क्या करें? फसल बीमा अपनाकर पाने आप को अनजाने जोखिमों, अनिश्चिताओं, प्रतिकूल मौसम आदि से आर्थिक सुरक्षा प्रदान करें| अपने क्षेत्र में लागू उचित फसल बीमा योजना का लाभ उठायें| इस समय मुख्यतः चार बीमा योजनायें, राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना एन० ए०आई०एस० (२५ राज्यों/2 संघ शासित क्षेत्रों में), संशोधित राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना (एम०एन०ए० आई०एस०) (21 राज्यों के 50 जिलों में), मौसम आधारित फसल बीमा योजना (डब्ल्यू०बी०सी० आई०एस०) (21 राज्यों में), एवं नारियल पम्प बीमा योजना (सी० पी० आई०एस०) (8 राज्यों में) क्रियान्वित की जा रही है| यदि आप अधिसूचित फसलों के लिए फसल ऋण लर रही है तो आप के लिए एन० ए०आई०एस०/ एम०एन०ए० आई०एस०/ डब्ल्यू०बी०सी० आई०एस०/ सी० पी० आई०एस० के अंतर्गत फसल बीमा कवरेज अनिवार्य है ऋण नहीं लेने वालें किसानों कि लिए यह कवरेज स्वैच्छिक है फसल बीमा योजना का लाभ उठाने के लिए पाने निकटतम बैंक शाखा/बीमा कम्पनी से सम्पर्क कर सकते हैं| क्या पायें? क्रम. सं ऋण सुविधा सहायता का पैमाना 1 संशोधित राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना (एन० ए०आई०एस०) अधिसूचित खाद्य फसले, तिलहन एवं वार्षिक बागबानी/वाणिज्यिक फसलों के लिए बीमा सुरक्षा अधिसूचित फसलों के लिए बीमांकित प्रीमियम दर वसूल की जाती है| प्रीमियम के स्तर के आधार पर सभी प्रकार के किसानों को प्रीमियम में 40 से 75% की सब्सिडी प्रदान की जाती है (2 प्रतिशत तक शून्य, 2-5% 40% कम से कम 2% निवल प्रीमियम की शर्त के साथ, 5-10% shart5shart0% कम से कम 3% निवल प्रीमियम की शर्त के साथ, 10-15%-50% कम से कम ५% निवल प्रीमियम की शर्त के साथ, 15% 75% कम से कम 6% निवल प्रीमियम की शर्त के साथ) यदि प्रतिकूल मौसम/जलवायु के कारण बुआई नही हो पाती है तो बुआई में रुकावट/रोपाई जोखिम के लिए बीमित राशि का 25% तक का दावा/क्षतिपूर्ति भुगतान किया जाता है| यदि अधिसूचित फसल का उत्पादन गारंटीशुदा उपज से कम होता है तो सभी बीमित किसानों को क्षतिपूर्ति के भुगतान उत्पदन में भी हुई कभी के आधार पर किया जाता है| तथापि संभावित दावें का 25% अग्रिम भुगतान के रूप में तत्काल राहत के लिए किया जायेगा| 2 मौसम आधारित फसल बीमा योजना (डब्ल्यू०बी०सी० आई०एस०) अधिसूचित खाद्य फासले, तिलहन एवं वार्षिक बागबानी/vanijyवाणिज्यिक फसलों के लिए बीमा सुरक्षा अधिसूचित फसलों के लिए बीमांकित प्रीमियम दर, अधिकतम 10 और 8% अधिकतम खरीफ एवं रबी में और 12% प्रीमियम के साथ वाणिज्य और बागवानी फसलों के लिए वसूल की जाती है| अ. 2%तक शून्य अनुदान ब. 2 से अधिक 5% तक 25% अनुदान स. 2 से अधिक 8% तक 40% अनुदान द. 2 से अधिक 50% तक अनुदान दी जाती है| यदि मौसम सुचनांक (वर्षा/तापमान/आपेक्षित आर्द्रता/हवा की गति आदि) में अधिसूचित फसल के गारंटीशुदा मौसम सूचकांक से परिवर्तन कमी या वृद्धि होता है, तो अधिसूचित क्षेत्र के सभी किसानों को क्षतिपूर्ति भुगतान अंतर अथवा कमी के समतुल्य किया जाता है| 3 नारियल पाम बीमा योजना नारियल पाम उत्पादकों के लिए बीमा सुरक्षा प्रति पाम प्रीमियम दर का रु० 9:00(4 से 15 वर्ष की आयु सीमा में) से रु० 14:00 (16 से 60 वर्ष की आयु सीमा में ) दभी श्रेणी के किसानों को प्रीमियम में 50 से 75% की सब्सिडी दी जाती है| पाम फसल क्षतिग्रस्त होने के स्थिति में अधिसूचित क्षेत्रों के सभी बीमित किसानों को क्षतिपूर्ति भुगतान आदानों के मूल्य में नुकसान क्षति के समतुल्य देय होता है| किससे सम्पर्क करें? जिला कृषि पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, परियोजना पदाधिकारी आत्मा| स्रोत: - कृषि एवं गन्ना विकास विभाग, झारखण्ड सरकार