<div id="MiddleColumn_internal"> <h3 style="text-align: justify;">परिचय</h3> <p style="text-align: justify;">श्री नरेंद्र सिंह गाँव उचाना, जिला करनाल का रहने वाल बेरोजगार नवयुवक था। अक्टूबर 1986 में इन्होने कृषि विज्ञान केंद्र, एन.डी.आर.आई. करनाल से एक सप्ताह का <a href="../../../../../../../social-welfare/91794d93093e92e940923-91793094092c940-90992894d92e942932928/90692f93593094d92694d927915-91792493f93593f92793f92f93e901/मधुमक्खी-पालन">मधुमक्खी पालन</a> का प्रशिक्षण लिया तथा 1987 में 10 मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण लिया 1987 में 10 मधुमक्खी कालोनियों के साथ इस व्यवसाय को आरंभ किया। वर्ष के अंत तक 2.0 क्विंटल शहद का उत्पादन हुआ। इसके बाद प्रति वर्ष कालोनियों का विभाजन कर इनकी संख्या बढ़ाने लगा। दिसंबर 2005 तक इसके पास 600 कालोनियों हो गयी जिसके कृषक ने 108 क्विंटल शहद का उत्पाद किया। इसे 40 रूपये प्रति किलोग्राम के भाव से बेचकर कुल 4.32 लाख रूपये की आय प्राप्त की।</p> <h3 style="text-align: justify;">बेरोज़गारी से मधु पालन का सफ़र तय किया</h3> <p style="text-align: justify;">श्री नरेंद्र सिंह की मधुमक्खी पालन में लगन तथा शहद उत्पादन को देखते हुए 27 फरवरी 1996 के हरियाणा कृषि उद्योग निगम समिति, चंडीगढ़ द्वारा इन्हें बी-ब्रीडर्स घोषित किया गया। इस काम को और बढ़ाने तथा नये किसानों को कोलोनियाँ देने के लिए समिति द्वारा आर्थिक सहायता भी दी गई। सन 1996 से 2005 तक इन्होने 2,780 मधुमक्खी कालोनियों दूसरे किसानों को बेचीं। इसमे से 1,877 कालोनियां भूमि रहित तथा गरीब किसाओं को दी गई तथा प्रत्येक कालोनो पर 250 रु. अनुदान के रूप में खर्चा हरियाणा कृषि उद्योग निगम समिति, चंडीगढ़ द्वारा वहन किया गया। मधुक्खी कालोनियों की बिक्री से सन 1996 से 2005 तक कुल 15,783 लाख रु. की आमदनी हुई।</p> <p style="text-align: justify;">दिसम्बर, 1995 ने करनाल के मधुमक्खी पालकों द्वारा बी कीपर्स ग्रामोद्योग सोसाइटी बनाई गई जिसके सचिव श्री नरेंद्र सिंह नियुक्त किये गये। इस समय सोसायटी के साथ सदस्य आपस में मिलकर शहद की बिक्री करते हैं जिससे उन्हें इसकी अच्छी कीमत मिल जाता है। समय-समय एक दूसरे से विचार विमर्श करते हैं जिससे मधुमक्खी पालन में होने वाले समस्याओं का समाधान आपस में किया जा सके।</p> <p style="text-align: justify;">श्री नरेंद्र सिंह ने हरियाणा कृषि उद्योग निगम समिति, चंडीगढ़ की तरफ से मधुमक्खी पालन पर प्रशिक्षण पालन पर प्रशिक्षण कार्य्रकम भी आयोजित किये घियन इसमें हरियाणा राज्य के विभिन्न भागों से किसानों ने इसमें भाग लिया तथा प्रशिक्षण के बाद इस कार्य को आरंभ किया।</p> <p style="text-align: justify;">कृषि विज्ञान केंद्र, करनाल द्वारा 19.12.2002 को किसान सम्मान दिवस आयोजित किया गया जिसमें श्री नरेंद्र सिंह को मधुमक्खी पालन में उनके उत्कृष्ट काय के लिए सम्मानित किया गया।</p> <p style="text-align: justify;">इस समय श्री नरेन्द्र सिहं प्रति वर्ष लगभग 5.0 लाख रु. की आय प्राप्त कर रहा है इसको देखकर आसपास के कई किसान इससे प्रेरित हुए हैं तथा मधुमक्खी पालन व्यवसाय को अपनाया है।</p> <p style="text-align: justify;">स्त्रोत:<a class="external_link ext-link-icon external-link" title="नए विंडाे में खुलने वाली अन्य वेबसाइट लिंक" href="https://agricoop.nic.in/" target="_blank" rel="noopener"> कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग, भारत सरकार </a></p> </div>