पशुपालन एवं मुर्गी उत्पादन पशुपालन के लिए पशुओं के स्वास्थ्य की जानकारी रखना अति आवश्यक है। बुखार, नाड़ी की गति एवं श्वांस लेने की गति से स्वस्थ एवं रोगी पशुओं की पहचान की जा सकती है। विभिन्न प्रकार के पशुधन और कुक्कुटों में औसत बुखार, नाड़ी की गति, श्वांस लेने की गति (प्रति मिनट) इस प्रकार है: पशु/पक्षियों की किस्म बुखार (फारनहाईट) नाड़ी (प्र.मिनट) श्वांस (प्र.मिनट) घोड़ा 100-101 32-44 8-16 गाय 101-102 50-70 10-30 सूकर 102.5-103 60-80 8-18 भेड़ एवं बकरी 102-103 70-80 12-20 कुत्ता 101-102 70-120 10-30 बिल्ली 101-102 110-130 20-30 कुक्कुट 107-109 200-400 15-30 हाथी 97-98 25-28 8-12 ऊँट 99-100 28-32 8-12 रोगी एवं स्वस्थ पशुओं की पहचान सामान्य प्रकृति चौकन्ना, जीवंत सुस्त पागुर सामान्य असामान्य व्यवहार सामान्य असामान्य अभिव्यक्ति सामान्य असामान्य शरीर की सामान्य सामान्य चमक तथा मुलायमपन असामान्य, कुछ तीव्र बीमारियाँ स्थिति रोएँ अपनी साधारण स्थिति में में शरीर के रोएँ खड़े हो जाते है। श्वांस साधारण तेज बैठने या खड़े रहने की स्थिति सामान्य असामान्य दिखाई पड़ने वाले श्लेष्म सामान्य रंग असामान्य, पीला या लाल कला (म्युकसमेम्ब्रेन) मजल (थूथुन) ठंढा या भीगा हुआ सूखा एवं गर्म मुँह सामान्य, पागुर साधारण पागुर बंद, लार की मात्रा ज्यादा। जीभ सामान्य एवं फोड़ा रहित इस पर परत पड़ जाती है कुछ अन्य बीमारियों में फोड़े निकल आते हैं। आँख चौकन्नी कुछ पुरानी बीमारियों में आँखे धँसी हुई। पाखाना सामान्य दस्त या कब्ज। पेशाब सामान्य खूनी, रुका हुआ। ताप, श्वांस एवं नाड़ी सामान्य असामान्य स्त्रोत: कृषि विभाग, झारखंड सरकार