वृक्षारोपण कैसे करें साधारणत: नर्सरी में लगाए गये पौधे का रोपण लाभकारी है। वृक्षों का चुनाव क्षेत्र की समस्याओं के आधार पर करना चाहिए। मुख्य सावधानियाँ जिनकी छाया घनी न हों। वृक्ष पतझड़ वाले हो। फलीदार पौधें हो जिनमें वायुमण्डलीय नाईट्रोजन का उपयोग हो तथा भूमि की उर्वरक शक्ति बढ़े। जलावन के लिए बंजर भूमि पर कम दूरी (2 मी. x 1 से 2 मी.) की दूरी पर घने रूप में वृक्षारोपण करें। खेतों की मेढ़ पर फलीदार वृक्ष जैसे शीशम, सिरिस, बबुल आदि 2.5x 2.5 मी. या उससे भी अधिक अंतराल पर लगायें। खेतों के भीतर छोटे वृक्ष जो कम छाया डे लगाये, वृक्ष की दूरी 2.5 x 2.5 मी. कतार से कतार की दूरी 4-6 मी. पर रखें ताकि कतारों के बीच कृषि संभव हो सके। कृषि वानिकी में केवल बहुउपयोगी वृक्षों का चुनाव करें। याद रखें “टिकाऊ कृषि” केवल तभी संभव है जब आप उसे कृषि वानिकी के रूप में विकसित करें। क्योंकि वन कृषि को एक सुदृढ़ कवच प्रदान करते हैं तथा किसानों की आर्थिक स्थिति के विकास में ही अहम भूमिका निभाते हैं। किसान उन्नत कृषि तभी कर सकेगा जब उसकी आर्थिक स्थिति ठीक रहेगी। स्त्रोत: कृषि विभाग, झारखंड सरकार