किस्में पूसा पौषजा फूलगोभी की किस्म पूसा पौषजा की विशेषता दिसंबर-जनवरी (15-20 डिग्री सेल्सियस तापमान) में तैयार होने वाली मध्य-पछेती प्रजाति, फूल सफेद, ठोस, वजन लगभग 900 ग्राम, रोपाई के 85 दिनों बाद तैयार, अंत में 20-25 दिनों तक उपलब्ध एवं औसत उपज 300-350 क्विंटल/हैक्टर है। पूसा शुक्ति फूलगोभी की किस्म पूसा शुक्ति की विशेषता मध्यम पछेती (दिसंबर- जनवरी) परिपक्वता समूह (तापमान 15-20 डिग्री सेल्सियस), गठीले सफेद फूल, रोपण के 75-80 दिनों उपरांत परिपक्वता एवं औसत उपज 400-440 क्विंटल/हैक्टर है। पूसा हाइब्रिड फूलगोभी की किस्म पूसा हाइब्रिड 2, नवंबर-दिसंबर (15-20 डिग्री सेल्सियस तापमान) में तैयार होने वाली मध्य अगेती प्रजाति, पौधे मध्यम, कम सीध,में फल सफेद, जुलाई अंत में बुआई हेतु उपयुक्त, डाउनी मिल्ड्यू प्रतिरोधी, रोपाई के 80 दिनों बाद तैयार एवं औसत उपज 230 क्विंटल/ हैक्टर है। नाइट्रोजन की टॉपड्रेसिंग पछेती फलूगोभी में 40 कि.ग्रा. नाइट्रोजेन, गांठगोभी में 34 कि.ग्रा. नाइट्रोजन की प्रथम टॉपड्रेसिंग रोपाई के 20-25 दिनों बाद तथा इतनी ही मात्रा की दूसरी टॉपड्रेसिंग रोपाई के 45-50 दिनों बाद करनी चाहिए। बंदगाेभी में खरपतवारनाशी का छिड़काव बंदगोभी में खरपतवारनाशी पेंडीमेथिलीन या वासालीन का छिड़काव रोपाई से एक-दो दिनों पहले करें और इसके पश्चात तुरन्त हल्की सिंचाई करें। फसल बढ़वार के समय पूर्ण नमी बनाये रखें तथा आवश्यकतानुसार समय-समय पर सिंचाई अवश्य करें। सामान्यतः गोभीवर्गीय फसलों में जड़ों के पास मिट्टी चढ़ाना लाभदायक है। स्त्रोत : खेती पत्रिका, राजीव कुमार सिंह, विनोद कुमार सिंह, कपिला शेखावत, प्रवीण कुमार उपाध्याय, एस.एस. राठौर और अजय कुमार सिंह,सस्य विज्ञान संभाग, भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा, नई दिल्ली-110012