<div id="MiddleColumn_internal"> <h3><span style="text-align: justify; ">इनपुट सेवा वितरक (आई.एस.डी.) क्या है?</span></h3> <p style="text-align: justify; ">आई.एस.डी से से अभिप्राय है वस्तु या सेवाओं या दोनों के आपूर्तिकर्ता का कार्यस्थल जो इनपुट सेवाओं की प्राप्ति है तु एक रसीद प्राप्त करता है उक्त सेवाओं हेतु कर योग्य वस्तु या सेवाओं या दोनों के आपूर्तिकर्ता जिसका पेन आई.एस.डी. के समान है, भुगतान किए गए केन्द्रीय कर (सी.जी.एस.टी), राज्य कर (एस.जी. एस.टी)/केन्द्र शासित क्षेत्र कर (यूटी.जी.एस.टी.) या एकीकृत कर (आई.जी.एस.टी) के लिए जमा के वितरण के प्रयोग के लिए एक निर्धारित दस्तावेज जारी करता है।</p> <h3 style="text-align: justify; ">आई.एस.डी. के रूप में पंजीकरण के लिए क्या आवश्यकताएं हैं?</h3> <p style="text-align: justify; ">अलग से पंजीकृत होने पर भी आई.एस.डी को पृथक पंजीकरण प्राप्त करने की आवश्यक है। पंजीकरण की अंतिम सीमा आई.एस. डी. पर लागू नहीं है। वर्तमान व्यवस्था के अंतर्गत आई.एस.डी. का पंजीकरण का स्थानांनतरण जो जी.एस.टी. व्यवस्था की अंतर्गत नहीं किया जाएगा। यदि वे आई.एस.डी. (आगत सेवा वितरक) के रूप में राज्य में कार्य करना चाहते है, तो उन्हे नई व्यवस्था के अंतर्गत नया पंजीकरण प्राप्त करना होगा।</p> <p style="text-align: justify; "> </p> <h3 style="text-align: justify; ">आई.एस.डी. द्वारा केडिट के वितरण हेतु कौन से दस्तावेज होगें?</h3> <p style="text-align: justify; ">केडिट का वितरण कार्य के लिए एक खास रूप से परिकल्पित दस्तावेज द्वारा किया जाएगा। उक्त दस्तावेज में वितरण की जाने वाले इनपुट केडिट की राशि शामिल होगी।</p> <h3 style="text-align: justify; ">क्या आई.एस.डी. सभी आपूर्तिकर्ताओं को इनपुट केडिट वितरित कर सकता है?</h3> <p style="text-align: justify; ">नहीं। इनपुट सेवाओं की इनपुट कर केडिट सिर्फ उन्हीं पंजीकृत व्यक्तियों के बीच वितरित किया जाएगा जिन्होंने व्यापार की प्रकिया या उसे बढ़ाने में आगत सेवाओं का प्रयोग किया है।</p> <h3 style="text-align: justify; ">कई बार आपूर्तिकर्ता द्वारा व्यापार की प्रकिया या उसे बढावा देने में प्रयोग की गई इनपुट सेवाओं परिमाप से सीधा संबंध बनाना संभव नहीं होता है। ऐसी स्थितियों में, आई.एस.टी. द्वारा आई.टी.सी का वितरण कैसे किया जाना है?</h3> <p style="text-align: justify; ">ऐसी परिस्थिति में, वितरण एक फामूला पर आधारित होगा। पहले वितरण इनपुट कर केडिट के उन्ही प्राप्तकर्ताओं को किया जाएगा जिनपर वितरित किए गए इनपुट सेवा आरोप्य है। दूसरे, कार्यरत इकाईओं के बीच वितरण किया जाएगा। तीसरे अवधि के दौरान प्राप्तकर्ता के वितरण राज्य या केन्द्रीय शासित प्रदेश में कुल बिकी से सभी प्राप्तकर्ताओं जिनपर वितरित इनपुट सेवा आरोप्य है का कुल योग के अनुपात में होगा। अंतिम में , वितरित किया गया केडिट वितरित किए जाने वाले उपलब्ध क्रेडिट कैसे ज्यादा नहीं होना चाहिए।</p> <h3 style="text-align: justify; ">आई.एस.डी. के लिए प्रयोग में आने वाली कुल बिकी में क्या शामिल है?</h3> <p style="text-align: justify; ">आई.एस.डी. है तु कुल बिकी में संविधान की सातवीं अनुसूची की सूची I के प्रविष्टि 84 एवं सूची II की प्रविष्टि 51 एवं 54 के अंतर्गत कोई भी शुल्क या आरोप्य कर शामिल नहीं है।</p> <p style="text-align: justify; "> </p> <h3 style="text-align: justify; ">क्या आई.एस.डी. को रिटर्न दाखिल करने की आवश्यकता है?</h3> <p style="text-align: justify; ">हाँ, आगामी माह की 13 तारीख तक मासिक रिटर्न दायर करने के लिए आई.एस.डी. की आवधारणा है।</p> <p style="text-align: justify; "> </p> <h3 style="text-align: justify; ">क्या एक कंपनी के कई आई.एस.डी. हो सकते हैं?</h3> <p style="text-align: justify; ">हाँ, विभिन्न कार्यालयों में जैसे विपणन प्रभाग, सुरक्षा विभाग, आदि अलग-अलग आई.एस.डी. के लिए आवेदन कर सकते हैं।</p> <h3 style="text-align: justify; ">आई.एस.डी. द्वारा वितरित किए गए अतिरिक्त/गलत क्रेडिट की वसूली के लिए क्या प्रावधान हैं?</h3> <p style="text-align: justify; ">धारा 73 और 74 आई.एस.डी. के विरूद्ध कार्रवाई शुरू कर आई.एस.डी. से वितरित किए गए अतिरिक्त/गलत क्रेडिट की वसूली की प्रावधान करती है ।</p> <h3 style="text-align: justify; ">क्या आई.एस.डी. द्वारा सी.जी.एस.टी. और आई.जी.एस.टी. क्रेडिट अलग-अलग राज्यों में स्थित इकाइयों को आई.जी.एस.टी. के रूप में वितरित किया जा सकता है?</h3> <p style="text-align: justify; ">हां। सी.जी.एस.टी. क्रेडिट आई.जी.एस.टी. के रूप में और आई.जी.एस.टी. क्रेडिट आई.जी.एस.टी. के रूप में आई.एस.डी. द्वारा अलग-अलग राज्यों में स्थित इकाइयों को वितरित किया जा सकता है ।</p> <h3 style="text-align: justify; ">क्या आई.एस.डी. द्वारा एस.जी.एस.टी./यूटी.जी.एस.टी. क्रेडिट आई.जी.एस.टी. क्रेडिट के रूप में विभिन्न राज्यों में स्थित इकाइयों को वितरित किया जा सकता है?</h3> <p style="text-align: justify; ">हाँ, आई.एस.डी. एस.जी.एस.टी./ यूटी.जी.एस.टी. केडिट को विभिन्न राज्यों में स्थापित प्राप्तकताओं को आई.जी.एस.टी के रूप में वितरित कर सकता है।</p> <h3 style="text-align: justify; ">क्या आई.एस.डी. सी.जी.एस.टी. और आई.जी.एस.टी. क्रेडिट को सी.जी.एस.टी. क्रेडिट के रूप में वितरित कर सकता है?</h3> <p style="text-align: justify; ">हाँ, सी.जी.एस.टी. और आई.जी.एस.टी. क्रेडिट को आई.एस.डी. द्वारा सी.जी.एस.टी. के रूप में एक ही राज्य में स्थित इकाइयों के लिये वितरित किया जा सकता है ।</p> <p style="text-align: justify; "> </p> <h3 style="text-align: justify; ">क्या एस.जी.एस.टी./यूटी.जी.एस.टी. और आई.जी.एस. टी. क्रेडिट को एस.जी.एस.टी./ यूटी.जी.एस.टी. क्रेडिट के रूप में वितरित किया जा सकता है?</h3> <p style="text-align: justify; ">हाँ, आई.एस.डी. एक ही राज्य में स्थित इकाइयों के लिए एस.जी.एस.टी. और आई.जी.एस.टी. क्रेडिट वितरित कर सकते हैं।</p> <h3 style="text-align: justify; ">आई.एस.डी. की सभी इकाइयों के बीच कैसे समान क्रेडिट वितरित किया जाना चाहिए?</h3> <p style="text-align: justify; ">सभी इकाइयों द्वारा इस्तेमाल किया गया समान क्रेडिट आई. एस.डी. द्वारा यथानुपात आधार पर वितरित किया जा सकता है अर्थात् प्रत्येक ईकाई के टर्नओवर/कुल बिक्री और उन इकाईयों की सकल टर्नओवर के आधार पर जिन्हें क्रेडिट वितरित किया गया है ।</p> <h3 style="text-align: justify; ">आई.एस.डी. राज्यों के बाहर प्राप्तकर्ताओं को सी.जी.एस.टी. और आई.जी.एस.टी. वितरित कर सकते हैं जैसे</h3> <p style="text-align: justify; ">(क) आई.जी.एस.टी.</p> <p style="text-align: justify; ">(ख) सी.जी.एस.टी.</p> <p style="text-align: justify; ">(ग) एस.जी.एस.टी.</p> <p style="text-align: justify; ">(घ) उपरोक्त में से कोई</p> <p style="text-align: justify; ">उत्तर -(क) आई.जी.एस.टी.</p> <h3 style="text-align: justify; ">आई.एस.डी. राज्य के भीतर सी.जी.एस.टी. क्रेडिट वितरित कर सकते हैं जैसे</h3> <p style="text-align: justify; ">(क) आई.जी.एस.टी.</p> <p style="text-align: justify; ">(ख) सी.जी.एस.टी.</p> <p style="text-align: justify; ">(ग) एस.जी.एस.टी.</p> <p style="text-align: justify; ">(घ) उपरोक्त में से कोई</p> <p style="text-align: justify; ">उत्तर (ख) सीजीएसटी</p> <h3 style="text-align: justify; ">एक से अधिक आपूर्तिकर्ता द्वारा इस्तेमाल इनपुट सेवा कर के भुगतान पर क्रेडिट होगा?</h3> <p style="text-align: justify; ">(क) उन आपूर्तिकर्ताओं में उस राज्य की टर्नओवर के यथानुपात आधार पर वितरित किया जाएगा जो कथित इनपुट सेवाओं का प्रयोग करते हैं।</p> <p style="text-align: justify; ">(ख) समान रूप से सभी आपूर्तिकर्ताओं के बीच वितरित किया है</p> <p style="text-align: justify; ">(ग) केवल एक आपूर्तिकर्ता को वितरित किया गया है।</p> <p style="text-align: justify; ">(घ) वितरित नहीं किया जा सकता।</p> <p style="text-align: justify; ">उत्तर (क) उन आपूर्तिकर्ताओं में उस राज्य की टर्नओवर के यथानुपात आधार पर वितरित किया जाएगा जो कथित इनपुट सेवाओं का प्रयोग करते हैं।</p> <h3 style="text-align: justify; ">क्या विभाग द्वारा अतिरिक्त वितरित क्रेडिट को वसूल किया जा सकता है?</h3> <p style="text-align: justify; ">नहीं, अतिरिक्त वितरित किये गये क्रेडिट को ब्याज के साथ आई.एस.डी. से विभाग द्वारा वसूल किया जा सकता है। केडिट की वसूली के लिए धारा 73 अथवा 74 के प्रावधान लागू होगे।</p> <h3 style="text-align: justify; ">अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन में वितरित क्रेडिट के क्या दृश्परिणाम हो सकते हैं?</h3> <p style="text-align: justify; ">अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन में वितरित क्रेडिट उस इकाई से ब्याज़ सहित वसूले जा सकते हैं जिसने वितरित किया है ।</p> स्रोत: <a class="external_link ext-link-icon external-link" href="http://www.cbec.gov.in/resources//htdocs-cbec/gst/faq-gst-hindi.pdf" target="_blank" title=" भारत सरकार का केंद्रीय उत्पाद व सीमा शुल्क बोर्ड, राजस्व विभाग, वित्त मंत्रालय (नए विंडोज में खुलने वाली अन्य वेबसाइट लिंक)">भारत सरकार का केंद्रीय उत्पाद व सीमा शुल्क बोर्ड, राजस्व विभाग, वित्त मंत्रालय </a></div>