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वार्ड सभा

वार्ड सभा की संरचना

हम जानते हैं कि वार्ड सभा पंचायती राज व्यवस्था की सबसे छोटी प्रशासनिक इकाई है। पंचायत अनेक वार्डों में विभाजित होता है। प्रत्येक वार्ड का एक निर्धारित निर्वचान क्षेत्र होता है। वार्ड स्तरीय मतदाता निर्वाचन क्षेत्र के अंदर रहने वाले सभी मतदाता वार्ड सभा के सदस्य होते हैं। ग्राम सभा की तरह ही वार्ड सभा एक स्थायी निकाय है और पंचायती राज व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण अंग। ओड़ीसा जैसे राज्य में यह किसी राजस्व ग्राम के सभी मतदाताओं से मिलकर बनती है और पल्ली सभा कहलाती है।

  • वार्ड सभा ग्राम पंचायत के प्रत्येक सभा में गठित होना चाहिए। ग्राम पंचायत का निर्वाचित सदस्य जो वार्ड का प्रतिनिधित्व करता है वार्ड सभा की बैठकों का संयोजन और अध्यक्षता करता है। वार्ड सभा की बैठक प्रत्येक तीन महीने पर होगी ।
  • यदि वार्ड प्रतिनिधि किसी भी कारण से बैठक आयोजित करने में विफल रहता है तो ग्राम पंचायत अध्यक्ष/उपाध्यक्ष बैठक आयोजित कर सकते हैं और उसकी अध्यक्षता कर सकते हैं।
  • वार्ड सभा की बैठकों का कोरम (वार्ड सभा के सदस्यों की न्यूतम उपस्थिति संख्या) का पालन करना अनिवार्य है। कोरम पूरा करने के लिए वार्ड के सदस्यों की संख्या का दशवां हिस्सा उपस्थित रहना जरूरी है।

वार्ड सभा की शक्तियां और जिम्मेदारियां

वार्ड सभा के कर्तव्य और कार्य ग्राम सभा के ही समान हैं। राज्य पंचायती राज अधिनियम के अनुसार वार्ड सभा की शक्तियां और कर्तव्य इस प्रकार हैं :

  • प्रस्ताव तैयार करना और वार्ड सभा के क्षेत्र में लागू की जाने वाली योजनाओं तथा विकास कार्यक्रमों की प्राथमिकता तय करना और फिर उसे ग्राम पंचायत विकास योजना में शामिल किए जाने के लिए ग्राम सभा के समक्ष रखना।
  • निर्धारित मानदंडों के आधार पर योजना के लाभार्थी के रूप में सर्वाधिक उपयुक्त व्यक्तियों की पहचान करना;
  • पेंशन और अनुदान पाने जैसी विभिन्न सरकारी कल्याण योजनाओं का लाभ पाने वाले व्यक्तियों की पात्रता का सत्यापन करना;
  • वार्ड सभा के क्षेत्र से संबंधित ग्राम पंचायत के प्रत्येक निर्णय के औचित्य पर ग्राम पंचायत से जानकारी प्राप्त करना;
  • विकास कार्य के लिए स्वैच्छिक श्रम जुटाना और नकद और अंशदान दिलाना तथा स्वैच्छिक समूहों से ऐसे विकास कार्यों का पर्यवेक्षण करवाना;
  • यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयास करना कि वार्ड सभा के सदस्य ग्राम पंचायत को करों और शुल्कों का (यदि कोई हो तो) भुगतान करें;
  • मुखिया के अनुरोध पर वार्ड सभा के अंदर स्ट्रीट लाइटों, सड़कों के किनारे या सामुदायिक पानी के नल, सार्वजनिक शौचालय तथा ऐसे ही अन्य जनोपयोगी योजनाओं के लिए स्थान सुझाना;
  • स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण जैसे सार्वजनिक हित के विषयों पर जागरुकता फैलाना;
  • वार्ड सभा के क्षेत्र में सफाई की व्यवस्थाओं में ग्राम पंचायतों के कर्मचारियों की मदद करना और कचरा हटाने में स्वैच्छिक सहयोग देना;
  • वार्ड सभा के क्षेत्र में वयस्क शिक्षा के कार्यक्रम को बढ़ावा देना;
  • वार्ड सभा के क्षेत्र में सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों की गतिविधियों में सहयोग करना खासकर बीमारियों की रोकथाम और परिवार कल्याण योजना में तथा महामारियों और प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में जल्द सूचना भेजने की व्यवस्था करना;
  • वार्ड सभा के क्षेत्र में लोगों के विभिन्न समूहों के बीच एकता और भाईचारा बढ़ाना तथा इलाके के लोगों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शन का अवसर देने हेतु सांस्कृतिक उत्सवों और खेल आयोजनों का प्रबंधन करना; और अन्य सभी शक्तियों का उपयोग करना और ऐसे कर्तव्यों का पालन करना जिनका प्रावधान हो।
  • वार्ड सभा के सभी निर्णय एकमत होकर अथवा बहुमत के अनुमोदन से लिए जाते हैं। बैठक में उपस्थिति लोगों के मतदान के आधार पर बहुमत का निर्धारण होता है।

स्त्रोत : राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान



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