हेल्थ फूड-प्रयोग एवं संभावनाएं वर्तमान समय में आम आदमी की बढ़ती आय,बढ़ती स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं,चिकित्सकीय खाद्य उत्पादों के प्रति जागरूकता ने हेल्थ फूड के बाजार को एक नये आयाम तक पहुंचा दिया है। ऐसे में हेल्थ फूड उत्पाद के क्षेत्र में तरह-तरह के प्रयोग एवं संभावनाएं प्रतिदिन तलाशी जा रही हैं। इन्हीं में से एक न्यूट्रस्यूटिकल्स, कार्यात्मक खाद्य पदार्थ एवं ऐरोबायोटिक खाद्य उत्पाद निकट भविष्य में प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के बाज़ार का एक बड़ा भाग बनने की प्रबल संभावना रखते हैं। ऑटोक्लेवेबल माइकोइनकैप्सुलेटर इन खाद्य उत्पादों की विशेषता है इनमें कार्यात्मक सामग्री का प्रयोग एवं उत्पाद में इनका प्रसार व फैलाव। इन सामग्रियों के बेहतर प्रसार हेतु एक ऐसी प्रणाली जो कि इन्हें नियंत्रित रूप से उत्पाद में प्रसारित कर सके, अत्यंत आवश्यक है। इसी तरह की एक प्रणाली है सूक्ष्म संपुटन (माइक्लोइनकैप्सुलेशन)। इसमें कार्यात्मक सामग्री को एक मैट्रिक्स के अन्दर पैक कर दिया जाता है जिससे वो नियंत्रित रूप से प्रसारित हो सकें। विभिन्न घटकों के जीवाणुरहित परिस्थितियों में सूक्ष्म संपुटन हेतु सीफेट ने ऑटोक्लेवेबल माइकोइनकैप्सुलेटर विकसित किया है। माइकोइनकैप्सूलेशन न केवल एडिटिव्ज के प्रभावपूर्ण प्रयोग को सुनिश्चित करती है वरन् प्रसंस्करण के दौरान इनकी क्षति होने से भी रोकती है। इस तकनीक से सूक्ष्मसंपुटित पदार्थ को खाद्य उत्पाद में प्रसंस्करण, भण्डारण के दौरान अद्यचा उपभोग करने से पहले नियंत्रित तरीके से प्रसारित किया जा सकता है। सूक्ष्मसंपुटित सामग्री की खाद्य उत्पाद में सक्षमता उसके उत्पाद में प्रसारित होने, आस-पास के पदार्थों से रासायनिक अभिक्रिया एवं भैतिक प्रभात्न पर निर्भर करती है। नियंत्रित निस्तारण नियंत्रित निस्तारण (कंट्रोल रिलीज) एक ऐसी नवीन तकनीक है जिसके द्वारा एक या एक से अधिक सक्रिय सामग्रियों को एक बांछित स्थल एवं स्थान समय में तथा एक विशिष्ट दर पर उपलब्ध कराया जा सकता है। इसका इस्तेमाल कई तत्वों की प्रमावशीलता को बढ़ाने के लिए किया जा सकता है। इस तकनीक से सक्रिय सामग्री को नियनित दर पर लंबे समय तक प्रसारित किया जा सकता है, प्रसंस्करण मघवा पकाने के दौरान सामग्री को नष्ट होने से बचाया जा सकता है तथा प्रतिक्लिपाशील/असंगत घटकों की सक्लिय सामग्री से झलग रखा जा सकता है। दवा उद्योग बड़े पैमाने पर इस तकनीक का उपयोग कर रहे हैं और अब यह कृषि-रसायन, उर्वरक, पशु चिकित्सा दवाओं और खाद्य उद्योगों जैसे अन्य क्षेत्रों में भी प्रचलित हो गया है। नियंत्रित रिहाई प्राप्त करने के विभिन्न तरीकों जैसे आणविक समावेश, अधिशोषण, सह-किंस्ट्रशीकरण से सूक्ष्म संपुटीकरण विधि सबसे व्यापक है। यह एक भौतिक प्रक्रिया है जिसमें पतली झिल्ली या बहुलक परत को छोटे ठोस पदार्थ, तरल बूंद या गैसीय सामग्री पर प्रयुक्त कर सूक्ष्म कैप्सूल बनाए जाते हैं। यह परत बाहरी वातावरण से संरक्षण प्रदान करती है और विशिष्ट परिस्थितियों के प्रभाव संपुटित सामग्री की रिहाई कऱ सकती है| नियंत्रित रिहाई का अनुप्रयोग खाद्य क्षेत्र में बड़ी संख्या में किया जा सकता है। इस प्रणाली का विभिन्न खाध घटकों जैसें विटामिन, जायके, रंग, आवश्यक तेल, एसिड, लवण, एंटीऑक्सिडेंट, सूक्ष्म जैविक एजेंट, रक्षात्मक पदार्थ इत्यादि के लिए प्रयोग किया जा सकता है। खाद्य योज्यों (एडिटिव) के नियत्रित रिहाई प्राप्त करने के लिए विभिन्न प्रायरणों का इस्तेमाल किया जा सकता है। सामान्यतः प्रावरणों के लिए कार्बोहाइड्रेट, गोंद, लिपिड, प्रोटीन, पॅलिीविनायल एसीटेट, फाइबर पॅर्शिमर और हाइपोज़ोम को अकेले या संयोजन में इस्तेमाल किया जाता है। खाद्य योज्यों की कुछ श्रेणियों की नियंत्रित रिहाई के अनुप्रयोग यहां वर्णित है। मीठापन स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता बढ़ने के साथ, कम कैलोरी, कम मिठास वाले खाद्य और पेय पदार्थों की ओर उपभोक्ताओं का रुझान निरन्तर वड़ रहा है। कम कैलोरी एवं उच्व शक्ति शर्करा एक बहुत तीव्र मीठा पदार्थ है। जिसकी कम मात्रा चीनी की बहुत बड़ी मात्रा की जगह उपयोग की जाती है। लेकिन इतनी कम कैलोरी वाली शर्करा भोजन की गर्मी, नमी और अन्य घटकों के प्रति संवैदनशील है, इसलिए उन्हें किसी प्रणाली में पैक करना आवश्यक हैं। शुगर के संपुटीकरण हेतु प्रयुक्त प्रावरण स्टार्न, लिपिड इत्यादि से बनाए जाते हैं। जायका (फ्लेवर) जायके की खाद्म उद्योग में अत्यंत महता है क्योंकि किसी भी खाद्य उत्पाद की उपभोक्ता स्वीकार्यता मुख्य रूप से जायके और स्वाद पर निर्भर करती है। जायका प्राकृतिक रूप से अहिंथर होता है और प्रसंस्करण के दौरान ख़त्म ह्ये जाता है, जिस के फलस्वरूप खाद्य पदार्थ की उपभोक्ता स्वीकार्यता कम हो जाती है। खाद्य उद्योग प्रसंस्करण के दैौरान खत्म हो जाने वाले जायके को कृत्रिम जायके से बदल रहे हैं। इससे वास्तविक और कथित विषाक्तता मुद्दों की वजह से उपभोक्ता स्वीकार्यता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। प्राकृतिक जायके महंगे एवं अस्थिर होने की वजह से खाद्य उद्योग में कम लाभदायक है। तथापि अगर ऐसे अस्थिर और ताप संवेदी घटकों को भोजन मिश्रण से पहले उपयुक्त मैट्रिक्स में संपुटित किया जाए तो, नुकसान कम होगा, भंडारण अवधि और स्वीकार्यता बढ़ जाएगी। विभिन्न प्रावरणों जैसे कार्बोहाइड्रेट (स्टार्च माल्टो डेक्सिट्रिन), गोंद, प्रोटीन, व्हे प्रोटीन को जायका संपुटिकरण के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। जायके के संपुटिकरण में आमतौर पर एक सधन सामग्री जैसे पोलिसेकेराईड या प्रोटीन के साथ, पायसीकरण (इमल्सीफिकेशन) तथा सामग्री को सुखाना या ठंडा करना शामिल होता है। एंटीऑक्सीडेंट एंटीऑक्सीडेंट का पूरक आह्यर में सामग्री के रूप में व्यापक उपयोग किया जाता है और कैंसर, हृदय रोग और ऊंचाई में होने वाली बीमारी जैसे रोगों की रोकथाम के लिए ये प्रभावी है। प्राकृतिक एंटीआक्सीडेंट का चिकित्सा में उपयोग के अलावा बहुत से औद्योगिक उपयोग भी है जैसे भोजन संरक्षण के रुप में, सौंदर्य प्रसाधनों में, तथा रबर और गैसोलीन की स्थिरता बनाए रखने के लिए। एंटीऑक्सीडेंट का सीधा इस्तेमाल करने से इसके अनुपयोगी रूप में बदल जाने की संभावना ज्यादा है। संपुटिकरण इस क्षति को रोकने के साथ-साथ नियंत्रित रिहाई भी प्रदान करता है। खाद्य परिरक्षकों का खाद्य उद्योग में बहुत महत्व है। कृत्रिम परिरक्षक यद्यपि बड़े पैमाने पर खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल किए जाते हैं लेकिन वह बहुत सुरक्षित नहीं माने जाते। अतः प्राकृतिक परिरक्षक कृत्रिम परिरक्षकों की दिन प्रति दिन जगह ले रहे हैं। तथापि कभी-कभी प्राकृतिक परिरक्षक या तो उत्पाद स्वीकार्यता को प्रभावित करते हैं या कठोर परिस्थितियों का सामना नहीं करते, या कम अवधि का संरक्षण प्रदान करते हैं। उनकी नियंत्रित रिहाई और कठोर परिस्थितियों में सुरक्षा के लिए उनका संपुटकरण करना जरूरी है। संपुटित परिरक्षक उपभोक्ता उत्पाद की स्वीकार्यता को प्रभावित किए बिना लंबे समय तक प्रभावी रहते हैं। हालांकि वर्तमान में नियंत्रित रिहाई के कुछ ही व्यावसायिक अनुप्रयोग है, लेकिन उन की भविष्य में खाद्य उद्योग में क्षमता है। इस तकनीक का पदार्थों की भण्डारण क्षमता और उपभोक्ता स्वीकार्यता बढ़ाने के लिए कई क्षेत्रों में इस्तेमाल किया जा सकता है। प्रसंस्कृत मांस उत्पादों की भण्डारण क्षमता (शेल्फ लाइफ) बढ़ाने हेतु नियंत्रित रिहाई का अनुप्रयोग का पता लगाना जरुरी है। स्त्रोत : सीफेट न्यूजलेटर, लुधियाना( के. नरसईया, रोबिन ए. विलसन एवं हर्षद मंडर्गे कृषि संरचना एवं यातावरण नियंत्रण प्रभाग, सीफेट लुधियाना)