पटसन एक वार्षिक शाकाहारी पौधा है, जो पर्याप्त पानी के साथ गर्म, नम जलवायु में बढ़ता है। भले ही यह स्वाद में हल्का कड़वा हो, पटसन के पत्तों में उच्च पोषण मान होता है। इसके कारण इसका उपयोग स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न समस्याओं से निपटने के लिए विश्वभर में किया जाता है। पटसन के पौधों की पत्तियां 6-10 सें.मी. लंबी, 3.5-5 सें.मी. चौड़ी अंडाकार-भाले के आकार की होती है। ये पत्तियां नुकीली, चिकनी, आरे जैसी, आधार पर गोल, 3-5 शिराएं, पर्णवृंत 2-2.5 सें.मी. लंबा एवं रोंयेदार (विशेष रूप से शीर्ष की ओर) होती हैं। पत्तियां सामान्य रूप से हल्के हरे रंग की होती हैं और स्वाद में थोड़ी कड़वी होती हैं। पटसन की नई पत्तियां स्वादिष्ट और कोमल होती हैं एवं पुरानी पत्तियां अधिक रेशेदार होती हैं, जो कि खाने के लिए ज्यादा सही नहीं होती हैं। भोजन में एक विशिष्ट स्वाद जोड़ने के अलावा, पटसन के पत्तों का पोषण मूल्य भी होता है। ये सूप, स्टॉज और सॉस में गाढ़ेपन के रूप में कार्य करते हैं। पटसन की पत्तियों का पोषण महत्व थोड़े कड़वे स्वाद के अलावा इसकेपत्ते पोषक तत्वों, विटामिन और खनिज के अच्छे स्रोत हैं। बिना नमक के यदि 87 ग्राम पटसन कौ पत्तियों की सब्जी बनाई जाए, तो उसमें विटामिन “के" 94 ग्राम, विटामिन “बी” 60.496 मि.ग्रा,, आयरन 2.73 मिग्रा., विटामिन 'ए' 225 माइक्रोग्राम, विटामिन “सी” 28.7 मि.ग्रा. और कॉपर 0.22 मिग्रा. होता है। इसके अलावा कई अमीनो अम्ल जैसे-श्रेओनिन 0-3 ग्राम, आइसोन्यूसीन 0.52 ग्राम, न्यूसीन 0.266 ग्राम, लाइसिन 0.5 ग्राम और मेथियोनीन 0.044 ग्राम भी 'पटसन में पाए जाते हैं। पटसन के पौधे से स्वास्थ्य लाभ आंतरिक रक्तस्राव इसके पौधों में काफी मात्रा में विटामिन *के' होता है, जो यकृत में रक्तस्राव के खतरे को कम करने में मदद करता है। इस विटामिन की कमी के कारण गैस्ट्रोइंटेस्याइनल सिस्टम से संबंधित कुछ समस्याओं में कोलाइटिस, अवरोध, स्प्रू और क्रोहन रोग शामिल हैं। ये सभी समस्याएं विटामिन “के” की कमी के कारण होती हैं। नेत्र स्वास्थ्य की रक्षा खराब आहार या पोषक तत्वों की कमी कई नेत्र रोगों के मूल कारण हैं। अनुसंधान ने साबित किया है कि विटामिन बी, को अन्य विटामिनों के साथ लेने से आंखों के विकारों की रोकथाम और दृष्टि दोष के निदान में मदद मिल सकती है। पटसन के पौधे में 0.494 मि.ग्रा. विटामिन बी6 होता है, जो दैनिक अनुशंसित मात्रा का 38.5 प्रतिशत है। पैरों की छटपटाहट रेस्टलेस लेग सिंड्रोम एक सामान्य स्थिति है, जो आमतौर पर आयरन की कमी के कारण होती है। रक्त क॑ भीतर स्ट्रेटनर का निम्न स्तर स्थिति का एक प्राथमिक कारण है। पटसन के पत्ते आयरन से भरपूर होते हैं। इन्हें नियमित रूप से खाने से स्थिति को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। पटसन के पौधों में 2.73 मि.ग्रा. लोहा होता है, जो दैनिक अनुशंसित मात्रा से एक तिहाई (34. 3 प्रतिशत) अधिक है। पटसन के पत्तों को खाने से मांसपेशियों में ऐंठन को रोकने में भी मदद मिल सकती है, जिसे पर्याप्त आयरन की कमी के कारण भी माना जाता है। त्वचा स्वास्थ्य और कोशिका विकास विटामिन 'ए' की कमी के परिणामस्वरूप शरीर में कुछ जटिलता हो सकती है, जैसा कि शोध से संकेत मिलता है कि विटामिन +ए' मुंहासे से लड़ सकता है और समग्र त्वचा स्वास्थ्य में सुधार कर सकता है। विटामिन 'ए' बाह्य और आंतरिक रूप से सभी एपिथेलियन कोशिकाओं के विकास में आवश्यक है। यह त्वचा के कैंसर को रोकने में भी मदद करता है। पटसन के पत्तों में बिटामन 'ए'की प्रचुरता होती है। इन्हें नियमित खाने से 'कोलेजन का उत्पादन, त्वचा के खराब होने की स्थिति, मुहांसे, रेखाएं और झुर्रियां को कम करने तथा स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद मिल सकती है। इन पत्तों में निहित विटामिन *ए' बालों के स्वस्थ विकास को बढ़ावा देने में भी मदद करवा है। पटसन के फूल में पर्याप्त मात्रा में विटामिन 'ए' होता है। यह त्वचा के स्वास्थ्य और कोशिका विकास के लिए आवश्यक है। जुकाम और फ्लू पटसन के पौधे में विटामिन 'सी' होता है। यह प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए बेहद फायदेमंद है। यह शरीर को सर्दी और वायरस से लड़ने की क्षमता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कॉलेस्ट्रॉल तांबा “खराब' कॉलेस्ट्रॉल (एलडीएल . कॉलेस्ट्रॉल) के स्तर को कम करने में मदद करता है। लाभकारी कॉलेस्ट्रॉल (एचडीएल कॉलेस्ट्रॉल) को बढ़ाने में मदद करता है।'पटसन के पौधे में 0.222 मि.ग्रा. तांबा होता . है यह दैनिक अनुशंसित मात्रा का 24.67 प्रतिशत है। यह एथेरोस्क्लेरेसिस और दिल के दौरे जैसे रोगों की आशंका को कम करने में मदद करता है। कैंसर इसमें मौजूद विटामिन 'बी,' को मानव शरीर में कैंसर को कम करने के लिए एक आवश्यक घटक माना जाता है। यह पेट के कैंसर, सर्वाइकल कैंसर और फेफड़ों के कैंसर सहित विभिन्न रूपों में कैंसर की आशंका को कम करले में मदद करता है। इस प्रकार, डाक्टरों द्वार आपकी दैनिक आहार योजना में . इस विटामिन को पर्याप्त मात्रा में शामिल करने कौ सिफारिश की जाती है। पटसन के पौधे में 90 मि.ग्र. विटामिन “बी,' होता है। यह दैनिक अनुशंसित मात्रा का 22.50 प्रतिशत है। स्वस्थ दांत और मसूड़े कैल्शियम जबड़े की हड्डी को मजबूत रुखकर दांतों की रक्षा करने में मदद करता है। इस प्रकार बैक्टीरिया अच्छी तरह से बढ़ने में असमर्थ होते हैं। अगर दांत और मसूड़े कोई परेशानी देने लगें तो, कैल्शियमयुक्त आहार को बनाए रखना सुनिश्चित करें। कैल्शियम की खुराक की पर्याप्त मात्रा पटसन से प्राप्त की जा सकती है। इसमें 84 मि.ग्रा. कैल्शियम होता है। यह दैनिक अनुशंसित मात्रा का 8.40 प्रतिशत है। अस्थमा जो लोग क्रोनिक अस्थमा से पीड़ित हैं,वे मैग्नेशियम की खुराक की मदद से अपनी सांस को सामान्य करने में सक्षम हो सकते हैं। पटसन की पत्तियां ब्रोन्कियल मांसपेशियों को आराम करने और श्वास को विनियमित करने में सहायता करती हैं। इसके पौधे में पर्याप्त मात्रा में मैग्नेशियम होता है, जो शरीर के लिए आवश्यक होता है। इसलिए अस्थमा की समस्या को सामान्य करने के लिए बार-बार इसके सेवन की सलाह दी जाती है। स्वस्थ बाल और त्वचा विटामिन बी2 (राइबोफ्लेविन) कोलेजन के स्तर को बनाए रखने में मदद करता है।'कॉलेजन छिद्रों और त्वचा की नई संरचना को बनाए रखने क॑ लिए भी आवश्यक है,ताकि झुर्रियों को रोका जा सके। इस प्रकार'राइबोफ्लोविन की कमी पहले से वृद्ध बना सकती है। एंडीऑक्सीडेंट 'पटसन के पत्ते विटामिन 'ए', 'सी'और “ई' से भरपूर होते हैं। ये तोन पोषकतत्व शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट हैं, जो मुक्त कोशिकाओं हैं। इन पत्तियों में उपलब्ध एंटीऑक्सोडेंट अन्य लाभों के अलावा दृष्टि और प्रजनन क्षमता में सुधार करने में मदद कर सकते हैं। पाचन में सुधार इसके पत्ते रेशे से भरपूर होते हैं। रेशेवाला आहार प्रमुख तत्वों में से एक है, जो पाचन प्रक्रिया को नियमित करने में मददकरता है। नियमित रूप से पटसन के पत्ते खाने से कब्ज से बचा जा सकता है और पाचन में तेजी ला सकते हैं। रेशायुक्त आहार होने से भी पोषक एवं को क्षमता में वृद्धि होती है और वह ऐंठन और गैस जैसे लक्षणों को कम करता है। सूजन का इलाज पटसन के पत्तों के सबसे प्रसिद्ध चिकित्सा लामों में से एक शरीर में सूजनसे लड़ने की इसको क्षमता है। इसमें विभिलप्रकार के एंटोऑक्सीडेंट होते हैं। इसके पत्तोंको खाने से सूजन क॑ कारण होने वालेजुकसान से बचने में मदद मिल सकती है। वजन कम करने में इसके पत्तों में विकिनल प्रकार के गुणहोते हैं. जो शरीर क॑ वजन को कम करते मेंमदद करते हैं। उनकी उच्च रेशा सामग्री पाचनमें सुधार करती है। ये तांबायुक्त पत्ते खशबकॉलेस्ट्रॉल (एलडीएल) के स्तर को कम करने और लाभकारी कॉलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। इसके पत्तों में लगभग 0.222 मिग्रा. काँपर होता है। यह हृदय रोगों की आशंका को कम करने क॑ साथ-साथ वजन को घटाने में मदद कर सकता है। अनिद्रा से छुटकारा अनिद्रा जैसे रोग से पीड़ित लोगों के लिए इसके पते मदद कर सकते हैं। पटसन के पत्ते मैग्नीशियम से भरपूर होते हैं और ये ऐसी स्थितियों का इलाज और सुधार करने में मदद करते हैं। मैग्नीशियम का सेवन बढ़ाने से नींद में सुधार कर सकते हैं। औषधीय उपयोग दर्द बुखार, पेचिश,आंत्रशोध, पेक्टोरल दर्द और ट्यूमर इलाज के लिए पटसन 'एक पारंपरिक उपाय है। पत्तियां जलोदर, दर्द, बवासीर और ट्यूमर के इलाज उपचार में प्रयोग को जाती हैं। भूख और ताकत को बढ़ाने के लिए पटसन का उपयोग किया जाता है। पेचिश, बुखार, यकृत विकार और अपच के उपचार में पटसन का इस्तेमाल किया जाता है। पत्तियों का उपयोग सिस्टिटिस,बुखार और प्रमाेह के लिए भी किया जाता है। 'पटसन के पत्तों को बीटा-कैरोटीन का एक अच्छा स्रोत कहा जाता है। यही कारण है कि इसका उपयोग अफ्रीका और मध्य पूर्व के अधिकांश हिस्सों ये दवाओं में किया जाता है। पटसन को पतियों का उपयोग करने क॑ लिए इसको ज्यादातर एशिया, मध्य पूर्व और अफ्रीका क॑ कुछ हिस्सों में उगाया जाता है। इसके पत्तों का उपयोग इन क्षेत्रों में खाद्य स्रोत के रूप में किया जाता है। कहा जाता है कि ये भोजन में एक अलग स्वाद जोड़ते हैं और सूप, स्टॉज और सॉस में भी गाढ़ेपन का काम करते हैं। इसके पत्तों को सेलियट, ईंबेडू या लेलो के रूप में भी जाना जाता है। इसको नई पत्तियां आमतौर पर सुगंधित और कोमल होती हैं। दूसरी ओर पुराने पत्ते रेशेदार और जुड़े होते हैं। इसके तने का उपयोग रस्सी, कागज और कई अन्य उत्पादों को बनाने के लिए किया जाता है। इसक॑ पत्ते न कंबल रसोई के काम के लिए बल्कि औषधीय गुणों के लिए भी जाने जाते हैं। पटसन के पत्तों से स्वादिष्ट व्यंजन नींबू और जैतून के तेल के साथ सब्जी के रूप में इसका सेवन किया जाता है। यह फिलीपींस के उत्तरी प्रांतों में एक लोकप्रिय व्यंजन है, जहां इसे साल्योद के नाम से जाना जाता है। इसके पत्तों का सेवन पश्चिमी केन्या के लुहिया लोगों द्वारा भी किया जाता है, जहां इसे आमतौर पर 'मुददें” या “म्यूर' के रूप में जाना जाता है। जापान, अफ्रीका से पटसन के सूखे पत्तों का आयात कर रहा है। इसका उपयोग कॉफी और चाय के विकल्प के रूप में हो रहा है। यूरोप में पटसन के पत्तों का उपयोग सूप के रूप में किया जाता है। पालक के साथ-साथ अन्य पत्तेदार साग एवं पटसन के पत्तों को पूरे पकवान के एक प्रमुख घटक के रूप में पकाया जा सकता है। पत्तियों को गोभी को तरह पानी में उबाला जाता है और अन्य खाद्य उत्पादों के साथ या केवल कुछ अतिरिक्त नमक के साथ खाया जाता है। इसके पत्तों का उपयोग सूप, स्टॉज, चाय और सब्जी के व्यंजनों के स्वाद के लिए किया जाता है। सूखे पत्तों को सूप में थिनर के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। प्रौढ़ पत्तियों को सलाद में शामिल किया जाता है। पालक और अन्य पत्तेदार हरी सब्जियों की तरह, पटसन के पत्तों को पूरा पकाया जा सकता है। इसको नई पत्तियां आमतौर पर सुगंधित और कोमल होती हैं। इसके पत्ते ताजा, जमे हुए या सूखे रूप में उपलब्ध होते हैं। वे ज्यादातर स्थानीय किसानों के बाजारों में उपलब्ध हैं। पटसन के पत्तों को साल्योट, इवेडू या लीलोके नाम से भी जाना जाता है। स्त्राेत : खेती पत्रिका(आईसीएआर), रक्तिम मित्र तकनीकी सहायक (टी-3), पुस्तकालय अध्यक्ष, भाकृअनुष-केंद्रीय पटसन एवं समवर्गीय रेशा अनुसंधान संस्थान, बैरकपुर, कोलकाता (पश्चिम बंगाल); सुदेष्णा कर्मकार केंद्रीय विद्यालय संगठन, बौधगढ़ (ओडिशा)