मिर्च की पांच किस्में देश के मिर्च उत्पादक किसानों के लिए ५अच्छी खबर है। भाकृअनुप-भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान, बेंगलुरु ने मिर्च की पांच ऐसी किस्में विकसित करने में सफलता हासिल की है, जिन पर रोगों का कोई असर नहीं होता है। संस्थान की तरफ से मिर्च की विकसित नई किस्मों के नाम, अर्का तेजस्वी, अर्का यशस्वी, अर्का सान्वी, अर्का तन्वी और अर्का गगन हैं। इनमें हर एक प्रजाति की अपनी अलग विशेषता है। विशेषताएं एवं उत्पादन क्षमता वैज्ञानिकों ने इनके बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अर्का तेजस्वी, अर्का यशस्वी किस्में सूखी मिर्च | उत्पादन के लिए; अर्का गगन हरी मिर्चउत्पादन के लिए, जबकि अर्का सान्वी और प्रतिरोधी हैं। इनकी खेती करके किसान कई अर्का तन्वी सूखी व हरी दोनों ही तरह की रोगों और कीटों से अपनी फसल को बचा मिर्च के उत्पादन के लिए प्रयोग की जा सकती सकते हैं। मिर्च की इन किस्मों में पर्ण कुंचन हैं। अर्का गगन के पौधे मध्यम आकार के होते वायरस लगने का खतरा नहीं होगा। मिर्च के हैं और इनसे 100 क्विंटल प्रति एकड़ हरी पौधों में पर्ण कुंचन (लीफ कर्ल) रोग एक मिर्च का उत्पादन हो सकता है। अर्का तन्वी वायरस से फैलता है। इसमें मिर्च की पत्तियां से प्रति एकड़ 30-35 क्विंटल सूखी मिर्च या मुड़ जाती हैं और पीली पड़ने लगती हैं तथा 100 क्विंटल हरी मिर्च का उत्पादन हो सकता पत्तियों का आकार भी छोटा होने लगता है। है। अर्का सान्वी से प्रति एकड़ 30-35 क्विंटल इस रोग के प्रकोप से पौधों का विकास रुक सूखी मिर्च या 100 क्विंटल प्रति एकड़ हरी जाता है। इसके कारण मिर्च की खेती करने मिर्च का उत्पादन हो सकता है। अर्का यशस्वी वाले किसानों को प्रत्येक वर्ष भारी नुकसान और अर्का तेजस्वी से 30-35 क्विंटल सूखी उठाना पड़ता है। लेकिन अब मिर्च की खेती मिर्च का उत्पादन हो सकता है। मिर्च की करने वाले किसानों को चिंता करने की विकसित ये सभी किस्में विभिन्न रोगों की जरूरत नहीं है। पर्ण कुंचन रोग प्रतिरोधी भाकृअनुप-भारतीय बागवानीअनुसंधान संस्थान, बेंगलुरू के वैज्ञानिकों के अनुसार संस्थान की तरफ से विकसित मिर्च की पांचों किस्में पर्ण कुंचन रोग प्रतिरोधी हैं। इससे मिर्च की इन प्रजातियों की खेती करने वाले किसानों को खेत में कीटनाशकों का प्रयोग भी कम करना पड़ेगा। ऐसे में किसानों की खेती की लागत घटेगी। भारत में लगभग 7.33 लाख हैक्टर क्षेत्रफल में मिर्च की खेती होती है। देश के प्रमुख मिर्च उत्पादक राज्यों में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। स्त्रोत : फल-फूल पत्रिका, भारतीय कृषि अनुूसंधान परिषद(आईसीएआर), पूसा राेड,नई दिल्ली।