तुड़ाई उपरांत होने वाले नुकसान को कम करने के लिए उपाय मशरूम की तुड़ाई, फलन की उचित वृद्धि के बाद ही करें। बटन मशरूम की टोपी का आकार 2.5-3.0 सें.मी. से 4.0-4.5 सें.मी. होने पर की तुड़ाई करें। छोटा आकार होने से सही पैदावार नहीं मिलेगी तथा बड़ा होने से फलन के खुलने से उचित दाम नहीं मिलेगा। ध्यान रखें कि तुड़ाई से पूर्व पानी का छिड़काव न किया हो। ऐसा करने से फलन में पानी अधिक होने से मशरूम के खराब होने की आशंका अधिक होगी। तुड़ाई के समय अंगूठे व अंगुली की मदद से फलन को घुमाकर तोड़ा जाए तथा कम से कम दबाब लगाकर मशरूम को जख्मी होने से बचाया जाए। तुड़ाई के लिए क्रेट्स या टोकरियों का प्रयोग करें। मिट्टीयुक्त जड़ों को तेज धार वाले चाकू से काटें। जहां तक हो सके मशरूम की धुलाई से बचें। अगर धुलाई करनी भी हो तो पानी में 0.05 प्रतिशत पोटेशियम मैटाबाइसल्पफाइट डालकर कुछ सेकेंड के बाद ही निकाल लें। पानी से निकालकर फलन को फैलाकर रखें तथा पानी को सूखने दें। मशरूम का ढेर बनाकर न रखें। जहां तक हो सके ऐसे कमरे में भण्डारण करें जिसका तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे हो। इसके लिए कमरे में पानी का छिड़काव करके व पंखा चलाकर तापमान कम किया जा सकता है या पानी के कूलर का प्रयोग किया जा सकता है। पैकिंग से पूर्व मशरूम की छंटाई व ग्रेडिंग कर ली जाए। कीटों व रोगों द्वारा ग्रसित फलन को अलग कर दिया जाए। पैकिंग के लिए 100 गेज के पाॅलीथीन या पाॅलीप्रोपालीन का प्रयोग करें, जिसमें उचित छिद्र हों ताकि पानी अंदर इकट्ठा न हो सके। 250-500 ग्राम पैक या पन्नट का प्रयोग करके बड़े डिब्बे में डालकर वाहन द्वारा शीघ्र मंडी भिजवाएं। थोक व फुटकर विक्रेता मशरूम के पैकटों को निम्न तापमान पर ही रखें ताकि इसको लंबे समय तक ताजा रखा जा सके। उत्पाद ज्यादा होने तथा बिक्री न होने की स्थिति में मशरूम को सुखाने एवं उपोत्पाद बनाने की व्यवस्था भी रखें, ताकि नुकसान न हो। उपोत्पाद साफ-सुथरी स्थिति में ही बनाए जाएं तथा इनका भण्डारण साफ व सूखी जगह पर करें। किसी भी परेशानी से बचने एवं मार्गदर्शन के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें स्त्राेत : फल फूल पत्रिका(आईसीएआर), बृज लाल अत्री, अनुराधा श्रीवास्तव और वी.पी. शर्मा भाकृअनुप-खुम्ब अनुसंधान निदेशालय, सोलन-173213 (हिमाचल प्रदेश)