नाइट्रोजन का छिड़काव समय से बोई गई अधिक उत्पादन वाली बाजरा प्रजातियों में 30-40 कि.ग्रा. नाइट्रोजन का छिड़काव करें। कटाई चारे के लिए बोई गई मक्का, ज्वार, बाजरा, लोबिया आदि की कटाई करें। पर्याप्त नमी बाजरा एवं ज्वार की दो कटाई वाली प्रजातियों में 30-40 कि.ग्रा. नाइट्रोजन प्रति हैक्टर की दर से छिड़काव करें। छिड़काव के समय भूमि में पर्याप्त नमी होनी चाहिए। हल्की सिंचाई ज्वार, बाजरा, मक्का, लोबिया व ग्वार आदि चारे वाली फसलों में वर्षा न होने या सूखे की स्थिति होने पर हल्की सिंचाई अवश्य करनी चाहिए। अगेती बोई गई चारे वाली फसलों की कटाई समय से करते रहें। यदि पुराने चरागाह में चारा की अच्छी बढ़त हो गई हो, तो हरे चारे की एक कटाई अगस्त के अंत में कर लें। घास की रोपाई करें। नई घास की पौध की रोपाई विगत वर्ष लगाए गए चरागाह में मरे हुए पौधों की जगह नई घास की पौध की रोपाई करें। बहुवर्षीय घासों की रोपाई बहुवर्षीय घासों की रोपाई यदि जुलाई में न हो पाई हो, तो शीघ्र पूर्ण करें। गिनी, नेपियर, सिटेरिया, बहुवर्षीय स्थापित चारा घासों की कटाई 40-45 दिनों के अंतराल पर करते रहें तथा कम अंतराल पर पानी और यथा आवश्यकता उर्वरक, गोबर की सड़ी खाद या कम्पोस्ट डालते रहें। स्त्राेत : खेती पत्रिका(आईसीएआर), राजीव कुमार सिंह, कपिला शेखावत, प्रवीण कुमार उपाध्याय, एस.एस. राठौर और ऋषि राज सस्य विज्ञान संभाग, भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा, नई दिल्ली।