फूलों की खेती मौजूदा समय में फूलों और औषधीय पौधों की खेती को नगदी फसल माना जाता है। ये किसानों को ज्यादा मुनाफा देते हैं। इनमें भी फूलों की खेती तेजी से किसानों में लोकप्रिय हुई है। यहां बता रहे हैं किस महीने में किसान को कौन से फूल की खेती करनी चाहिए। गुलाब की फसल फूलों की तुड़ाई अप्रैल में गुलाब, जरबेरा, एल्स्ट्रोमीरिया, नरगिस के फूलों की तुड़ाई करें। निराई-गुड़ाई गुलाब की फसल में आवश्यकतानुसार सिंचाई व निराई-गुड़ाई करें। रजनीगंधा रजनीगंधा में एक सप्ताह के अंतराल पर सिंचाई व दो सप्ताह के अंतराल पर गुड़ाई करें। गर्मी के फूलों जैसे-जीनिया, पोर्चुलाका व कोचिया के पौधों की सिंचाई एवं निराई-गुड़ाई कर दें। गेंदे की फसल गेंदे की फसल में एफिड कैटरपिलर तथा माइट्स का प्रकोप होता है, जिसका निराकरण करने के लिए 0.2 प्रतिशत मेटासिस्टॉक्स या 0.25 प्रतिशत के राथेन या 0.2 प्रतिशत रोगोर का छिड़काव प्रत्येक सप्ताह बाद कम से कम दो बार करना चाहिए। ग्लेडियोलस ग्लेडियोलस के कन्दों की खुदाई से 15 दिनों पूर्व सिंचाई बन्द कर दें और स्पाइक काटने के 40-45 दिनों बाद घनकन्दों की खुदाई करें। सड़न रोग सड़न रोग से बचाने के लिए 0.2 प्रतिशत मैन्कोजेब पाउडर से उपचारित करके शीतगृह में भण्डारण कर दें। स्त्रोत : खेती पत्रिका(भाकृअनुप) राजीव कुमार सिंह, कपिला शेखावत, प्रवीण कुमार उपाध्याय और एस.एस. राठौर सस्य विज्ञान संभाग, भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा, नई दिल्ली-11001, विनोद कुमार सिंह, निदेशक, भाकृअनुप-केन्द्रीय बारानी कृषि अनुसंधान संस्थान, संतोष नगर, हैदराबाद।