशिक्षण आवश्यक होने पर शासन के द्वारा दिया जावेगा। इस संबंध में पृथक से निर्देश जारी किये जाएंगे।उद्यमिता विकास कार्यक्रम में पूर्व प्रशिक्षित आवेदक को इस योजना अन्तर्गत पृथक से प्रशिक्षण प्राप्त करना आवश्यक नहीं होगा परन्तु आवश्यकता के आधार पर प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी। स्त्रोत: राज्य सहकारी अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम मर्यादित, मध्यप्रदेश सरकार।