राेग पाैधाें के प्रभावित भाग एवं लक्षण दवा की मात्रा प्रति हैक्टर तनाछेदक (स्टेम बोरर) इस कीट की सुंडियां ही नुकसान पहुंचाती हैं तथा वयस्क पतंगे फूलों आदि पर निर्वाह करते हैं। फसल की प्रारंभिक अवस्था में इसके प्रकोप से पौधों का मुख्य तना सूख जाता है। पकने की अवस्था पर बालियां सूखकर सफेद दिखाई देने लगती हैं। यह धारीदार गुलाबी पीले या सफेद रंग का कीट होता है। प्रकाश प्रपंच के उपयोग से तनाछेदक की संख्या पर निगरानी रखें। तनाछेदक कीट के नियंत्रण के लिए लाइट ट्रैप का प्रयोग करें। (i) रोपाई के 30 दिनों बाद ट्राइकोग्रामा जैपोनिकम (ट्राइकोकार्ड) 1-1.5 लाख/हैक्टर प्रति सप्ताह की दर से 2-6 सप्ताह तक छोड़ें। (ii) डाईमेक्रान फॉस्फोमिडान (85 ई.सी.) 590 मि.ली./हैक्टर या मोनोक्रोटोफॉस (36 ई.सी.) 1.5 लीटर/हैक्टर या क्लोरोपाइरीफॉस (20 ई.सी.) 2.5 लीटर/हैक्टर 500-700 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। (iii) कार्बोफ्यूरॉन 3 जी या कारटैप हाइड्रोक्लोराइड 4 जी या फिप्रोनिल 0.3 जी का 25 कि.ग्रा./ हैक्टर प्रयोग करें या क्विनालफॉस 25 ई.सी. 2 मि.ली./लीटर या कारटैप हाइड्रोक्लोराइड 50 एसपी 1 मि.ली./लीटर का छिड़काव करें। पत्तीलपेटक (लीफ फोल्डर) इस कीट की सूंडी पौधों की कोमल पत्तियों के किनारों की तरफ से लपेटकर सुरंग सी बना लेती है और उसके अंदर खाती रहती है। फलस्वरूप पौधों की पत्तियों का रंग उड़ जाता है और पत्तियां सूख जाती हैं। उत्तरी भारत में अगस्त से अक्टूबर तक इसके द्वारा नुकसान होता है। कीट के नियंत्रण के लिए लाइट ट्रैप का प्रयोग करें। (i) ट्राइकोग्रामा काइलोनिस (ट्राइकोकार्ड) 1-1.5 लाख/हैक्टर प्रति सप्ताह की दर से रोपाई के 30 दिनों उपरांत 3-4 सप्ताह तक छोड़ें। (ii) मोनोक्रोटोफॉस (36 डब्ल्यूएससी) दवा की 1.4 लीटर मात्रा 500-600 लीटर पानी में घोलकर प्रति हैक्टर की दर से छिड़काव करें। (iii) क्विनालफॉस 25 ई.सी. 2.5 मि.ली./लीटर या क्लोरोपायरीफॉस 20 ई.सी. 2.5 मि.ली./लीटर या कारटैप हाइड्रोक्लोराइड 50 एसपी 1 मि.ली./लीटर या फ्लूबैंडिमाइड 39.35 एससी 1 मि.ली./5 लीटर पानी का छिड़काव करें। अन्यथा दानेदार कीटनाशी कारटैप हाइड्रोक्लोराइड 4 जी 25 कि.ग्रा./हैक्टर का प्रयोग भी कर सकते हैं। मधुआ या फुदका कीट (हॉपर) फुदके भूरे काले एवं सफेद रंग के छोटे-छोटे कीट होते हैं। इनके शिशु व वयस्क दोनों ही पौधों के तने व पर्णच्छद से रस चूसकर फसल को हानि पहुंचाते हैं। फसल पर इस कीट की निगरानी बहुत जरूरी है, क्योंकि फुदके तने पर होते हैं तथा पत्तों पर नहीं दिखते। इनके प्रकोप से हरी भरी दिखने वाली फसल अचानक झुलस जाती है। इमिडाक्लोप्रिड 17.8 एसएल 1 मि.ली./3 लीटर पानी या थायोमेथोक्जम 25 डब्ल्यूपी 1 ग्राम/5 लीटर या बीपीएमसी 50 ई.सी. 1 मि.ली./लीटर या कार्बेरिल 50 डब्ल्यूपी 2 ग्राम/लीटर या बुप्रोफेजिन 25 एस सी 1 मि.ली./लीटर पानी का छिड़काव करें। छिड़काव करते समय नोजल पौधों के तनों पर रखें। दानेदार कीटनाशी जैसे कार्बोफ्यूरॉन 3 जी 25 कि.ग्रा./हैक्टर या फप्रोनिल 0.3 जी 25 कि.ग्रा./हैक्टर भी इस्तेमाल कर सकते हैं। ग्रास हॉपर इस कीट के शिशु व वयस्क पत्तों को इस तरह खाते हैं जैसे कि पशु चर गए हों। गर्मी में धान के खेतों की मेड़ों की खुरचाई करें, ताकि इस कीट के अंडे नष्ट हो जाएं। इस कीट की साल में एक ही पीढ़ी होती है तथा अंडे नष्ट कर देने से इसका प्रकोप काफी कम हो जाता है। क्लोरोपायरीफॉॅस 20 ई.सी. 2.5 मि.ली./लीटर या क्विनालफॉस 25 ई.सी. 3 मि.ली./लीटर का छिड़काव करें अन्यथा कार्बारिल या मिथाइल पैराथियान धूल 25-30 कि.ग्रा./हैक्टर का बुरकाव करें। सैनिक कीट इस कीट की केवल सुंडियां ही फसल को नुकसान करती हैं, जबकि पतंगे फूलों से रस चूसते हैं। सुंडियां नर्सरी में पौध को इस तरह कुतर कर खा जाती हैं जैसे इन्हें पशुओं ने चर लिया हो। खेत में यह कीट पत्तों की मध्य शिराओं को छोड़ते हुए पूरे पत्तों को चट कर जाता है। प्रकाश-प्रपंच का प्रयोग कर कीटों को एकत्र कर नष्ट कर दें। क्लोरोपायरीफॉॅस 20 ई.सी. 2.5 मि.ली./लीटर या क्विनालफॉस 25 ई.सी. 3 मि.ली./लीटर पानी का छिड़काव करें अन्यथा कार्बारिल या मैलाथियान धूल 25-30 कि.ग्रा./हैक्टर का बुरकाव करें। स्त्राेत : खेती पत्रिका(आईसीएआर), राजीव कुमार सिंह, कपिला शेखावत, प्रवीण कुमार उपाध्याय, एस.एस. राठौर और ऋषि राज सस्य विज्ञान संभाग, भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा, नई दिल्ली।