जई की फसल सिंचाई जई की फसल में 20-25 दिनों के अन्तराल पर सिंचाई करें। टॉप ड्रेसिंग पहली कटाई बुआई के 55 दिनों बाद करें। फिर प्रति हैक्टर 20 कि.ग्रा. नाइट्रोजन (44 कि.ग्रा. यूरिया) की टॉप ड्रेसिंग कर दें। बरसीम, रिजका व जई सिंचाई बरसीम, रिजका व जई की हर कटाई के बाद सिंचाई करते रहें। इससे बढ़वार तुरंत होगी तथा अच्छी गुणवत्ता का चारा मिलता रहेगा। कटाई बरसीम की फसल की कटाई व सिंचाई 20-25 दिनों के अन्तराल पर करें। प्रत्येक कटाई के बाद भी सिंचाई करें। मेंथा उर्वरक मेंथा रोपाई के लिए खेत की तैयारी करते समय अन्तिम जुताई पर प्रति हैक्टर 10 टन सड़ी गोबर खाद, 50 कि.ग्रा. नाइट्रोजन, 60 कि.ग्रा. फॉस्फोरस एवं 45 कि.ग्रा. पोटाश खेत में अच्छी तरह मिला दें। सकर्स मेंथा की एक हैक्टर में रोपाई के लिए 2.5-5.0 क्विंटल सकर्स पर्याप्त होता है। उन्नतशील प्रजातियां मेंथा की उन्नतशील प्रजातियां कोसी, एच.वाई. -77 एवं गोमती हैं। रोपाई मेंथा की रोपाई 45-60 सें.मी. की दूरी पर पंक्तियों में 2-3 सें.मी. की गहराई में करें। स्त्राेत : खेती पत्रिका, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद(आईसीएआर), राजीव कुमार सिंह, कपिला शेखावत, प्रवीण कुमार उपाध्याय, एस.एस. राठौर,सस्य विज्ञान, भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा, नई दिल्ली-110012; और अमन सिंह,आनुवंशिकी विभाग, आचार्य नरेंद्र देव कृषि और प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज, अयोध्या-224229 (यूपी)।