अंशदाता श्रमिकों की लडकियों की पढ़ाई के लिए वित्तीय सहायता अंशदाता श्रमिकों की लडकियों के लिए पहली कक्षा से आठवीं कक्षा तक पढ़ाई जारी रखने पर स्कूल की वर्दी, किताबें व कापियां आदि खरीदने हेतू वित्तीय सहायता - योजना का उद्देश्य इस योजना के अन्तर्गत हरियाणा राज्य की औद्योगिक व कमर्शियल इकाईयों में कार्यरत श्रमिकों की लड़कियों को पहली कक्षा से आठवीं कक्षा तक पढ़ाई जारी रखने पर स्कूल की वर्दी, पाठ्य पुस्तकें तथा कापियां आदि के लिए प्रवेश के समय एकमुश्त निम्न वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है - कक्षा का नाम वित्तीय सहायता की राशि पहली कक्षा से चौथी कक्षा तक पढ़ाई जारी रखने पर 2000 रूपये पांचवीं कक्षा से आठवीं कक्षा तक पढ़ाई जारी रखने पर 3000 रूपये पात्रता के लिए निर्धारित शर्तें - उक्त योजना का लाभ श्रमिक की केवल तीन लड़कियों तक उपलब्ध करवाया जाता है । लड़की की पढ़ाई जारी रखने का प्रमाण-पत्र स्कूल के प्रिंसीपल/हैडमास्टर से स्कूल के लैटर पैड पर बनवाकर अपलोड करना होगा । श्रमिक द्वारा राशन कार्ड/ई0एस0आई0 कार्ड की फोटो प्रति अपलोड करनी होगी जिसमें लड़की के नाम का उल्लेख हो । संबंधित सैशन में आवेदन प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 31 दिसम्बर निर्धारित की गई है। 31 दिसम्बर के बाद प्रस्तुत केसों पर विचार नहीं किया जायेगा । इस योजना के अन्तर्गत श्रमिक की सेवा अवधि 2 वर्ष निर्धारित है। श्रमिक का मासिक वेतन 20,000/-रूपये से अधिक न हो । अंशदाता श्रमिकों के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति योजना इस योजना का उद्देश्य इस योजना का उद्देश्य हरियाणा राज्य की औद्योगिक व कमर्शियल संस्थानों में कार्यरत श्रमिकों के बच्चों को अपनी पढ़ाई जारी रखने हेतू वित्तीय सहायता प्रदान करना है। दिनांक 23-02-2015 से केवल परीक्षा पास करने पर (चाहे परीक्षा न्यूनतम नम्बरों से भी पास की गई हो) व अगली परीक्षा में पढ़ाई जारी करने पर श्रमिकों की 3 लड़कियों तथा 2 लड़कों तक विभिन्न कक्षाओं में निम्न प्रकार से छात्रवृत्ति की राशि दी जाती है – पढ़ाई जारी रखने की कक्षा लडकों के लिए छात्रवृत्ति राशि लड़कियों के लिए छात्रवृत्ति राशि 9 वीं से 10 वीं कक्षा 4000 रूपये 6000 रूपये 11वीं से 12वीं कक्षा 4500 रूपये 6750 रूपये सभी प्रकार की स्नातक डिग्रियों तक के प्रत्येक वर्ष के लिए 5000 रूपये 7500 रूपये सभी प्रकार की इंजिनियरिंग डिग्री, बी0फार्मेसी के प्रत्येक वर्ष के लिए 7000 रूपये 10500 रूपये पोलीटैकनिक डिपलोमें, सी0ए0 डी0 फार्मेसी, ए0एन.एम0, जी0एन0एम0 तथा अन्य अंडरग्रेज्युएट डिप्लोमा कोर्सों के प्रत्येक वर्ष के लिए 6000 रूपये 9000 रूपये आई0टी0आई डिप्लोमा कोर्स के प्रत्येक वर्ष के लिए 5000 रूपये 7500 रूपये सभी प्रकार की स्नातकोतर डिग्रीयों /डिप्लोमें/ बी0 एस0 सी0 नर्सिंग के प्रत्येक वर्ष के लिए 6000 रूपये 6700 रूपये सभी प्रकार की मैडीकल डिग्रीयों (एम0 बी0बी0एम0, बी 0 डी 0 एस0, बी0 ए0 एम0एस0 आदि) के प्रत्येक वर्ष के लिए 10000 रूपये 15000 रूपये पात्रता के लिए निर्धारित शर्तें - इस योजना के लाभ हेतु आवेदन-पत्र प्रस्तुत करने की अन्तिम तिथि 31 दिसम्बर निर्धारित की गई है। 31 दिसम्बर के बाद की तिथि में प्रस्तुत केसों पर विचार नहीं किया जायेगा । यदि श्रमिक का बच्चा किसी और संस्था से भी छात्रवृति ले रहा है तो वह भी योजना का लाभ ले सकता है । यदि कोई छात्र झूठा प्रमाण-पत्र देकर छात्रवृत्ति प्राप्त करता है तो उसको भविष्य में कभी भी छात्रवृत्ति नहीं दी जायेगी और दी गई छात्रवृति की राशि वापिस ले ली जायेगी । जो छात्र स्वयं रोजगार या नौकरी पर है वह इस स्कीम के अंतर्गत कवर नहीं होते । श्रमिकों के वे बच्चे जो किसी कारणवश पढ़ाई छोड़ देते हैं और पुनः पढ़ाई जारी रखते हैं तो उन्हें भी इस योजना का लाभ मिलेगा। श्रमिकों के जो बच्चे हरियाणा राज्य से बाहर पढ़ाई जारी रखे हुए हैं को भी इस योजना का लाभ दिया जाएगा । रि-अपियर/कम्पार्टमैन्ट आने पर छात्र/छात्रा योजना के पात्र नहीं होंगे। इस योजना के अन्तर्गत श्रमिक की सेवा अवधि 1 वर्ष निर्धारित है। श्रमिक का मासिक वेतन 20,000/-रूपये से अधिक न हो । अंशदाता श्रमिकों के बच्चों की खेलों के प्रति प्रतिभा को विकसित करने बारे वित्तीय सहायता इस योजना का उद्देश्य इस योजना के अन्तर्गत हरियाणा राज्य की औद्योगिक व कमर्शियल संस्थानों में कार्यरत श्रमिकों के बच्चों की खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने पर हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड की तरफ से निम्न तालिका अनुसार वित्तीय सहायता उपलब्ध करवायी जाती है ताकि श्रमिकों के बच्चे भी अच्छे खिलाडी बन सकें। खेल प्रतियोगिता जिला स्तरीय प्रतियोगिता राशि मण्डल स्तरीय प्रतियोगिता राशि राज्य स्तरीय प्रतियोगिता राशि राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिता राशि अन्तर्राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिता राशि सामुहिक खेल प्रतियोगिता में भाग लेने पर 1000 रूपये 2000 रूपये 3000 रूपये 4000 रूपये 5000 रूपये सामुहिक खेल प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान लेने पर 1200 रूपये 2200 रूपये 3200 रूपये 4200 रूपये 5200 रूपये व्यक्तिगत खेल प्रतियोगिता में भाग लेने पर 2000 रूपये 4000 रूपये 6000 रूपये 8000 रूपये 10000 रूपये व्यक्तिगत खेल प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान लेने पर 2400 रूपये 4400 रूपये 6400 रूपये 8400 रूपये 10400 रूपये पात्रता के लिए निर्धारित शर्तें - छात्र/छात्रा द्वारा जिस स्तर तक व्यक्तिगत या सामुहिक खेल प्रतियोगिता में भाग लिया गया है, का प्रमाण-पत्र जिला खेल अधिकारी से साक्षांकित करवा कर अपलोड करना होगा । छात्र/छात्रा द्वारा जिस स्तर तक व्यक्तिगत या सामुहिक खेल प्रतियोगिता में प्रथम, द्वित्तीय व तृतीय स्थान प्राप्त किया गया है का प्रमाण-पत्र जिला खेल अधिकारी से साक्षांकित करवाके अपलोड करना होगा । श्रमिक ऐसा प्रमाण अपलोड करेगा कि भाग लेने वाला खिलाड़ी उस पर आश्रित है । आवेदन खेलों में भाग लेने का सर्टिफिकेट जारी होने की तिथि से एक वर्ष के अन्दर-अन्दर करना अनिवार्य है। राशन कार्ड की साक्षांकित प्रति अपलोड करनी होगी। इस योजना के अन्तर्गत श्रमिक की सेवा अवधि निर्धारित नहीं है । श्रमिक का मासिक वेतन 20,000/-रूपये से अधिक न हो । अंशदाता श्रमिकों के बच्चों की सांस्कृतिक क्षेत्र के प्रति प्रतिभा को विकसित करने बारे वित्तीय सहायता इस योजना का उद्देश्य इस योजना के अन्तर्गत हरियाणा राज्य की औद्योगिक व कमर्शियल संस्थानों में कार्यरत श्रमिकों के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में भाग लेने पर हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड की तरफ से निम्न तालिका अनुसार वित्तीय सहायता उपलब्ध करवायी जाती है ताकि श्रमिकों के बच्चे भी अच्छे कलाकार बन सकें । खेल प्रतियोगिता जिला स्तरीय प्रतियोगिता राशि मण्डल स्तरीय प्रतियोगिता राशि राज्य स्तरीय प्रतियोगिता राशि राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिता राशि अन्तर्राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिता राशि सामुहिक सांस्कृतिक प्रतियोगिता जैसे नृत्य व गीत आदि प्रतियोगिता में भाग लेने पर 1000 रूपये 2000 रूपये 3000 रूपये 4000 रूपये 5000 रूपये सामुहिक सांस्कृतिक प्रतियोगिता जैसे नृत्य व गीत आदि प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने पर 1200 रूपये 2200 रूपये 3200 रूपये 4200 रूपये 5200 रूपये एकल सांस्कृतिक प्रतियोगिता जैसे नृत्य व गीत आदि प्रतियोगिता में भाग लेने पर 2000 रूपये 4000 रूपये 6000 रूपये 8000 रूपये 10000 रूपये एकल नृत्य प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने पर 2400 रूपये 4400 रूपये 6400 रूपये 8400 रूपये 10400 रूपये पात्रता के लिए निर्धारित शर्तें - छात्र/छात्रा द्वारा जिस स्तर तक एकल या सामुहिक सांस्कृतिक प्रतियोगिता जैसे नृत्य व गीत आदि प्रतियोगिता में भाग लिया गया उसका प्रमाण-पत्र जिला सांस्कृतिक अधिकारी से साक्षांकित करवाके अपलोड करना होगा । छात्र/छात्रा द्वारा जिस स्तर तक एकल या सामुहिक सांस्कृतिक प्रतियोगिता जैसे नृत्य व गीत आदि प्रतियोगिता में प्रथम, द्वित्तीय व तृतीय स्थान प्राप्त किया उसका प्रमाण-पत्र जिला सांस्कृतिक अधिकारी से साक्षांकित करवा के अपलोड करना होगा । श्रमिक ऐसा प्रमाण अपलोड करेगा कि भाग लेने वाला बच्चा उस पर आश्रित है । आवेदन सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में भाग लेने का सर्टिफिकेट जारी होने की तिथि से एक वर्ष के अन्दर-अन्दर करना अनिवार्य है। राशन कार्ड की साक्षांकित प्रति अपलोड करनी होगी । इस योजना के अन्तर्गत श्रमिक की सेवा अवधि निर्धारित नहीं है । श्रमिक का मासिक वेतन 20,000/-रूपये से अधिक न हो । अंशदाता श्रमिकों द्वारा नई साईकिल खरीदने पर वित्तीय सहायता इस योजना का उद्देश्य इस योजना के अन्तर्गत हरियाणा राज्य की औद्योगिक व कमर्शियल संस्थानों में कार्यरत श्रमिकों को उनके निवास स्थान से संस्था तक डयूटी पर आने-जाने के लिए नई साईकल खरीदने हेतू 3000 रूपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है । पात्रता के लिए निर्धारित शर्तें - श्रमिक को साईकल खरीदने हेतू पूर्ण सेवा काल में केवल एक बार ही वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी । संस्था द्वारा जारी श्रमिक का आई डी प्रमाण अपलोड करना होगा । इस योजना के अन्तर्गत श्रमिक की सेवा अवधि 2 वर्ष निर्धारित है। निर्धारित मासिक वेतन सीमा 18,000 रूपये है। अंशदाता श्रमिकों को चश्मों के लिए वित्तीय सहायता इस योजना का उद्देश्य इस योजना के अन्तर्गत हरियाणा राज्य की औद्योगिक व कमर्शियल संस्थानों में कार्यरत श्रमिकों की आंखों की दृष्टि कमजोर होने पर 1000 रू0 तक की राशि के चश्में खरीदने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है और यदि चश्में की कीमत 1000 रू0 से कम होगी तो चश्में की वास्तविक कीमत प्रदान की जाएगी तथा इस योजना का लाभ श्रमिक या उसके आश्रित को दिया जाता है। पात्रता के लिए निर्धारित शर्तें - प्रार्थी को डाक्टरी प्रमाण-पत्र तथा चश्में खरीदने का बिल/रसीद अपलोड करनी होगी । श्रमिक अंडरटैकिंग अपलोड करेगा कि उसने आवेदित योजना का लाभ पहले कभी नहीं लिया । डाक्टर की प्रेसक्रिप्शन उपरांत चश्मा खरीदने के बिल की तिथि से तीन मास के अन्दर-अन्दर आवेदन प्रस्तुत करना होगा श्रमिक के परिवार के सदस्य/आश्रित हेतू आवेदन करने के लिए आवेदन के साथ श्रमिक पर आश्रित होने का प्रमाण जैसे राशन कार्ड की साक्षांकित प्रति अपलोड करनी होगी। इस योजना के अन्तर्गत श्रमिक की सेवा अवधि 1 वर्ष निर्धारित है। श्रमिक का मासिक वेतन 20,000/-रूपये से अधिक न हो । अंशदाता श्रमिकों की लडकियों तथा संबंधित संस्था में स्वयं कार्यरत महिला की शादी के उत्सव पर कन्यादान के रूप में आर्थिक सहायता योजना इस योजना का उद्देश्य इस योजना के अन्तर्गत हरियाणा राज्य की औद्योगिक व कमर्शियल संस्थानों में कार्यरत श्रमिकों को उनकी लड़कियों की शादी तथा कार्यरत महिला श्रमिकों की स्वयं की शादी हेतू कन्यादान स्वरूप 51,000 रूपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। दिनांक 23-02-2015 से उक्त योजना का लाभ 02 कन्याओं से बढ़ाकर 03 कन्याओं के विवाह हेतू दिया जा रहा है। इस योजना के लागू होने से लड़की को समाज में बोझ नहीं माना जायेगा तथा लड़के-लड़की के भेदभाव को भी कुछ सीमा तक कम किया जा सकेगा। इस सहायता का श्रमिकों द्वारा अन्य स्त्रोतों से प्राप्त आर्थिक सहायता पर कोई प्रभाव नहीं होगा। पात्रता के लिए निर्धारित शर्तें - श्रमिक द्वारा शादी का पंजीकरण प्रमाण-पत्र अपलोड करना होगा। श्रमिक एक अंडरटेकिंग अपलोड करेगा जिसमें बोर्ड से पहली बार, दूसरी बार या तीसरी बार अथवा पहले कभी भी कन्यादान न लेने बारे स्पष्ट वर्णन किया गया हो। श्रमिक के परिवार के सदस्य/आश्रित हेतू आवेदन करने के लिए आवेदन के साथ श्रमिक पर आश्रित होने का प्रमाण जैसे राशन कार्ड इत्यादि की साक्षांकित प्रति अपलोड करनी होगी। इस योजना के अन्तर्गत श्रमिक की सेवा अवधि 5 वर्ष निर्धारित है। श्रमिक का मासिक वेतन 20,000/-रूपये से अधिक न हो । अंशदाता महिला श्रमिकों तथा पुरूष श्रमिकों की पत्नियों को प्रसूति पर वित्तीय सहायता इस योजना का उद्देश्य इस योजना के अन्तर्गत हरियाणा राज्य की औद्योगिक व कमर्शियल संस्थाओं में कार्यरत महिला श्रमिकों तथा पुरूष श्रमिकों की पत्नियो को दो बच्चों तक की प्रसूति हेतू 7000 रूपये वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है । दिनांक 23-02-2015 से उक्त योजना में महिला श्रमिकों तथा पुरूष श्रमिकों की पत्नियों को तीन लड़कियों तक की प्रसूति योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है। पात्रता के लिए निर्धारित शर्तें - बच्चा होने की तिथि से छः मास के अन्दर-अन्दर आवेदन करना होगा । श्रमिक द्वारा प्रसूति के संबंध में अपनी पत्नी होने का प्रमाण अपलोड करना होगा। बच्चे का जन्म प्रमाण-पत्र अपलोड करना होगा। इस योजना के अन्तर्गत श्रमिक की सेवा अवधि 1 वर्ष निर्धारित है। श्रमिक का मासिक वेतन 20,000/-रूपये से अधिक न हो । अंशदाता श्रमिकों की सेवा के दौरान कार्य स्थल से बाहर दुर्घटना या अन्य कारण से अपंगता होने पर वित्तीय सहायता इस योजना का उद्देश्य इस योजना के अन्तर्गत हरियाणा राज्य की औद्योगिक व कमर्शियल संस्थाओं में कार्यरत श्रमिकों को जिनकी डियुटी के दौरान या अन्य किसी भी कारण से कार्यस्थल से बाहर दुर्घटना में अपंगता हो जाती है, को मैडीकल बोर्ड़/ई0एस0आई0 द्वारा प्रार्थी को अपंगता प्रमाण-पत्र के जारी होने की तिथि से एक वर्ष के अन्दर आवेदन करने पर अंपगता की प्रतिशतता के आधार पर निम्न प्रकार से सहायता दी जाती है अपंगता की अंपगता वित्तीय सहायता की राशि Minor Disability (50% तक की Injury) पर 20000 रूपये Major disability (50% से उपर की Injury) पर 30000 रू0 पात्रता के लिए निर्धारित शर्तें इस योजना के अन्तर्गत श्रमिक की सेवा अवधि निर्धारित नहीं है । श्रमिक का मासिक वेतन 20,000/-रूपये से अधिक न हो । अपंग श्रमिक यह अंडरटैकिंग देगा कि उसने आवेदित योजना का लाभ पहले कभी नहीं लिया । अंशदाता श्रमिकों तथा उनके आश्रितों को डैन्टल केयर/जबडा लगवाने हेतू वित्तीय सहायता। इस योजना का उद्देश्य इस योजना के अन्तर्गत हरियाणा राज्य की औद्योगिक व कमर्शियल संस्थाओं में कार्यरत श्रमिकों के डैन्टल केयर हेतू 2000 रूपये अथवा डैन्टल केयर के वास्तविक खर्च में से जो भी कम हो की वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाने तथा पूर्ण जबड़ा (Full Denture ) लगवाने पर श्रमिक को 5000 रू0 अथवा जबड़े के वास्तविक खर्च में से जो भी कम हो, की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। पात्रता के लिए निर्धारित शर्तें - Dentist की Prescription तथा दवाई खरीदने का बिल अपलोड करना होगा। पूर्ण जबड़ा लगवाने हेतू Dentist की Prescription तथा Dentist से खर्च का बिल स्पष्ट लिखवाकर तथा बिल पर Dentist के हस्ताक्षर मोहर सहित करवाकर अपलोड करना होगा। आवेदन डैंटल केयर अथवा जबड़ा लगवाने की Dentist की Prescription अथवा बिल की तिथि से तीन मास के अन्दर-अन्दर प्रस्तुत करना होगा। श्रमिक अंडरटेकिंग देगा कि उसने आवेदित योजना का लाभ पहले कभी नहीं लिया है। इस योजना के अन्तर्गत श्रमिक की सेवा अवधि 1 वर्ष निर्धारित है। श्रमिक का मासिक वेतन 20,000/-रूपये से अधिक न हो । अंशदाता श्रमिकों कि किसी भी दुर्घटना में अपंग हुए श्रमिकों व उनके आश्रितों को कृत्रिम अंगों हेतू वित्तीय सहायता इस योजना का उद्देश्य इस योजना के अन्तर्गत हरियाणा राज्य की औद्योगिक व कमर्शियल ईकाईयों में कार्यरत श्रमिकों तथा उनके आश्रितों को महत्तवपूर्ण अंगों के गंवा देने पर कृत्रिम अंगों हेतू साकेत हस्पताल, चण्डीमन्दिर (पंचकूला) द्वारा निर्धारित दरों तक की राशि की वित्तीय सहायता उपलब्ध करवायी जाती है। पात्रता के लिए निर्धारित शर्तें - डाक्टर की Prescription तथा कृत्रिम अंग खरीदने का बिल अपलोड करना होगा। आश्रित की स्थिति में श्रमिक द्वारा ऐसा प्रमाण अपलोड करना होगा कि जिसके लिए वह आवेदन कर रहा है वह उस पर आश्रित है। अपंगता का साक्षांकित प्रमाण-पत्र अपलोड करना होगा । इस योजना के अन्तर्गत श्रमिक की सेवा अवधि 1 वर्ष निर्धारित है। श्रमिक का मासिक वेतन 20,000/-रूपये से अधिक न हो । अंशदाता श्रमिकों व उनके आश्रितों किसी भी दुर्घटना में या अन्य कारण से अपनी श्रवण शक्ति खोने पर श्रवण मशीन (hearing aids) हेतू वित्तीय सहायता इस योजना का उद्देश्य इस योजना के अन्तर्गत हरियाणा राज्य की औद्योगिक व कमर्शियल संस्थाओं में कार्यरत श्रमिकों तथा उनके आश्रितों द्वारा किसी भी दुर्घटना में या अन्य कारण से अपनी श्रवण शक्ति खोने पर श्रवण मशीन (hearing aids) खरीदने हेतू 3000 रूपये अथवा श्रवण मशीन (hearing aid) की वास्तविक कीमत में से जो भी कम हो की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। पात्रता के लिए निर्धारित शर्तें - श्रमिक डाक्टर की prescription तथा श्रवण मशीन (hearing aid) खरीदने का बिल अपलोड करना होगा । आश्रित की स्थिति में श्रमिक द्वारा ऐसा प्रमाण अपलोड करना होगा कि जिसके लिए वह आवेदन कर रहा है वह उस पर आश्रित है व राशन कार्ड की साक्षांकित प्रति अपलोड करनी होगी। श्रवण शक्ति खोने का प्रमाण पत्र अपलोड करना होगा । इस योजना के अन्तर्गत श्रमिक की सेवा अवधि 1 वर्ष निर्धारित है। श्रमिक का मासिक वेतन 20,000/-रूपये से अधिक न हो । अंशदाता महिला श्रमिकों को नई सिलाई मशीन खरीदने हेतू वित्तीय सहायता इस योजना का उद्देश्य इस योजना के अन्तर्गत हरियाणा राज्य की औद्योगिक व कमर्शियल संस्थानों में कार्यरत महिला श्रमिकों को उनके घरेलू उपयोग हेतू सिलाई मशीन खरीदने हेतू 3500 रूपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है । पात्रता के लिए निर्धारित शर्तें - सिलाई मशीन पूर्ण सेवाकाल में एक बार ही प्रदान की जायेगी। संस्था द्वारा जारी श्रमिक का आई डी प्रमाण अपलोड करना होगा । इस योजना के अन्तर्गत श्रमिक की सेवा अवधि 2 वर्ष निर्धारित है। श्रमिक का मासिक वेतन 18,000/-रूपये से अधिक न हो । अपंग अंशदाता श्रमिकों तथा उनके आश्रितों को ट्राई साइकिल हेतू वित्तीय सहायता इस योजना का उद्देश्य इस योजना के अन्तर्गत हरियाणा राज्य की औद्योगिक व कमर्शियल ईकाईयों में कार्यरत श्रमिकों व उनके आश्रितों को किसी भी दुर्घटना में या अन्य कारण से अपनी टांगे गंवाने पर ट्राई साइकिल उपलब्ध करवाने हेतू 5000 रू0 या वास्तविक कीमत में से जो भी कम हो,की वित्तीय सहायता श्रमिक को प्रदान की जाती है। पात्रता के लिए निर्धारित शर्तें - श्रमिक ट्राई साइकिल खरीदने का बिल अपने कलेम के साथ प्रस्तुत करेगा। आश्रित की स्थिति में श्रमिक द्वारा यह प्रमाण देना होगा कि जिसके लिए वह आवेदन कर रहा है वह उस पर आश्रित है व राशन कार्ड की साक्षांकित प्रति अपलोड करनी होगी। अपंगता का प्रमान पत्र अपलोड करना होगा। इस योजना के अन्तर्गत श्रमिक की सेवा अवधि 1 वर्ष निर्धारित है। श्रमिक का मासिक वेतन 20,000/-रूपये से अधिक न हो । अंशदाता श्रमिकों को LTC(लीव ट्रेवल कांसेसन ) की सुविधा उपलब्ध करवाने बारे सहायता इस योजना का उद्देश्य इस योजना के अन्तर्गत हरियाणा राज्य की औद्योगिक व कमर्शियल संस्थानों में कार्यरत श्रमिकों को भ्रमण हेतू 1000 रू0 की राशि LTC स्वरूप प्रदान की जाती है। पात्रता के लिए निर्धारित शर्तें - इसके अन्तर्गत श्रमिक को 4 वर्ष के ब्लाक में एक बार 1000 रूपये की राशि LTC स्वरूप प्रदान की जाती है। श्रमिक को यह अंडरटेकिंग अपलोड करनी होगी कि उसने संबंधित ब्लाक में पहले कोई LTC की राशि प्राप्त नहीं की है। प्रथम ब्लाक वर्ष 2012-15 का माना जायेगा। इस योजना के अन्तर्गत श्रमिक की सेवा अवधि 5 वर्ष निर्धारित है। श्रमिक का मासिक वेतन 18,000/-रूपये से अधिक न हो । अंशदाता श्रमिकों के अपंग, अन्धेपन तथा मंदबुद्धि (मेंटली डिसऑर्डर ) बच्चों को वित्तीय सहायता प्रदान करने बारे योजना का उद्देश्य इस योजना के अन्तर्गत हरियाणा राज्य की औद्योगिक व कमर्शियल संस्थानों में कार्यरत श्रमिकों के अपंग, अन्धेपन तथा मंदबुद्धि (मेंटली डिसऑर्डर) बच्चों को निम्न अनुसार वित्तीय सहायत उपलब्ध करवायी जाती है - अपंगता की अंपगता वित्तीय सहायता की राशि 70 प्रतिशत से 90 प्रतिशत तक अपंगता अन्धेपन अन्धेपन (Blind) तथा मंदबुद्धि (Mentally Disorder) प्रति वर्ष 15000 रूपये। 91 प्रतिशत से 100 प्रतिशत तक अपंगता अन्धेपन अन्धेपन (Blind) तथा मंदबुद्धि (Mentally Disorder) प्रति वर्ष 20000 रूपये। पात्रता के लिए निर्धारित शर्तें - श्रमिक द्वारा अपने आश्रित बच्चे की अपंग होने की प्रतिशतता, अन्धेपन (Blind) होने व मंदबुद्धि (Mentally Disorder) होने का प्रमाण-पत्र District Medical Board द्वारा जारी किया हुआ आवेदन अपलोड करना होगा। आश्रित बच्चे का नाम श्रमिक के ई0 एस0 आई0 कार्ड/राषन कार्ड में दर्ज होना चाहिए। श्रमिक यह शपथ-पत्र अपलोड करेगा कि उसने अपने आश्रित बच्चे का संबंधित वित्तीय वर्ष में आवेदन करने से पूर्व उक्त योजना का लाभ नहीं लिया है। श्रमिक प्रत्येक वर्ष आश्रित लाभ पात्र बच्चे का जीवित होने का प्रमाण-पत्र अपलोड करेगा। श्रमिक यह भी प्रमाण-पत्र अपलोड करेगा कि आश्रित बच्चे का आय का कोई साधन नहीं है और वह शादीशुदा नहीं है। इस योजना के अन्तर्गत श्रमिक की सेवा अवधि निर्धारित नहीं है । इस योजना के अन्तर्गत श्रमिक की मासिक वेतन अवधि निर्धारित नहीं है। अंशदाता मृतक श्रमिकों की विधवाओं/आश्रितों को वित्तीय सहायता इस योजना का उद्देश्य इस योजना के अंतर्गत हरियाणा राज्य की औद्योगिक व कमर्शियल संस्थानों में कार्यरत श्रमिक की किसी भी कारण से मृत्यु होने पर उसकी विधवा या आश्रित 2,00,000 रूपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। पात्रता के लिए निर्धारित शर्तें - विधवा का आवेदन-पत्र उसके पति की मृत्यु के दो वर्ष के अन्दर-अन्दर प्रस्तुत करना होगा। नियोक्ता श्रमिक की मृत्यु होने का प्रमाण-पत्र अपलोड करेगा तथा मृत्यु प्रमाण-पत्र भी अपलोड करना होगा। मृतक श्रमिक पर आश्रित, यह शपथ-पत्र अपलोड करेगा कि वह मृतक पर पूर्णरूप से कानूनी तौर पर आश्रित है तथा उसने पहले बोर्ड की उक्त योजना का लाभ नहीं उठाया है विधवा/आश्रित को राशन कार्ड/ई0एस0आई कार्ड/वोटर कार्ड/आधार कार्ड की साक्षांकित प्रति अपलोड करनी होगी । इस योजना के अन्तर्गत श्रमिक की सेवा अवधि छः मास निर्धारित है। श्रमिक का मासिक वेतन 20,000/-रूपये से अधिक न हो । अंशदाता श्रमिक की कार्य स्थल से बाहर किसी भी कारण से मृत्यु पर दाह संस्कार व अन्य क्रियाक्रम हेतु वित्तीय सहायता इस योजना का उद्देश्य इस योजना के अन्तर्गत हरियाणा राज्य की औद्योगिक व कमर्शियल संस्थानों में कार्यरत श्रमिक की कार्य स्थल से बाहर किसी भी कारण से मृत्यु होने पर दाह संस्कार हेतू मृतक श्रमिक की विधवा पत्नी या आश्रित को 15000 रू0 की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। पात्रता के लिए निर्धारित शर्तें - उक्त योजना की सभी शर्तें तथा आवेदन-पत्र मृतक औद्योगिक श्रमिक की विधवाओं/आश्रितों को आर्थिक सहायता योजना की भांति होंगी अर्थात इस योजना हेतू अलग से कोई प्रमाण-पत्र अपलोड करने आवश्यक नहीं। श्रमिक का मासिक वेतन 20,000/-रूपये से अधिक न हो । मुख्यमन्त्री श्रमिक सामाजिक सुरक्षा योजना इस योजना का उद्देश्य इस योजना के अन्तर्गत हरियाणा राज्य की औद्योगिक व कमर्शियल संस्थाओं में कार्यरत श्रमिकों को दिनांक 01-01-2014 से कार्यस्थल पर काम करते वक्त मृत्यु होने या अपंग होने की अवस्था में "मुख्य मन्त्री श्रमिक सामाजिक सुरक्षा योजना" के तहत दी जाने वाली सहायता राशि निम्न प्रकार से हैं- कार्यस्थल पर मृत्यु या अपंगता की श्रेणी वित्तीय सहायता की राशि कार्यस्थल पर दुर्घटना होने से 50 प्रतिशत तक अंपगता होने पर पचास हजार रूपये । कार्यस्थल पर दुर्घटना होने से 50 प्रतिशत से अधिक अंपगता होने पर एक लाख रूपये । कार्यस्थल पर कार्य करते हुए मृत्यु होने पर पांच लाख रूपये । पात्रता के लिए निर्धारित शर्तें - पुलिस F.I.R./D.D.R. की साक्षांकित प्रति,पोस्टमार्टम रिपोर्ट की साक्षांकित प्रति अपलोड करनी होगी। श्रमिक द्वारा आवेदन-पत्र के साथ Medical Board/ State Insurance (ESI) द्वारा जारी अपंगता की प्रतिषतता के प्रमाण-पत्र की साक्षांकित प्रति अपलोड करनी होगी। विधवा/आश्रित को ई. एस. आई. कार्ड/ई. पी. एफ. के नोमिनेशन कार्ड की प्रति /राशन कार्ड की प्रति व श्रमिक की मृत्यु का प्रमाण-पत्र अपलोड करना होगा। श्रमिक की ऐसी मृत्यु पर उक्त योजना के तहत वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है जिसका मुख्य कारण संस्था की चारदिवारी के अन्दर कार्य स्थल से संबधित है तथा मृत्यु अस्पताल या पीड़ित को चिकित्सा के लिए अस्पताल ले जाते समय रास्ते में हुई हो। इसके अतिरिक्त ऐसी मृत्यु भी सम्मिलित है जो अन्य कारणों जैसे प्राकृतिक आपदाए हर्टअटैक सांप या अन्य जहरीले जीव यां पशु इत्यादि के काटने तथा आग लगने संस्था का भवन गिरने आदि से कार्य स्थल पर हुई हो। इस योजना के अन्तर्गत नवम्बर, 2016 से गैर अंशदाता औद्योगिक एवं वाणिज्यक श्रमिकों को भी शामिल कर लिया गया है, जिनकी संस्थान में आगजनी, भवन गिरने आदि से मृत्यु या अपंगता हो जाती है। इस योजना के अन्तर्गत श्रमिक की सेवा अवधि निर्धारित नहीं है। इस योजना के अन्तर्गत श्रमिक की मासिक वेतन अवधि निर्धारित नहीं है। स्रोत: श्रम विभाग, हरियाणा सरकार