<h3 style="text-align: justify;"><a href="../../../../../../agriculture/crop-production/91d93e930916902921-915947-93293f90f-90592894193690293893f924-91594393793f-924915928940915/91d93e930916902921-92e947902-92b94293294b902-915940-916947924940/मौसमी-फूल">मौसमी फूल</a> किसे कहते हैं तथा इससे लाभ है?</h3> <p style="text-align: justify;">पुष्पदन में मौसमी फूलों का विशेष स्थान है। ये वे पौधे हैं जो अपना जीवन काल एक मौसम में या एक साल के अंदर पूरा करे लेते हैं। सुगमता से उगाये जाने के कारण और विविध रंगों एवं विभिन्न आकार के होने के कारण ये काफी लोकप्रिय हैं। किराए के मकान में रहने वालों के लिए, जिन्हें कम समय तक एक स्थान पर रहना ही, मौसमी फूल काफी उपयुक्त है। इन फूलों को क्यारी में, गमला में, हैंगिंग बास्केट में एवं बड़े टब में लगा सकते हैं।</p> <h3 style="text-align: justify;">मौसमी फूल लगाने के कौन-कौन मौसम है?</h3> <p style="text-align: justify;">मौसमी फूलों को मुख्यतः शीत ऋतु, ग्रीष्म एवं वर्षा ऋतु में लगाते हैं। शीत ऋतु के लिए सितम्बर-अक्तूबर ग्रीष्म ऋतु के लिए फरवरी-मार्च एवं वर्षा ऋतु के लिए मई-जून में बिचड़ा तैयार करते हैं और बिछड़े को चार सप्ताह के बाद रोपाई करते हैं। स्वीट पी, हौलिहोक, लूपिन तथा नस्टरशियम को सीधे क्यारी में बुआई करते है विविध ऋतु के अलग-आलग मौसमी फूल होते हैं।</p> <h3 style="text-align: justify;">विविध मौसम में लगाने के लिए मुख्य मौसमी फूल कौन-कौन है?</h3> <p style="text-align: justify;">शीतकालीन मौसमी फूल- एस्टर, हौलिहोक, स्वीट पी, एमुअल क्राईसिंथिमम , कैलेंडुला, कोर्न फ्लावर, एक्रोक्लाइनम, गेंदा, मैजिक कार्पेट, लार्कस्पर, लाइनेरिया, लाइनम, लेडिस लेस, स्वीट विलियम, स्वीट सुल्तान सिनेरिया, सैपोनेरिया, बरबीनाम हेलीफ्राइसम, डेजी, डाइमोरपोथिका, आर्केटोटिस प्रमुख है।</p> <p style="text-align: justify;">ग्रीष्मकालीन मौसमी फूल- इस मौसम में अपेक्षाकृत कम मौसमी फूल लगाये जाते हैं जिनमें एमैरैथेंस, कसिम्या, कोचिया, किल्योम, गैम्फ्रेना, जिनिया, गेलार्डिया, टोरिनिया, पोर्तुलिका, सिलोसिया एवं सूर्यमुखी प्रमुख हैं।</p> <h3 style="text-align: justify;">आकार के अनुसार मौसमी फूल कौन-कौन है?</h3> <p style="text-align: justify;">मौसमी फूलों को लगाने के लिए अकार भी भी ध्यान देना जरुरी है। इन्हीं तीन वर्षों में रख सकते हैं।</p> <p style="text-align: justify;">लम्बे पौधे का वर्ग- इस वर्ग के पौधे की लंबाई 75 सें. मी. से एक मीटर तक होती है। होलिहौक, स्वीट पी. हेलिकाईसम, क्लार्किया, स्वीट सुल्तान, एन्टरहिनम, कोसमस, एनुअल क्रैसिंथिमम इस वर्ग के पौधे हैं इन्हें क्यारी में 20-30 सें. मी. की दुरी पर लगाते है।</p> <p style="text-align: justify;">माध्यम आकार के मौसमी फूल ; इस वर्ग के पौधे की ऊंचाई 60 सें. मी. से लेकर 76 सें. में. तक होती है, तथा इन्हें 15-20 सें.में. की दुरी पर क्यारी में लगाते हैं। लाइरेनिया, डायमोरफोथिका, एक्रोक्लाइनम, ड़ाइथेंस, पोंपी, कैंडीटफ इत्यादि इस वर्ग के पौधे है।</p> <p style="text-align: justify;">माला बनाने के लिए: गेंदा, एनुअल क्राइसैंथेमिम, एस्टर, जीनिया, पैर्तुलाका, बरबिना आदि।</p> <h3 style="text-align: justify;">मौसमी फूल का बिछड़ा किस प्रकार तैयार करते है?</h3> <p style="text-align: justify;">अधिकांशतः मौसमी फूलों को बिचड़ा तैयार कर लगते हैं। बिछड़ा के लिए खुली जगह का चुनाव करना चाहिए तथा अच्छी तरह से कोड़ाई कर जमीन को खर-पतवार से मुक्त कर लेना चाहिए। बिचड़ा के लिए क्यारी को चौड़ाई लगभग 1 मीटर रखते हैं तथा लम्बाई आवश्यकतानुसार रख सकते हैं। मिट्टी में प्रचुर मात्रा में जैविक खाद देना चाहिए। 1 वर्गमीटर में 5 किलो कम्पोस्ट देकर अच्छी तरह से मिला देना चाहिए। कम उपजाऊ जमीन रहने पर थोड़ा रासायनिक खाद का मिश्रण भी देना लाभदायक रहेगा।</p> <p style="text-align: justify;">नर्सरी को 0,२% ब्रसिकाल या कैप्टान के घोल से अच्छी तरह भींगा देना चाहिए। तैयारी क्यारी में 6.0 सें.में. की दुरी पर 0.5 से 1 सें. मी. गहरा तथा अंगुली की चौड़ाई के बराबर नाली बनाते हैं तथा इसमें बीज की बुआई कर बारीक कम्पोस्ट से ढक’ देते हैं। गहराई बीज के आकार पर भी निर्भर करता है। कुछ फूलों की बीच बहुत बारीक़ होते हैं। इन्हें अच्छी तरह तैयार क्यारी में सिर्फ सतह पर समान रूप से बिखेर दते हैं तथा हथेली या लकड़ी के समतल सतह से हल्का से मिट्टी को समतल कर देते अहिं ताकि बीज ढँक जाए।</p> <p style="text-align: justify;">कुछ मौसमी फूलों के बिछड़े नाजुक होते हैं उन्हें धुप एवं वर्षा से बचाना आवश्यक होता है। ऐकले लिए ट्रे या गमला में बिचड़ा उगाते हैं जिन्हें आवश्यकतानुसार बाहर भीतर का कसते हैं। छोटे-छोटे प्लास्टिक या मिट्टी के कम में भी कीमती फूलों के बिछड़े तैयार करते हैं। गमला या ट्रे या कप जल में निकास के लिए छेद का होना आवश्यक है।</p> <h3 style="text-align: justify;">मौसमी फूलों को लगाने एवं देखभाल के बारे में बताएं?</h3> <p style="text-align: justify;">क्यारियों में मौसमी फूलों को लगाने के लिए क्यारी को अच्छी तरह तैयार करते हैं। प्रति 100 वर्गमीटर के लिए 20 किलो गोबर की खाद, 250 ग्राम यूरिया, 450 ग्राम यूरिया, 450 ग्राम सिंगलसुपर फास्फेट एवं 150 ग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश देकर अच्छी तरह से मिला दिया जाता है। क्यारी में फूल में फूल के बिछड़े को दीपहर के बाद ही रोपते हैं तथा रोपने के बाद सिंचाई देना आवश्यक है। लगभग एक सप्ताह के बाद से नियमित निकाई-गुडाई की जाती है एवं एक माह के बाद यूरिया का टॉप ड्रेसिंग करते हैं। रोग एवं <a href="../../../../../../agriculture/crop-production/91593e93094d92f92a94d93092393e93293f92f94b902-91593e-938902915941932/92493f932939928/93894b92f93e92c940928/93894b92f93e92c940928-915947-91594091f-90f935902-93094b91794b902-915940-92a93991a93e928-92492593e-92893f92693e928/91594091f-93594d92f93e92793f">कीट व्याधि</a> के रोकथाम के लिए 1 लिटर पानी में २ ग्राम इंडोफिल एम्-45 तथा रोगर प्रति लीटर पानी में 1 मिलीलीटर दवा मिलाकर 15 दिन में अंतराल पर छिड़काव करते रहे। मुरझाये फूलों को तोड़कर निकालते रहने से पुष्पन अधिक समय तक होता है।</p> <h3 style="text-align: justify;">क्या है छोटे आकार के पौधों की विभिन्न किस्में</h3> <p style="text-align: justify;">फ्लौक्स, बरमिना, कैलेंडुला, पंजी, नस्टरसियम, एस्टर, डवार्क गेंदा, पेंतुनिया, मैजिक कार्पेट, स्वीट एलाइसम, एजेरेटम इत्यादि को इस वर्ग में रख सकते हैं। इन्हें 10-15 सें.मी. की दुरी पर क्यारी में लगाते हैं। मौसमी फूलों को क्यारी में लगाते समय आकार, रंग एवं फलने के समय का भी ख्याल करना चाहिए। एक क्यारी में एक या विधिध रंग के फूल जा सकते हैं। रंग में एकरूपता हो या फिर कंट्रास्ट हो तो क्यारी में फूल अच्छे लगते हैं। गेंदा की खेती व्यवसायिक स्तर भी कर सकते है।</p> <h3 style="text-align: justify;">रंग के अनुसार कौन-कौन मौसमी फूल हैं?</h3> <ul style="text-align: justify;"> <li>उजला; डेजी कैंडीटफट, जिप्सोफिला, स्वीट एलाइसम, ड़ाइमौरपौथेका।</li> <li>नीला अथवा माउव् रंग: कोर्नफ्लावर, लार्कस्पर, लेविलिया, टोरेनिया, बरबीना, एस्टर,लुपीन, स्वीट विलियम</li> <li>गुलाबी एवं हल्का लाल रंग; एकोकालइनम, एस्टर, क्लार्किया, कॉसमौस, गोडेसिया, सरले पौपी।</li> <li>क्रीमसन एवं स्कारलेट; साल्विया, फ्लौक्स, लाइ नम, ड़ाइएन्यथस, साल्वियो।</li> <li>ओरेंज एवं पीला रंग; कौलीफर्ननियन पौपी, कैलंडुला, कैलियापसिस, लेप्तोसिन, गेंदा, नस्टरसियम, सूर्यमुखी, एनुअल क्राइसैथेसम।</li> </ul> <h3 style="text-align: justify;">विविध स्थितियों के लिए मौसमी फूलों के उपयुक्त प्रकार?</h3> <p style="text-align: justify;">गमला के लिए उपयुक्त मौसमी फूल;</p> <ul style="text-align: justify;"> <li>गेंदा; अंटीरहिनम, अकोटिस,एस्टर, कारनेशन, सिनेरिया, क्लार्किया, गोडेसिया, लोवेलिया, पैंजी, निमेसिया, पेंटूनिया, सालबिया, डहलिया, गजेनिया, रुडवेकिया।</li> <li>कट फ्लावर के लिए मौसमी फूल; गेंदा, डहलिया, एस्टर, अंटीरहिनम, अंचुसा, कलेंडूला, कारनेशन कलार्किया, हेलिक्राइसम, स्वीट पी, पैंजी।</li> <li>एन्जिग के लिए उपयुक्त मौसमी फूल: एजेरेटम, स्वीट एलाइसम, कैंडीटफट, पैंजी, बरबीना, जिनिया।</li> <li>हैंगिंग बासकेट के लिए: नसटर सियम, बरबिना, लैंबेलिया, एलाइसम, पेंटूनिया।</li> <li>रॉकी के लिए मौसमी फूल; एजेरेटम, पैंजी, बरबीना, एलाइसम, कैंडीटफट, ट्रानिया।</li> <li>सूखे फूल के रूप में: एकोकलाइनम, हेलिकाइसम।</li> <li>खुले तेज धुप में उपयुक्त: मैजिक कारपेट, कौलीफर्ननियन पौपी, लाइनेरियम, डाइमौरपौथेका, फ्लैक्स।</li> <li>छायादार ठंडी जगह के लिए; सिनेरियम, गोडीसिया।</li> <li>आर्क तथा अवौर के लिए: मिआं लोवाटा।</li> </ul> <p style="text-align: justify;"><strong> स्त्रोत: </strong><a title="नए विंडाे में खुलने वाली अन्य वेबसाइट लिंक" href="https://agri.jharkhand.gov.in/" target="_blank" rel="noopener">कृषि विभाग, झारखण्ड सरकार ।</a></p>