रबी फसलों का परिचय रबी फसलों की बोआई के समय कम तापमान तथा पकते समय शुष्क और गर्म वातावरण की आवश्यकता होती हैं। ये फसलें सामान्यतः अक्टूबर-नवम्बर के महीनों में बोई जाती हैं। कम बारिश और बदलते मौसम के मिजाज को देखते हुए एक किसान ही हैं जो अपनी खेती को बचा सकते हैं। रबी की फसल को बचाने के लिए किसानों के लिए जरूरी है कि वे अपने खेत में उन्नत किस्म के बीज डालकर कम समय में अच्छा उत्पादन प्राप्त करें। कृषि विभाग के अफसर और वैज्ञानिक भी इस बार यही चाहते हैं कि किसान अपने खेत में उन्नत किस्म के बीज की बोवनी करें, जिससे कम समय में फसल तैयार हो जाए। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश से खरीफ की फसल सोयाबीन में काफी नुकसान हुआ है। इसकी भरपाई के लिए किसान रबी के सीजन में उन फसलों की बोवनी करें, जो कम समय में परिपक्व अवस्था में आ जाती हैं। समय से पहले बीज खरीदें किसान कृषि विभाग के पास रबी की बोवनी के लिए पर्याप्त मात्र में गेंहू, चना, मटर और मसूर का बीज उपलब्ध है। कीट माइट क्षति ये रस चूसने वाले होते हैजिनकी एक मि.मी. लंबाई रहती है। पत्तियों पर सिलवरी दाग बना देते है। पत्तियों पर जाल बन जाता है। पौधा अकड़े हुए रहते है जिनकी बालियां कमजोर होती है सफेद रंग की हो जाती है। बाद की अवस्थाओं में पौधे रोगग्रस्त दिखाई पड़ता है। आई.पी. एम प्रतिरोधक किस्में जैसे डब्ल्यू.एच.-147, राज-3836 बोयें। समय से बोनी करें। फसल की अच्छी तरह देख-रेख करें। प्रतिरोधक किस्में बोयें। नियंत्रण रसायनिक कीटनाशकों का उपयोग उस समय करना चाहिए जब कीट की संख्या आर्थिक देहली स्तर को पार कर ले। निम्नलिखित कीटनाशकों का उपयोग 600 से 750 लीटर के साथ करें। 200-250 ग्राम डाइमेथेएट प्रति हेक्टेयर का छिड़काव करें। 200-250 ग्राम मोनाक्रोटोफोस प्रति हेक्टेयर का छिड़काव करें। 200-250 ग्राम ओक्सीडेसीमीटान मिथाइल प्रति हेक्टेयर का छिड़काव करें। छिड़काव के लिए हॉलो कोन नोज़ल का उपयोग करें। कीट स्टिंक बग क्षति हल्का ठन्डा तापमान और कम वर्षा इस कीट के विकास और प्रजनन के लिए अनुकूल है। वयस्क गंधी बग नुकसान पंहुचाती है, तना को खाती है। बग की लार जहरीली होती है जो तने को मार सकती है। यदि प्रारंभिक अवस्था में कर्नल खा लिए जाते है तो दाने पूरी तरह नष्ट हो जाते है। बाद की अवस्था में आक्रमण होता है तो दाने सुकड़ जाते है। आई.पी. एम देर से बोनी न करें। नाइट्रोजन उर्वरकों का अत्यादिक उपयोग न करें। फसल की अच्छी तरह देखरेख करें। कीटनाशक का खेत के किनारे छिड़काव करें। नियंत्रण निम्नलिखित कीटनाशकों का उपयोग 600 से 750 लीटर के साथ करें। 330 मि.ली. डाइमेथेएट ( 30 ई.सी.) की दर से छिड़काव करें। 650 मि.ली. प्रति हेक्टेयर 25 ई.सी. मिथाइल डिमाटन की दर से छिड़काव करें। कीट वायर वार्म क्षति ये तार के आकार के, 20-30 मि.मी. की लंबाई के होते है। ये बीज के कर्नल को खा लेते है और छिलका रह जाता है। तना चबाया हुआ सा दिखाई पड़ता है। भूरे रंग का ग्रब मिट्टी में भी रहता है। आई.पी. एम बोनी समय पर करें। खेतों के आसपास के बमीठों को नष्ट करें। कच्ची गोबर की खाद का उपयोग न करें। नियंत्रण रसायनिक कीटनाशकों का उपयोग उस समय करना चाहिए जब कीट की संख्या आर्थिक देहली स्तर को पार कर ले। सिसमेटिक कीटनाशकों का उपयोग करें। निम्नलिखित कीटनाशकों का उपयोग 600 से 750 लीटर के साथ करें। खड़ी फसल पर प्रकोप होने पर क्लोरोपायरिफॉस 1200 मि.ली / हेक्टकयर सिंचाई के पानी के साथ दें। या इतनी ही मात्रा 5 लीटर पानी में घोलकर 50 कि.ग्रा. रेत उपचारित कर खेत में सिंचाई पूर्व छिड़कें। कीट एफिड क्षति यह कीट नवम्बर से फरवरी माह में सक्रिय रहता है। असिंचित और देर से बोई फसल पर इसका प्रकोप अधिक रहता है। ये रस चूसने वाले कीट है। ये पारदर्शी, छोटे और मुलायम शरीर के होते है। अत्यादिक रस चूसने से पत्ती मर जाती है या समय से पहले बढ़ जाती है। नई पत्तियां पीली पड़ जाती है। जड़ों के आधार पर पीले भूरे एफिड दिखाई पड़ते है। आई.पी. एम देर से बोनी न करें। नाइट्रोजन उर्वरकों का अत्यादिक उपयोग न करें। फसल की अच्छी तरह देखरेख करें। कीटनाशक का खेत के किनारे छिड़काव करें। नियंत्रण रसायनिक कीटनाशकों का उपयोग उस समय करना चाहिए जब कीट की संख्या आर्थिक देहली स्तर को पार कर ले। निम्नलिखित कीटनाशकों का उपयोग 600 से 750 लीटर के साथ करें। 200-250 ग्राम / हे डाइमेथेएट या आक्सीडेसमीटन मेथाइल या मोनोक्रोटोफोस कीट फौजी कीट क्षति इसका प्रकोप धान-गेहँ की फसल में देखा गया है। फसल की प्रारंभिक अवस्था में प्रकोप देखा गया है। कीट पत्तियां चबाकर नुकसान पहुंचाते है। कीट के आक्रमण से पौधे की सारी पत्तियां नष्ट हो जाती है। नवजात लार्वा पत्तियां खाते है फिर तने पर आक्रमण करते है। लार्वा अधिकतर रात में आक्रमण करते है दिन में नहीं। यदि मौसम गीला हो या बादल हो तो ये पूरे दिन आक्रमण करते है। वयस्क पौधे के हिस्से को काटकर पूरा खा जाता है। आई.पी. एम नाइट्रोजन उर्वरकों का अत्यादिक न उपयोग करें क्योंकि ये फौजी कीट को आकर्षित करती है। देर से बोनी न करें। नियंत्रण रसायनिक कीटनाशकों का उपयोग उस समय करना चाहिए जब कीट की संख्या आर्थिक देहली स्तर को पार कर ले। फौजी कीट के लिए आर्थिक देहली स्तर 4 से 5 लार्वा /लीटर पंक्ति है। शाम के समय निम्नलिखित का छिडकाव करें। 750-1000 ग्राम कारबाइल प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें। 750 ग्राम फेनीट्रोथीओन प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें। 500 ग्राम डाइक्लोरोवोस प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें। 400 ग्राम क्युनालफोस प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें। 750 ग्राम ट्राइक्लोरोफोन प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें। कीटनाशक का छिड़काव 600 से 700 लीटर पानी में घोलकर करें। कीट ग्रासहॉपर क्षति ये काटकर और चबाकर फसल को नुकसान पहुंचाते है। वयस्क कीट ज्यादा नुकसान पहुंचाता है। जमीन के पास तने को कीट काटते है। कीडें पत्ती की धारियां खा जाते है। कीड़ों की संख्या जितनी ज्यादा होगी नुकसान उतना ज्यादा होगा। देर से बोनी न करें। नाइट्रोजन उर्वरकों का अत्यादिक उपयोग न करें। फसल की अच्छी तरह देखरेख करें। कीटनाशक का खेत के किनारे छिड़काव करें। आई.पी. एम देर से बोनी न करें। नाइट्रोजन उर्वरकों का अत्यादिक उपयोग न करें। फसल की अच्छी तरह देखरेख करें। कीटनाशक का खेत के किनारे छिड़काव करें। नियंत्रण रसायनिक कीटनाशकों का उपयोग उस समय करना चाहिए जब कीट की संख्या आर्थिक देहली स्तर को पार कर ले। निम्नलिखित कीटनाशकों का उपयोग 600 से 750 लीटर के साथ करें। 30 ई.सी. डाइमेथेएट 330 मि.मी प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें। 25 ई.सी. मेथाइल डेमोटन 650 मि.मी प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें। कीट थिप्स क्षति ये भूरे और काले कीड़े है। ये रस चूसने वाले और छेदने वाले होते है। ये तने और पत्तियों खाते है जो पौधे का रस चूसते है। कीड़ों के आक्रमण से पत्ती हल्के रंग की हो जाती है। आई.पी. एम देर से बोनी न करें। नाइट्रोजन उर्वरकों का अत्यादिक उपयोग न करें। फसल की अच्छी तरह देखरेख करें। कीटनाशक का खेत के किनारे छिड़काव करें। नियंत्रण रसायनिक कीटनाशकों का उपयोग उस समय करना चाहिए जब कीट की संख्या आर्थिक देहली स्तर को पार कर ले। निम्नलिखित कीटनाशकों का उपयोग 600 से 750 लीटर के साथ करें। 30 ई.सी. डाइमेथेएट 330 मि.मी प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें। 25 ई.सी. मेथाइल डेमोटन 650 मि.मी प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें। कीट होलोट्राइकिया कोनसेग्यूनिया प्रचलित नाम नाम सफेद ग्रब/ गुवरेल/ कुरमुल/ भिडोला क्षति जड़े आंशिक रूप से नष्ट जाते है। पौधे अकड़ जाते है और बाले नहीं आती है। खेत में टूटे और मरे हुए पौधे दिखाई पड़ते है। खेत में कई जगह मुरझाये और मरे हुए पौधे देखे जा सकते है। आई.पी. एम देर से बोनी न करें। नाइट्रोजन उर्वरकों का अत्यादिक उपयोग न करें। फसल की अच्छी तरह देखरेख करें। कीटनाशक का खेत के किनारे छिड़काव करें। नियंत्रण नियंत्रण रसायनिक कीटनाशकों का उपयोग उस समय करना चाहिए जब कीट की संख्या आर्थिक देहली स्तर को पार कर ले। निम्नलिखित कीटनाशकों का उपयोग 600 से 750 लीटर के साथ करें। 30 ई.सी. डाइमेथेएट 330 मि.मी प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें। 25 ई.सी. मेथाइल डेमोटन 650 मि.मी प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें। कीट दीमक प्रचलित नाम टरमाइट क्षति दीमक दाने और पौधों के हिस्सों को खा जाती है। मिट्टी की सतह से कुछ ऊपर जड़े कट जाती है। पौधा उखड़ जाता है। आई.पी. एम अच्छी तरह सड़ी खाद का उपयोग करें। बीज को उपचारित करें। खेत के आसपास के दीमक के बाम्बीयों नष्ट करे और दीमक की रानीयों को मार दें। नियंत्रण नियंत्रण निम्नलिखित कीटनाशकों का उपयोग 600 से 750 लीटर के साथ करें। बोनी के पहले4 मि.ली. क्लोरोपाइरीफॉस प्रति किलो से उपचारित करें। बोनी के पहले 7 मि.ली. इनडोसलफान प्रति किलो से उपचारित करें। पौधे आने की अवस्था में यदि दीमक का प्रकोप दिखे तो मिट्टी को175 ग्राम इन्डोसलफान में मिलाए। कीट चूहे प्रचलित नाम रेटस क्षति चूहे फसल को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाते है। ये दाने खा जाते है और उन्हें अपने बिल में रखने ले जाते है। चूहे पौधे को जमीन से कुछ ऊपर काटते है, फिर पूरा पौधे या उसकी बाली अपने बिल में ले जाते है। गेहूँ में एक हेक्टेयर में करीब 25 बिल रहते है और करीब 2 प्रतिशत बालियों को नुकसान पहुंचाते है। आई.पी. एम खेत की जुताई करें जिससे बिल नष्ट हो जाए। पानी भरके या मिट्टी भरके बिलों को भरे। नियंत्रण रासायनिक कीटनाशकों का उपयोग उस समय करना चाहिए जब कीट की संख्या आर्थिक क्षति स्तर (ई.टी.एल.) को पार कर ले। निम्नलिखित कीटनाशकों का उपयोग 600 से 750 लीटर के साथ करें। 0.005 बोमोबायोलोन (15 ग्राम)हर बिल में रखे। 2 से 2.5 प्रतिशत जिंक फासफाइड को 10 ग्राम हर बिल में रखे। कीट ओलिना मेलोनपा प्रचलित नाम पत्ती बीटल क्षति गेहूँ के पौधे जिनमें अरोयेदार पत्तियां न हो, ज्यादा प्रभावित होते है। वयस्क और लार्वा दोनों ही नुकसान पहुंचाते है। वयस्क कीट का काला सिर, हल्का भूरा बीच का हिस्सा होता है। इनकी नीले-हरे पंख होते है। वयस्क 4 से 5 मि.मी. की लंबाई के होते है। लार्वा चमकीले पीले रंग का होता है। पत्तियों में धारियां दिखती है। आई.पी. एम गर्मी में गहरी जुताई करें। प्रतिरोधक किस्मों का उपयोग करें। देर से बोनी न करें। अच्छी तरह सड़ी हुई खाद को उपयोग करें। उर्वरक की अनुमोदित मात्रा का उपयोग करें। नियंत्रण रसायनिक कीटनाशकों का उपयोग उस समय करना चाहिए जब कीट की संख्या आर्थिक क्षति स्तर (ई.टी.एल.) को पार कर ले। निम्नलिखित कीटनाशकों का उपयोग 600 से 750 लीटर के साथ करें। 30 ई.सी. डाइमेथेएट 330 मि.मी प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें। 25 ई.सी. मेथाइल डेमोटन 650 मि.मी प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें। कीट एथीगोना विटूबरक्यूलेटा प्रचलित नाम तना मक्खी आई.पी. एम देर से बोनी न करें। नाइट्रोजन उर्वरकों का अत्यादिक उपयोग न करें। फसल की अच्छी तरह देखरेख करें। कीटनाशक का खेत के किनारे छिड़काव करें। नियंत्रण रसायनिक कीटनाशकों का उपयोग उस समय करना चाहिए जब कीट की संख्या आर्थिक क्षति स्तर (ई.टी.एल.) को पार कर ले। निम्नलिखित कीटनाशकों का उपयोग 600 से 750 लीटर के साथ करें। 30 ई.सी. डाइमेथेएट 330 मि.मी प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें। 25 ई.सी. मेथाइल डेमोटन 650 मि.मी प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें। कीट शूट फलाई आई.पी. एम नवम्बर के मध्य से दिसम्बर के बीच बुआई करें। नियंत्रण रसायनिक कीटनाशकों का उपयोग उस समय करना चाहिए जब कीट की संख्या आर्थिक क्षति स्तर (ई.टी.एल.) को पार कर ले। निम्नलिखित कीटनाशकों का उपयोग 600 से 750 लीटर के साथ करें। 50 गाम साइपरमेथरीन प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें और आवश्यकता हो तो दोबारा छिड़काव करें। कीट मीरोमइज प्रजाति प्रचलित नाम तना मेंगट क्षति लार्वा ज्यादा नुकसान पहुंचाती है। लार्वा तने को छेदते है और अन्दर से खा लेते है जिससे तृषार गिर जाते है। यदि प्रकोप अधिक हो तो पौधा मर जाता है। वयस्क मक्खी हल्के हरे से पीले रंग की होती है और उस पर 6 मि.मी.की धारियां रहती है। आई.पी. एम देर से बोनी न करें। नाइट्रोजन उर्वरकों का अत्यादिक उपयोग न करें। फसल की अच्छी तरह देखरेख करें। कीटनाशक का खेत के किनारे छिड़काव करें। नियंत्रण रसायनिक कीटनाशकों का उपयोग उस समय करना चाहिए जब कीट की संख्या आर्थिक क्षति स्तर (ई.टी.एल.) को पार कर ले। निम्नलिखित कीटनाशकों का उपयोग 600 से 750 लीटर के साथ करें। 30 ई.सी. डाइमेथेएट 330 मि.मी प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें। 25 ई.सी. मेथाइल डेमोटन 650 मि.मी प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें। कीट मायेटीया डिस्ट्रकटर प्रचलित नाम हेसीयन मक्खी क्षति लार्वा सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती है। लार्वा तने से पौधे का रस चूसते है। प्रकोप अधिक हो तो पौधा अकड़ जाता है। उपज में कमी आती है। हेसीयन मक्खी की लंबाई 3 से 4 मि.मी. होती है। सिर काला होता है और गुलाबी पीला पेट होता है। गांठे बनने के समय आक्रमण होता है तो पकने की अवस्था में तने टूट के गिर सकते है। आई.पी. एम गर्मी में गहरी जुताई करें। प्रतिरोधक किस्मों का उपयोग करें। देर से बोनी न करें। अच्छी तरह सड़ी हुई खाद को उपयोग करें। उर्वरक की अनुमोदित मात्रा का उपयोग करें। नियंत्रण रसायनिक कीटनाशकों का उपयोग उस समय करना चाहिए जब कीट की संख्या आर्थिक क्षति स्तर (ई.टी.एल.) को पार कर ले। निम्नलिखित कीटनाशकों का उपयोग 600 से 750 लीटर के साथ करें। 30 ई.सी. डाइमेथेएट (रोगर) 330 मि.मी प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें। 25 ई.सी. मेथाइल डेमोटन 650 मि.मी प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें। कीट स्टेम बोरर प्रचलित नाम तना छेदक कीट क्षति यह कीट नवम्बर से दिसम्बर माह में असिंचित फसल पर आक्रमण करता है। लार्वा तने पर छेद बनाता है। फसल का विकास रूक जाता है। वयस्क कीट पत्तियों पर आक्रमण करता है। नियंत्रण निम्नलिखित कीटनाशकों का उपयोग 600 से 750 लीटर के साथ करें। 85 एस. फास्फोमिडॉन 250 मि.ली. या मिथाइल डेमेडान 25 ई.सी. 600 मि.ली. या 36 एस. एल. मोनोक्रोटोफॉस या 50 ई.सी. मेलाथियान 600 मि.ली. /हे की दर से छिड़काव करें। स्त्रोत: कृषि विभाग, झारखण्ड सरकार