आम चूर्णी आसिता (पाउडरी मिल्ड्यू) चूर्णी आसिता (पाउडरी मिल्ड्यू) की रोकथाम के लिये 250 ग्राम कैराथेन का 500 लीटर पानी में या ट्राइडेमेफान 0.1 प्रतिशत (1 मि.ली./लीटर) या डाइनोकैप 0.1 प्रतिशत (1 मि.ली./लीटर) या गंधक (500 ग्राम/पौधा) चूर्ण का प्रयोग करना चाहिए या दायानोकेप (1 मि.ली./लीटर पानी) का छिड़काव फरवरी-मार्च में 15 दिनों के अन्तराल पर करना चाहिए। भुनगा कीट (मेंगो हॉपर) आम में भुनगा कीट (मेंगो हॉपर) कीट कोमल प्ररोहों, पत्तियों तथा पुष्पक्रमों से रस चूसते हैं और फल गिरने लगते हैं। इसकी रोकथाम के लिए कार्बोरिल (2 मि.ली./लीटर पानी) या क्लोरोपायरीफॉस (5 मि.ली./लीटर पानी) या मोनोक्रोटोफॉस नामक रसायन की 10 मि.ली. मात्रा को 10 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें या फाॅस्फेमिडान 0.6 मि.ली./लीटर पानी की दर से 15 दिनों के अन्तराल पर छिड़काव करें। अंगूर राेपाई पौधशाला में अंगूर की स्वस्थ कलम 75×75 सें.मी. चौड़े तथा गहरे गड्ढों में 1ः1 गोबर की खाद तथा मिट्टी के मिश्रण भरने के बाद जनवरी-फरवरी में लगानी चाहिए। श्यामवर्ण रोग अंगूर के श्यामवर्ण रोग की रोकथाम के लिए ब्लाइटाॅक्स-50 दवा का छिड़काव करना चाहिए। खाद एवं उर्वरक अंगूर के बाग में यदि जनवरी में खाद एवं उर्वरक नहीं दिया गया है, तो फरवरी में प्रति पौधे की दर से प्रथम वर्ष 10 कि.ग्रा. कम्पोस्ट/गोबर खाद के अलावा 100 ग्राम नाइट्रोजन, 60 ग्राम फाॅस्फाेरस एवं 80 ग्राम पोटाश का प्रयोग करें। पांच वर्ष या इससे ऊपर यह मात्रा बढ़ाकर 500 ग्राम नाइट्रोजन, 300 ग्राम फाॅस्फाेरस एवं 400 ग्राम पोटाश का प्रयोग करें। स्त्राेत : खेती पत्रिका, राजीव कुमार सिंह, विनोद कुमार सिंह, कपिला शेखावत, प्रवीण कुमार उपाध्याय, एस.एस. राठौर और अवनि कुमार सिंह,सस्य विज्ञान संभाग एवं संरक्षित खेती और प्रौद्योगिकी, भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा, नई दिल्ली-110012