परिचय श्री राजबीर सिंह सपुत्र श्री जीता राम निवास गाँव दादुपुर पो. उचाना झील, जिला करनाल ने कृषि विज्ञान केंद्र, करनाल से विभिन्न जानकारी प्राप्त करके अपने दादा श्री सिंहराम के शौक को आगे बढ़ाते हुए पशुपालन को अपनी आजीविका के रूप अपनाया। श्री राजबीर सिंह के दादा जी उन गिने चुने किसानों में से हैं जिन्होंने पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान सबसे पहले अपनाया व् संकर प्रजनन को करनाल जिले में बढ़ने का मौका दिया। श्री राजबीर सिंह आज एक अति सफल पशुपालक हैं व उनका नाम अधिक दूध देने वाली गायों के मालिक के रूप में जाना जाता है। इस कार्य में उनके पिता श्री जीता राम उनको पूरा सहयोग कर कर रहे हैं। श्री राजबीर सिंह देश में आयोजित होने वाली विभिन्न पशु प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अनेक ईनाम जीत चुके हैं। आज श्री राजबीर सिहं के डेरी फार्म पर पशुओं की संख्या निम्न प्रकार हैं- होलस्टीन शंकर गायें 25 होलस्टीन शंकर बछड़िया, एक वर्ष से ऊपर 10 होलस्टीन शंकर बछड़िया, एक वर्ष से कम 12 साहिवाल गायें 2 थारपारकर गाएं 1 मुर्राह भैसें 4 मुर्राह कटडियां, एक वर्ष से ऊपर 2 मुर्राह कटडियां, एक वर्ष से ऊपर 3 पशु प्रबंध श्री राजबीर सिहं के पास 60 पशुओं के लिए आवास व्यवस्था है साथ ही पशुओं को काफी खुला स्थान भी दिया गया जहाँ पशु समय-2 पर आराम कर सकें व् घूम सकें। गायों के दूध निकालने के लिए श्री राजबीर सिहं ने अपने फार्म पर मशीने लगाईं हुई हैं। भैसों का दूध वे हाथ से ही निकालते हैं। पशुओं को बीमारी से बचाने के लिए खुर पका मुहँ पका वैक्सीन प्रति वर्ष दो बार व गोलगोटू वैक्सीन प्रति वर्ष एक बार लगाई जाती है। पशुओं की सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है। पशुओं के लिए साफ पानी की व्यवस्था है। श्री राजबीर सिंह पाने पशुओं का अधिक से अधिक हरा चारा उपलब्ध कराते हैं व स्वयं बनाकर दाना उपलब्ध कराते हैं। उनका मानना है कि यदि पशुओं की उचित सफाई रखी जाये और उचित मात्रा में संतुलित आहार उपलब्ध कराया जाए तो पशुओं में बीमारियों स्वयं ही कम हो जाती है। वे अपने पशुओं को अन्तः परजीवी व बाह्य परजीवियों से बचाने के की समय-समय पर उचित दवाइयों का प्रयोग करते हैं। पशु प्रजनन श्री राजबीर सिहं अपने फार्म पर सभी गायों व भैसों को कृत्रिम गर्भाधान से गाभिन कराते हैं। वह अपने पशुओं के किए अच्छे रिकार्ड का वीर्य रा.डे.अनु.सं. करनाल, पशुपाप्न विभाग पंजाब व वीर्य बैंक-हैसर गट्टा (कर्नाटका) आदि स्थानों से प्राप्त करते हैं। श्री राजबीर सिहं अपने शंकर पशुओं में विदेश खून का स्तर अधिक से रखने के हिमायती है क्योंकि वे समझते हैं कि पशुओं में अधिक विदेशी खून का स्तर, पशुओं से अधिक दूध प्राप्त करने में मदद करता है। श्री राजबीर सिहं के फार्म पर पशुओं का गर्मी में न आना व बार-बार गभित होना जैसी बिमारियों की समस्या बहुत कम है। दूध उत्पादन एवं इससे आर्थिक लाभ श्री राजबीर सिहं के फार्म पर 400 किलो गाय का दूध व् 50 किलो भैसों का दूध उत्पादन प्रतिदिन होता है। वे गायों का दूध 10.00 रू. प्रति किलो व भैसों का दूध 14.00 रु. प्रति किलो के हिसाब से बेचते हैं। श्री राजबीर सिहं अपने पशुओं का दूध बेचकर प्रतिमाह रु. 1,30,000/- प्राप्त करते हैं जिस्स्में से वह लगभग रु. 50,000 प्रतिमाह शुद्ध लाभ कमाते हैं। श्री राजबीर सिहं राज्य स्तर पर आयोजित होने वाली अनेक प्रतिगिताओं में भाग लेते हैं व अनेक पुरस्कार प्राप्त करते हैं। स्त्रोत: कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग, भारत सरकार