दूध दुहते समय ध्यान देने योग्य बातें दूध दुहते समय को मक्खियों, तेज आवाज, हार्न आदि से बचाए आरामदायक स्थिति में गाय अधिक दूध देती है। थन को अच्छी तरह से एंटीसेप्टिक लोशन या नीम – पत्ते उबले पानी से धो लें दूध दूहते समय ना थूके, नाक न साफ करें, बात भी ना करें। दूध की पहली कुछ धारों को नीचे गिरा देना चाहिए, ऐसा करने से थन में जमा गंदगी आदि साफ हो जाता है। साफ़ कपड़े से पोछें। पशुओं में प्रतिबंधाकात्मक टीकाकरण तालिका क्र. पशु प्रजापति/रोग का नाम टीका का नाम टीका लगाने के प्रारंभिक आयु टीका पथरी भाग का तरीका प्रतिरोधक क्षमता बूस्टर या पुनः टिकाकरण विशेष 1. क. गौ – भैंस वंशीय गलघोंटू 1. एलम प्रेसीपिटेटेड 2. आयल एड्जूबेंट 6 माह की उम्र चमड़ी की नीचे 6 माह की उम्र 5 एम एल 2-3 एम. एल. मांस से 6 माह 1 वर्ष प्रतिवर्ष प्रतिवर्ष मानसून के पूर्व/जून से सितंबर जूलाई, अगस्त सितंबर मानसून के पूर्व/जून से सितम्बर जूलाई, अगस्त, सित. (विशेष संकर पशुओं) 2. एक टंगिया एलम (प्रेसीपिटेटेड) 6 माह की उम्र 5 एम. एल. चमड़ी के नीचे 6 माह प्रतिवर्ष मानसून के पूर्व/अप्रैल से जून 3. छड़ रोग एंथ्रेक्स स्पोर (प्रेसीपिटेटेड) 6 माह की उम्र 1 एम. एल. चमड़ी के नीचे 1 माह प्रतिवर्ष मानसून के पूर्व/मई, जून 4. खुरहा चपका 1. टेट्रा बैलंट वैक्सीन 2. आयल एड्जूबेंट 3 माह 3 माह 5 एम. एल. चमड़ी के नीचे 2. एम. एल. मांस 6 माह 1 माह 3 माह बाद प्रतिवर्ष प्रति 6 माह में/मई, जून अक्टूबर, नवम्बर स्त्रोत: कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग, भारत सरकार