अंतराल रोपाई तकनीक (एसटीपी) एक साथ कल्ले निकलने तथा गन्ना बीज के शीघ्र बहुगुणन हेतु भाकृअनपु-भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ द्वारा स्पेस्ड ट्रांसप्लांटिंग तकनीक (एस.टी.पी.) विकसित की गई है। इस तकनीक से बीज बहुगुणन अनुपात 1:10 से 1:40 तक बढ़ाया जा सकता है। इसके प्रयोग से नवीनतम विकसित प्रजातियों के तीव्र प्रसार में कई स्थानों पर सपफलता मिली है। तीन स्तरीय बीज कार्यक्रम यह कार्यक्रम गन्ना उत्पादकों को रोग मुक्त स्वस्थ बीज प्रदान करता है। यह पूरे देश में लोकप्रिय हो गया है। नम गर्म हवा उपकरण (एमएचएटी) की रूपरेखा इस संस्थान में ही विकसित की गई है। इसे अनेक चीनी मिलों में स्थापित भी किया गया है। इस विधि ने गन्ना उत्पादन में टिकाऊपन बनाए रखने की अपनी उपयोगिता को साबित कर दिया है। गन्ना कृषि का मशीनीकरण रिजर टाइप शुगरकेन कटर-प्लांटर ट्रैक्टरचालित रिजर टाइप शुगरकेन कटर-प्लांटर 75/90 सें.मी. की दूरी पर गन्ने की बुआई में समाहित सभी प्रमुख कार्यों का सफलतापूर्वक निष्पादन करता है। इस यंत्र द्वारा एक हैक्टर क्षेत्र की बुआई 4-5 घंटे में हो जाती है। यह यंत्र बुआई क्रियाओं में लगने वाली लागत में 60 प्रतिशत की बचत करता है। तीन पंक्ति बहुउद्देशीय गन्ना कटर-प्लांटर खेत पर चलने वाले पहियों (ग्राउन्ड व्हील) से संचालित तीन-पंक्ति बहुउद्देशीय गन्ना कटर-प्लांटर 75 सें.मी. की दूरी पर गन्ने की बुआई हेतु सभी कार्यों का सुगमतापूर्वक निष्पादन करने में कारगर है। एक हैक्टर क्षेत्र में इस यंत्र की प्रभावी बुआई क्षमता 3.5 से 4.0 घंटे है। इस यंत्र के प्रयोग से बुआई पर मानव श्रम में लगने वाली 70 प्रतिशत लागत की बचत की जा सकती है। युगलपंक्ति गन्ना कटर-प्लांटर ट्रैक्टर द्वारा संचालित युगलपंक्ति गन्ना कटर-प्लांटर को युगलपंक्ति ज्यामितीय (30 सें.मी. दूरी) के अंतर्गत गन्ने की बुआई हेतु विकसित किया गया है। इस युगलपंक्ति के बाद की दूरी में भिन्नता भी रखी जा सकती है। एक हैक्टर क्षेत्र में बुआई हेतु इस यंत्र की प्रभावी क्षमता 4-5 घंटे है। इससे बुआई कार्यों में लगने वाली लागत में लगभग 60 प्रतिशत तक बचत की जा सकती है। शून्य-कर्षण गन्ना कटाई-रोपाई यंत्र (पीटीओ) संचालित 'शून्य-कर्षण गन्ना-कटाई-रोपाई यंत्र' गन्ने के रोपण के लिए सभी क्रियाओं के साथ 75/90 सें.मी. अंतराल पर गन्ना बुआई हेतु विकसित किया गया। बाद में जोड़ी पंक्तियों के बीच की दूरी को कम व ज्यादा किया जा सकता है। यह 4-5 घंटे में एक हैक्टर में रोपण की प्रभावी क्षमता रखता है और लगभग रोपण लागत में 60 प्रतिशत बचत भी करता है। यह बीज शैय्या निर्माण की लागत को भी कम करता है। दो-पंक्तियों में गड्ढा खुदाई यंत्र यह यंत्र 25-30 सें.मी. गहरे, 70 सें.मी. व्यास वाले 30 सें.मी. अंतराल पर वृत्ताकार गड्ढे वलय गड्ढा पद्धति में गन्ना बोने हेतु विकसित किया गया। यह 150 गड्ढे/घंटा (0.017 हैक्टर/घंटा) की खुदाई की दर से प्रभावी क्षमता रखता है और 400 श्रम दिवस/हैक्टर बचाता है। मानव खुदाई की तुलना में यह 70 प्रतिशत गड्ढा खुदाई की लागत में बचत करता है। रेज्ड बेड सीडर 17 सें.मी. पर गेहूं की बुआई हेतु तीन उठी हुई बीज शैय्याओं (2 पूर्ण शैय्याओं व 2 आधी शैय्याओं) तथा आवश्यकतानुसार गन्ने की बुआई हेतु 75 सें.मी. की दूरी पर तीन कूंड़ों के बनाने हेतु रेज्ड बेड सीडर का विकास किया गया है। इसकी प्रभावी क्षमता 0.35-0.40 हैक्टर/घंटा है। रेज्ड बडे सीडर-कम-शुगरकेन कटर प्लाटंर इस यंत्र का विकास नालियों में गन्ने की दो पंक्तियों को बोने तथा गेहूं की दो पंक्तियों को उठी हुई क्यारियों पर अंतरसस्य फसल के रूप में बोने हेतु विकसित किया गया है। इसकी प्रभावी क्षमता 0.20-0.25 हैक्टर/घंटा है। इसके प्रयोग से लगभग 60 प्रतिशत बुआई लागत में बचत की जा सकती है। पेड़ी प्रबंधन यंत्र पेड़ी प्रबंधन यंत्र (आर.एम.डी.) पेड़ी फसल के प्रबंधन में किए जाने वाले सभी कार्यों जैसे ठूंठों की छंटाई, उसके आसपास की निराई-गुड़ाई, पुरानी जड़ें काटने, खाद, उर्वरक व जैवकारकों तथा द्रवीय रसायनों का प्रयोग तथा मिट्टी चढ़ाने इत्यादि को एक बार में ही निष्पादित कर देता है। इस यंत्र की क्षमता 0.35-0.40 हैक्टर/घंटा है। इस यंत्र के प्रयोग से लागत को 60 प्रतिशत तक बचाया जा सकता है। स्त्रोत : खेती पत्रिका, आईसीएआर, भाकृअनपु-भारतीय गन्ना अनसुधंन सस्ंथान, लखनऊ