देश में गन्ने की पेराई से प्रतिवर्ष लगभग नौ सौ लाख टन खोई निकलती है। बिजली बनाने में इसका इस्तेमाल किए जाने के बाद भी 45 लाख टन यह बच जाती है। ऐसे में राष्ट्रीय शर्करा संस्थान (एनएसआई) ने गन्ने की खोई और गुड़ से सेहत भरा बिस्किट तैयार किया है। यह बिस्किट विटामिन और कैल्शियम से भरपूर है और खोई के फाइबर ने इसे अधिक गुणकारी बना दिया है। विटामिन 'सी' व अन्य पौष्टिक तत्वों की मौजूदगी के कारण यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी सहायक है। इसके साथ ही पेट की दिक्कत और अन्य रोगों से जूझ रहे लोगों के लिए यह खासतौर पर फायदेमंद है। विभिन्न फ्लेवर की वजह से यह बिस्किट बच्चों के साथ ही हर उम्र के लोगों को भाएगा। संस्थान के विशेषज्ञों ने इस तकनीक को पेटेंट करवाया है। अब यह तकनीक किसी कंपनी को देने की तैयारी है, ताकि इसी वर्ष बिस्किट बाजार में आ सके। क्या है खोई गन्ने को पेरकर (क्रश करके) रस निकालने के बाद बचा ठोस पदार्थ खोई कहलाता है। शुरुआत में लोग इसका उपयोग नहीं जानते थे, लेकिन आजकल यह जैव ईंधन या कागज बनाने के लिए नवीकरणीय स्रोत के रूप में प्रयुक्त होता है। यह गृह निर्माण के लिए सामग्री के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है। गन्ने की खोई से आजकल क्रॉकरी भी बनाई जा रही है, जो पूरी तरह से बॉयोडिग्रेडेबल है। देश में चीनी मिलों में गन्ने की पेराई के बाद उसकी खोई बच जाती है। इसका निस्तारण चीनी मिलों के लिए बड़ी समस्या है। दरअसल सीधे तौर पर इसका कोई उपयोग नहीं होता है। बाजार में बेचने पर एक से डेढ़ रुपये प्रति कि.ग्रा. ही इसकी कीमत मिलती है।खोई जलाने से प्रदूषण होता है। हालांकि कुछ चीनी मिलें इसको ईधन के तौर पर इस्तेमाल भी कर रही हैं, लेकिन इसका कोई खास लाभ नहीं है। इसको देखते हुए एनएसआई के विशेषज्ञों ने किसानों और चीनी कारखानों को अतिरिक्त लाभ दिलाने के लिए यह तकनीकी विकसित की है। राष्ट्रीय शर्करा संस्थान के वैज्ञानिकों के अनुसार खोई को विशेष प्रक्रिया से फाइबर के रूप में तैयार किया गया। इसमें वे उत्पाद मिलाए गए, जो बिस्किट बनाने में इस्तेमाल किए जाते हैं। इसमें बेकिंग पाउडर, क्रीम, फैट आदि शामिल हैं। चीनी की जगह गुड़ का इस्तेमाल किया गया। गुड़ से बिल्कुल चीनी जैसी मिठास मिली और यह ज्यादा गुणकारी भी है। इस तरह से यह बिस्किट विभिन्न फ्लेवर में तैयार किया जा सकता है। मुख्यतः गन्ने की खोई और गुड़ से तैयार बिस्किट में कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन, कॉपर, विटामिन 'बी', 'बी', 'सी' और 'ई' की मात्रा अधिक है। रोगियाें के लिए लाभदायक गन्ने की खोई और गुड़ से बने बिस्किट में फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है। इसलिए इसके सेवन से कब्ज की समस्या दूर हो सकती है। यह बिस्किट, टाइप-टू डायबिटीज में भी फायदेमंद है। विशेषज्ञों का दावा है कि खून में कॉलेस्ट्रॉल की मात्रा कम करने में भी यह सहायक है। गुड़ की वजह से इसके आयुर्वेदिक लाभ हैं। स्त्राेत : भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद(आईसीएआर), कृषि भवन, राजेंद्र प्रसाद राेड, नई दिल्ली।