मशरूम का महत्व ऋग्वेद में मशरूम के महत्व का वर्णन मिलता है। भारतवर्ष की अधिकांश आबादी शाकाहारी है एवं मशरूम का महत्व पोषण की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। मशरूम को आहार के रूप में प्राचीन काल से ही उपयोग किया जा रहा है। मशरूम को यूनानियों ने रणभूमि में योद्धाओं को शक्ति प्रदान करने के लिए किया गया था। रोमवासियों ने इसे भगवान के लिए भोजन की संज्ञा भी दी है। किसी भी खाद्य पदार्थ के पौष्टिक गुणों के मूल्यांकन हेतु पोषण विज्ञान में सर्वमान्य तरीका है कि उसमें कितने शुष्क तत्व, ऊर्जा, प्रोटीन, शर्करा, वसा, रेशा, विटामिन्स तथा खनिज तत्व पाये जाते हैं। मशरूम के पौष्टिक गुण मशरूम को हमारे पूर्वज इसे सब्जी के रूप में तथा हमारे ऋषि-मुनि इसे दवाइयों के रूप में पहले से ही प्रयोग करते आ रहे है। लेकिन सही मायने में इसकी पौष्टिकता का पता अनुसंधान द्वारा पता चला है कि इसमें उच्चकोटि के प्रोटीन, विटामिन्स, लवण तथा प्रचुर मात्रा में खनिज तत्व विद्यमान है। उच्चकोटि के प्रोटीन का मतलब है, कि इसमें सभी प्रकार के आवश्यक एमिनो एसिड उपलब्ध है। मशरूम में प्रोटीन की मात्रा लगभग 30 से 35 प्रतिशत पायी जाती है। इसमें विशेष रूप से प्रोटीन की पाचन शक्ति 60-70 प्रतिशत तक होती है जो वनस्पति से प्राप्त प्रोटीन से भी अधिक ज्यादा है। मशरूम उत्पादको के भविष्य के हित के लिए यह जानना अति आवश्यक है कि उचित माध्यम एवं तरीके से लोगों को जानकारी दे ताकि इसकी प्रति व्यक्ति खपत बढ़े। विदेशो की अपेक्षा भारत में प्रति व्यक्ति मशरूम की खपत 35 ग्राम प्रति व्यक्ति है जिसे और बढ़ाया जा सकता है। परिणामतः किसानों की विपणन की समस्या का समाधान हो सके। मशरूम के पौष्टिक गुण सारणी संख्या 2 : मशरूम के पौष्टिक गुण मशरूम का नाम पौष्टिक पदार्थ प्रोटीन % वसा % काबार्होइड्रेड% ऊर्जा % खनिज % रेसा % पानी % श्वेत बटन मशरूम 28.1 8.9 59.4 353 9.4 8.3 90.4 आयस्टर मशरूम 30.4 2.2 57.6 345 9.8 8.7 90.8 दुधिया मशरूम 17.7 4.1 64.3 360 7.4 3.4 86.0 पैड़ी स्ट्रा मशरूम 29.5 5.7 60.0 374 9.8 10.4 88.0 सारणी संख्या 3 : हैज तथा हदाद के अनुसार श्वेत बटन मशरूम में उपस्थित विटामिन्स एवं खनिज मात्रा जो इस प्रकार हैः (100 ग्राम भार के अनुसार) खाद्य पदार्थ मात्रा विटामिन ए कोई नही बी (थायमीन) 0.12 मि0ग्रा0 बी-2 (राइबोफ्लेविन) 0.52 मि0ग्रा0 सी (एसकार्बिक एसिड) 8.60 मि0ग्रा0 डी कोई नहीं ई कोई नहीं के थोड़ा सा नियासिन 5.85 मि0ग्रा0 पैन्टोथैनिक एसिड 2.38 मि0ग्रा0 अमीनो अम्ल ग्राम प्रति 100 ग्राम शुद्ध पदार्थ एलानीन 2.40 आरजीनीन 1.90 एसपारटिक एसिड 3.14 सिस्टीन 0.18 ग्लूटैमिक एसिड 7.06 ग्लाईसीन 1.20 हिस्टीडिन 0.64 आईसोलियूसिन 1.28 लियूसीन 2.16 लाईसीन 1.62 मिथियोनीन 0.39 फिनाईल एलानीन 1.55 प्रोलीन 2.50 सेरीन 1.89 थ्रियोनिन 1.48 ट्रिप्टोफैन 3.94 बाईरोसिन 0.78 वैलिन 1.63 खनिज मात्रा कैल्शियम 0.0024 प्रतिशत फास्फोरस 0.15 प्रतिशत पौटेशियम 0.15 प्रतिशत लोहा 19.50 प्रतिशत तांबा 1.35 प्रतिशत ऊर्जा (कैलोरी) मशरूम उर्जा का एक अच्छा स्रोत एवं न्यूनतम कैलोरी भोजन है, क्योंकि इसमें पानी अधिक (90 प्रतिशत) शुष्क अवयव कम (10 प्रतिशत) और वसा कम (0.6 प्रतिशत) है। वसा की कम मात्रा होने के कारण इसे मोटापा रोग, रक्तचाप एवं हृदय रोग के लिए उपयुक्त आहार माना गया है। 454 ग्राम ताजी मशरूम में 120 किलो कैलोरी पाई जाती है। प्रोटीन मशरूम में 2.5 से 3.5 प्रतिशत प्रोटीन की मात्रा पाई जाती है। सुखी हुई अन्य मशरूमों में प्रोटीन 25-30 प्रतिशत हो जाती है जिसकी पाचन शक्ति लगभग 70-90 प्रतिशत तक होती है क्योंकि दूसरी सब्जियों की अपेक्षा मशरूम में उपलब्ध प्रोटीन उच्च गुणवत्ता की है। वैज्ञानिको ने प्रयोग द्वारा यह सिद्ध कर दिया है कि दूध, अंडा, मांस तथा मछली में पाये जाने वाली प्रोटीन, वनस्पती जनित प्रोटीन की अपेक्षा अच्छी गुणवत्ता की होती है क्योकि वनस्पति प्रोटीन में कुछ अमीनों अम्ल की कमी पाई जाती है। जैसे गेहूँ, चावल में लाइसीन तथा ट्रिक्टोफेन की कमी, दालों में मिथियोनीन तथा सिस्टीन की कमी पाई जाती है। गुणवत्ता के मापदण्ड पर दूध को 100 मानकर अन्य खाद्य पदार्थो की तुलना की जाती है। सारणी संख्या 4 : अन्य खाद्य पदार्थो की तुलना में मशरूम के प्रोटीन की गुणवत्ता क्रं. खाद्य पदार्थ प्रोटीन की गुणवत्ता अंडा 2 दूध 100 3 मीट, मछली, मुर्गा 80-85 4 मशरूम 82 5 दाल 40-45 6 गेहूँ, चावल 50-55 उपरोक्त सारणी से स्पष्ट है कि मशरूम की प्रोटीन शाग-भाजी तथा प्राणी-प्रोटीन में मध्यस्थता का दर्जा रखती है। विटामिन्स वास्तव में मशरूम में प्रचुर मात्रा में विटामिन बी-काॅम्पलेक्स, सी, नियासीन तथा पेन्टोथेनिक अम्ल अधिक मात्रा में पाया जाता है। मशरूम में वसा (तेल) की मात्रा कम होने के कारण वसा में घुलनशील होने वाले विटामिन्स जैसे ए, डी, ई तथा के की मात्रा बिलकुल न के बराबर होती है। मशरूम में आयरन की अधिकता होती है जो कि खून बनाने मे अधिक सहायक होती है। जो कि गर्भावस्था तथा एनीमिया के रोगियों के लिए मशरूम एक उत्तम आहार है। कार्बोहाइड्रेटस मशरूम में पाए जाने वाले कार्बोहाइडेªटस मैनीटोल 0.9 प्रतिशत, चीनी 0.28 प्रतिशत,नग्लाइकोजन 0.50 प्रतिशत तथा हैमी सैलूलोज 0.91 प्रतिशत मुख्य रूप से पाये जाते है। यह उन लोगो के लिए भी उपयुक्त मानी गई है जो मोटापा दूर करना चाहते है। वसा वसा की मात्रा इसमें केवल 0.3 प्रतिशत होती है और आवश्यक वसा अम्ल लिनालिक एसिडप्रचुर मात्रा में पाया जाता है। यह एक आवश्यक फैटी एसिड माना जाता है। इसके साथ ही मशरूम में एगोस्टिरोल होता है जो मानव शरीर में पहुंचकर विटामिन डी में परिवर्तित होता है। रेशा मशरूम में रेशा की मात्रा बहुत अधिक मात्रा में होने के कारण पाचन शक्ति में वृद्धि करता है और हाइपरऐसीडिटी (कब्ज) दूर करता है। रेशा हमारी शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ा देता है। हरी साग-सब्जियों में रेशा की मात्रा अधिक होती है। खनिज मात्रा मशरूम में पौटेशियम, मैग्नीशियम तथा आयरन की मात्रा अधिक होती है। लेकिन कैल्शियम की थोड़ी कमी होती है। स्त्राेत : भारत में मशरुम उत्पादन, कृषि विज्ञान केंद्र (राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान), उजवा, नई दिल्ली।