स्वर्ण अगेती फल आकर्षक, हरे, मध्यम आकार के (150-200 ग्राम) एवं न्यूनतम खोखला पाउडरी मिल्ड्यू बीमारी के लिए सहनशील किस्म ग्रीष्म एवं वर्षा ऋतु में खेती के लिए उपयुक्त रोपाई की दूरी 2 मीटर X 0.5 मीटर बीज दर 600-700 ग्राम प्रति/हे. रोपाई के 45-50 दिन बाद फल प्रथम तुड़ाई के लिए तैयार उपज 300 -325 क्वि./हे. बिहार, झारखण्ड, पंजाब एंव उत्तर प्रदेश में खेती के लिए अनुमोदित स्वर्ण शीतल फल लम्बे बेलनाकार, मध्यम आकार के (200-250 ग्राम) एवं न्यूनतम खोखला पाउडरी मिल्ड्यू बीमारी के लिए सहनशील किस्म ग्रीष्म एवं वर्षा ऋतु में खेती के लिए उपयुक्त रोपाई की दूरी 2 मीटर X 0.5 मीटर बीज दर 600-700 ग्राम प्रति/हे. रोपाई के 60 -65 दिन बाद फल प्रथम तुड़ाई के लिए तैयार उपज 200 -300 क्वि./हे. बिहार एवं झारखण्ड खेती के लिए अनुमोदित स्वर्ण पूर्णा फल लम्बे बेलनाकार, मध्यम आकार के (300 ग्राम) एवं न्यूनतम खोखला पाउडरी मिल्ड्यू बीमारी के लिए सहनशील किस्म ग्रीष्म एवं वर्षा ऋतु में खेती के लिए उपयुक्त रोपाई की दूरी 2 मीटर X 0.5 मीटर बीज दर 600-700 ग्राम प्रति/हे. रोपाई के 55-60 दिन बाद फल प्रथम तुड़ाई के लिए तैयार उपज 200 -300 क्वि./हे. बिहार, झारखण्ड, पंजाब एंव उत्तर प्रदेश में खेती के लिए अनुमोदित स्त्रोत एवं सामग्रीदाता: कृषि विभाग, झारखण्ड सरकार