बीजारोपण एवं उन्नत किस्मों का चयन बाजार मांग के आधार पर लम्बी पुष्प दण्डिका या उच्च क्वालिटी गुणवत्ता के पुष्पों का उत्पादन करके अधिक आय बढ़ाई जा सकती है। आमदनी बढ़ाने के लिए उन्नत किस्मों का चयन बहुत ही आवश्यक है। सर्दियों में उगने वाले पुष्पीय पौधों के लिए सितंबर-अक्टूबर में बीजारोपण करें। ग्लैडियोलस सिंचाई एवं निराई-गुड़ाई ग्लैडियोलस में आवश्यकतानुसार सिंचाई एवं निराई-गुड़ाई करें। मुरझाई टहनियों को निकालते रहें और बीज न बनने दें। काला धब्बा रोग ग्लैडियोलस की पत्तियों पर काले धब्बे रोग की रोकथाम के लिए 0.2 प्रतिशत कैप्टॉन का घोल बनाकर छिड़काव करें। चौफर कीट से बचाव चौफर कीट से बचाव के लिए खेत की तैयारी के समय 20-25 कि.ग्रा. प्रति हैक्टर थिमेट-10जी या कार्बोफ्यूरॉन के ग्रेन्युल्स मिला लें। चेपा एवं थ्रिप्स यदि चेपा एवं थ्रिप्स का प्रकोप है, तो उनसे बचाव के लिए 0.2 प्रतिशत मेटासिड-50 दवा का घोल बनाकर छिड़काव करें। नर्गिस नर्गिस का फूल सर्दियों में उगने वाला खुशबूदार कंदीय फूल है। देसी गुलाब देसी गुलाब में आंख बडिंग, सिंचाई एवं निराई-गुड़ाई करें। रजनीगंधा रजनीगंधा की अंतिम बहार की कटाई-छंटाई, पैकिंग एवं विपणन करें। स्त्रोत : खेती पत्रिका(दिसंबर माह, आईसीएआर), राजीव कमार सिंह, कपिला शेखावत, प्रवीण कमार उपाध्याय , एस.एस. राठौर-सस्य विज्ञान विभाग, भाकृअनुप.-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा, नई दिल्ली-110012; अमन सिंह- आनुवंशिकी विभाग, आचार्य नरेंद्र देव कृषि और प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज, अयोध्या, 224229 (उत्तर प्रदेश); और नितिन कुमार शुक्ला-श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय, पौढ़ी गढ़वाल (उत्तराखंड)।