<h3 style="text-align: justify;">आयुर्वेद एक चिकित्सा पद्धति</h3> <p style="text-align: justify;">आयुर्वेद एक ऐसी चिकित्सा पद्धति है जो प्राचीन समय से ही हमारे समाज में खास स्थान रखती है। आयुर्वेद में गिलोय के सेवन से होने वाले कई फायदों के बारे में भी बताया है। वैज्ञानिक रिसर्च के बाद प्राप्त हुए अध्ययन के आधार पर इसके कुछ खास फायदों को यहां बताया जा रहा है।आयुर्वेद में गिलोय का बहुत बड़ा महत्व है और यही वजह है कि इसके सेवन की भी बात विस्तार से की गई है। प्राचीन समय से ही आयुर्वेद पद्धति के माध्यम से कई गंभीर बीमारियों का इलाज किया जाता रहा है और इस पर कई सारे वैज्ञानिक रिसर्च भी हुए, जिनसे इस बात की पुष्टि होती है कि आयुर्वेद में बताई गई औषधियां काफी हद तक स्वास्थ्य फायदे पहुंचा सकती हैं।</p> <p style="text-align: justify;"><strong>औषधीय गुणों से भरपूर</strong></p> <p style="text-align: justify;">आयुर्वेद में औषधीय गुणों से भरपूर गिलोय का भी जिक्र किया गया है जिनसे कई प्रकार की बीमारियों के ठीक होने की बात कही जाती है। इसका जूस के रूप में सेवन किया जाए तो यह वाकई में विभिन्न प्रकार के रोग से आपको बचाए रखता है।</p> <h3 style="text-align: justify;">गिलाेय के उपयाेग</h3> <p style="text-align: justify;">नेशनल सेंटर फॉर बायो टेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन के द्वारा इस पर विस्तृत जानकारी दी गई है कि यह कई प्रकार की बीमारियों में कैसे काम करता है। यहां गिलोय के सेवन से होने वाले कुछ खास फायदों के बारे में बताया जा रहा है जो आपके लिए काम की जानकारी हो सकती है।</p> <h4 style="text-align: justify;">बुखार ठीक करने में</h4> <p style="text-align: justify;">गिलोय का सेवन करने वाले लोगों में बुखार आने की समस्या का खतरा कई गुना तक कम हो जाता है। इसके लिए गिलोय की पत्तियों को पीसकर इसकी छोटी-छोटी गोली बना लें और मरीज को सुबह-शाम इसे खाने के लिए दें। यह उनके लिए और भी फायदेमंद साबित हो सकता है जिन्हें अंग्रेजी दवाओं से एलर्जी है। दिन में दो से तीन बार इसका सेवन करने के बाद मरीज खुद ही इसके परिणाम को महसूस कर सकेगा।</p> <h4 style="text-align: justify;">पीलिया के उपचार में</h4> <p style="text-align: justify;">पीलिया के बारे में यह कहा जाता है कि जिस इंसान को एक बार यह बीमारी हो जाती है अगर वह पूरी तरीके से इसका इलाज नहीं करता है तो यह बार-बार उसे अपना शिकार बनाती है। इस बीमारी में व्यक्ति का शरीर और उसकी आंखों के साथ-साथ नाखून का रंग पीला पड़ जाता है। सही समय पर इलाज न मिलने के कारण व्यक्ति की मौत भी हो जाती है। वहीं, गिलोय जूस का सेवन करने के कारण पीलिया बुखार को भी ठीक करने में काफी मदद मिलती है।</p> <h4 style="text-align: justify;">डायरिया से बचाव में</h4> <p style="text-align: justify;">डायरिया खासकर गर्मियों में लोगों को ज्यादा अपना शिकार बनाता है। इस बीमारी में शरीर से बहुत ज्यादा मात्रा में पानी भी निकल जाता है। मरीज को बार-बार दस्त और उल्टी शुरू हो जाते हैं और वह बहुत कमजोर महसूस करने लगता है। जबकि गिलोय की पत्तियों से तैयार किया गया जूस एनर्जी से भरपूर होता है और इसके साथ साथ-साथ यह स्टूल से जुड़ी हुई समस्याओं को ठीक करके डायरिया के उपचार में काफी मदद कर सकता है।</p> <h4 style="text-align: justify;">कैंसर के उपचार में</h4> <p style="text-align: justify;">गिलोय का सेवन एक स्वस्थ व्यक्ति भी कर सकता है जो उसे कई प्रकार की बीमारियों की चपेट में आने से बचाएगा। इतना ही नहीं, जो लोग कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का इलाज करवा रहे हैं वह भी इस जूस का नियमित रूप से सेवन कर सकते हैं। रिसर्चगेट के अनुसार गिलोय में एंटीकैंसर एक्टिविटी पाई जाती है जो कैंसर के उपचार में मदद तो प्रदान करती ही है, साथ ही साथ लोगों को इसकी चपेट में आने से भी बचाए रखने का काम कर सकती है।</p> <h4 style="text-align: justify;">बोन फ्रैक्चर में</h4> <p style="text-align: justify;">कई बार लोगों को किसी दुर्घटना या फिर बच्चों को खेलने के दौरान ऐसी गंभीर चोट लग जाती है कि उनकी हड्डी में फ्रैक्चर हो जाता है। एनसीबीआई ने एक रिपोर्ट में यह कहा है कि अगर गिलोय की पत्तियों को पीसकर इसका जूस पीया जाए और इसकी पत्तियों को हल्का-सा गर्म करके चोट वाली जगह पर लगाया जाए तो उससे फ्रैक्चर वाली जगह पर दर्द में कमी का अनुभव होता है। इसलिए जिन लोगों को बोन फ्रैक्चर की समस्या हो वह इसके दर्द से बचे रहने के लिए गिलोय का सेवन कर सकते हैं।</p> <h4 style="text-align: justify;">एंटी एजिंग गुणों से भरपूर</h4> <p style="text-align: justify;">बढ़ती हुई उम्र के प्रभाव को हर कोई छिपाने की इच्छा रखता है। ऐसा मुमकिन भी है अगर डायट और फिटनेस पर खास ध्यान दिया जाए। वहीं, गिलोय में एंटीएजिंग एक्टिविटी भी पाई जाती है। इसलिए इसका नियमित रूप से किया गया सेवन आपके शरीर में उम्र के बढ़ते हुए प्रभाव को कम करने में काफी सक्रिय रूप से कार्य कर सकता है।</p> <h4 style="text-align: justify;">डायबिटीज के मरीजों के लिए है एक खास सुझाव</h4> <p style="text-align: justify;">गिलोय का लंबे समय तक सेवन करना भी ज्यादा लाभदायक नहीं रहेगा और उसके कुछ दुष्प्रभाव भी देखे जा सकते हैं। ऐसा माना जाता है कि डायबिटीज के मरीज लंबे समय तक इसका सेवन करने के कारण ब्लड शुगर लेवल को भी बढ़ा सकते हैं।ऐसे मरीज गिलोय का सेवन करने के दौरान अपना शुगर लेवल को चेक करते रहें, और हो सके तो डॉक्टर की भी सलाह लें।</p> <p style="text-align: justify;">स्त्राेत : स्वतंत्र लेखक । </p> <p style="text-align: justify;"> </p>