फसल की बुआई मक्का को विभिन्न प्रकार की भूमि में उगाया जा सकता है। ऐसी भूमि का चयन करें जहां जल निकास की उचित व्यवस्था हो। खेत की 2-3 जुताई करने के बाद पाटा चला दें और मक्का की बुआई मेड़ों पर करें। बुआई के लिए 15 जून से 15 जुलाई तक का समय उपयुक्त होता हैं। बीज बीज दर 8 किलोग्राम/एकड़ प्रयोग करना चाहिए। मक्का की अच्छी पैदावार लेने के लिए बुआई पंक्तियों में करें पंक्ति से पंक्ति की दूरी 60 सेमी एवं पौधे से पौधे की दूरी 20 सेमी रखें। यदि बेडप्लान्टर उपलब्ध हैं तो बेडप्लान्टर का प्रयोग करें। समुचित पैदावार लेने के लिए प्रति एकड़ 30,000-32,000 पौधे होने चाहिए। पौधे से पौधे की दूरी 20 से.मी. पंक्ति से पंक्ति की दूरी 60 से.मी. उर्वरक प्रबन्धन उर्वरको का प्रयोग तालिका के अनुसार करें। मक्का की अच्छी उपज के लिए प्रयोग करें नाईट्रोजन 48 कि०/एकड़ फॉस्फोरस 24 कि०/एकड़ पोटाश 20 कि०/एकड़ जिंक सल्फेट 10 कि०/एकड़ प्रयोग करें बुआई के समय 50 कि०/एकड़ डी ए पी 34 कि०/एकड़ एम ओ पी एवं 10 कि०/एकड़ जिंक सल्फेट बुआई के 25-30 दिन बाद 50 कि०/एकड़ यूरिया बुआई के 45-50 दिन बाद 35 कि०/एकड़ यूरिया खरपतवार नियंत्रण खरपतवारों के नियंत्रण के लिए एट्राजीन 500 ग्राम मात्रा को 150-200 लीटर पानी में घोल कर प्रति एकड़ की दर से बुआई के तुरन्त बाद या बुआई के 3 दिन के अन्दर छिड़काव करें। यदि बुआई के 3 दिन के अन्दर छिड़काव नही कर पाये तो एट्राजीन का छिडकाव 15-20 दिन के बाद खरपतवार उगने पर 400 ग्राम/एकड़ की दर से कर सकते हैं। सिंचाई प्रबंधन यदि वर्षा सामान्य से कम होती है तो दाना बनते समय एक सिंचाई अवश्य करें। खरीफ के लिए संकर अधिक पैदावार के लिए निम्नसंकर व प्रजातियो की बुआई करें डीकेसी 8144 डीकेसी 7074 डीकेसी 9144 डीकेसी 9125 डीकेसी 9106 हिशैल डबल पायोनीर पी 3101 पी 3441 गंगा – 11 सरताज एचक्यूपीएम 5 एनके – 6240 स्त्रोत: कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग, भारत सरकार