जलवायु लोबिया की खेती के लिए गर्म व आर्द्र जलवायु उपयुक्त है। तापमान तापमान 240-270 सेल्सियस के बीच ठीक रहता है। अधिक ठंडे मौसम में पौधों की बढ़वार रुक जाती है। मिट्टी सभी प्रकार की भूमि में इसकी खेती की जा सकती है। मिट्टी का पी-एच मान 5.5-6.5 उचित है। भूमि में जल निकास का उचित प्रबंध उपयुक्त होना चाहिए। बुआई का समय वर्षा के मौसम के लिए इसकी बुआई जून अंत से जुलाई तक की जाती है। इसकी बुआई के लिए जनू माह उपयुक्त समय है। किस्में लोबिया की प्रजातियां पूसा कोमल, पूसा सुकोमल, पूसा बरसाती, पूसा दो फसली, अर्का, गरिमा, काशी गौरी तथा काशी कंचन आदि हैं। बीज का मात्रा एक हैक्टर क्षेत्र में बुआई करने के लिए 15-20 कि.ग्रा. बीज पर्याप्त होता है। लोबिया की बौनी प्रजातियों की बुआई 45×15 सें.मी. और फैलने वाली प्रजातियों की बुआई 75×25 सें.मी. की दूरी पर करनी चाहिए। उर्वरक इसकी अच्छी फसल लेने के लिए प्रति हैक्टर 15 टन सड़ी गोबर की खाद या 8 टन नाडेप कम्पोस्ट खाद के साथ बुआई के समय 40 कि.ग्रा. नाइट्रोजन, 50 कि.ग्रा. फाॅस्फोरस एवं 50 कि.ग्रा. पोटाश/हैक्टर प्रयोग करनी चाहिए। स्त्रोत : खेती पत्रिका, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद(आईसीएआर), पूसा रोड, नई दिल्ली।