गुलाब गुलाब के सूखे फूलों व अनावश्यक अंकुरों को तोड़ दें। नये पौधे लगाने तथा बडिंग का कार्य करें। गुलाब की बसंतकालीन बहार लेने के लिए घुली हुई खाद देनी चाहिए तथा आवश्यकतानुसार सिंचाई व निराई-गुड़ाई अवश्य करें। माहूं की रोकथाम के लिए मोनोक्रोटोफाॅस 0.4 प्रतिशत (1 मि.ली./लीटर) का घोल बनाकर छिड़काव करें। रजनीगन्धा रजनीगन्धा के बल्बों के रोपण से 10-15 दिनों पूर्व क्यारियों में 45 सें.मी. गहरी खुदाई करके प्रति वर्गमीटर की दर से 10 कि.ग्रा. गोबर या कम्पोस्ट खाद प्रति वर्ग मीटर तथा सिंगल सुपर व पोटाश प्रत्येक 80-100 ग्राम प्रति वर्ग मीटर की दर से बेसल ड्रेसिंग करें। ग्लैडियोलस ग्लैडियोलस की मुरझाई हुई टहनियों को निकाल दें तथा स्पाइक के नीचे के फूल थोड़ा खिलने के बाद डंठल को काटकर विपणन के लिए भेजें। ग्लैडियाेलस में आवश्यकतानसुार सिंचाई व निराई-गुड़ाई करें। बसन्तकालीन बहार के लिए घुली हुई खाद देनी चाहिए। तथा आवश्यकतानुसार निराई-गुड़ाई व सिंचाई करते रहें। गुलदाउदी गुलदाउदी के सकर्स को अलग करके गमलों में लगा दें। गर्मी के फूलों जैसे जीनिया, सनफ्रलावर, पोर्चूला का व कोचिया के बीजों कोे नर्सरी में बोयें। स्त्राेत : खेती पत्रिका, राजीव कुमार सिंह, विनोद कुमार सिंह, कपिला शेखावत, प्रवीण कुमार उपाध्याय, एस.एस. राठौर और अवनि कुमार सिंह,सस्य विज्ञान संभाग एवं संरक्षित खेती और प्रौद्योगिकी, भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा, नई दिल्ली-110012