मिट्टी उपजाऊ बलुई दोमट एवं मटियार दोमट – इन फसलों की खेती के लिए उपयुक्त है| उन्नत प्रभेद ग्वारफली : पूसा सदाबहार और पूसा मौसमों| बोदी पूसा बरसाती, पूसा दो फसली, यार्ड लौंग रांची स्थानीय उजाला और लाल| गरमा के लिए :पूसाफाल्गुनी एवं पूसा दो फसली| सेम वैलवेट सफ़ेद चपटा, स्थानीय किस्में| लगाने की विधि तैयार खेत में बीज सीधे बोये जाते हैं| बोड़ा एवं सेम थालों में प्रति थाला २-३ बीज, ग्वारफली कतारों में| बोने का समय जून – जुलाई| बीज दर ग्वारफली एवं बोड़ा : १५-१८ किलोग्राम/हेक्टेयर गरमा बोड़ा : २५-३० किलोग्राम/हेक्टेयर सेम : २०-२५ किलोग्राम/हेक्टेयर पौधों की दूरी ग्वारफली : कतार से कतार ५० सेंटीमीटर पौधा से पौधा ३० सेंटीमीटर बोड़ा और सेम : कतार से कतार २ मीटर पौधा से पौधा : १.५ मी. खाद की मात्रा प्रति हेक्टेयर ये सब्जियां दलहनी हैं, अत: नेत्रजन की कम तथा स्फुर की अधिक आवश्यकता है| गोबर की सड़ी खाद : १५ - २०० क्विंटल यूरिया : १-१५ क्विंटल सिंगल सुपर फास्फेट : ३.५ – ४.० क्विंटल स्त्रोत: सब्जी उत्पादन की उन्नत कृषि प्रणाली प्रसार शिक्षा निदेशालय, बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, रांची|