एक संक्रामक गर्भपात रोग है जो मुख्य रूप से दुधारू पशुओं, विशेष रूप से गाय और भैंसों में देखा जाता है। इस रोग से गर्भपात मुख्य रूप से गर्भकाल के अंतिम ट्राइमेस्टर में होता है। इसके अलावा, पशु की प्रजनन क्षमता भी कम हो जाती है। यह रोग ब्रुसेला बैक्टीरिया के कारण होता है, जो मनुष्यों में भी फैल सकता है और एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम पैदा करता है। Etiology: गाय और भैंस में इस रोग का कारण Brucella abortus है, जबकि सूअरों में Brucella suis, कुत्तों में Brucella canis, और भेड़-बकरियों में Brucella melitensis रोग का कारण बनते हैं। संक्रमण के तरीके: रोग दूषित चारा, पानी, योनि स्राव, घाव, और यौन संपर्क द्वारा फैलता है। यह संक्रमित मूत्र, मल, और बिना पाश्चुरीकृत दूध के सेवन से भी फैल सकता है। लक्षण: गर्भवती गाय और भैंसों में अंतिम ट्राइमेस्टर के दौरान गर्भपात। गर्भपात के बाद प्लेसेंटा का चमड़े जैसा दिखना। पैरों के जोड़ में सूजन (हाइग्रोमा)। घोड़ों में गठिया के लक्षण। नर पशुओं में अंडकोष में सूजन और प्रजनन क्षमता में कमी। निदान: निदान में गर्भपात का इतिहास, प्लेसेंटा के ऊतकों की जांच, योनि स्राव परीक्षण, और विशेष सीरोलॉजिकल परीक्षण जैसे ब्रुसेला रिंग टेस्ट, अबोर्टस बैंग रिंग टेस्ट (एबीआरटी) टेस्ट शामिल हैं। वैक्सीनेशन: बरुसेलोसिस रोग के लिए कोई प्रभावी इलाज नहीं है, इसलिए रोकथाम ही इसका सबसे अच्छा उपाय है। रोकथाम के लिए पशुओं में वैक्सीनेशन करवाया जाता है। वैक्सीन: कॉटन स्ट्रेन - 19 वैक्सीन: यह वैक्सीन सबसे आम वैक्सीन है जिसका उपयोग ब्रुसेलोसिस की रोकथाम के लिए किया जाता है।